Ishq Shayari Collection - Dil se nikli mohabbat aur jazbaat bhari shayari

Ishq shayari captures the deepest emotions of love, passion, and connection. It reflects the beauty of mohabbat, where every word feels like a heartbeat and every line speaks directly to the soul. Whether it's intense longing or pure affection, these verses express love in its most poetic form.

ishq shayari
वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं
उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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mohabbat shayari
मोहब्बत में नहीं है फ़र्क़ जीने और मरने का
उसी को देख कर जीते हैं जिस काफ़िर पे दम निकले
Mirza Ghalib
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pyaar shayari
प्यार का पहला ख़त लिखने में वक़्त तो लगता है
नए परिंदों को उड़ने में वक़्त तो लगता है
Hastimal Hasti
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ulfat shayari
मैं जब सो जाऊँ इन आँखों पे अपने होंट रख देना
यक़ीं आ जाएगा पलकों तले भी दिल धड़कता है
Bashir Badr
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aashiqui shayari
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं
एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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dil shayari
जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर
हँस के कहने लगा और आप को आता क्या है
Akbar Allahabadi
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junoon shayari
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो
हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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chahat shayari
सर्दी और गर्मी के उज़्र नहीं चलते
मौसम देख के साहब इश्क़ नहीं होता
Moin Shadab
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ishq shayari
ज़ख़्म कहते हैं दिल का गहना है
दर्द दिल का लिबास होता है
Gulzar
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mohabbat shayari
वो भी क्या दिन थे कि जब इश्क़ किया करते थे
हम जिसे चाहते थे चूम लिया करते थे
Nasir Zaidi
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pyaar shayari
वा'दा करो कि हाथ छुड़ा कर न जाओगे
वा'दा करो कि सात जनम तक रहेगा इश्क़
Mukesh Jha
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अच्छी लड़की ज़िद नहीं करते
देखो इश्क़ बुरा होता है
Ali Zaryoun
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ये मोहब्बत है ये मर जाने से भी जाती नहीं
तू कोई क़ैदी नहीं है जो रिहा हो जाएगा
Ali Zaryoun
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दबे थे जो कहीं दिल में अचानक कल निकल आए
खुला जब एलबम तो कुछ पुराने पल निकल आए
Bhaskar Shukla
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रास्ता जब इश्क़ का मौजूद है
फिर किसी की क्यूँँ इबादत कीजिए?

ख़ुद-कुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिए
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Bhaskar Shukla
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जो हो इक बार वो हर बार हो ऐसा नहीं होता
हमेशा एक ही से प्यार हो ऐसा नहीं होता
Nida Fazli
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तू जो हर रोज़ नए हुस्न पे मर जाता है
तू बताएगा मुझे इश्क़ है क्या जाने दे
Ali Zaryoun
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा
वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा

मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ
मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
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Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो
तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो

ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा
ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
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Tehzeeb Hafi
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रंजिश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ
आ फिर से मुझे छोड़ के जाने के लिए आ
Ahmad Faraz
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आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
Ahmad Faraz
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दिल देख के रो देता है मज़दूर के बच्चे
जब फावड़ा चुन लेते हैं बस्ता नहीं चुनते
Bhaskar Shukla
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हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे
कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
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कब तुम्हें इश्क़ पे मजबूर किया है हम ने
हम तो बस याद दिलाते हैं चले जाते हैं
Abbas Tabish
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा
जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा

रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है
जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
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Tehzeeb Hafi
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हमारा दिल तो हमेशा से इक जगह पर है
तुम्हारा दर्द ही रस्ता भटक गया होगा
Zubair Ali Tabish
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मोहब्बत दो-क़दम पर थक गई थी
मगर ये हिज्र कितना चल रहा है
Zubair Ali Tabish
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कुछ इस लिए भी तेरी आरज़ू नहीं है मुझे
मैं चाहता हूँ मेरा इश्क़ जावेदानी हो
Vipul Kumar
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'असद' ये शर्त नहीं है कोई मुहब्बत में
कि जिस सेे प्यार करो उस की आरज़ू भी करो
Subhan Asad
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उन का जो फ़र्ज़ है वो अहल-ए-सियासत जानें
मेरा पैग़ाम मोहब्बत है जहाँ तक पहुँचे
Jigar Moradabadi
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इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल
इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया
Jigar Moradabadi
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सदाक़त हो तो दिल सीनों से खिंचने लगते हैं वाइज़
हक़ीक़त ख़ुद को मनवा लेती है मानी नहीं जाती
Jigar Moradabadi
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दिल को सुकून रूह को आराम आ गया
मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया
Jigar Moradabadi
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हम इश्क़ के मारों का इतना ही फ़साना है
रोने को नहीं कोई हँसने को ज़माना है
Jigar Moradabadi
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कूचा-ए-इश्क़ में निकल आया
जिस को ख़ाना-ख़राब होना था
Jigar Moradabadi
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दुश्मनी लाख सही ख़त्म न कीजे रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए
Nida Fazli
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वो जिस पर उस की रहमत हो वो दौलत माँगता है क्या
मोहब्बत करने वाला दिल मोहब्बत माँगते है क्या

