Ehsaas Shayari - Dil ke jazbaat aur feelings ko bayan karti shayari

Ehsaas shayari beautifully expresses the subtle feelings of the heart that words often fail to capture. From love and longing to silence and connection, these verses reflect the depth of human emotions. If you want to share your inner feelings or connect with someone on a deeper level, ehsaas shayari is the perfect way to say it.

ehsaas shayari
साँस लेती हूँ तो यूँँ महसूस होता है मुझे
जैसे मेरे दिल की हर धड़कन में शामिल आप हैं
Jaan Nisar Akhtar
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jazbaat shayari
जैसे मेरी निगाह ने देखा न हो कभी
महसूस ये हुआ तुझे हर बार देख कर
Shad Azimabadi
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feeling shayari
लाई है किस मक़ाम पे ये ज़िंदगी मुझे
महसूस हो रही है ख़ुद अपनी कमी मुझे
Ali Ahmad Jalili
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मुझ को उस की नज़रे अपने चेहरे पर महसूस हुई
इस का मतलब उस ने मेरी तस्वीरों को देखा हैं
Vishal Bagh
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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
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नाला हूँ मैं बेदारी-ए-एहसास के हाथों
दुनिया मिरे अफ़्कार की दुनिया नहीं होती
Sahir Ludhianvi
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क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Shakeel Badayuni
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ऐ जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूँ हर चीज़ मुक़ाबिल आ जाए
मंज़िल के लिए दो गाम चलूँ और सामने मंज़िल आ जाए
Behzad Lakhnavi
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इसी लिए हमें एहसास-ए-जुर्म है शायद
अभी हमारी मोहब्बत नई नई है ना
Afzal Khan
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ओ दिल तोड़ के जाने वाले दिल की बात बताता जा
अब मैं दिल को क्या समझाऊँ मुझ को भी समझाता जा
Hafeez Jalandhari
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बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए- मन
बाक़ी सब जज़्बात का इज़हार कम कर दीजिए
Farhat Ehsaas
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जब ज़रा रात हुई और मह ओ अंजुम आए
बार-हा दिल ने ये महसूस किया तुम आए
Asad Bhopali
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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही
जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही
Khumar Barabankvi
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महसूस कर रहा था उसे अपने आस पास
अपना ख़याल ख़ुद ही बदलना पड़ा मुझे
Ameer Qazalbash
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ख़ुदा ऐसे एहसास का नाम है
रहे सामने और दिखाई न दे
Bashir Badr
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तिरे एहसास में डूबा हुआ मैं
कभी सहरा कभी दरिया हुआ मैं
Siraj Faisal Khan
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इस क़दर हम ख़ुश रखेंगे आप को ससुराल में
आप को महसूस होगा जी रहे ननिहाल में

दो गुलाबों की तरह है दो चमेली की तरह
फ़र्क़ बस इतना तुम्हारे होंठ में और गाल में
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Tanoj Dadhich
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जो तस्वीरें साथ में खींची जाती हैं
वो इक दिन तन्हा महसूस कराती हैं
Vikram Gaur Vairagi
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दर्द में शिद्दत-ए-एहसास नहीं थी पहले
ज़िंदगी राम का बन-बास नहीं थी पहले
Shakeel Azmi
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तेरे एहसास को ख़ुशबू बनाते
जो बस चलता तुझे उर्दू बनाते

यक़ीनन इस से तो बेहतर ही होती
वो इक दुनिया जो मैं और तू बनाते
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Saurabh Sharma 'sadaf'
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हमें हर वक़्त ये एहसास दामन-गीर रहता है
पड़े हैं ढेर सारे काम और मोहलत ज़रा सी है
Khurshid Talab
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रोज़ मिलने पे भी लगता था कि जुग बीत गए
इश्क़ में वक़्त का एहसास नहीं रहता है
Ahmad Mushtaq
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उसे महसूस भी होने न दूँगा
कि उस के प्यार में मैं मर चुका हूँ
Umesh Maurya
लम्स उस का इस क़दर महसूस होता है मुझे
हो कोई नाराज़ तितली फूल पर बैठी हुई

