Manish Yadav

Manish Yadav

@ManishYadav

Manish Yadav shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Manish Yadav's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

16

Content

106

Likes

618

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
तुम्हें वा'दा निभाना था अजल तक साथ जाना था
किनारे आज बैठे हैं हमें तो डूब जाना था

तुम्हें समझाऊॅं कितना मैं कहा कुछ भी न माना था
ये तुम ने क्यूँ बचाया है उसे मुझ को डुबाना था
Read Full
Manish Yadav
राह का रह-गुज़र ही निकला वो
मैं ने समझा था हम-सफ़र उस को
Manish Yadav
थी चाहत मैं कभी साहिल पे अपने पाँव ही रक्खूँ
समुंदर ने कभी मुझ को किनारा ही नहीं बख़्शा
Manish Yadav
उदासी का सबब था और कुछ यारो
सबब सब तेरा जाना ही समझ बैठे
Manish Yadav
ख़ता उस की नहीं मेरे जो आँसू देख पाया वो
बताएँ क्या तुम्हें यारो सितम तो बारिशों का था
Manish Yadav
सताते हैं ख़याल अब तेरे सारा दिन
गुज़र जाती है यूँॅं ही रात रोने में
Manish Yadav
वो सर-गुज़श्त कभी उन की जो पढ़ी मैं ने
मेरा ही नाम न आया मेरी कहानी में
Manish Yadav
ग़रीबी और मज़हब बीच हैं अपने
मुझे अड़चन बहुत है तेरा होने में
Manish Yadav
कोई बेहतर मिला है अब उसे मुझ सेे
नहीं है हर्ज़ कोई मुझ को खोने में
Manish Yadav
हॅंसता रहता हूँ इस का ये मतलब है ये
जी रहा हूँ मैं अब ख़्वाहिशों के बिना
Manish Yadav
न पूछो मुझ सेे उस सेे ये मुहब्बत क्यूँ ज़ियादा है
समीप आओ ज़रा बैठो बताओ क्या इरादा है
Manish Yadav
तुम जिस्मों का प्यार समझ बैठे
हम को तो रूहों तक जाना था
Manish Yadav
नहीं देते कभी अब हौसला कुछ आगे बढ़ने का
ये दुनिया वाले देखो अब यहाँ पर पर कतरतें हैं
Manish Yadav
वही सर्द मौसम वही फिर हवा है
नया कुछ दिखे तो नया साल मानूॅं
Manish Yadav
नफ़रती ये लोग देखो हाथ अपने मल रहे हैं
इश्क़ की ये राह कब से ये दिवाने चल रहे हैं

तय हुआ था बस्तियाँ ये होंगी रौशन रौशनी से
पर चराग़ों की जगह अब आशियाने जल रहे हैं
Read Full
Manish Yadav
कुछ ऐसा हो के तू मुझे और मैं तुझे देखूँ
रख ले तू मुझे पास इक आईना बना के
Manish Yadav
दिल लेने की ख़्वाहिश में वो आया था
पत्थर को इक पत्थर देकर भेजा है
Manish Yadav
किए वादे जो उस ने वो निभाए ही नहीं इक भी
वो ऐसा शख़्स अब मुझ को गवारा हो नहीं सकता
Manish Yadav
है अधूरा गगन बदलियों के बिना
घर सॅंवरते नहीं लड़कियों के बिना
Manish Yadav
कुछ धुँधला सा यूँँ दिखता है आईने में जैसे
पन्नों पे सियाही मिरे ज्यूँ फैल गई हो
Manish Yadav

LOAD MORE