Izhar Shayari - Dil ki baat kehne wali romantic and heartfelt shayari

Izhar shayari beautifully captures the courage to express love and hidden emotions. Whether it's confessing your feelings or sharing your dil ki baat, these lines turn silent emotions into powerful words. Perfect for heartfelt moments, izhar poetry helps you say what your heart truly feels.

izhar shayari
ये कहना था उन से मोहब्बत है मुझ को
ये कहने में मुझ को ज़माने लगे हैं
Khumar Barabankvi
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iqraar shayari
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को
मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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ehsaas shayari
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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mohabbat shayari
इश्क़ पर ज़ोर नहीं है ये वो आतिश 'ग़ालिब'
कि लगाए न लगे और बुझाए न बने
Mirza Ghalib
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dil ki baat shayari
करूँँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता
Ghulam Mohammad Qasir
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jazbaat shayari
तोहफ़ा, फूल, शिकायत, कुछ तो ले कर जा
इश्क़ से मिलने ख़ाली हाथ नहीं जाते
Tanoj Dadhich
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bayaan shayari
न पूछो हुस्न की ता'रीफ़ हम से
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है
Adil Farooqui
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ishq shayari
क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क़
Meer Taqi Meer
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izhar shayari
सर्दी और गर्मी के उज़्र नहीं चलते
मौसम देख के साहब इश्क़ नहीं होता
Moin Shadab
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iqraar shayari
इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था 'शेफ़्ता'
ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया
Mustafa Khan Shefta
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के
बदन तो चू
मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
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Vikram Gaur Vairagi
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अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते
देखो इश्क़ बुरा होता है
Ali Zaryoun
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इश्क़ में कहते हो हैरान हुए जाते हैं
ये नहीं कहते कि इंसान हुए जाते हैं
Josh Malihabadi
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मैं तेरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ
कितना आसान मोहब्बत का सफ़र लगता है
Bashir Badr
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भुला पाना बहुत मुश्किल है सब कुछ याद रहता है
मोहब्बत करने वाला इस लिए बर्बाद रहता है
Munawwar Rana
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बहुत आसान है कहना, बुरा क्या है भला क्या है
करोगे इश्क़ तब मालूम होगा, मसअला क्या है
Bhaskar Shukla
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मुझे बातें नहीं तेरी मोहब्बत चाहिए थी
मुझे अफ़सोस है ये मुझ को कहना पड़ रहा है
Ali Zaryoun
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तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है
तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
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ये तू जो मोहब्बत में सिला माँग रहा है
ऐ शख़्स तू अंदर से भिकारी तो नहीं है
Ali Zaryoun
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था
ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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दोनों जहान तेरी मोहब्बत में हार के
वो जा रहा है कोई शब-ए-ग़म गुज़ार के
Faiz Ahmad Faiz
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अब मैं क्या अपनी मोहब्बत का भरम भी न रखूँ
मान लेता हूँ कि उस शख़्स में था कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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आज तो बे-सबब उदास है जी
इश्क़ होता तो कोई बात भी थी
Nasir Kazmi
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क़ब्रों में नहीं हम को किताबों में उतारो
हम लोग मोहब्बत की कहानी में मरे हैं
Ajaz tawakkal
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे
कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है
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Umair Najmi
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किसी भूके से मत पूछो मोहब्बत किस को कहते हैं
कि तुम आँचल बिछाओगे वो दस्तर-ख़्वान समझेगा
Zubair Ali Tabish
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कोई पागल ही मोहब्बत से नवाज़ेगा मुझे
आप तो ख़ैर समझदार नज़र आते हैं
Zubair Ali Tabish
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क्या कहा इश्क़ जावेदानी है!
आख़िरी बार मिल रही हो क्या
Jaun Elia
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मुझे अब तुम से डर लगने लगा है
तुम्हें मुझ से मोहब्बत हो गई क्या
Jaun Elia
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कुछ इस लिए भी तेरी आरज़ू नहीं है मुझे
मैं चाहता हूँ मेरा इश्क़ जावेदानी हो
Vipul Kumar
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इस दिल की ईंट ईंट तेरे बा'द हिल गई
तू चल दिया तो इश्क़ की बुनियाद हिल गई
Charagh Sharma
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इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल
इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया
Jigar Moradabadi
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हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है
रोने को नहीं कोई हँसने को ज़माना है
Jigar Moradabadi
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कूचा-ए-इश्क़ में निकल आया
जिस को ख़ाना-ख़राब होना था
Jigar Moradabadi
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मोहब्बत में हम तो जिए हैं जिएँगे
वो होंगे कोई और मर जाने वाले
Jigar Moradabadi
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इश्क़ से तबीअत ने ज़ीस्त का मज़ा पाया
दर्द की दवा पाई दर्द-ए-बे-दवा पाया
Mirza Ghalib
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या
मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या

तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना
कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
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Ankita Singh
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वो जिस घमंड से बिछड़ा गिला तो इस का है
कि सारी बात मोहब्बत में रख-रखाव की थी
Ahmad Faraz
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देख मोहब्बत का दस्तूर
तू मुझ से मैं तुझ से दूर

कोशिश लाज़िम है प्यारे
आगे जो उस को मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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तमाम फ़र्क़ मोहब्बत में एक बात के हैं
वो अपनी ज़ात का नईं है हम उस की ज़ात के हैं
Pallav Mishra
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अकेलेपन से कहाँ तालमेल होता है
खिलाड़ी इश्क़ में दो हों तो खेल होता है

न लेना इश्क़ के पर्चे में सौ से कम नंबर
यहाँ निनानवे वाला भी फेल होता है
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Rehman Faris
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अपनी तबाहियों का मुझे कोई ग़म नहीं
तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी
Sahir Ludhianvi
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इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर
हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़
Sahir Ludhianvi
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नाला हूँ मैं बेदारी-ए-एहसास के हाथों
दुनिया मिरे अफ़्कार की दुनिया नहीं होती
Sahir Ludhianvi
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क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Shakeel Badayuni
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वो राही हूँ पलभर के लिए, जो ज़ुल्फ़ के साए में ठहरा,
अब ले के चल दूर कहीं, ऐ इश्क़ मेरे बेदाग मुझे ।
Raja Mehdi Ali Khan
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राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या
Meer Taqi Meer
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आग थे इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम
अब जो हैं ख़ाक इंतिहा है ये
Meer Taqi Meer
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होगा किसी दीवार के साए में पड़ा 'मीर'
क्या रब्त मोहब्बत से उस आराम-तलब को
Meer Taqi Meer
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तिरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
Allama Iqbal
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना
इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना

देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना
ये सारे खेल हैं, इन
में उदास मत होना
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Kumar Vishwas
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मुझे रोना नहीं आवाज़ भी भारी नहीं करनी
मोहब्बत की कहानी में अदाकारी नहीं करनी
Afzal Khan
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ये मोहब्बत की कहानी नहीं मरती लेकिन
लोग किरदार निभाते हुए मर जाते हैं
Abbas Tabish
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जो दिल रखते हैं सीने में वो काफ़िर हो नहीं सकते
मोहब्बत दीन होती है वफ़ा ईमान होती है
Arzoo Lakhnavi
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मोहब्बत नेक-ओ-बद को सोचने दे ग़ैर-मुमकिन है
बढ़ी जब बे-ख़ुदी फिर कौन डरता है गुनाहों से
Arzoo Lakhnavi
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तुम्हारे पास आते हैं तो साँसें भीग जाती हैं
मोहब्बत इतनी मिलती है कि आँखें भीग जाती हैं

