Om Shukla

Om Shukla

@enthusiast_om

Om Shukla shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Om Shukla's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
  • Nazm
ख़ुद के साथ दिल अब इतनी तो मुरव्वत करना
कुछ भी हो जाए मगर अब न मोहब्बत करना
Om Shukla
झाँको मत इस दिल में ये वीरान पड़ा है
ख़ाली घर है, कौन भला रहता होगा
Om Shukla
उदासी से मेरी बनती बहुत है
मगर ये राब्ता अच्छा नहीं है
Om Shukla
कई चेहरे हैं मेरे माज़ी से
जाने किस को रो रहा हूँ मैं
Om Shukla
यही तो मसअला है ना तुम्हारे दूर जाने पे
तुम्हारे ख़्वाब आएँगे, तुम्हारी याद आएगी
Om Shukla
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साथ नहीं छोड़ा है अब तक
तुम सेे अच्छी तन्हाई है
Om Shukla
नदी में मछुआरे सा यूँँ जाल न रखो
सुनो, तुम मेरा झूठा ख़याल न रखो
Om Shukla
पेशानी को चूमो मेरे, बालों को सहलाओ ना
अकेले मैं मर जाऊँगा, अब तो वापस आओ ना
Om Shukla
मैं ने उस के ख़्वाब तक थे देख डाले
उस से मेरी आँख तक देखी न गई
Om Shukla
मैं पहाड़ हूँ एक जगह पे रुका हुआ
वो कैलेंडर है, तारीख बदलती रहती है
Om Shukla
मुझ सेे भी अच्छी लड़कियाँ हैं इस जमाने में
प्यासे को दरिया दीजे, समुंदर न दीजिये
Om Shukla
इश्क़ करो तो डूब के जानाँ
दरिया की रफ्तार न पूछों
Om Shukla
वो गर दरिया था तो बहा क्यूँ नहीं
थी उस को मोहब्बत तो कहा क्यूँ नहीं
Om Shukla
अब तो पास मेरे कुछ भी मुस्कराने को नहीं
अब के गर गया फिर मैं लौट आने को नहीं
Om Shukla
अब तो मैं बिल्कुल नहीं ठहरने वाला
अब चला चल ये मेरी अना ने कहा है
Om Shukla
ये और बात अकेले काट नहीं सकता दोस्त
लेकिन मैं किसी से बाँट नहीं सकता दोस्त
Om Shukla
एक जमाने बा'द आई गाँव में बिजली
पहले उस ने छत पर झुमके टाँगे थे
Om Shukla
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