तुम्हारा दिल कहे जब भी उजाला बन के आ जाना
कभी उगता हुआ सूरज इजाज़त माँगता है क्या
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Ankita Singh
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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मकीन-ए-दिल को ख़ानुमा-ख़राबियों से इश्क़ था
क़याम ढूँढ़ता रहा तुम्हारी छत के बा'द भी
Pallav Mishra
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लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं
इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं
Shakeel Jamali
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मसअला ख़त्म हुआ चाहता है
दिल बस अब ज़ख़्म नया चाहता है
Shakeel Jamali
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रहते थे कभी जिन के दिल में हम जान से भी प्यारों की तरह
बैठे हैं उन्हीं के कूचे में हम आज गुनहगारों की तरह
Majrooh Sultanpuri
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दिल की तमन्ना थी मस्ती में मंज़िल से भी दूर निकलते
अपना भी कोई साथी होता हम भी बहकते चलते चलते
Majrooh Sultanpuri
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बढ़ाई मय जो मोहब्बत से आज साक़ी ने
ये काँपे हाथ कि साग़र भी हम उठा न सके
Majrooh Sultanpuri
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इक शहंशाह ने दौलत का सहारा ले कर
हम ग़रीबों की मोहब्बत का उड़ाया है मज़ाक़
Sahir Ludhianvi
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दो घड़ी को पास आया था कोई
दिल पे बरसों हुक्मरानी कर गया
Subhan Asad
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वो पेड़ जिस की छाँव में कटी थी उम्र गाँव में
मैं चूम चूम थक गया मगर ये दिल भरा नहीं
Hammad Niyazi
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काम अब कोई न आएगा बस इक दिल के सिवा
रास्ते बंद हैं सब कूचा-ए-क़ातिल के सिवा
Ali Sardar Jafri
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तुम्हें जफ़ा से न यूँँ बाज़ आना चाहिए था
अभी कुछ और मिरा दिल दुखाना चाहिए था
Pirzada Qasim
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तिरे बग़ैर अजब बज़्म-ए-दिल का आलम है
चराग़ सैंकड़ों जलते हैं रौशनी कम है
Shakeel Badayuni
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पत्थर के ख़ुदा पत्थर के सनम पत्थर के ही इंसाँ पाए हैं
तुम शहर-ए-मोहब्बत कहते हो हम जान बचा कर आए हैं
Sudarshan Fakir
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वो राही हूँ पलभर के लिए, जो ज़ुल्फ़ के साए में ठहरा,
अब ले के चल दूर कहीं, ऐ इश्क़ मेरे बेदाग मुझे ।
Raja Mehdi Ali Khan
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आग थे इब्तिदा-ए-इश्क़ में हम
अब जो हैं ख़ाक इंतिहा है ये
Meer Taqi Meer
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होगा किसी दीवार के साए में पड़ा 'मीर'
क्या रब्त मोहब्बत से उस आराम-तलब को
Meer Taqi Meer
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सितारों से आगे जहाँ और भी हैं
अभी इश्क़ के इम्तिहाँ और भी हैं
Allama Iqbal
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तिरे इश्क़ की इंतिहा चाहता हूँ
मिरी सादगी देख क्या चाहता हूँ
Allama Iqbal
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यक़ीं मोहकम अमल पैहम मोहब्बत फ़ातेह-ए-आलम
जिहाद-ए-ज़िंदगानी में हैं ये मर्दों की शमशीरें
Allama Iqbal
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दीदा ओ दिल ने दर्द की अपने बात भी की तो किस से की
वो तो दर्द का बानी ठहरा वो क्या दर्द बटाएगा
Ibn E Insha
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ज़िंदगी पर भी कोई ज़ोर नहीं
दिल ने हर चीज़ पराई दी है
Gulzar
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खिड़की ने आँखें खोली
दरवाज़े का दिल धड़का
Adil Mansuri
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तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा कर के
दिल के बाज़ार में बैठे हैं ख़सारा कर के