तबस्सुम इत्र जैसा है हँसी बरसात जैसी है
वो जब भी बात करती है तो बातें भीग जाती हैं
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Aalok Shrivastav
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न आया ग़म भी मोहब्बत में साज़गार मुझे
वो ख़ुद तड़प गए देखा जो बे-क़रार मुझे
Asad Bhopali
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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही
जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही
Khumar Barabankvi
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मोहब्बत के इक़रार से शर्म कब तक
कभी सामना हो तो मजबूर कर दूँ
Akhtar Shirani
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जो बिस्मिल बना दे वो क़ातिल तबस्सुम
जो क़ातिल बना दे वो दिलकश नज़ारा

मोहब्बत का भी खेल नाज़ुक है कितना
नज़र मिल गई आप जीते मैं हारा
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Nushur Wahidi
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ज़िक्र जब होगा मोहब्बत में तबाही का कहीं
याद हम आएँगे दुनिया को हवालों की तरह
Sudarshan Fakir
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इश्क़ कहाँ अब पहले वाला होता है
इश्क़ से बढ़कर इश्क़ का चर्चा होता है
Shariq Kaifi
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तू ने जिस बात को इज़हार-ए-मुहब्बत समझा
बात करने को बस इक बात रखी थी हम ने
Ameer Imam
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ख़ुश भी हो लेते हैं तेरे बे-क़रार
ग़म ही ग़म हो इश्क़ में ऐसा नहीं
Firaq Gorakhpuri
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कहीं पड़े न मोहब्बत की मार होली में
अदास प्रेम करो दिल से प्यार होली में
Nazeer Banarasi
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तिरे एहसास में डूबा हुआ मैं
कभी सहरा कभी दरिया हुआ मैं
Siraj Faisal Khan
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कुछ इस अदास मोहब्बत-शनास होना है
ख़ुशी के बाब में मुझ को उदास होना है
Rahul Jha
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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली
शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया
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Balmohan Pandey
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हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है
इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है

ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी
इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
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Jaun Elia
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मेरी अक्ल-ओ-होश की सब हालतें
तुम ने साँचे में जुनूँ के ढाल दी

कर लिया था मैं ने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़
तुम ने फिर बाँहें गले में डाल दी
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Jaun Elia
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इश्क़ मेरी ज़बान से निकला
और मैं ख़ानदान से निकला
Siraj Faisal Khan
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बताऊँ क्या तुझे ऐ हम-नशीं किस से मोहब्बत है
मैं जिस दुनिया में रहता हूँ वो इस दुनिया की औरत है
Asrar Ul Haq Majaz
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बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़'
डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम
Asrar Ul Haq Majaz
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हुस्न को शर्मसार करना ही
इश्क़ का इंतिक़ाम होता है
Asrar Ul Haq Majaz
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सच तो ये है 'मजाज़' की दुनिया
हुस्न और इश्क़ के सिवा क्या है
Asrar Ul Haq Majaz
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कुछ न मैं समझा जुनून ओ इश्क़ में
देर नासेह मुझ को समझाता रहा
Meer Taqi Meer
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मोहब्बत करने वाले कम न होंगे
तिरी महफ़िल में लेकिन हम न होंगे
Hafeez Hoshiarpuri
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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है,
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है

इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई,
दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है
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Vishal Singh Tabish
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रात दिन तेरे साथ कटते थे
यार अब तुझ सेे बात से भी गए

ये मोहब्बत भी किन दिनों में हुई
दिल मिलाने थे हाथ से भी गए
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Kafeel Rana
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मोहब्बत कर मोहब्बत कर यही बस कह रहा है दिल
सुन अपने दिल की तू ये ग़ैर की आवाज़ थोड़ी है
Krishnakant Kabk
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ख़ुदा ने फ़न दिया हम को कि लड़के इश्क़ लिखेंगे
ख़ुदा कब जानता था हम, ग़ज़ल में दर्द भर देंगे
Prashant Sharma Daraz
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ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है
इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है
Ibrat Siddiqui
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तूफ़ान की उम्मीद थी आँधी नहीं आई
वो आप तो क्या उस की ख़बर भी नहीं आई

