Attitude Shayari Collection - Bold lines that reflect swag, confidence, and strong personality

Attitude Shayari expresses boldness, confidence, and a fearless outlook on life. These powerful lines reflect your swag, self-respect, and strong personality, often blending style with emotions. Whether you want to show your royal अंदाज़ or assert your individuality, attitude shayari makes your voice stand out.

चराग़ दिल का मुक़ाबिल हवा के रखते हैं
हर एक हाल में तेवर बला के रखते हैं
Hastimal Hasti
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तसव्वुर तजरबा तेवर तमन्ना और तन्हाई
मिलेंगे फूल सब इस
में ग़ज़ल गुलदान है यारों

पढ़ाई नौकरी शादी फिर उस के बा'द दो बच्चे
हमारी ज़िन्दगी इतनी कहाँ आसान है यारों
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Tanoj Dadhich
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हर एक लफ़्ज़ के तेवर ही और होते हैं
तेरे नगर के सुख़न-वर ही और होते हैं

तुम्हारी आँखों में वो बात ही नहीं ऐ दोस्त
डुबोने वाले समुंदर ही और होते हैं
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Abrar Kashif
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ऐसे तेवर दुश्मन ही के होते हैं
पता करो ये लड़की किस की बेटी है
Zia Mazkoor
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चल गया होगा पता ये आप को
बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को

इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़
तू समझती क्या है अपने आप को
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Kushal Dauneria
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तुम मिरी आँख के तेवर न भुला पाओगे
अन-कही बात को समझोगे तो याद आऊँगा
Wasi Shah
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मेरी उँगलियों में पड़ गई है गिरहें तेरे गेसुओं की
आजकल किसी भी बात पर अकड़ जाती है
Murli Dhakad
नहीं आ रहे है नज़र चाँद तारे शब को क्यूँँ
उसे देख कर साथ मेरे अकड़ टूटे उन की
Vedant Trivedi
अच्छे ख़ासे सत्ता के गलियारों में दागी हो जाते हैं
कुर्सी की ख़ातिर अपनों के ही तेवर बाग़ी हो जाते हैं
Sandeep dabral 'sendy'
अरे! माँ तो हमेशा बोलती है बात सच आख़िर
अरे! बेटा सभी माँ पे यहाँ तेवर बदलता है
Raunak Karn
ज़िन्दगी अब तेरे तेवर नहीं देखे जाते
माँ के बिकते हुए ज़ेवर नहीं देखे जाते
nilendra vikram singh
तेरा लेना ना इक ना देना दो
भाई तू क्यूँँ अकड़ के बैठ गया
Sohaib Alvi
इज़्ज़त शान-ओ-शौकत ईगो छोड़ के तुम
गर मेरे हो जाओ कितना अच्छा हो
Ambar
ज़रा से हुस्न पर ही वो अकड़ ऐसे रही है
कि जैसे हम किसी और को कभी देखे नहीं हैं
Kanz Al Rida
अपने आगे सब को फ़ेल बताते हो
इतना ऐटीट्यूड कहाँ से लाते हो
Ambar
वो बड़े ही सख़्त तेवर में दिखा है
इश्क़ के भी आज फ़ेवर में दिखा है

हो गई काफ़ूर चेहरे की कशिश भी
हिज्र का ग़म उस के ज़ेवर में दिखा है
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Zafar Siddqui
मेरे दिल की बात समझना तेरे बस की बात नहीं,
हम दोनों में बात-विवाद का कारण तेरा ईगो है
Nirbhay Nishchhal
हड्डियाँ ख़ामख़ा ही अकड़ करती हैं
उस के छू लेने से चूर हो जाता हूँ
Madan Gopal 'AloukiK'
लहरों ने टूटी कश्ती को कमतर समझ लिया
अच्छा हुआ कि कश्ती ने तेवर समझ लिया

जिस दाम जिस ने चाहा उसी दाम में रखा
मुझ को किसी गरीब का ज़ेवर समझ लिया
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Ansar Ethvi
क्यूँ अकड़ के चलते हो तुम इस ज़मीं पर
मोम के हो शाज़ ये हिकमत नहीं है
Meem Alif Shaz
आप कहते हैं जिस को तेवर है
वो मेरा ख़ानदानी ज़ेवर है
Dhirendra Pratap Singh
अना पर बात आए लहरों को भी मोड़ दूँगा
कटे गर्दन भले तेरी अकड़ मैं तोड़ दूँगा

