Mohabbat Shayari Collection - Dil ki gehraiyon se nikli pyaar bhari shayari

Mohabbat shayari beautifully captures the essence of love, emotions, and deep connection between two hearts. Whether it's the softness of pyaar or the intensity of ishq, these verses express feelings that words often fail to convey. Perfect for sharing your emotions, expressing love, or simply enjoying heartfelt poetry.

mohabbat shayari
मैं चाहता हूँ मोहब्बत मेरा वो हाल करे
कि ख़्वाब में भी दोबारा कभी मजाल न हो
Jawwad Sheikh
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pyaar shayari
मसअला ये नहीं कि इश्क़ हुआ है हम को
मसअला ये है कि इज़हार किया जाना है
Rajesh Reddy
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ishq shayari
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
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ulfat shayari
करूँँगा क्या जो मोहब्बत में हो गया नाकाम
मुझे तो और कोई काम भी नहीं आता
Ghulam Mohammad Qasir
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prem shayari
मेरी तन्हाई देखेंगे तो हैरत ही करेंगे लोग
मोहब्बत छोड़ देंगे या मोहब्बत ही करेंगे लोग
Ismail Raaz
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chahat shayari
इक नज़ाकत से मुझे उस ने पागल बोला
जब मैं ने चूम लिया प्यार से उस के लब को
Parwez Akhtar
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dil shayari
इश्क़ हमारा चाँद सितारे छू लेगा
घुटनों पर आ कर इज़हार किया हम ने
Darpan
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aashiqui shayari
प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी
या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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mohabbat shayari
न पूछो हुस्न की ता'रीफ़ हम से
मोहब्बत जिस से हो बस वो हसीं है
Adil Farooqui
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pyaar shayari
जो कहा मैं ने कि प्यार आता है मुझ को तुम पर
हँस के कहने लगा और आप को आता क्या है
Akbar Allahabadi
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ishq shayari
वो नहीं मेरा मगर उस से मोहब्बत है तो है
ये अगर रस्मों रिवाजों से बग़ावत है तो है
Deepti Mishra
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ulfat shayari
हम तो कुछ देर हँस भी लेते हैं
दिल हमेशा उदास रहता है
Bashir Badr
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prem shayari
तुम मोहब्बत को खेल कहते हो
हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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chahat shayari
ज़ख़्म कहते हैं दिल का गहना है
दर्द दिल का लिबास होता है
Gulzar
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dil shayari
जब यार ने उठा कर ज़ुल्फ़ों के बाल बाँधे
तब मैं ने अपने दिल में लाखों ख़याल बाँधे
Mohammad Rafi Sauda
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aashiqui shayari
दिल का गुलाब मैं ने जिसे चूम कर दिया
उस ने मुझे बहार से महरूम कर दिया
Anjum Barabankvi
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mohabbat shayari
इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था 'शेफ़्ता'
ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया
Mustafa Khan Shefta
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pyaar shayari
माइल न करते क़ीमती तोहफ़े मुझे
दिल जीतना है जो मेरा तो ला गुलाब
Ghazala Tabassum
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई
लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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मैं तेरे साथ सितारों से गुज़र सकता हूँ
कितना आसान मोहब्बत का सफ़र लगता है
Bashir Badr
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अपनी यादों से कहो इक दिन की छुट्टी दे मुझे
इश्क़ के हिस्से में भी इतवार होना चाहिए
Munawwar Rana
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दबे थे जो कहीं दिल में अचानक कल निकल आए
खुला जब एलबम तो कुछ पुराने पल निकल आए
Bhaskar Shukla
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छोड़ो दुनिया की परवाहें, करो मोहब्बत
मुश्किल हों कितनी भी राहें, करो मोहब्बत

सुन कर देखो सारे मंदिर यही कहेंगे
यही कहेंगी सब दरगाहें, करो मोहब्बत
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Bhaskar Shukla
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रास्ता जब इश्क़ का मौजूद है
फिर किसी की क्यूँँ इबादत कीजिए?

ख़ुद-कुशी करना बहुत आसान है
कुछ बड़ा करने की हिम्मत कीजिए
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Bhaskar Shukla
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
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Umair Najmi
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किसी के साए को क़ैद करने का एक तरीक़ा बता रहा हूँ
एक उस के आगे चराग़ रख दे, एक उस के पीछे चराग़ रख दे

