Best Satire Shayari
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Best Satire Shayari

    इस दुनिया का हर मंसूबा हर कोशिश बेकार हुई
    इक बच्चे ने हाथ बढ़ाया चाँद को छू कर देख लिया
    Tariq Qamar
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    हिम्मत से सच कहो तो बुरा मानते हैं लोग
    रो-रो के बात कहने की आदत नहीं रही
    Dushyant Kumar
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    इंसानों को जलवाएगी कल इस से ये दुनिया
    जो बच्चा खिलौना भी ज़मीं पर नहीं रखता
    Munawwar Rana
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    अपनी दुनिया भी चल पड़े शायद
    इक रुका फ़ैसला किया जाए
    Madan Mohan Danish
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    ये जो दुनिया है इसे इतनी इजाज़त कब है
    हम पे अपनी ही किसी बात का ग़ुस्सा उतरा
    Abhishek shukla
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    मैं सोचता हूँ बहुत ज़िंदगी के बारे में
    ये ज़िंदगी भी मुझे सोच कर न रह जाए
    Abhishek shukla
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    अगर सच इतना ज़ालिम है तो हम से झूट ही बोलो
    हमें आता है पतझड़ के दिनों गुल-बार हो जाना
    Ada Jafarey
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    नाला हूँ मैं बेदारी-ए-एहसास के हाथों
    दुनिया मिरे अफ़्कार की दुनिया नहीं होती
    Sahir Ludhianvi
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    तुम हुस्न की ख़ुद इक दुनिया हो शायद ये तुम्हें मालूम नहीं
    महफ़िल में तुम्हारे आने से हर चीज़ पे नूर आ जाता है
    Sahir Ludhianvi
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    मैदाँ में हार जीत का यूँँ फ़ैसला हुआ
    दुनिया थी उन के साथ हमारा ख़ुदा हुआ
    Jameel Malik
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    ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी
    इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
    Jaun Elia
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    उम्र के आख़िरी मक़ाम में हम
    मिल भी जाए तो क्या ख़ुशी होगी

    क्या सितम तुम को देखने के लिए
    हम को दुनिया भी देखनी होगी
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    Vikram Sharma
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    तंज़ करना फिर उसी से प्यार करना
    जाँ कहा से सीखा है ये वार करना
    Govind kumar
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    अलग अंदाज़ हैं दोनों के अपनी बात कहने के
    मैं उस पे शे'र कहता हूँ, वो ताना मार देती है
    Ankit Maurya
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    पहले दिखता था वो आँखों को सुकूँ मिलता था
    अब वो दिखता है तो आँखों में चुभन होती है
    Shajar Abbas
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    वो जो इक शख़्स मुझे ताना-ए-जाँ देता है
    मरने लगता हूँ तो मरने भी कहाँ देता है

    तेरी शर्तों पे ही करना है अगर तुझ को क़ुबूल
    ये सहूलत तो मुझे सारा जहाँ देता है
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    Azhar Faragh
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    ग़म, जफ़ा, छल, चुभन, कसक, ज़िल्लत
    इश्क़ में कुछ नया नहीं मिलता
    A R Sahil "Aleeg"
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    दिया दिलासा हम ने अपने दिल को बोलकर ये बात
    हुआ जो कुछ हमारे साथ में, वो इक मज़ाक था
    Daqiiq Jabaalii
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    चार थपेड़े पड़े हवा के एक भी दाना नहीं मिला
    दिनभर भूखी घूमी चिड़िया लेकिन खाना नहीं मिला

    इस दुनिया ने बहुत दिया लेकिन ता'ने भी खूब दिए
    एक ये तेरा दर है मालिक जहाँ से ताना नहीं मिला
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    Hritik chaurasia
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    जो उड़ा यूँँ मज़ाक़ तो जाना
    रोज़ गंभीर ज़िंदगी होगी
    Vinod Ganeshpure
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