Aditya

Aditya

@Aadiyogi

Aditya shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Aditya's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
कि जैसे थे भले थे हम हमारा हाल अच्छा था
तुम्हारे आने से पहले ये माँ का लाल अच्छा था

सजाया क्यूँँ ही गुलशन जब तुम्हें बर्बाद करना था
पड़ा ही रहने देते इस को ये पामाल अच्छा था
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Aditya
मिलावटें नहीं करते हम अपनी हालत में
उदास होते हैं तो हम उदास होते हैं
Aditya
वो इक रिश्ता जो उस के और मेरे बीच में था बस
वो रिश्ता दूर जा कर उस ने सरकारी बना डाला
Aditya
उसे इज़हार करने में कहीं देरी न हो जाए
ज़रा सी देर हो तो रेल गाड़ी छूट जाती है
Aditya
लाखों अरमाँ लौट आए हैं तेरे कॉल के आने पे
जाने वाले लौट आते हैं ज्यूँँंँ आवाज़ लगाने पे
Aditya
किसी की याद में तिल तिल के घुटना और मर जाना
ख़ुदा दुश्मन को भी ऐसी पराई मौत ना बख़्शे
Aditya
मुझे कुछ दिन से तेरी याद ललचाने लगी है फिर
मुझे डर है कि दिल फिर इश्क़-पिंजरे में न आ जाए
Aditya
मोहब्बत हो या हो दुश्मन ग़ुलामी हम नहीं करते
झुकाने की जहाँ ज़िद हो सलामी हम नहीं करते
Aditya
वो फ़क़त तुम पे जान देती है
इस जिहालत में कुछ नहीं रक्खा

आबरू बिक गई मोहब्बत की
अब मोहब्बत में कुछ नहीं रक्खा
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Aditya
ख़ुदा मुझ को कभी इतनी ना-बीनाई नहीं देना
कि हर लड़की में मुझ को अपनी महबूबा नज़र आए
Aditya
झूठ कहना मुझे नहीं आता
पर चलो इज़्तिहाद करता हूँ

अब तेरी याद ख़ुद नहीं आती
तौर-ए-रस्मन मैं याद करता हूँ
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Aditya
बड़ी शिद्दत से उस के इश्क़ को हम ने नकारा था
मगर अब उस की यादों से तो हिजरत ही नहीं मिलती
Aditya
मोहब्बत समझ हम को आने लगी है
जो आँखों की नींद अब ठिकाने लगी है

चुराती थी पहले ज़माने से नज़रें
वो हम सेे क्यूँँ नज़रें चुराने लगी है
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Aditya
हमें तुम याद गर आओ नई कोई कहानी हो
मिरे गीतों में ख़ुशबू हो ग़ज़ल में फिर जवानी हो

नहीं आई हमें जो नींद सपने जम गए मेरे
उतर आओ जो ख़्वाबों में तो फिर आँखों में पानी हो
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Aditya
हुनर ये इश्क़ करने के किताबों में नहीं मिलते
कँवल हैं दिल के कीचड़ के ये काग़ज़ पर नहीं खिलते
Aditya
वक़्त गुज़रा हुआ यादों में चला आता है
वक़्त के साथ जो गुज़रा वो कहाँ आता है

रूठने और मनाने के रिवाजों से परे
सिर्फ़ तन्हाई में जीने का मज़ा आता है
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Aditya
ज़रा सी पी जो ली हम ने बपा है क्यूँ ये हंगामा
दिवाने मीर-ओ-ग़ालिब के करें ना ये करें तो क्या
Aditya
ऐ ख़ुदा अब इक हुनर ऐसा अता कर दो मुझे
इश्क़ भी चलता रहे और दर्द भी ना हो मुझे
Aditya
कि दिल को चीर दिखाने का हम को ज़ौक नहीं
तेरी नज़र में ग़लत हैं तो हम ग़लत ही सही
Aditya
तेरे ख़्वाबों ने मुझे चैन से सोने न दिया
दूर नींदों से कहीं रात गुज़ारी मैं ने

लौट कर आए जो घर शाम थके हारे तब
झूठ की इक हँसी चेहरे से उतारी मैं ने
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Aditya

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