मैं दिल की बातों में आ गया और उठा के ले आया उस की पायल
दिमाग़ देता रहा सदाएँ, चराग़ रख दे, चराग़ रख दे
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Charagh Sharma
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था
ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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इक गुल के मुरझाने पर क्या गुलशन में कोहराम मचा
इक चेहरा कुम्हला जाने से कितने दिल नाशाद हुए
Faiz Ahmad Faiz
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अब जो कोई पूछे भी तो उस से क्या शरह-ए-हालात करें
दिल ठहरे तो दर्द सुनाएँ दर्द थमें तो बात करें
Faiz Ahmad Faiz
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कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी
Faiz Ahmad Faiz
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अब मैं क्या अपनी मोहब्बत का भरम भी न रखूँ
मान लेता हूँ कि उस शख़्स में था कुछ भी नहीं
Jawwad Sheikh
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उन की सोहबत में गए सँभले दोबारा टूटे
हम किसी शख़्स को दे दे के सहारा टूटे

ये अजब रस्म है बिल्कुल न समझ आई हमें
प्यार भी हम ही करें दिल भी हमारा टूटे
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Vikram Gaur Vairagi
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सब परिंदों से प्यार लूँगा मैं
पेड़ का रूप धार लूँगा मैं

तू निशाने पे आ भी जाए अगर
कौन सा तीर मार लूँगा मैं
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Tehzeeb Hafi
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मैं क्या करूँँ मेरे क़ातिल न चाहने पर भी
तेरे लिए मेरे दिल से दुआ निकलती है
Ahmad Faraz
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तू मोहब्बत से कोई चाल तो चल
हार जाने का हौसला है मुझे
Ahmad Faraz
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माना के मोहब्बत का छुपाना है मोहब्बत
चुपके से किसी रोज़ जताने के लिए आ
Ahmad Faraz
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बोतलें खोल कर तो पी बरसों
आज दिल खोल कर भी पी जाए
Rahat Indori
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मुझे पहले पहल लगता था ज़ाती मसअला है
मैं फिर समझा मोहब्बत क़ायनाती मसअला है

परिंदे क़ैद हैं तुम चहचहाहट चाहते हो
तुम्हें तो अच्छा ख़ासा नफ़सियाती मसअला है
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Umair Najmi
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जमा हम ने किया है ग़म दिल में
इस का अब सूद खाए जाएँगे
Jaun Elia
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लगा जब कि दुनिया की पहली ज़रूरत मोहब्बत है तब उस ने माना
यक़ीं हो गया जब मोहब्बत ज़रूरत है तब उस ने माना

वगरना तो ये लोग उसे ख़ुद-कुशी के लिए कह चुके थे
उसे आइने ने बताया कि वो ख़ूब-सूरत है तब उस ने माना
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Vikram Gaur Vairagi
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उम्र ये मेरी सिर्फ़ लबादा मेरे ख़द ओ ख़ाल का है
मेरा दिल तो मुश्किल से कुछ सोलह सत्रह साल का है!
Vishal Bagh
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किताब-ए-इश्क़ में हर आह एक आयत है
पर आँसुओं को हुरूफ़‌‌‌‌-ए-मुक़त्तिआ'त समझ
Umair Najmi
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कुछ इस लिए भी तेरी आरज़ू नहीं है मुझे
मैं चाहता हूँ मेरा इश्क़ जावेदानी हो
Vipul Kumar
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तेरा प्यार मेरी ज़िंदगी में
बहार ले कर आया है