रहूँगा शान से चाहे खड़ी हो मौत सम्मुख
झुकाऊँगा न सर अपना ये साँसें छोड़ दूँगा
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Shubham Rai 'shubh'
इश्क़ सूक़ में बना रहे
ज़िद्द छोड़ दे निजार अब
Bhanwar Mandan
ये जो तुम तल्ख़ियाँ लहजे में लिए फिरते हो
सह न पाओगे मियाँ हम ने जो तेवर बदला
Shakir Dehlvi
अकड़ को छोड दे बंदे न तेरे काम आएगी
तू ज़िंदा है अभी फिर क्यूँँ भला किरदार को भूले
Manish Pithaya
माना हैं तल्ख़ तेवर दुनिया के वास्ते
पर आदमी मैं दिल का इतना बुरा नहीं
Naviii dar b dar
है 'सुभाष एहसास' की सोहबत में दुनिया
कुछ अकड़ में है मगर झूठी नहीं है
Subhash Ehsaas
उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है,
जो गाह गाह जुनूँ इख़्तियार करते रहे
Faiz Ahmad Faiz
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मुझ से कहा जिब्रील-ए-जुनूँ ने ये भी वही-ए-इलाही है
मज़हब तो बस मज़हब-ए-दिल है बाक़ी सब गुमराही है
Majrooh Sultanpuri
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हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा
Majrooh Sultanpuri
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कमी न की तिरे वहशी ने ख़ाक उड़ाने में
जुनूँ का नाम उछलता रहा ज़माने में
Firaq Gorakhpuri
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वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
Ameer Qazalbash
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एक से एक जुनूँ का मारा इस बस्ती में रहता है
एक हमीं हुशियार थे यारो एक हमीं बद-नाम हुए
Ibn E Insha
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उस से बढ़ कर किया मिलेगा और इनआम-ए-जुनूँ
अब तो वो भी कह रहे हैं अपना दीवाना मुझे
Hafeez Banarasi
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बाद-ए-बहार में सब आतिश जुनून की है
हर साल आवती है गर्मी में फ़स्ल-ए-होली
Wali Uzlat
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मेरी अक्ल-ओ-होश की सब हालतें
तुम ने साँचे में जुनूँ के ढाल दी

कर लिया था मैं ने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़
तुम ने फिर बाँहें गले में डाल दी
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Jaun Elia
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कुछ न मैं समझा जुनून ओ इश्क़ में
देर नासेह मुझ को समझाता रहा
Meer Taqi Meer
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ऐ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा हाँ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा
आज एक सितमगर को हँस हँस के रुलाना है
Jigar Moradabadi
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करे जो क़ैद जुनूँ को वो जाल मत देना
हो जिस
में होश उसे ऐसा हाल मत देना

जो मुझ सेे मिलने का तुम को कभी ख़याल आए
तो इस ख़याल को तुम कल पे टाल मत देना
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Kashif Adeeb Makanpuri
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हर एक सम्त यहाँ वहशतों का मस्कन है
जुनूँ के वास्ते सहरा ओ आशियाना क्या
Azhar Iqbal
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ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा
थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा

इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में
अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा
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Fareeha Naqvi
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पहले कहता है जुनूँ उस का गिरेबान पकड़
फिर मेरा दिल मुझे कहता है इधर कान पकड़

ऐसी वहशत भी न हो घर के दरो बाम कहें
कोई आवाज़ ही ले आ कोई मेहमान पकड़
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Azbar Safeer
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जिन हौसलों से मेरा जुनूँ मुतमइन न था
वो हौसले ज़माने के मेआ'र हो गए
Ali Jawwad Zaidi
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तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं
सफ़ेद बाल हुए हैं हमारा ख़ून नहीं

