Beautiful Titliyan Shayari
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Beautiful Titliyan Shayari

    सहरा से हो के बाग़ में आया हूँ सैर को
    हाथों में फूल हैं मेरे पाँव में रेत है
    Tehzeeb Hafi
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    फोन भी आया तो शिकवे के लिए
    फूल भी भेजा तो मुरझाया हुआ
    Balmohan Pandey
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    तुम्हें ये दुनिया कभी फूल तो नहीं देगी
    मिले हैं काँटे तो काँटों को ही गुलाब करो
    Madan Mohan Danish
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    काँटों में घिरे फूल को चूम आएगी लेकिन
    तितली के परों को कभी छिलते नहीं देखा
    Parveen Shakir
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    शदीद गर्मी में कैसे निकले वो फूल-चेहरा
    सो अपने रस्ते में धूप दीवार हो रही है
    Shakeel Jamali
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    ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में
    एक पुराना ख़त खोला अनजाने में
    Gulzar
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    अब वो तितली है न वो उम्र तआ'क़ुब वाली
    मैं न कहता था बहुत दूर न जाना मिरे दोस्त
    Faisal Ajmi
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    फिर नज़र में फूल महके दिल में फिर शमएँ जलीं फिर तसव्वुर ने लिया उस बज़्म में जाने का नाम
    Faiz Ahmad Faiz
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    बिखर के फूल फ़ज़ाओं में बास छोड़ गया
    तमाम रंग यहीं आस-पास छोड़ गया
    Aanis Moin
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    तसव्वुर तजरबा तेवर तमन्ना और तन्हाई
    मिलेंगे फूल सब इस
    में ग़ज़ल गुलदान है यारों

    पढ़ाई नौकरी शादी फिर उस के बा'द दो बच्चे
    हमारी ज़िन्दगी इतनी कहाँ आसान है यारों
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    Tanoj Dadhich
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    फ़ातिहा पढ़ कि फूल रख मुझ पर
    आ गया है तो कुछ जता अफ़सोस
    Siraj Faisal Khan
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    जो सावन होते सूखा, उस फूल पे लानत हो
    मुझ पे लानत, तेरे होते, यार उदासी है
    Siddharth Saaz
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    तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
    इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते
    Tanoj Dadhich
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    गुलशन से कोई फूल मुयस्सर न जब हुआ
    तितली ने राखी बाँध दी काँटे की नोक पर
    Unknown
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    ख़ुशबू से किस ज़बान में बातें करेंगे लोग
    महफ़िल में ये सवाल तुझे देख कर हुआ
    Mansoor Usmani
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    इक परिंदा अभी उड़ान में है
    तीर हर शख़्स की कमान में है
    Ameer Qazalbash
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    चूमा था एक दिन किसी गुल की जबीन को
    लहजे से आज तक मेरे ख़ुश्बू नहीं गई
    Afzal Ali Afzal
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    उड़ाने पर जो आ जाऊँ उड़ा दूँ होश दुनिया के
    मगर मैं फूल से तितली उड़ा सकता नहीं यारों
    Divy Kamaldhwaj
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    यूँँ तो वो इत्रदान था लेकिन ये क्या हुआ
    टूटा तो एक सम्त भी ख़ुशबू नहीं गई
    Afzal Ali Afzal
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    महीनों फूल भिजवाने पड़े थे
    वो पहली बार जब रूठा था मुझ से
    Varun Anand
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