Ulfat Shayari Collection - Pure love, affection, and heartfelt emotions expressed in shayari

Ulfat shayari beautifully captures the essence of deep love and emotional connection. It reflects those soft feelings of mohabbat, where the heart speaks without hesitation. Whether it's silent affection or expressive romance, ulfat shayari brings warmth, closeness, and heartfelt emotions into words.

ulfat shayari
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे
कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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mohabbat shayari
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को
मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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ishq shayari
आज तो दिल के दर्द पर हँस कर
दर्द का दिल दुखा दिया मैं ने
Zubair Ali Tabish
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pyaar shayari
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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chahat shayari
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है
इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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dil shayari
झुकी झुकी सी नज़र बे-क़रार है कि नहीं
दबा दबा सा सही दिल में प्यार है कि नहीं
Kaifi Azmi
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mehboob shayari
तुम पूछो और मैं न बताऊँ ऐसे तो हालात नहीं
एक ज़रा सा दिल टूटा है और तो कोई बात नहीं
Qateel Shifai
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jazbaat shayari
वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है
ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
Deepti Mishra
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ulfat shayari
क्या कहूँ तुम से मैं कि क्या है इश्क़
जान का रोग है बला है इश्क़
Meer Taqi Meer
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mohabbat shayari
मौत वो है जो आए सजदे में
ज़िन्दगी वो जो बंदगी हो जाए

क्या कहूँ आप कितने प्यारे हैं
इतने प्यारे कि प्यार ही हो जाए
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Vikram Gaur Vairagi
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ishq shayari
तिरी तस्वीर तो वा'दे के दिन खिंचने के क़ाबिल है
कि शरमाई हुई आँखें हैं घबराया हुआ दिल है
Nazeer Allahabadi
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pyaar shayari
गले मुझ को लगा लो ऐ मेरे दिलदार होली में
बुझे दिल की लगी भी तो ऐ मेरे यार होली में

गुलाबी गाल पर कुछ रंग मुझ को भी जमाने दो
मनाने दो मुझे भी जान-ए-मन त्यौहार होली में
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Bhartendu Harishchandra
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chahat shayari
इश्क़ की इक रंगीन सदा पर बरसे रंग
रंग हो मजनूँ और लैला पर बरसे रंग
Swapnil Tiwari
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dil shayari
इक अरसे बा'द वो मिला इस बार होली में
उस ने गले लगा के दिया प्यार होली में
Harsh saxena
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मकाँ तो है नहीं जो खींच दें दीवार इस दिल में
कोई दूजा नहीं रह पाएगा अब यार इस दिल में

जहाँ भर में लुटाते फिर रहे है कम नहीं होता
तुम्हारे वास्ते इतना रखा था प्यार इस दिल में
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Bhaskar Shukla
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रास्ता जब इश्क़ का मौजूद है
फिर किसी की क्यूँँ इबादत कीजिए?

ख़ुद-कुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिए
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Bhaskar Shukla
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हाए वो इश्क़ छुपाने के ज़माने 'मोहन'
याद आता है ग़लत नाम से नंबर रखना
Balmohan Pandey
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हाल-ए-दिल सब सेे छुपाने में मज़ा आता है
आप पूछें तो बताने में मज़ा आता है
Nawaz Deobandi
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"जो तू नहीं थी तो और भी थे, जो तू ना होगी तो और होंगे"
किसी के दिल को जला के कहते हो, "मेरी जाँ! ये मुहावरा है"
Fareeha Naqvi
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दिल ऐसा कि सीधे किए जूते भी बड़ों के
ज़िद इतनी कि ख़ुद ताज उठा कर नहीं पहना
Munawwar Rana
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इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा
इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए
Faiz Ahmad Faiz
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कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी
Faiz Ahmad Faiz
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अब मैं क्या अपनी मोहब्बत का भरम भी न रखूँ
मान लेता हूँ कि उस शख़्स में था कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा
वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा

मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ
मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
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Tehzeeb Hafi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो
तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो

ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा
ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
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Tehzeeb Hafi
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आँख से दूर न हो दिल से उतर जाएगा
वक़्त का क्या है गुज़रता है गुज़र जाएगा
Ahmad Faraz
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ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता
किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से
Farhat Ehsaas
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हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं
मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
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घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा
जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा

रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है
जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
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Tehzeeb Hafi
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मैं क़िस्सा मुख़्तसर कर के, ज़रा नीची नज़र कर के
ये कहता हूँ अभी तुम से, मोहब्बत हो गई तुम से
Zubair Ali Tabish
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'जौन' दुनिया की चाकरी कर के
तू ने दिल की वो नौकरी क्या की
Jaun Elia
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क्या कहा इश्क़ जावेदानी है!
आख़िरी बार मिल रही हो क्या
Jaun Elia
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तेरा प्यार मेरी ज़िंदगी में
बहार ले कर आया है

तेरे आने से पहले हर दिन
पतझड़ हुआ करता था
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Vipul Kumar
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दिल भी अजीब ख़ाना-ए-वहदत-पसन्द था
इस घर में या तो तू रहा या बे-दिली रही

उस ने तो यूँँ ही पेड़ बनाया था रेत पर
मिट्टी वहाँ हज़ार बरस तक हरी रही
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Vipul Kumar
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ये इश्क़ नहीं आसाँ इतना ही समझ लीजे
इक आग का दरिया है और डूब के जाना है
Jigar Moradabadi
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दिल गया रौनक़-ए-हयात गई
ग़म गया सारी काएनात गई
Jigar Moradabadi
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हम लबों से कह न पाए उन से हाल-ए-दिल कभी
और वो समझे नहीं ये ख़ामुशी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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कोई मेरे दिल से पूछे तिरे तीर-ए-नीम-कश को
ये ख़लिश कहाँ से होती जो जिगर के पार होता
Mirza Ghalib
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दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त दर्द से भर न आए क्यूँँ
रोएँगे हम हज़ार बार कोई हमें सताए क्यूँँ
Mirza Ghalib
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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ये जिस्म तंग है सीने में भी लहू कम है
दिल अब वो फूल है जिस में कि रंग-ओ-बू कम है
Pallav Mishra
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अगर हमारे ही दिल में ठिकाना चाहिए था
तो फिर तुझे ज़रा पहले बताना चाहिए था
Shakeel Jamali
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मसअला ख़त्म हुआ चाहता है
दिल बस अब ज़ख़्म नया चाहता है
Shakeel Jamali
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दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तिरी याद थी अब याद आया
Nasir Kazmi
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इश्क़ हो जाए किसी से कोई चारा तो नहीं
सिर्फ़ मुस्लिम का मोहम्मद पे इजारा तो नहीं
Kunwar Mohinder Singh Bedi Sahar
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दिल की तमन्ना थी मस्ती में मंज़िल से भी दूर निकलते
अपना भी कोई साथी होता हम भी बहकते चलते चलते
Majrooh Sultanpuri
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मोहब्बत के घरों के कच्चे-पन को ये कहाँ समझें
इन आँखों को तो बस आता है बरसातें बड़ी करना
Waseem Barelvi
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आप की सादा-दिली से तंग आ जाता हूँ मैं
मेरे दिल में रह चुके हैं इस क़दर हुश्यार लोग
Nomaan Shauque
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ये भी ए'जाज़ मुझे इश्क़ ने बख़्शा था कभी
उस की आवाज़ से मैं दीप जला सकता था
Ahmad Khayal
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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
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वो पेड़ जिस की छाँव में कटी थी उम्र गाँव में
मैं चूम चूम थक गया मगर ये दिल भरा नहीं
Hammad Niyazi
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ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम
पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम
Momin Khan Momin
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वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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राह-ए-दूर-ए-इश्क़ में रोता है क्या
आगे आगे देखिए होता है क्या
Meer Taqi Meer
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मिरे सलीक़े से मेरी निभी मोहब्बत में
तमाम उम्र मैं नाकामियों से काम लिया
Meer Taqi Meer
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दीदा ओ दिल ने दर्द की अपने बात भी की तो किस से की
वो तो दर्द का बानी ठहरा वो क्या दर्द बटाएगा
Ibn E Insha
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वहशत-ए-दिल के ख़रीदार भी नापैद हुए
कौन अब इश्क़ के बाज़ार में खोलेगा दुकाँ
Ibn E Insha
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मोहब्बत की तो कोई हद, कोई सरहद नहीं होती
हमारे दरमियाँ ये फ़ासले, कैसे निकल आए
Khalid Moin
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यही तो एक तमन्ना है इस मुसाफ़िर की
जो तुम नहीं तो सफ़र में तुम्हारा प्यार चले
Aalok Shrivastav
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इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में
वीरानी होती है तो हैरानी होती है
Afzal Khan
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दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में
Gulzar
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ये यक़ीं है की मेरी उल्फ़त का
होगा उन पर असर कभी न कभी
Anwar Taban
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दिल की ज़िद इस लिए रख ली थी कि आ जाए क़रार
कल ये कुछ और कहेगा मुझे मालूम न था
Arzoo Lakhnavi
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दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया
Arzoo Lakhnavi
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किस काम की ऐसी सच्चाई जो तोड़ दे उम्मीदें दिल की
थोड़ी सी तसल्ली हो तो गई माना कि वो बोल के झूट गया
Arzoo Lakhnavi
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दीवार है दुनिया इसे राहों से हटा दे
हर रस्म-ए-मोहब्बत को मिटाने के लिए आ
Hasrat Jaipuri
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ये मज़ा था दिल-लगी का कि बराबर आग लगती
न तुझे क़रार होता न मुझे क़रार होता
Dagh Dehlvi
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जो बिस्मिल बना दे वो क़ातिल तबस्सुम
जो क़ातिल बना दे वो दिलकश नज़ारा