न हम ही लौंडे लपाड़ी न कच्ची उम्र का वो
ये सोचा समझा हुआ इश्क़ है जुनून नहीं
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Shamim Abbas
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बचा लिया मुझे ग़र्क़ाब होने से उस ने
जुनून ए इश्क़ है लाया नदी के पार मुझे
Amaan Pathan
इक बार तुझे अक़्ल ने चाहा था भुलाना
सौ बार जुनूँ ने तिरी तस्वीर दिखा दी
Mahir ul Qadri
ये काएनात मेरे सामने है मिस्ल-ए-बिसात
कहीं जुनूँ में उलट दूँ न इस जहान को मैं
Akhtar Usman
ये सच है शौक़ भी पहले जुनून होता था
मगर जुनून भी अब शौक़ बन गया देखो
Saarthi Baidyanath
देखना है अगर जुनून-ए-इश्क़
लहरों पे नाचते सफ़ीने देख
Chandan Sharma
उतर न पाएगा ता उम्र इन के सर से जुनूँ
ये नौजवान अगर देख लेंगे आँखें तेरी
Shajar Abbas
दिवाने पन की अपने भी कोई सीमा नहीं यारो
जुनूँ में ख़ुद ही ख़ुद से ख़ुद का ही सर फोड़ लेते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
इश्क़ की अब, इंतिहा क्या? इब्तिदा क्या?
शय ये ला-हासिल व ला-फ़ानी जुनूँ है
A R Sahil "Aleeg"
ख़ुदा से तो कभी दुनिया, कभी ख़ुदस लड़ा हूँ मैं
जुनूँ-ए-इश्क़ में मत पूछ, दिल कितनों के तोड़े हैं
A R Sahil "Aleeg"
हर एक बात पे करते हो क़त्ल-ए-आम की बातें
तुम्हीं बताओ अब अंज़ाम-ए-गर्मी-ए-जुनूँ क्या है
Ajeetendra Aazi Tamaam
आरज़ू-ए-ज़िन्दगी ले आई इतनी दूर अब
देखना है ये जुनूँ मेरा कहाँ तक जाता है
Mahesh Natakwala
आप को इल्म भी है इस का ज़रा
आप क्या क्या जुनूँ में बकते हैं

आप को हक़ है रूठ जाने का
आप चाहें तो रूठ सकते हैं
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Shajar Abbas
हल्के हल्के ही से तेरा जुनून निकलेगा
फिर भी आई याद अब आँखों से ख़ून निकलेगा
Shadab khan
आवाज़-ए-क़ैस सुन के सभी आशिक़-ए-जहाँ
दश्त-ए-जुनूँ की सिम्त को आमादा हो गए
Shajar Abbas
रात में यूँँ सुकून का होना
बात में यूँँ जुनून का होना
Seema Mahapatra
है वक़्त का कोई तक़ाज़ा या जुनूँ बाक़ी मेरा
मैं लिख रहा हूँ जिस्म पर जब तक है ख़ूँ बाक़ी मेरा
Ashkrit Tiwari
क़ुर्बान क्या करेंगे भला इस हयात पर
अपना पराया करते हैं जो बात बात पर

हर हादसे से लड़ने का पैदा करें जुनून
क़ाबू नहीं है अपना किसी हादसात पर
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Prashant Sitapuri
सुपुर्द-ए-खाक़ कर के इस जुनून-ए-शायरी को अब
ये सोचा है मुहब्बत से किनारा कर लिया जाए
Sagheer Lucky
गामज़न हूँ जुनूँ की राहों पर
अपनी दानिश-वरी तमाम हुई
Sumit Panchal
लोग ऑफ़िस बॉस बातें और घर के दर्द ग़म
साथ मिल कर इश्क़, वो भी जान मेरी खा गई
Raunak Karn
इमदाद करने दश्त-ए-जुनूँ से मैं आऊँगा
क़ुव्वत के साथ आशिक़ों आवाज़ दो मुझे
Shajar Abbas
क़ैस की तर्ज़ पे हम रक़्स-कुनाँ होते हुए
इश्क़-ए-महबूब में लो दश्त-ए-जुनूँ जाते हैं
Shajar Abbas
मुफ़लिसी ने जुनून छीना है
और तुम ने सुकून छीना है
Meem Alif Shaz
मुर्दा है इश्क़ जज़्ब-ओ-जुनूँ भी हैं पास-पास
पाने की अब तो उस को तमन्ना भी क्या करें
A R Sahil "Aleeg"
इश्क़ का ही नशा वो करते हैं
हर सितम को सहा वो करते हैं

ये जुनूँ है या कुफ़्र है उन का
बे-वफ़ा से वफ़ा वो करते हैं
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A R Sahil "Aleeg"
सजदे करो लाखों मगर मालूम है ना इश्क़ है
गर मिल गए तो ठीक वरना जानलेवा इश्क़ है

संगम के पानी की तरह तुम सेे मेरा दिल मिल गया
ये जान कर भी सोचती हो क्या भरोसा इश्क़ है

पूछा किसी ने माँ से चुप कब से है तेरा लाडला
कहने लगी जिस दिन मुझे इसने कहा था इश्क़ है