आसमानों की तरफ़ फेंक दिया है मैं ने
चंद मिट्टी के चराग़ों को सितारा कर के
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Rahat Indori
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ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर
ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो
Shakeel Azmi
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चराग़ दिल का मुक़ाबिल हवा के रखते हैं
हर एक हाल में तेवर बला के रखते हैं
Hastimal Hasti
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किस मुँह से करें उन के तग़ाफ़ुल की शिकायत
ख़ुद हम को मोहब्बत का सबक़ याद नहीं है
Hafeez Banarasi
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तुझे मेरी मोहब्बत पे ऐतिबार हो जाना
मुमकिन नहीं है गधे का समझदार हो जाना
Bhavesh kumar
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तुम को आता है प्यार पर ग़ुस्सा
मुझ को ग़ुस्से पे प्यार आता है
Ameer Minai
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दिल की चोटों ने कभी चैन से रहने न दिया
जब चली सर्द हवा मैं ने तुझे याद किया
Josh Malihabadi
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दिल में जो मोहब्बत की रौशनी नहीं होती
इतनी ख़ूब-सूरत ये ज़िंदगी नहीं होती
Hastimal Hasti
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इक बे-क़रार दिल से मुलाक़ात कीजिए
जब मिल गए हैं आप तो कुछ बात कीजिए
Naushad Ali
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मेरे घर के तमाम दरवाज़े
तुम से करते हैं प्यार आ जाओ
Anwar Shaoor
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मोहब्बत को छुपाए लाख कोई छुप नहीं सकती
ये वो अफ़्साना है जो बे-कहे मशहूर होता है
Lala Madhav Ram Jauhar
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इश्क़ माशूक़ इश्क़ आशिक़ है
या'नी अपना ही मुब्तला है इश्क़
Meer Taqi Meer
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रात यूँँ दिल में तिरी खोई हुई याद आई
जैसे वीराने में चुपके से बहार आ जाए
Faiz Ahmad Faiz
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आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या
क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या
Akhtar Shirani
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ख़ुश भी हो लेते हैं तेरे बे-क़रार
ग़म ही ग़म हो इश्क़ में ऐसा नहीं
Firaq Gorakhpuri
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बाज़ार गली और कूचों में ग़ुल-शोर मचाया होली ने
दिल शाद किया और मोह लिया ये जौबन पाया होली ने
Nazeer Akbarabadi
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ख़्वाहिश है इन गुलों को दवामी बहार दूँ
जितने किए हैं इश्क़ सुख़न में उतार दूँ
Bhaskar Shukla
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हमारा इश्क़ इबादत का अगला दर्जा है
ख़ुदा ने छोड़ दिया तो तुम्हारा नाम लिया

ग़मों से बैर था सो हम ने ख़ुद-कुशी कर ली
शजर ने गिर के परिंदों से इन्तेक़ाम लिया
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Balmohan Pandey
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हुस्न बला का क़ातिल हो पर आख़िर को बेचारा है
इश्क़ तो वो क़ातिल जिस ने अपनों को भी मारा है

ये धोखे देता आया है दिल को भी दुनिया को भी
इस के छल ने खार किया है सहरा में लैला को भी
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Jaun Elia
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इश्क़ को पूछता नहीं कोई
हुस्न का एहतिराम होता है
Asrar Ul Haq Majaz
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इक महक सिम्त ए दिल से आई थी
मैं ये समझा तेरी सवारी है
Jaun Elia
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दीदनी है शिकस्तगी दिल की
क्या इमारत ग़मों ने ढायी है!
Meer Taqi Meer
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भरा है मेरे दिल को ज़ख़्मों से उस ने
वो जिस की मुझे माँग भरनी थी यारों
Tanoj Dadhich
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नई दुनिया बनाऊँगा मगर मैं अपनी दुनिया का
ख़ुदा भी इश्क़ में खोया हुआ लड़का बनाऊँगा
Satya Prakash Soni
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मोहब्बत कर मोहब्बत कर यही बस कह रहा है दिल
सुन अपने दिल की तू ये ग़ैर की आवाज़ थोड़ी है
Krishnakant Kabk
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ख़ुदा ने फ़न दिया हम को कि लड़के इश्क़ लिखेंगे
ख़ुदा कब जानता था हम, ग़ज़ल में दर्द भर देंगे
Prashant Sharma Daraz
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ख़ुद-कुशी जुर्म भी है सब्र की तौहीन भी है
इस लिए इश्क़ में मर मर के जिया जाता है
Ibrat Siddiqui
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केवल उस का हाथ मेरी बर्बादी में
और तो कोई ऐब नहीं शहज़ादी में

