Siddharth Saaz

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@Saaznaama

Siddharth Saaz shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Siddharth Saaz's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
इक लड़का शब्दों का जाल बिछाता है
और इक लड़की ख़्वाब पिरोने लगती है
Siddharth Saaz
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तेरा मोहब्बत से हार जाना
मेरी मोहब्बत की हार भी है
Siddharth Saaz
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मैं हर शख़्स के चेहरे को बस इस उम्मीद से तकता हूँ
शायद से मुझ को दो आँखें तेरे जैसी दिख जाएँ
Siddharth Saaz
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मैं घंटों आसमाँ में देखता था
ज़मीं को पीठ के नीचे लगा के
Siddharth Saaz
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ये भीतर की सीलन गई ही नहीं
कि मुझ पर हमेशा ही बादल रहे
Siddharth Saaz
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मुझ सेे जो मुस्कुरा के मिला हो गया उदास
ताज़ा हवा की खिड़कियों को जंग लग गई
Siddharth Saaz
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उस ख़ूब-रू से रब्त ज़रा कम हुआ मेरा
ये देख कर उदासी मेरे संग लग गई
Siddharth Saaz
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गर कोई मुझ सेे आ कर कहता, यार उदासी है
मैं उस को गले लगाकर कहता, यार उदासी है

होता दरवेश अगर मैं तो फिर सारी दो-पहरी
गलियों में सदा लगाकर कहता, यार उदासी है
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Siddharth Saaz
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चारागरी दिखा तू हमें अपने लम्स की
हम को गले लगा के हमारा इलाज कर
Siddharth Saaz
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आने भर की देर नहीं होती घर पर
जाने की तैयारी होने लगती है
Siddharth Saaz
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गर ये अच्छी क़िस्मत है तो लानत ऐसी क़िस्मत पर
अपने फोन में देख रहे हैं, बाप को बूढ़ा होते हम
Siddharth Saaz
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कभी तो कोसते होंगे सफ़र को
कभी जब याद करते होंगे घर को

निकल पड़ती हैं औलादें कमाने
परिंदे खोल ही लेते हैं पर को
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Siddharth Saaz
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हम ने तुझ पे छोड़ दिया है
कश्ती, दरिया, भँवर, किनारा
Siddharth Saaz
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उसी वक़्त अपने क़दम मोड़ लेना
नदी पार से जब इशारा करूँँगा
Siddharth Saaz
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पलटा दे तक़दीर हमारी
आ कर माथा चूम हमारा
Siddharth Saaz
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एक उस को ही पता थी मेरी आदत
वो नहीं हँसता था मेरे कहकहे पर
Siddharth Saaz
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हर तरफ़ उग आए हैं जंगल हमारी हार के
जीत का कोई भी रस्ता अब नहीं दिखता हमें
Siddharth Saaz
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खु़शियाँ बरस पड़ें तो कभी हों उदासियाँ
ये सिर्फ़ तेरे होने न होने की बात है
Siddharth Saaz
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ये ख़ुश आँखें किसी दिन रो पड़ेंगी और
किसी दिन मुस्कुराएंगी उदास आँखें
Siddharth Saaz
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सभी कुछ छूट जाएगा यहीं पर
मियाँ होतीं नहीं जेबें कफ़न में
Siddharth Saaz
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