Pritam sihag

Pritam sihag

@Pritam_sihag

Pritam sihag shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Pritam sihag's shayari and don't forget to save your favorite ones.

Followers

9

Content

24

Likes

132

Shayari
Audios
  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
रिवीज़न सौ दफ़ा कर के था मैं आया
क़िताबों के मैं पर्चे भी बना लाया

मैं बैठा इश्क़ के इस इम्तिहाँ में जब
तो पेपर ही सिलेबस से परे आया
Read Full
Pritam sihag
अनजान सफ़र में मैं तन्हा नहीं हूँ यारों
घर के सभी ज़िम्मों को जो साथ लिया मैं ने
Pritam sihag
संसार को बेहद ज़ालिम जान लिया मैं ने
फिर उस सेे मिला हाथों को चूम दिया मैं ने

जो उस ने किताब-ए-ग़म तोहफ़े में मुझे दी थी
इक पन्ना ये याद-ए-रफ़्ता चूम लिया मैं ने
Read Full
Pritam sihag
एक और वा'दा उस ने किया मोहब्बत का
पिछले साल भी ऐसे वादे से वो मुकरी थी
Pritam sihag
तेरे बग़ैर मेरा अफ़्साना चाहता हूँ
या'नी कि ज़िंदगी में वीराना चाहता हूँ

यूँँ ही नहीं लगाया सिगरेट को लबों से
मैं उस की सारी यादें सुलगाना चाहता हूँ
Read Full
Pritam sihag
यूँँ तो लिख लूँगा अपने आप ही मेरी कहानी मैं
हो इन में नाम गर अपनों के भी शामिल तो क्या होता
Pritam sihag
चाहे जितना भी ख़फ़ा होऊँ मैं तुम सेे लेकिन
मिट्टी की प्यास पे बादल ये बरस जाता है
Pritam sihag
उस ने इक दिन छोड़ने की बात कह दी
या'नी मेरे दिल की बातें जानती थी
Pritam sihag
यूँँ ही नहीं लगाया सिगरेट को लबों से
मैं उस की सारी यादें सुलगाना चाहता हूँ
Pritam sihag
ये तुम रोज़ किस दरिया में बह रहे हो
ये दिल ख़ाली है, तुम कहाँ रह रहे हो

ये मैं हूँ कि ग़म में लिखे जा रहा हूँ
वो कहते हैं अच्छी ग़ज़ल कह रहे हो
Read Full
Pritam sihag
अरे ख़ुद-कुशी करने वाले ज़रा रुक
वतन पर मरो ऐसे क्या मर रहे हो
Pritam sihag
ये कहानी झूठी है ,पर सच्चा मैं किरदार हूँ
यूँँ ख़फ़ा मत हो तू ,मैं तेरे बिना बे-कार हूँ

ए मोहब्बत के समुंदर मुझ को ले डूबेगा तू
कश्ती भी उस की हुई ,ऊपर से बे-पतवार हूँ
Read Full
Pritam sihag
अंतर है ये रिश्ता रखने और निभाने में
हर कोई नहीं जल सकता दीप जलाने में
Pritam sihag
ये सोचा था ग़रीबी को किताबों से मिटाऊँगा
न था मालूम मैं भूखा किताबें ही खा जाऊँगा

मिरे कंधों पे घर का बोझ आता जा रहा है अब
मैं अब ख़्वाबों को बाहर का ही रास्ता तो दिखाऊंँगा
Read Full
Pritam sihag
जानते हो तुम सच्चे इश्क़ की रवानी क्या
मरने भर से पूरी हो जाती है कहानी क्या
Pritam sihag