arjun  chamoli

arjun chamoli

@arjunkesaath

arjun chamoli shayari collection includes sher, ghazal and nazm available in Hindi and English. Dive in arjun chamoli's shayari and don't forget to save your favorite ones.

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  • Sher
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  • Nazm
रूह तन्हा थी मगर ये जिस्म रुकता तो कहाँ
ज़िंदगी जी भी नहीं और उम्र ढलती ही गई
arjun chamoli
हर सम्त उन के हुस्न के चर्चे हैं शहर में
उन को ख़बर नहीं कि वो सब की नज़र में हैं
arjun chamoli
दर्पण दिखा दिया तो बुरा मान बैठे वो
सच बोलने पे दोस्त भी दुश्मन से हो गए
arjun chamoli
ग़ुबार दिल में रहा ज़ख़्म भर नहीं पाया
हुई थी बात मगर बात थी अधूरी सी
arjun chamoli
तड़प के रोए हैं चेहरा अगर छुपाया है
कि लोग देख न ले आँख में समुंदर को
arjun chamoli
मेरे बयान का मतलब बदल दिया उस ने
सवाल करता था जो मेरा रहनुमा बनकर
arjun chamoli
भुला के छोड़ दिया उस गली में चलना भी
कि दाग़ लगने न पाए किसी के दामन पर
arjun chamoli
मिरे ख़िलाफ़ ही सब दस्तख़त हुए आख़िर
मैं चुप रहा तो गुनहगार मुझ को माना है
arjun chamoli
ये बताओ इश्क़ का ये फ़लसफ़ा क्या है
दूरियाँ जब मिट गई तो अब बचा क्या है
arjun chamoli
मैं ग़मों की धूप में जल गया तो पता चला मुझे छाँव का
वो तो दूर रह के भी पास था मुझे फ़ासलों का गुमाँ रहा
arjun chamoli
निकम्मेपन का तम्ग़ा पा लिया मैं ने
वफ़ा करना निभाना था बड़ा मुश्किल
arjun chamoli
नक़ली आँसू झूठी क़स्में सब पर्दे हैं नज़ाकत के
बस बाज़ार लगे हैं जज़्बों के सौदे हैं शराफ़त के

ख़ुद-ग़रज़ी के हैं अल्फ़ाज़ मोहब्बत के अफ़साने में
फिर भी लाते हैं चेहरे पर झूठे रंग इनायत के
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arjun chamoli
हक़ीक़ी आशिक़ी को इंस्टा ने ख़त्म कर डाला
वफ़ा की मौत का मातम नज़र आता है रीलों में
arjun chamoli
पर निकलते बेटियों के देख माँ घबरा गई
हर जगह सय्याद बैठा हाथ में पिंजरा लिए
arjun chamoli
फ़क़त ग़ुलामियों का नर्म-सा क़दम है इश्क़ भी
ये बात और है कि नाम इंक़िलाब का दिया
arjun chamoli
बस न आया खेलना दिल से किसी के
दिल लुटाने का हुनर हम जानते हैं
arjun chamoli
सर-ए-महफ़िल वो इतरा कर नुमाइश हुस्न की करते
मगर उस पर ये दावा है मोहब्बत हम से ही करते
arjun chamoli
वो बिजली का जैसे दिल में गिर जाना
आँखों का इतराना रुख़ का शर्माना

गालों पे उन के वो लाली का आना
हाथों से हाथों का ख़ुद में टकराना

कैसे बयाँ करूँँ क्या-क्या है बतलाना
छोटी सी मज्लिस में उन सेे छू जाना
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arjun chamoli
किनारा कर लिए वो इश्क़ की लत डालकर हम को
कि आदत बन गई हर बे-वफ़ा से आशिक़ी की अब
arjun chamoli
सय्याद मिरा करने लगा मुझ सेे गिला ये
इस क़ैद-ए-मोहब्बत से रवानी ही नहीं है
arjun chamoli

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