Saarthi Baidyanath

Saarthi Baidyanath

@saarthibaidyanath

Saarthi Baidyanath shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Saarthi Baidyanath's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
जड़ों की क़ैद मिट्टी में ही रहने दो
शजर आज़ाद होकर सूख जाएँगे
Saarthi Baidyanath
मान ले मौत इक ग़ज़ल है तो
ज़िंदगी हासिल-ए-ग़ज़ल होगी
Saarthi Baidyanath
ये माना आप से बेहतर नहीं हूँ
मगर मैं खेल से बाहर नहीं हूँ
Saarthi Baidyanath
जुरअत-ए-इज़हार इस का काम है
शा'इरी सच बोलने का नाम है
Saarthi Baidyanath
ज़िंदगी गुदगुदी के जैसी है
आप रोने लगोगे हँसते हुए
Saarthi Baidyanath
शाइरों के ऐब सारे शा'इरी में छुप गए
शा'इरी की ख़ूबियों में एक ख़ूबी ये भी है
Saarthi Baidyanath
किसी ने फूल भेजा है किसी ने ख़त लिखा है
किसी ने डबडबाई आँखों से रुख़्सत लिखा है
Saarthi Baidyanath
दुनिया गूँगी हो जाती है दुनिया बहरी हो जाती है
जब सच कहने की या फिर सच सुनने की बारी आती है
Saarthi Baidyanath
फूल गुलशन में खिले फिर बा'द में मुरझा गए
हम भला क्या इस लिए भी बाग़बाँ को दोष दें
Saarthi Baidyanath
हम अपनी मर्ज़ी से पिंजरे के भीतर हैं
हम अपनी मर्ज़ी से ही बाहर निकलेंगे
Saarthi Baidyanath
ये धड़कन तेज़ अब तक चल रही है
गले मिल कर जो तुम सेे बढ़ गई थी
Saarthi Baidyanath
शाइ'र तो हम भी अच्छे-ख़ासे हैं लेकिन अब
रोज़ी-रोटी बीवी-बच्चे ध्यान इसी में है
Saarthi Baidyanath
ज़िन्दगी ले रही मज़े मेरी
मैं मज़े ज़िन्दगी के ले रहा हूँ
Saarthi Baidyanath
मेरे भाई तुम्हारी उम्र उन अश'आर सी हों
जो ग़ालिब ने ज़माने के हवाले से कही हैं
Saarthi Baidyanath
अभी तुम ने मेरी बदमाशियाँ देखी कहाँ है
मरीज़-ए-इश्क़ की गुस्ताख़ियाँ देखी कहाँ है
Saarthi Baidyanath
आप गोताखोर हैं तो याद रखिए
इस हुनर को इश्क़ में मत आज़माएँ
Saarthi Baidyanath
सुनो तुम दिल में रहते हो तुम्हें मालूम ही क्या है
किसी की आँखों में रहने की क़ीमत कितनी होती है
Saarthi Baidyanath
हमारे गाँव की गलियाँ कभी सूनी नहीं रहतीं
तुम्हारे शहर की सड़कें भले सुनसान हो जाएँ
Saarthi Baidyanath
ज़रा सी बात है मैं ने किसी को हीर माना है
ज़माने भर ने मुझ को क़ाबिल-ए-ताज़ीर माना है
Saarthi Baidyanath
झील में यूँँ न उग आईं आँखें
झील में चाँद की परछाई है
Saarthi Baidyanath

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