Anubhav Gurjar

Anubhav Gurjar

@anubhavgurjar30

Anubhav Gurjar shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Anubhav Gurjar's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
नहीं पाई तुम्हारे हाथ वो ख़ैरात क्या होगी
मिले जो बाप-दादास न वो शहमात क्या होगी

मिटा कर कुल-घराने को बड़े तुम बन गए इक दिन
जो पीछे घर नहीं होगा तो फिर औक़ात क्या होगी
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Anubhav Gurjar
तुम्हारे दर पे आया हूँ तुम्हें अपना बनाने को
ख़ुदा तुम को बना बैठा गया जब मैं भुलाने को

उजाला माँगने आया दुआ जब रौशनी की तो
मैं अपना घर जला बैठा अँधेरा ये बुझाने को
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Anubhav Gurjar
कोई चंदा उतर आए मिरी सुनसान राहों में
मैं पूरी रात सो जाऊँ तुम्हें ले कर के बाहों में

अगर चर्चे किसी की बेवफ़ाई के कभी होंगे
कोई भी नाम दूजा है हो पहली तुम निगाहों में
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Anubhav Gurjar
हुस्न के दम पे हो चाहे पर बड़ी बेबाक हो तुम
मैं बड़े अफ़सोस में हूँ साथ में ही ख़ाक हो तुम

यूँँ अज़िय्यत में मुझे तुम छोड़ कर जा तो रही हो
जिस्म के भूखों को जानो इतनी भी चालाक हो तुम
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Anubhav Gurjar
मिरी सूनी सी रातों में तुम्हारा ही सहारा है
निभाए थे कभी जो उन ही वादों का पिटारा है

तिरे जैसा कोई क्या होगा जो मिल जाए तो लाना
बची है रात ग़म की बस अभी दिन ही गुज़ारा है
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Anubhav Gurjar
मुझे हर दम ये लगता है कि तन्हाई अकेली है
जहाँ बिन डर के बैठेगी वही मेरी हवेली है

तुम्हारी क्या ख़बर मुझ को न मेरी है ख़बर तुम को
सुलझ जाए किसी से भी तो क्या ही ये पहेली है
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Anubhav Gurjar
किसी की वो नज़र पहली भुलाने में ज़माने हैं
तुम्हारी दी हुई दौलत से ही पैसे कमाने हैं

तुम्हारी याद अब हम को नहीं आती गुलाबों से
इसे साबित करूँँ ऐसे हज़ारों ही बहाने हैं
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Anubhav Gurjar
सुनो तुम साथ में चल दो हमारी इस कहानी के
तुम्हें क़िस्से सुनाऊँगा बुढ़ापे में जवानी के

हमारी गाँव पंचायत तुम्हारी हो तो जाएगी
मगर दिन-रात काटोगी यहाँ पर धूल पानी के
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Anubhav Gurjar