प्यार बहुत करता था उस सेे मैं लेकिन
प्यार नहीं देखा जाता है शादी में
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Tanoj Dadhich
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नब्ज़ पर हाथ रख के वो बोला
आप को प्यार की ज़रूरत है
Aadil Raza Mansoori
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं
बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं

ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो
मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
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Azhar Iqbal
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इश्क़ भी अपनी ही शर्तों पे किया है मैं ने
ख़ुद को बेचा नहीं बाज़ार में सस्ता कर के

उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे
आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा कर के
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Khan Janbaz
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मैं शा'इर हूँ मोहब्बत का
मिरे दुख भी रसीले हैं
Farhat Abbas Shah
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दुश्मनों से प्यार होता जाएगा
दोस्तों को आज़माते जाइए
Khumar Barabankvi
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वफ़ा का ज़ोर अगर बाज़ुओं में आ जाए
चराग़ उड़ता हुआ जुगनुओं में आ जाए

खिराजे इश्क़, कहीं जा के तब अदा होगा
हमारा ख़ून अगर आँसुओं में आ जाए
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Hashim Raza Jalalpuri
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इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा
लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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ज़िंदगी भर के लिए दिल पे निशानी पड़ जाए
बात ऐसी न लिखो, लिख के मिटानी पड़ जाए
Aadil Rasheed
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कान्हा होंगे लोग वहाँ के राधा होंगी बालाएँ
प्यार की बंसी बजती होगी हर समय हर ठाओं रे
Ghaus Siwani
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मोहब्बत से हमें इनकार कब है
मगर वो सैलरी भी पूछते हैं
Gagan Bajad 'Aafat'
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ये भी इक रंग है शायद मिरी महरूमी का
कोई हँस दे तो मोहब्बत का गुमाँ होता है
Ghulam Mohammad Qasir
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किसे है वक़्त मोहब्बत में दर-ब-दर भटके
मैं उस के शहर गया था किसी ज़रूरत से
Riyaz Tariq
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उसे अभी भी मेरे दिल के हाल का नहीं पता
तो या'नी उस को अपने घर का रास्ता नहीं पता

ये तेरी भूल है ऐ मेरे ख़ुश-ख़याल के मुझे
पराई औरतों से तेरा राब्ता नहीं पता
Read Full
Ruqayyah Maalik
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जानती हो कि क्या हुआ है तुम्हें
इश्क़ का रोग लग गया है तुम्हें

तुम को देखें तो देखते जाएँ
देखने का अलग मज़ा है तुम्हें
Read Full
Pravin Rai
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प्यार की रात हो छत पर हो तेरा साथ तो फिर
चाँद को बीच में डाला नहीं जाता मुझ सेे
Waseem Barelvi
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जैसे तू हुक्म करे दिल मिरा वैसे धड़के
ये घड़ी तेरे इशारों से मिला रक्खी है
Anwar Masood
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मुझ को ख़्वाहिश है उसी शान की दिवाली की
लक्ष्मी देश में उल्फ़त की शब-ओ-रोज़ रहे

देश को प्यार से मेहनत से सँवारें मिल कर
अहल-ए-भारत के दिलों में ये 'कँवल' सोज़ रहे
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Kanval Dibaivi
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उरूज पर है अज़ीज़ो फ़साद का सूरज
जभी तो सूखती जाती हैं प्यार की झीलें
Nami Nadri
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देख कैसे धुल गए है गिर्या-ओ-ज़ारी के बा'द
आसमाँ बारिश के बा'द और मैं अज़ादारी के बा'द

इस सेे बढ़ कर तो तुझे कोई हुनर आता नहीं
सोचता हूँ क्या करेगा दिल आज़ारी के बा'द
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Abbas Tabish
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धड़क उठता है दिल मेरा तेरे बस इतना कहने से
सुनो कल फोन कर लेना मुझे कुछ बात करनी है
Shadab Asghar
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