तेरे आने से पहले हर दिन
पतझड़ हुआ करता था
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Vipul Kumar
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इब्तिदा वो थी कि जीना था मोहब्बत में मुहाल
इंतिहा ये है कि अब मरना भी मुश्किल हो गया
Jigar Moradabadi
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इश्क़ ने 'ग़ालिब' निकम्मा कर दिया
वर्ना हम भी आदमी थे काम के
Mirza Ghalib
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दिल ही तो है न संग-ओ-ख़िश्त दर्द से भर न आए क्यूँँ
रोएँगे हम हज़ार बार कोई हमें सताए क्यूँँ
Mirza Ghalib
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मकीन-ए-दिल को ख़ानुमा-ख़राबियों से इश्क़ था
क़याम ढूँढ़ता रहा तुम्हारी छत के बा'द भी
Pallav Mishra
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लोग कहते हैं कि इस खेल में सर जाते हैं
इश्क़ में इतना ख़सारा है तो घर जाते हैं
Shakeel Jamali
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मसअला ख़त्म हुआ चाहता है
दिल बस अब ज़ख़्म नया चाहता है
Shakeel Jamali
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ज़ब्त कीजे तो दिल है अँगारा
और अगर रोइए तो पानी है
Firaq Gorakhpuri
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बढ़ाई मय जो मोहब्बत से आज साक़ी ने
ये काँपे हाथ कि साग़र भी हम उठा न सके
Majrooh Sultanpuri
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तुम्हारा प्यार तो साँसों में साँस लेता है
जो होता नश्शा तो इक दिन उतर नहीं जाता
Waseem Barelvi
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आप की सादा-दिली से तंग आ जाता हूँ मैं
मेरे दिल में रह चुके हैं इस क़दर हुश्यार लोग
Nomaan Shauque
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बा'द उस के दिल-नगर फिर बस गया
एहतिरामन इक गली वीरान है
Vishal Bagh
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अपनी तबाहियों का मुझे कोई ग़म नहीं
तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी
Sahir Ludhianvi
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और क्या इस से ज़ियादा कोई नर्मी बरतूँ
दिल के ज़ख़्मों को छुआ है तिरे गालों की तरह
Jaan Nisar Akhtar
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ठानी थी दिल में अब न मिलेंगे किसी से हम
पर क्या करें कि हो गए नाचार जी से हम
Momin Khan Momin
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दुकानें नफ़रतों की ख़ूब आसानी से चलती हैं
अजब दुनिया है जाने इश्क़ क्यूँ करने नहीं देती
Bhaskar Shukla
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पत्थर के ख़ुदा पत्थर के सनम पत्थर के ही इंसाँ पाए हैं
तुम शहर-ए-मोहब्बत कहते हो हम जान बचा कर आए हैं
Sudarshan Fakir
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किसी से इश्क़ करना और इस को बा-ख़बर करना
है अपने मतलब-ए-दुश्वार को दुश्वार-तर करना
Abbas Ali Khan Bekhud
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दीदा ओ दिल ने दर्द की अपने बात भी की तो किस से की
वो तो दर्द का बानी ठहरा वो क्या दर्द बटाएगा
Ibn E Insha
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यही तो एक तमन्ना है इस मुसाफ़िर की
जो तुम नहीं तो सफ़र में तुम्हारा प्यार चले
Aalok Shrivastav
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दिल जिन को ढूँढ़ता है न-जाने कहाँ गए
ख़्वाब-ओ-ख़याल से वो ज़माने कहाँ गए
Ambreen Haseeb Ambar
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इश्क़ का ए'जाज़ सज्दों में निहाँ रखता हूँ मैं
नक़्श-ए-पा होती है पेशानी जहाँ रखता हूँ मैं
Behzad Lakhnavi
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हमारा दिल ज़रा उकता गया था घर में रह रह कर
यूँँही बाज़ार आए हैं ख़रीदारी नहीं करनी
Afzal Khan
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आ गई याद शाम ढलते ही
बुझ गया दिल चराग़ जलते ही
Muneer Niyazi
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उस की हसरत है जिसे दिल से मिटा भी न सकूँ
ढूँडने उस को चला हूँ जिसे पा भी न सकूँ
Ameer Minai
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वफ़ा तुम से करेंगे दुख सहेंगे नाज़ उठाएँगे
जिसे आता है दिल देना उसे हर काम आता है
Arzoo Lakhnavi
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दिल की ज़िद इस लिए रख ली थी कि आ जाए क़रार
कल ये कुछ और कहेगा मुझे मालूम न था
Arzoo Lakhnavi
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बाक़ी न दिल में कोई भी या रब हवस रहे
चौदह बरस के सिन में वो लाखों बरस रहे
Ameer Minai
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हर धड़कते पत्थर को लोग दिल समझते हैं
'उम्रें बीत जाती हैं दिल को दिल बनाने में
Bashir Badr
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रोया करेंगे आप भी पहरों इसी तरह
अटका कहीं जो आप का दिल भी मिरी तरह