फ़िल्म में शायद बिछड़ने का कोई अब सीन है
और मेरे हाथ को वो थाम कर बैठी हुई
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Sunny Seher
यार इस
में तो मज़ा है ही नहीं
कोई भी हम सेे ख़फ़ा है ही नहीं
इश्क़ ही इश्क़ है महसूस करो
और कुछ इस के सिवा है ही नहीं
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Madhyam Saxena
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अपनी हालत का ख़ुद एहसास नहीं है मुझ को
मैं ने औरों से सुना है कि परेशान हूँ मैं
Aasi Uldani
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हैं लहू से कई गुना बढ़कर
वो जो एहसास के मरासिम हैं
Shadan Ahsan Marehrvi
अवल्ली इश्क़ के एहसास भी तारी रक्खे
और इस बीच नए काम भी जारी रक्खे

मैं ने दिल रख लिया है ये भी कोई कम तो नहीं
दूसरा ढूँढ़ लो जो बात तुम्हारी रक्खे
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Ashu Mishra
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तुम्हें इक मश्वरा दूँ सादगी से कह दो दिल की बात
बहुत तैयारियाँ करने में गाड़ी छूट जाती है
Zubair Ali Tabish
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उस की हर इक याद में लज़्ज़त होती है
पहली मोहब्बत पहली मोहब्बत होती है

तेरे साथ नहीं हैं तो एहसास हुआ
इक तस्वीर की कितनी क़ीमत होती है
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Aadil Rasheed
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कश्ती भी नहीं बदली दरिया भी नहीं बदला
और डूबने वालों का जज़्बा भी नहीं बदला
Ghulam Mohammad Qasir
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जिस को इस फ़स्ल में होना है बराबर का शरीक
मेरे एहसास में तन्हाइयाँ क्यूँँ बोता है
Ghulam Mohammad Qasir
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हम दोज़ख़-ए-एहसास में जलते ही रहेंगे
ये फ़िक्र का हासिल है बसीरत की सज़ा है
Syed Ahmad Shamim
इतना कम-ज़र्फ़ न बन उस के भी सीने में है दिल
उस का एहसास भी रख अपनी ही राहत पे न जा
Aitbar Sajid
तू कोई ग़म है तो दिल में जगह बना अपनी
तू इक सदा है तो एहसास की कमाँ से निकल
Rajinder Manchanda Bani
जंग पर जाते हुए बेटे की माँ से पूछो
कैसे जज़्बात के तूफ़ान सँभाले होंगे
Shifa Kajganvi
क्यूँ आज तुझे देख के महसूस हुआ है
देखा है किसी और ने आईना हमारा
Usama Zoraiz
गर दिखाना है तो ता-उम्र दिखा ये जज़्बा
एक दिन का ये तेरा इश्क़-ए-वतन ठीक नहीं
Nilesh Barai
ज़िंदा हुआ महसूस जीकर आज में देखा जभी
कल की अगर सोचूँ, नहीं महसूस हो ये नब्ज़ भी
Zain Aalamgir
बाद-ए-सबा जब ज़ुल्फ़ों को मेरी सहलाए
एहसास-ए-छुअन तेरा दिल को मेरे महकाए
Angel Pal
ज़ीस्त में जब भी कभी घबरा गया
आप की मौजूदगी महसूस की
Lokesh Singh
हाँ कड़वा होता है लेकिन हम को ये एहसास बहुत है
मिलता है प्रोटीन विटामिन घर वालों के ही ता'ने में
Aarush Sarkaar
जज़्बात हो रहे गुम पर कौन दे तवज्जोह
इंसान का जहाँ मरना आम सी ख़बर हो
Zain Aalamgir
कितने एहसास दफ़्न होते है रोज़ यहाँ
हमारे दिल को क़ब्रिस्तान क्यूँ नहीं कहते
Aryan Goswami
मर गए जज़्बात सबके ये बहर की जंग करते
शा'इरी की क़द्र छूटी, क्या बहर फिर, बे-बहर क्या
Zain Aalamgir
मेरे जज़्बात मेरे साथ होते हैं
मगर मैं फिर भी जज़्बाती नहीं होता
Saarthi Baidyanath
कि शायद मैं भी बच जाता मुहब्बत के ख़राबे से
मैं ने उस रोज़ दिल की बात गर मानी नहीं होती
karan singh rajput
वो शीरीनी मुझे महसूस होगी
वो जब भी ग़ैर को चूमा करेगी
Ashutosh Kumar "Baagi"
अकेले पन का ये एहसास कुछ ऐसे भुलाता हूँ
मैं उस के लिक्खे गीतों को हमेशा गुनगुनाता हूँ