मोहब्बत का भी खेल नाज़ुक है कितना
नज़र मिल गई आप जीते मैं हारा
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Nushur Wahidi
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ज़िक्र जब होगा मोहब्बत में तबाही का कहीं
याद हम आएँगे दुनिया को हवालों की तरह
Sudarshan Fakir
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मोहब्बत को छुपाए लाख कोई छुप नहीं सकती
ये वो अफ़्साना है जो बे-कहे मशहूर होता है
Lala Madhav Ram Jauhar
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'नबील' इस इश्क़ में तुम जीत भी जाओ तो क्या होगा
ये ऐसी जीत है पहलू में जिस के हार चलती है
Aziz Nabeel
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जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा
रात इस डर में गुजारी हम ने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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जिस्म आया किसी के हिस्से में
दिल किसी और की अमानत है
Shariq Kaifi
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अब तो मिलिए बस लड़ाई हो चुकी
अब तो चलिए प्यार की बातें करें
Akhtar Shirani
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तुझे करनी है तो मुसावात कर
कि बेहतर हमारे भी हालात कर

मिटा दिल में बनते ये सहराओं को
ख़ुदा अपने बंदों पे बरसात कर
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Siddharth Saaz
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तू ने जिस बात को इज़हार-ए-मुहब्बत समझा
बात करने को बस इक बात रखी थी हम ने
Ameer Imam
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उस से मिले ज़माना हुआ लेकिन आज भी
दिल से दुआ निकलती है ख़ुश हो जहाँ भी हो
Mohammad Alvi
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सात टुकड़े हुए मेरे दिल के
एक हफ़्ता लगा सँभलने में
Tanoj Dadhich
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मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे
पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं
Siddharth Saaz
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मैं जाता हूँ दिल को तिरे पास छोड़े
मिरी याद तुझ को दिलाता रहेगा
Khwaja Meer Dard
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दौलत शोहरत बीवी बच्चे अच्छा घर और अच्छे दोस्त
कुछ तो है जो इन के बा'द भी हासिल करना बाक़ी है

