Shan Sharma

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@shansharma

Shan Sharma shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in Shan Sharma's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
  • Ghazal
लिखी थी जो तुम्हें बेनाम सी वो चिट्ठियाँ हैं
कहीं थोड़ी शिकायत है कहीं कुछ अर्ज़ियाँ हैं

तुम्हारे बा'द दिल में याद ठहरी और घर में
जले फ़िल्टर रखे हैं और थोड़ी तीलियाँ हैं
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Shan Sharma
निभाओगी जो तुम वा'दा करोगी
वफ़ा का या कहीं सौदा करोगी

जिसे तुम ढूँढती रहती हो मुझ में
मिला वो ग़ैर में तो क्या करोगी
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Shan Sharma
मुझे मंज़ूर है हर बात पर इक शर्त है मेरी
मुझे बोसा तिरा होना है अव्वल इस जुदाई में
Shan Sharma
मुझे अच्छा नहीं लगता ये कहना हमनवाई में
हुआ पर है बहुत नुक़सान तुझ सेे आशनाई में

दिया है वक़्त जितना इक तिरी इस चाह को मैं ने
ख़ुदा मिल जाता है इतने दिनों की पारसाई में
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Shan Sharma
बा'द मुद्दत वो मिलने आते हैं
ख़्वाब पहले दिखाए जाते हैं

फ़ासले याद के सबब तो हैं
हाँ मगर दिल बहुत जलाते हैं
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Shan Sharma
हमारे दरमियाँ जो है गवारा हो नहीं सकता
यही मैं तुम रहा तो कुछ हमारा हो नहीं सकता

मुझे तो इश्क़ लगता है ख़ुदा का मो'जिज़ा कोई
मिरा जिस्मों की चाहत से गुज़ारा हो नहीं सकता
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Shan Sharma
मना करते उसे थे जो वही वो कर दिखाती थी
मैं सूरज को उगाता था वो रातें खींच लाती थी

अभी भी तुम में ज़िंदा है वही बेबाक़ सी लड़की
ज़माने के उसूलों पे जो खुल के मुस्कुराती थी
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Shan Sharma
इश्क़ पनपेगा तो फिर अश्कों की होंगी बारिशें
पेड़ लगने पर कभी सूखी ज़मीं रहती नहीं
Shan Sharma
ढूँढ़ते हैं लोग दिलबर दूसरा फिर तीसरा
मुस्तक़िल अब आशिक़ी की नौकरी रहती नहीं
Shan Sharma
बा'द शादी के मिलने आए थे
कह रहे हो चुके पराए थे

उन के कानों में थे वही झुमके
इश्क़ में हम ने जो दिलाए थे
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Shan Sharma
अभी के ज़ख़्म ख़ाली जेब के हैं
मोहब्बत तो पुराना हादसा थी
Shan Sharma
बन गए तल्ख़ आजकल वैसे
हम सरापा कभी मोहब्बत थे
Shan Sharma
किताबें शौक़ से पढ़ने लगी तुम
मैं भी थोड़ा बहुत लिखने लगा हूँ
Shan Sharma
आँसू आ कर ग़म को ऐसे धो जाते
गंगा माँ धोती हैं जैसे पापों को
Shan Sharma
ज़ख़्म तुझ को नवाज़ दूँ भी गर
पर न धोखा मैं दिलरुबा दूँगा
Shan Sharma
लाख ग़म वो करे अता फिर भी
वो ख़ुदा है ख़ुदा रहेगा वो
Shan Sharma
नाम वैसे ग़ुलाम मेरा था
शाह की पर ग़ुलाम रानी थी
Shan Sharma
अव्वल तो दिल तन्हा-तन्हा जलता है
दोज़ख जैसे फिर ये सीना जलता है

सीली तेरी याद हमेशा बच जाती
मेरा लेक़िन कतरा-कतरा जलता है
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Shan Sharma
बेशर्मी से इश्क़ हमारे सर लें हम
या दुनिया से थोड़ा-थोड़ा डर लें हम

फ़ॉलो करना मुश्किल है इक दूजे को
दोनों अपना इंस्टा पब्लिक कर लें हम
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Shan Sharma
वो लड़की है शातिर दुनियादारी में
इश्क़ मुहब्बत में पर थोड़ी मद्धम है
Shan Sharma

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