मैं उस को फ़ोन करता हूँ वो मुझ को डाँट देती है
ये डर भी इस क़दर है सर से पा तक थरथराता हूँ
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Jay kishan
तेरी आँखों को देखा तो एहसास हुआ
ये आँखें भी तहज़ीब का हिस्सा होती हैं
Ramnath Shodharthi
महसूस कर रहा हूँ तेरा शुमार ख़ुद में
सो झाँकने लगा हूँ मैं बार-बार ख़ुद में

तेरी चमक से रौशन हर रहगुज़ार होगा
इतना तो मेरे जुगनू रख ऐतिबार ख़ुद में
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Karan Sahar
कमी महसूस होती है तो ख़ुदस बात करता हूँ
यूँँ अरसे से भरम रक्खा हुआ है ख़ैर-ख़्वाही का
Saurabh Mehta 'Alfaaz'
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यूँँ तेरी राह तकते तकते सुन
मेरी आँखों में पड़ गए जाले

अब के बारिश कहीं मेरी छत से
तेरा एहसास ही न धो डाले
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Firdous khan
फख्र महसूस ये होता है बताने में मुझे
इश्क़ ने बख़्शी है पहचान ज़माने में मुझे
Shajar Abbas
तुम्हारा फ़ोन ख़ुद काटूँ तो ये महसूस होता है
कि जैसे आख़िरी साँसों को गिनते ख़ुद-कुशी कर ली
Firdous khan
दूरी से मजबूरी है
मजबूरी से दूरी है

जान-ए-जाँ महसूस करो
मेरा प्यार ज़रूरी है
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Abuzar kamaal
ढलता सूरज हम को ये एहसास दिलाने आता है
हम कितने भी ऊपर जाएँ आख़िर डूब ही जाना है
Khalid Azad
जहाँ अहसास के पैरों में अक्सर ज़ख़्म आते हैं
उन्हीं राहों पे हम यारो टहल के शे'र कहते हैं
Altaf Iqbal
लफ़्ज़ों के इस्तिमाल में कच्चा हूँ इस लिए
समझो ये दिल की बात हमें तुम सेे प्यार है
Akash Rajpoot
तुम छोड़ गए तो मुझे एहसास हुआ ये
हाथों की पकड़ मेरी ही मज़बूत नहीं थी
Dipendra Singh 'Raaz'
उस को रोते देखा तो महसूस हुआ
झील उतर आई हो जैसे आँखों में
Dipendra Singh 'Raaz'
पेड़ गिरने पे ये हुआ महसूस
धूप कितनी है इस ज़माने में
Vijay Anand Mahir
रूदाद-ए-मुहब्बत गर जो लफ़्ज़ बयाँ कर दें
अहसास तुम्हें हो क्यूँँ मैं दफ़्न रिसालों में
Priya omar
उस ने ख़त इक रात लिखे थे आँसू से
दिल के सब जज़्बात लिखे थे आँसू से
Vedic Dwivedi
दिल टूटने का ग़म भी न महसूस कर सके
बेहिस बना दिया है ज़माने ने यूँँ हमें
रूपम कुमार 'मीत'
दिल के जज़्बात मेरे रौंद के जाने वाले
रब करे तेरे भी जज़्बात को रौंदे कोई
Shajar Abbas
एहसास नहीं होता लुटने का सनम हम को
जब आप की महफ़िल से हम लौट के आते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
चुप रहने से अच्छे खासे हो जाते हैं पागल
ख़ुश रहते हैं जो अपने जज़्बात बता देते हैं
Govind kumar
सभी महसूस करते है नहीं लड़की पिघलती है
यहाँ तो बात भी 'रौनक' कहाँ अच्छी निकलती है
Raunak Karn
यूँँ ही नहीं हम दिल के हर जज़्बात लिखते हैं
हर बात में जाँ डालकर हर बात लिखते हैं
"Nadeem khan' Kaavish"
नहीं मैं जानता जज़्बात क्या है
बताएँ वो मुझे की बात क्या है

