Ayush Aavart

Ayush Aavart

@Ayushaavart

Ayush Aavart shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Ayush Aavart's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
ईंट पत्थर की हो या लकड़ी की या मिट्टी की
रहगुज़र कैसी भी हो फूल कुचल जाता है

हर ज़बाँ रहती है माहौल-ए-मुहब्बत में ख़मोश
ग़ुस्से में होती है तो कुछ भी निकल जाता है
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Ayush Aavart
इश्क़ और वो भी किसी हुस्न परी से आवर्त
ऐसी ग़लती कभी नादान नहीं करता है
Ayush Aavart
जो ख़याल आया है उस ओर से आया होगा
मैं ने जो पास बिठाया न तो ज़ाया' होगा

पुर-सुकूँ होगा बहुत और भी तारीक मगर
वो मेरे बा'द तेरे सर पे जो साया होगा
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Ayush Aavart
एक दो का तो ये कहना था मुझे छोड़ते वक़्त
मैं मुहब्बत तो तुम्हारी हूँ मगर पहली नहीं
Ayush Aavart
क्यूँ परेशान हैं कल शब से बताते ही नहीं
हम न पूछें तो ख़फ़ा पूछ लें तो कुछ भी नहीं

उन का कहना है मिलेगी मुझे वैसी वैसी
मुख़्तलिफ़ चाहिए मुझ को किसी के जैसी नहीं
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Ayush Aavart
प्यार मुझी से करती थी वो ये मैं आख़िर तब समझा
उस ने जब मुझ सेे कह डाला तुम ने मुझ को कब समझा

इक लड़की को छोड़ा मैं ने तो इक लड़की ने मुझ को
आज मैं जैसी करनी वैसी भरनी का मतलब समझा
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Ayush Aavart
सफ़र मुझ ऐसे सुख़न-वर का रायगाँ कैसे
ख़राब इश्क़ को कहती हो जान-ए-जाँ, कैसे

तुम उस सेे कह दो मैं महफ़िल में हूँ हसीनों की
उसे ख़बर है मैं होता हूँ कब कहाँ कैसे
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Ayush Aavart
सब कुछ ग़लत मैं ने किया सब कुछ किया तुम ने सही
तुम ठीक ही कहती हो कोई काम का ही मैं नहीं
Ayush Aavart
हर बार ही लाचार बने कौन समझता
कब कैसे हर इक बार बने कौन समझता

सच पहले पहल बोला नहीं हम ने किसी से
आख़िर में समझदार बने कौन समझता
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Ayush Aavart
कब कहाँ कैसे हर इक पा के ख़बर मरते थे
उस ज़माने में कुछ इस तरह हुनर मरते थे

वैसे तो था नहीं कोई भी तअल्लुक़ हम
में
देख इक दूसरे को एक नज़र मरते थे
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Ayush Aavart
वैसे तो प्यार से हर शक्ल में ढल जाता है
पर मेरे सामने वो शख़्स बदल जाता है

चाहता है कि ख़मोशी से रहूँ महफ़िल में
जाने क्यूँ कुछ मेरा कहना उसे खल जाता है
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Ayush Aavart