कभी-कभी तो दिल करता है चलती रेल से कूद पड़ूॅं
फिर कहता हूँ पागल अब तो थोड़ा रस्ता बाक़ी है
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Zia Mazkoor
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हमें दीदार से मरहूम रख कर है नज़र दिल पर
पराया माल ताको और दौलत अपनी रहने दो
Dagh Dehlvi
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नहीं ये फ़िक्र कोई रहबर-ए-कामिल नहीं मिलता
कोई दुनिया में मानूस-ए-मिज़ाज-ए-दिल नहीं मिलता
Asrar Ul Haq Majaz
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इश्क़ को पूछता नहीं कोई
हुस्न का एहतिराम होता है
Asrar Ul Haq Majaz
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सदा दी तू ने क्या जाने कहाँ से
मगर मैं जानिब-ए-दिल देखता हूँ
Asrar Ul Haq Majaz
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इक महक सिम्त ए दिल से आई थी
मैं ये समझा तेरी सवारी है
Jaun Elia
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ये मोहब्बत भी किन दिनों में हुई
दिल मिलाने थे हाथ से भी गए
Kafeel Rana
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ये ठीक है कि तुम सेे मोहब्बत नहीं मुझे
ये भी है ठीक तुम को मगर चाहती हूँ मैं
Sabeen Saif
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याराँ वो जो है मेरा मसीहा-ए-जान-ओ-दिल
बे-हद अज़ीज़ है मुझे अच्छा किए बग़ैर

मैं बिस्तर-ए-ख़याल पे लेटा हूँ उस के पास
सुब्ह-ए-अज़ल से कोई तक़ाज़ा किए बग़ैर
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Jaun Elia
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भरा है मेरे दिल को ज़ख़्मों से उस ने
वो जिस की मुझे माँग भरनी थी यारों
Tanoj Dadhich
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इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं,
सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं!

जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना,
सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं
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Balmohan Pandey
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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए
इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए

कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें
और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए
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Nadeem Shaad
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तेरे वादे से प्यार है लेकिन
अपनी उम्मीद से नफ़रत है

पहली ग़लती तो इश्क़ करना थी
शा'इरी दूसरी हिमाक़त है
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Mehshar Afridi
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ये है पहली बात तुझ सेे इश्क़ है
दूसरी ये बात, पहली बात सुन
Siddharth Saaz
रोज़ रोएँगे दिल जलाएँगे
एक दिन थक के बैठ जाएँगे

कौन हम को गले लगाता है
हम किसे दास्ताँ सुनाएँगे
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Ritesh Rajwada
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तू मोहब्बत नहीं समझती है
हम भी अपनी अना में जलते हैं

इस दफा बंदिशें ज़ियादा हैं
छोड़ अगले जनम में मिलते हैं
Read Full
Ritesh Rajwada
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नब्ज़ पर हाथ रख के वो बोला
आप को प्यार की ज़रूरत है
Aadil Raza Mansoori
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किसी के इश्क़ में बर्बाद होना
हमें आया नहीं फ़रहाद होना
Manish Shukla
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गर अदीबों को अना का रोग लग जाए तो फिर
गुल मोहब्बत के अदब की शाख़ पर खिलते नहीं
Afzal Ali Afzal
मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है
इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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देखिए होगा श्री-कृष्ण का दर्शन क्यूँँ-कर
सीना-ए-तंग में दिल गोपियों का है बेकल
Mohsin Kakorvi
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यही अंजाम अक्सर हम ने देखा है मोहब्बत का
कहीं राधा तरसती है कहीं कान्हा तरसता है
Virendra Khare Akela
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ये फ़न्न-ए-इश्क़ है आवे उसे तीनत में जिस की हो
तू ज़ाहिद पीर-ए-नाबालिग़ है बे-तह तुझ को क्या आवे
Meer Taqi Meer
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ये प्यार तेरी भूल है क़ुबूल है
मैं संग हूँ तू फूल है क़ुबूल है

तू रूठेगी तो मैं मनाऊँगा नहीं
जो रूल है वो रूल है क़ुबूल है
Read Full
Varun Anand
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उल्टी हो गईं सब तदबीरें कुछ न दवा ने काम किया
देखा इस बीमारी-ए-दिल ने आख़िर काम तमाम किया
Meer Taqi Meer
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किसे है वक़्त मोहब्बत में दर-ब-दर भटके
मैं उस के शहर गया था किसी ज़रूरत से
Riyaz Tariq
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मुश्किल है समझाना इस को
दिल के पास दिमाग़ नहीं है
Bhaskar Shukla
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