शायद वो मोहब्बत के लिए ठीक नहीं था
शायद ये अँगूठी उसे पूरी नहीं आई
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Khurram Afaq
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यार माँगा था मोहब्बत की दुआ माँगी थी
और इस दिल के हिफ़ाज़त की दुआ माँगी थी

अब तो कुछ उस का बिगाड़ा भी नहीं जा सकता
मैं ने ख़ुद उस के सलामत की दुआ माँगी थी
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Ritesh Rajwada
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तू मोहब्बत नहीं समझती है
हम भी अपनी अना में जलते हैं

इस दफा बंदिशें ज़ियादा हैं
छोड़ अगले जनम में मिलते हैं
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Ritesh Rajwada
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कभी ये भी नहीं पूछा है गर्दन पे निशाँ कैसा
हमें अंधी मोहब्बत थी हमें अंधा भरोसा था
Shayra kirti
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कितना दुश्वार है जज़्बों की तिजारत करना
एक ही शख़्स से दो बार मोहब्बत करना

जिस को तुम चाहो कोई और न चाहे उस को
इस को कहते हैं मोहब्बत में सियासत करना
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Liaqat Jafri
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इश्क़ तू ने बड़ा नुक़सान किया है मेरा
मैं तो उस शख़्स से नफ़रत भी नहीं कर सकता
Liaqat Jafri
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मेरी जानिब न बढ़ना अब मोहब्बत
मैं अब पहले से मुश्किल रास्ता हूँ
Liaqat Jafri
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं
बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं

ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो
मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
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Azhar Iqbal
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किस से जा कर माँगिये दर्द-ए-मोहब्बत की दवा
चारा-गर अब ख़ुद ही बेचारे नज़र आने लगे
Shakeel Badayuni
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग
इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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गर अदीबों को अना का रोग लग जाए तो फिर
गुल मोहब्बत के अदब की शाख़ पर खिलते नहीं
Afzal Ali Afzal
मैं शा'इर हूँ मोहब्बत का
मिरे दुख भी रसीले हैं
Farhat Abbas Shah
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यूँँ तो रुस्वाई ज़हर है लेकिन
इश्क़ में जान इसी से पड़ती है
Fahmi Badayuni
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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है
इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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चमचमाती कार में उस की बिदाई हो गई
पर यक़ीन आता नहीं है बेवफ़ाई हो गई

आख़री चोटी से गिरकर हम मरे हैं इश्क़ की
हम समझते थे हिमालय की चढ़ाई हो गई
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Tanoj Dadhich
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वफ़ा का ज़ोर अगर बाज़ुओं में आ जाए
चराग़ उड़ता हुआ जुगनुओं में आ जाए

खिराजे इश्क़, कहीं जा के तब अदा होगा
हमारा ख़ून अगर आँसुओं में आ जाए
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Hashim Raza Jalalpuri
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वो जिसे इक मिसाल बनना था
वो नमूना बना मोहब्बत में
Tanoj Dadhich
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इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा
लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है
हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं
Jaani Lakhnavi
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ज़माना इश्क़ के मारों को मात क्या देगा
दिलों के खेल में ये जीत हार कुछ भी नहीं
Akhtar Saeed Khan
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अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है
दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है
Jaani Lakhnavi
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ये भी इक रंग है शायद मिरी महरूमी का
कोई हँस दे तो मोहब्बत का गुमाँ होता है
Ghulam Mohammad Qasir
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ज़िन्दगी से ऐसे काटा सीन उस ने इश्क़ का
देखता है कोई जैसे फ़िल्म गाने काट कर
Ankit Maurya
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किसे है वक़्त मोहब्बत में दर-ब-दर भटके
मैं उस के शहर गया था किसी ज़रूरत से
Riyaz Tariq
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जब चाहें सो जाते थे हम, तुम सेे बातें कर के तब
उल्टी गिनती गिनने से भी नींद नहीं आती है अब

इश्क़ मुहब्बत पर ग़ालिब के शे'र सुनाए उस को जब
पहले थोड़ा शरमाई वो फिर बोली इस का मतलब?
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Tanoj Dadhich
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