Adarsh Anand Amola

Adarsh Anand Amola

@AdarshAmola

Adarsh Amola shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Adarsh Amola's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
ज़िंदगी लगता है बिखर गई है
जैसे कोई नदी ठहर गई है

अजनबी की तरह वो आई थी
और दिल दिल में अब उतर गई है
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Adarsh Anand Amola
कब से मैं इस जहाँ से जुदा हूँ ये इश्क़ है
हर शय में तुझ को देख रहा हूँ ये इश्क़ है
Adarsh Anand Amola
तू काश मिलता न यारा कभी मुझे
मुझे लगा था तू इंसान अच्छा है
Adarsh Anand Amola
ऐसी भी लड़की ज़िंदगी में इक है शामिल आज की
जिस को मुझे कहना था मैं तेरे बिना कुछ भी नहीं
Adarsh Anand Amola
जो दिल से सच्चा होता है
वो सब सेे अच्छा होता है
Adarsh Anand Amola
हैं मोहब्बत करते बच्चे आप को
लगते होंगे सब ये कच्चे आप को

आप को आती है सच्ची दोस्ती
कोई लगते भी हैं सच्चे आप को
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Adarsh Anand Amola
मुझे गले से तू यारा लगाने वाला नहीं
इसीलिए मैं कभी मुस्कुराने वाला नहीं
Adarsh Anand Amola
गर्मी अब काफ़ी है ठंडा हो सकता है
वरना यूँँ कैसे गुज़ारा हो सकता है
Adarsh Anand Amola
ख़्वाब में तेरे मैं आऊँगा चला जाऊँगा
रात भर तुझ को सताऊँगा चला जाऊँगा
Adarsh Anand Amola
हैं ये होंठ मेरे पड़े हैं सूखे कई दिनों कई रात से
तुझे छोड़ कर ये तलब हुई के ज़रा लबों में सिगार लूँ
Adarsh Anand Amola
हिज्र का ख़ुनुक-मौसम देर तक नहीं रहता
ज़िन्दगी का ये आलम देर तक नहीं रहता
Adarsh Anand Amola
लगा है गिराने जो तू मुझ को मत कर
मेरी पहली ही चाल शह-मात होगी
Adarsh Anand Amola
तेरी यादों में डूबा रहता हूँ
हर घड़ी बस तेरी ही ख़्वाहिश है
Adarsh Anand Amola
है तुझ सेे ही अक़ीदत है धुन ये मस्ती मेरी
तेरे बिन क्या है ये ज़िंदगी ये हस्ती मेरी
Adarsh Anand Amola
गोश-ए-दिल से सुनना ग़ज़लें
ग़ज़लें पागल कर देती हैं
Adarsh Anand Amola
ये इनायत की ही 'अज़मत है सितमगर तुझ में
कोई बंजर सी ज़मीं फूल खिला सकती हो
Adarsh Anand Amola
तेरे बालों की ख़ुश्बू कहती है
तू किसी तीसरे से मिल रहा है
Adarsh Anand Amola
जानता हूँ तुझे साहिल में हवा छेड़ेगी
बाल मत खोलना सैल-ए-बला ला सकती हो
Adarsh Anand Amola
इतना प्यारा है तू दिलरुबा बाँटे सब में ख़ुशी ही ख़ुशी
फूल खिलने लगे उस जगह तू जिधर मुस्कुराने लगा
Adarsh Anand Amola
लेटे है शांत सी नदी के पास
फिर भी दिल जा रहा उसी के पास
Adarsh Anand Amola

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