हुआ है क्या जो मैं ये पूछता हूँ
बताओ तुम मिरी औकात क्या है
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Abhishek Bhadauria 'Abhi'
कहो तो कभी तुम कोई बात हम सेे
छिपाते ही रहते हो जज़्बात हम सेे
"Nadeem khan' Kaavish"
मानता हूँ मैं कि ये सच्चे तेरे जज़्बात हैं
ख़ैर फिर भी इतना ज़्यादा शुक्रिया अच्छा नहीं
Ambar
कुछ तो है जो ख़ास है, कुछ है जो इक एहसास है
कुछ हमारे दरमियाँ ख़ामोश से अल्फ़ाज़ हैं
Prit
उस के माथे पर होंट रखे तो एहसास हुआ मुझ को
पारस को छू कर पत्थर सोना कैसे बन जाता है
Jay kishan
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मुझ को महसूस करना होता है
आप जो देख कर समझते हैं
Tarique Jamal
न कोई रंग न कोई भी रूप था उस का
अजब एहसास हुआ था हमें बहुत पहले
shaan manral
शब-ए-हिज्राँ में गुज़री उम्र है सारी
नहीं मालूम मुझ को शहर ये क्या है

कि दिल की बात काग़ज़ पर सजाता हूँ
नहीं मालूम मुझ को बहर ये क्या है
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Prince
कभी हम ज़ाहिर-ए-जज़्बात करने को
मरे जाते थे उन सेे बात करने को
Sanjay shajar
कोई काटे च्यूँँटी तो हो मुझ को एहसास
कि मैं जी रहा हूँ या फिर मर चुका हूँ
Irshad Siddique "Shibu"
उसी के ख़्वाब भी अल्फ़ाज़ भी जज़्बात भी उस के
उसी को भूल जाऊँ मैं, नहीं खुदगर्ज़ भी इतना
Umesh Maurya
बहा के ले गया दरिया मेरे जज़्बात सारे ही
सो दिल बहलाने को अब चल तलाशें ग़म नया कोई
Kanchan
रिश्ता हमारे बीच में वैसा नहीं रहा
अब जान शान देने का जज़्बा नहीं रहा

अब एक दूसरे से अलग होना ठीक है
अब एक दूसरे पे भरोसा नहीं रहा
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shaan manral
ऐसा भी नहीं था दुनिया में जिस्मों की कमी महसूस हुई
मैं अब तक तन्हा क्यूँँ रहता गर जिस्म पे मरना ही होता
Ambar
मुझे अहसास है उन ग़लतियों का
मगर हो जाती हैं मजबूरियों में
Meem Alif Shaz
मेरी नज़र में उस ने जब उस नज़र से देखा
दिल में मेरे ये कैसे जज़्बात आ रहे हैं
Mohd Afsar
क्या क्या है मुझ को प्यार से शिकवा, सुनाऊँगा
इक दिन मैं दिल की बात उसे जा सुनाऊँगा
Hasan Raqim
मैं हूँ दुनिया में या नहीं सोहिल
यार महसूस ही नहीं होता
Sohil Barelvi
ज़ख़्म का है दर्द जो महसूस करना है तुझे ही
औरों को लगता यहीं है घाव तो भर ही रहा है
"Dharam" Barot
वालिद को खोने के बा'द हुआ एहसास मुझे
बिन सूरज के इस दिन की कोई औक़ात नहीं
Irshad Siddique "Shibu"
रोज़ मत सोया करो ऐ जाँ हमारे साथ में
फिर यूँँ आधी रात को कर देंगे कुछ जज़्बात में
Danish Balliavi
सिलसिला ये है कि अब वो भी ख़फ़ा रहने लगा
ख़्वाब रूठा मेरी आँखों से जुदा रहने लगा

