Irfan Siddiqi

Irfan Siddiqi

@irfan-siddiqi

Irfan Siddiqi shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Irfan Siddiqi's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
तुम सर-ए-दश्त-ओ-चमन मुझ को कहाँ ढूँडते हो
मैं तो हर रुत में बदल देता हूँ पैकर अपने
Irfan Siddiqi
मैं ख़्वाब देख रहा हूँ कि वो पुकारता है
और अपने जिस्म से बाहर निकल रहा हूँ मैं
Irfan Siddiqi
देखते हैं तो लहू जैसे रगें तोड़ता है
हम तो मर जाएँगे सीने से लगा कर उस को
Irfan Siddiqi
एक मैं हूँ कि इस आशोब-ए-नवा में चुप हूँ
वर्ना दुनिया मेरे ज़ख़्मों की ज़बाँ बोलती है
Irfan Siddiqi
कहा था तुम ने कि लाता है कौन इश्क़ की ताब
सो हम जवाब तुम्हारे सवाल ही के तो हैं
Irfan Siddiqi
हट के देखेंगे उसे रौनक़-ए-महफ़िल से कभी
सब्ज़ मौसम में तो हर पेड़ हरा लगता है
Irfan Siddiqi
उठो ये मंज़र-ए-शब-ताब देखने के लिए
कि नींद शर्त नहीं ख़्वाब देखने के लिए
Irfan Siddiqi
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सरहदें अच्छी कि सरहद पे न रुकना अच्छा
सोचिए आदमी अच्छा कि परिंदा अच्छा
Irfan Siddiqi
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बदन के दोनों किनारों से जल रहा हूँ मैं
कि छू रहा हूँ तुझे और पिघल रहा हूँ मैं
Irfan Siddiqi
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देख लेता है तो खिलते चले जाते हैं गुलाब
मेरी मिट्टी को ख़ुश-आसार किया है उस ने
Irfan Siddiqi
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तू ये न देख कि सब टहनियाँ सलामत हैं
कि ये दरख़्त था और पत्तियाँ भी रखता था
Irfan Siddiqi
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नहीं तो बर्फ़ सा पानी तुम्हें जला देगा
गिलास लेते हुए उँगलियाँ न छू लेना
Irfan Siddiqi
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तुम परिंदों से ज़ियादा तो नहीं हो आज़ाद
शाम होने को है अब घर की तरफ़ लौट चलो
Irfan Siddiqi
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