मन्नत से शायद अपको जन्नत तो मिल भी सकती है
पर वो मिलेगा जब उसे एहसास होगा इश्क़ है

शिद्दत जुनूँ दीवानगी काफ़ी नहीं हैं इश्क़ में
करना पड़ेगा सब्र 'मोहित' मोक्ष पाना इश्क़ है
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Kanha Mohit
गया था इश्क़ में लैला के क़ैस दश्त-ए-जुनूँ
तिरा ये इश्क़ मुझे ले गया सलीब तलक
Shajar Abbas
मेरे आगे है दरिया सी मोहब्बत
समुंदर सा ही हूँ रखता जुनूँ मैं
Rohit tewatia 'Ishq'
जुनून-ए-इश्क़ में ये बेख़ुदी का आलम है
ख़ुद अपने शहर में अपना मकान भूल गए
Shadab Shabbiri
हम को क्या क्या नहीं फ़ुसूँ हासिल
अक्ल के साथ है जुनूँ हासिल
Sumit Panchal
निभाने में कसर बाक़ी न छोड़ी याद तो होगा
मोहब्बत के जुनूँ में जो ख़म-ए-गेसू सँवारे थे
Rohan Hamirpuriya
नई है मुहब्बत नया है जुनूँ
है उस को झिझक साथ चलते हुए
Rohan Hamirpuriya
कैसा जुनून है ये कहाँ आ गई हूँ मैं
वो रास्ता कहाँ है जिधर से चली हूँ मैं
shampa andaliib
था जुनूँ दिल में असर जाने तक
दिल की दिल में रही नक़्स आने तक
Sanjay Bhat
रात दिन अब मुझे सुकून नहीं
पहले जैसा कोई जुनून नहीं

मैं तो शाइ'र भी दर्द लिख के बना
दर्द ही है रगों में ख़ून नहीं
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Bhuwan Singh
हमें तुम सेे शिकायत तो नहीं बस
तुम्हें यकदम से छोड़ा जा रहा है

किसी की याद क़ाबिज़ है नहीं तो
जुनूँ में सर को फोड़ा जा रहा है
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Shamsul Hasan ShamS
वो जवानी थी तुझे हम भी जुनूँ से चाहते थे
अब तुझे दुनिया मगर हम मुख़्तसर ही देखते हैं
Meem Alif Shaz
किसी को उस नज़र से देखना भी इक ख़ता माना
जुनून-ए-इश्क़ में महबूब को हम ने ख़ुदा माना
Raj Tiwari
अब ख़त्म होने को है जुनून-ए-सफ़र मिरा
दिखने लगा है दूर से ही मुझ को घर मिरा

मैं रखना चाहता हूँ तुझे याद भी सदा
तू लौटा देना ज़ख़्म मुझे वक़्त-पर मिरा
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Harsh Kumar Bhatnagar
सब जुनूँ बूद सक़ाफ़त तक ही
कुछ नहीं नाज़ वफ़ा वहशत में
Kunu
हम हैं उस दौर के आशिक़ कि जहाँ अहल-ए-जुनूँ
दिल में दीदार की हसरत लिए मर जाते थे
Shakir Dehlvi
दिल पे हालत जुनूँ की तारी है
सर में सौदा सवार रहता है
Sumit Panchal
चंद मख़्सूस दरख़्तों से मुहब्बत का जुनून
कुछ परिंदों को कहीं का नहीं रहने देता
divya 'sabaa'
पार इस हद्दे-जुनूँ को अपने हर पल हम करेंगे
या तो पागल हम बनेंगे या तो पागल हम करेंगे
Dipanshu Shams
जुनून-ए-इश्क़ ने कैसा किया उस पर असर देखो
क़दम भी चूमता है मेरा वो सर चूमने वाला
Divu
ग़ज़ल में ज़ख़्म खिलते थे क़लम था एक ख़ूँ कोई
हुनर भी मेरे अश्कों का समझता था जुनूँ कोई
Amit Nandan Dev
जब मुकम्मल नहीं राह यूँँ फिर सुकूँ कैसा है
अब नहीं पास वो पाने का ये जुनूँ कैसा है
Naviii dar b dar
जुनून-ए-उल्फ़त अगर हो ज़िंदा तो रोक लो तुम नसीब अपना
तुम्हारे हाथों की अब लकीरें तुम्हारे हाथों से जा रही है
Kartik Bhalerao