मेरे एहसास की चाँदी की चमक मद्धम है
जब से आपे में मुहब्बत का ख़ुदा रहने लगा
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Moni Gopal Tapish
मैं तेरे क़ु्र्ब में इक रात गुज़ारूँ जो कभी
मुझ को महसूस ये होगा कि मैं जन्नत में हूँ
Sagheer Lucky
तेरा दिल मेरे दिल के पास कब होगा
मेरे हर दर्द का अहसास कब होगा
Danish Balliavi
जैसे ही होती है बरसात की आवाजाही
तेज़ हो जाती है जज़्बात की आवाजाही

पेड़ पौधों को ही बस दोष न देना यारों
होती है मुझ
में भी इक ज़ात की आवाजाही
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Aqib khan
तुम अपनी आँखों में धार लगाती क्यूँ हो
लोगों के जज़्बात का ख़ून बहाती क्यूँ हो
Meem Alif Shaz
उस बे-वफ़ा की याद मुझ को आती है हर रात में
मैं दर्द की हर दास्ताँ लिखता भी हूँ जज़्बात में
Danish Balliavi
आज महसूस हुआ मुझ को शजर दौलत से
जिस्म मिल जाते हैं पर दिल नहीं जीते जाते
Shajar Abbas
यही हसरत लिए फिरता हूँ अक्सर
कोई मेरे भी दिल की बात सुन ले
Sohil Barelvi
मैं जब भी झाँकता हूँ ख़ुद में तो एहसास होता है
कि अपने बाप की उम्मीद पानी कर रहा हूँ मैं
"Nadeem khan' Kaavish"
हवा ने जब से दरवाज़ा हिलाया है
हमें भी मौत का अहसास है यारों
Meem Alif Shaz
यूँँ तो हर लम्हा तेरी याद में बोझल गुज़रा
दिल को महसूस हुई तेरी कमी शाम के बा'द
Qasim Ansari
उस को भी मेरे पास में आना नहीं आता
मुझ को भी इशारों से बुलाना नहीं आता

सीने से लगाए तो मैं अहसास करा दूँ
लफ़्ज़ों से मुझे प्यार जताना नहीं आता
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Musarif Husain Mansoori
इतनी जल्दी तो दिल की बात नहीं होगी इस दोस्ती में
हूँ मैं इक ऐसा फूल कि जो खिलने में वक़्त लगाता है
Sumer Soni
जब प्राण पखेरू चल पड़ते हैं गगन की ओर
तब साँस नहीं रहती एहसास नहीं रहते
Sandeep dabral 'sendy'
शाइरों से मिल के देखो ज़िन्दगी क्या चीज़ है
फिर तुम्हें एहसास होगा शा'इरी क्या चीज़ है

सब निशानी ले के मुझ सेे उस ने बोला आख़िरी
मैं अभी तक सोच में हूँ आख़िरी क्या चीज़ है
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"Nadeem khan' Kaavish"
भला क्यूँ हम किसी के आस में बैठे
मेरे यारा अगर तू पास में बैठे

कोई आए कोई जाए नहीं मतलब
मगर बस तू मेरे एहसास में बैठे
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Murari Mandal
"बीते लम्हें"
जो थे हर लम्हे में सिर्फ़ मेरे

उन सेे अब साझा हम जज़्बात नहीं करते
जो कुछ वक़्त बात न होने पर नाराज़ हुआ करते थे

हाँ यार उन सेे अब हम बात नहीं करते
जिन की ज़ुल्फ़ों में थी हर छाँव मेरी

वो अब इस बेग़ैरत धूप में भी बरसात नहीं करते
जिन के लबों से हम इश्क़ पढ़ा करते थे

अब ग़म हो या ख़ुशी हम मुलाक़ात नहीं करते
याद आए मुझे उन के सात जन्मों के कुछ वादे

कमबख़्त इस जन्म में भी वादों के साथ नहीं चलते
जिन्होंने सिखाया था मुझे चलने का हुनर

वो अब गिर जाने पर भी आगे हाथ नहीं करते
हर्फ़-ए-इश्क़ सीखा हम ने जिन दिलो से

वो दिल भी अब दिल का काम नहीं करते
आँसू भी अब सूखे से आते है हुज़ूर

ये आँसू भी ठीक से ख़ैरात नहीं करते
Read Full
Hashim Khan