DILBAR

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@dilbar.krish

DILBAR shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in DILBAR's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
पड़ी जब से मुर्शद की मुझ पर नज़र है
सहज हो गया ज़िन्दगी का सफ़र है

खंडर वो भी तीरथ-सा पूजा गया फिर
जहाँ से भी गुज़रा ये कामिल अगर है
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दिलों से गर अदावत को मिटाया जाए
मुहब्बत का नया इक घर बनाया जाए
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चलो मिल कर चलें फिर से सुहाना दिन ये आया है
नबी ने प्यार से सब को ही संगत में बुलाया है
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जहाँ में नेकी का पुतला गिराया जा नहीं सकता
बुराई को बिना उल्फ़त मिटाया जा नहीं सकता

इनायत हो नबी की तो जले रावण मैं का वरना
अना के तीर से इस को जलाया जा नहीं सकता
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जहाँ में काश ये हर बार हो जाए
अदावत की हमेशा हार हो जाए
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मिज़ाज-ए-इश्क़ कुछ बदला तुम्हारा है
किया जो तुम ने अब मुझ सेे किनारा है

मुझे ये लगता है दिलबर कि उस को अब
इलावा मेरे हर इक शख़्स प्यारा है
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कभी इक दिन बजेंगी तालियाँ यूँँ नाम पर मेरे
करेगी नाज़ दुनिया ये किए हर काम पर मेरे
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अगर शिकवा इबादत मैं अभी भी कर रहा हूँ
तो मानो टूटे बर्तन में मैं पानी भर रहा हूँ
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मेरा वो लम्हा ख़ुश्बूदार हो जाए
नबी का जब मुझे दीदार हो जाए
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तिरा मुझ पे यूँँ कुछ उपकार हो जाए
तू चाहे जैसा वो किरदार हो जाए
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ख़ला में जो दिखाया है बयाँ वो कर नहीं सकता
गुरु के बिन जगह ख़ाली कोई भी भर नहीं सकता
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मुताबिक तेरे जब किरदार हो जाए
सुखी ये मेरा तब संसार हो जाए
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सब को मिरे बारे में बता रही है
याद उसे मेरी अब सता रही है
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ख़ुदा का राज़ वही जाने जिस को ख़ुद बताए ये
बंदों के भेस में आ के ख़ुद से पर्दा उठाए ये

इन चमकी आँखों से हरगिज़ देखा नहीं जाता
दिखा उसी को है दिलबर जिसे ख़ुद दिखलाए ये
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शाबाश दुनिया जीत के तुम आए हो
सब को हरा के विश्व कप तुम लाए हो

जो ख़्वाब भारतवासियों ने देखा था
उस ख़्वाब को जी कर के तुम दिखलाए हो
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जिस की ख़ातिर हम न रातों में सोए हैं
आज वो ही लोग जी भर के रोए हैं

देश की इस धरती में दिलबर देखो तुम
बीज जीतों के जवानों ने बोए हैं
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तुम को सोचो तो फिर तुम ही हो जाता हूँ
सारे का सारा फिर गुम ही हो जाता हूँ
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