Prince

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Prince shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Prince's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
देखने निकले थे उस बे-वफ़ा को आख़री बार
और वो आख़री था बस जिसे हम ने देखा
Prince
एक दूजे को देख के बाहम
संग पिघला हुआ था मोम के साथ
Prince
एक मुद्दत से नहीं देखा है ख़ुद को मैं ने
इक बुत-ए-आईना-सीमा का तलबगार हूँ मैं
Prince
क्या है मौजूद यहाँ ऐसा कोई
कि मेरे ग़म की जो तदबीर करे

कोई रखता हो मिज़ाज-ए-यूसुफ़
जो मेरे ख़्वाबों की ता'बीर करे
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Prince
कर लिया तबाह मैं ने ख़ुद को मेरी जान देख
तेरे दिल की थी ये आरज़ू सो पूरी कर चले
Prince
बा'द तेरे नहीं कोई हमें मंज़िल की तलब
हम ने सोचा है कि हम राह भटक जाएँगे
Prince
हम सेे पूछ तू दुनियादारी किस को कहते हैं
हम ने इस ख़राबे में एक उम्र काटी है
Prince
रोक रहा हूँ मैं तुम्हें, इस की वजह है कोई यार
जाते हुए को रोकना, वरना मेरा मिज़ाज नइँ
Prince
जिस का नाम मुहब्बत है
हम को उस से वहशत है
Prince
अंदर ही अंदर काफ़ी उलझा सा हूँ मैं
पर देखने से सब को सुलझा लगता हूँ
Prince
डूब जाता है ये दिल भी साथ आफ़ताब के
हर सियाह रात मेरा ज़ब्त आज़माती है
Prince
अब कि इतना भी सच न बोलो तुम
कि ज़बाँ से कोई छुरे लगो तुम

और बहुत ज़्यादा अच्छे भी न बनो
कि सभी को बहुत बुरे लगो तुम
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Prince
बदलता रहता हूँ मैं अपना घर यारों मुसलसल
किसी इक दिल में रहना मेरी फितरत में नहीं है
Prince
मेरे साथ दफ़्न हो न जाए दिल में जो भी है
सोचा जाते जाते शिकवा तुम सेे करता जाऊँ मैं
Prince
मुन्तशिर हैं अब कि सारे ख़्वाब मेरी आँखों में
कोई ले गया समेट कर के नींद आँखों की
Prince
तेरी यादों की तारीकी में जाँ
हम अपना दिल जलाया करते हैं
Prince
कुछ न कुछ तो चाहिए सभी को इस जहान में
कौन मुतमइन है ऐ ख़ुदा तेरी अमान में
Prince
कई और भी राहें जाती थी मंज़िल को यारों
मगर हम ही उस की गली में से होकर के निकले
Prince
नहीं मारता फ़िराक़ आदमी को
आदमी को तो यादें मारतीं हैं
Prince
मरना जब मैं ने तन्हा है तो फिर,
हर्ज़ ही क्या है तन्हा जीने में.
Prince

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