आता नहीं है वो तो किसी ढब से दाव में
बनती नहीं है मिलने की उस के कोई तरह
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Momin Khan Momin
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रंग बदला यार ने वो प्यार की बातें गईं
वो मुलाक़ातें गईं वो चाँदनी रातें गईं
Hafeez Jalandhari
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जब ज़रा रात हुई और मह ओ अंजुम आए
बार-हा दिल ने ये महसूस किया तुम आए
Asad Bhopali
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ऐ मौज-ए-हवादिस तुझे मालूम नहीं क्या
हम अहल-ए-मोहब्बत हैं फ़ना हो नहीं सकते
Asad Bhopali
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जब प्यार नहीं है तो भुला क्यूँँ नहीं देते
ख़त किस लिए रक्खे हैं जला क्यूँँ नहीं देते
Hasrat Jaipuri
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मोहब्बत एक ख़ुशबू है हमेशा साथ चलती है
कोई इंसान तन्हाई में भी तन्हा नहीं रहता
Bashir Badr
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मैं ने पूछा था कि इज़हार नहीं हो सकता
दिल पुकारा कि ख़बर-दार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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इक बे-क़रार दिल से मुलाक़ात कीजिए
जब मिल गए हैं आप तो कुछ बात कीजिए
Naushad Ali
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जो मेरे साथ मोहब्बत में हुई आदमी एक दफा सोचेगा
रात इस डर में गुजारी हम ने कोई देखेगा तो क्या सोचेगा
Tehzeeb Hafi
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सहज याद आ गया वो लाल होली-बाज़ जूँ दिल में
गुलाली हो गया तन पर मिरे ख़िर्क़ा जो उजला था
Wali Uzlat
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मैं ने चाहा भी कि फिर इस संग-दिल पे फूल उगे
पर तुम्हारी रुख़्सती के बा'द ये होता नहीं
Siddharth Saaz
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इश्क़ मेरी ज़बान से निकला
और मैं ख़ानदान से निकला
Siraj Faisal Khan
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बख़्शी हैं हम को इश्क़ ने वो जुरअतें 'मजाज़'
डरते नहीं सियासत-ए-अहल-ए-जहाँ से हम
Asrar Ul Haq Majaz
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हमारे सामने तेरा जब किसू ने नाम लिया
दिल ए सितमज़दा को हम ने थाम थाम लिया
Meer Taqi Meer
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नहीं मजनूँ से दिल क़वी लेकिन
यार उस ना-तवाँ के हम भी हैं
Meer Taqi Meer
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गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है
माफ़ करना, काम मुझ को और भी हैं दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
चेहरा देखें तेरे होंट और पलकें देखें
दिल पे आँखें रक्खें तेरी साँसें देखें
Tehzeeb Hafi
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मेरा किरदार मेरी बात कहाँ सुनता है,
ये समझदार मेरी बात कहाँ सुनता है

इश्क़ है वा'दा फ़रामोश नहीं है कोई,
दिल तलबग़ार मेरी बात कहाँ सुनता है
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Vishal Singh Tabish
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तुझे बहुत शौक़ था मोहब्बत की गर्म लपटों से खेलने का
ले जल गई न हथेली अब ख़ुश कहा था मैं ने चराग़ रख दे
Charagh Sharma
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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए
इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए

कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें
और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए
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Nadeem Shaad
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लौट कर नहीं आता कब्र से कोई लेकिन
प्यार करने वालों को इंतिज़ार रहता है
Shabeena Adeeb
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ख़ुदा ने फ़न दिया हम को कि लड़के इश्क़ लिखेंगे
ख़ुदा कब जानता था हम, ग़ज़ल में दर्द भर देंगे
Prashant Sharma Daraz
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भले ही प्यार हो या हिज्र हो या फिर सियासत हो
कुछ ऐसे दोस्त थे हर बात पर अश'आर कहते थे
Siddharth Saaz
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तूफ़ान की उम्मीद थी आँधी नहीं आई
वो आप तो क्या उस की ख़बर भी नहीं आई

शायद वो मोहब्बत के लिए ठीक नहीं था
शायद ये अँगूठी उसे पूरी नहीं आई
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Khurram Afaq
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तू मोहब्बत नहीं समझती है
हम भी अपनी अना में जलते हैं

इस दफा बंदिशें ज़ियादा हैं
छोड़ अगले जनम में मिलते हैं
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Ritesh Rajwada
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हसीन लड़की से दिल लगाना भी इक ख़ता है मुझे पता है
अगर सज़ा में मिले क़ज़ा तो अलग मज़ा है मुझे पता है
Jatin shukla
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मेरी जानिब न बढ़ना अब मोहब्बत
मैं अब पहले से मुश्किल रास्ता हूँ
Liaqat Jafri
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लब पे आता था जो दुआ बन कर
दिल में रहता है अब ख़ला बन कर

कितना इतरा रहा है अब वो फूल
तेरे बालों का मोगरा बन कर
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Haider Khan
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इश्क़ भी अपनी ही शर्तों पे किया है मैं ने
ख़ुद को बेचा नहीं बाज़ार में सस्ता कर के

उस से कहना था के वो कितना ज़रूरी है मुझे
आ रहा हूँ अभी जिस शख़्स से झगड़ा कर के
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Khan Janbaz
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग
इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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अपनी दीवानगी से डरता हूँ
दिल तो होता है दिल लगाने को
Vikram Gaur Vairagi
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प्यार मुहब्बत बा'द की बातें जान कभी ये सोचा है
किस ने तेरा साथ दिया था कौन नशे में ख़त्म हुआ
Vikram Gaur Vairagi
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इक कली की पलकों पर सर्द धूप ठहरी थी
इश्क़ का महीना था हुस्न की दुपहरी थी

ख़्वाब याद आते हैं और फिर डराते हैं
जागना बताता है नींद कितनी गहरी थी
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
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दुश्मनों से प्यार होता जाएगा
दोस्तों को आज़माते जाइए
Khumar Barabankvi
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बहन का प्यार जुदाई से कम नहीं होता
अगर वो दूर भी जाए तो ग़म नहीं होता
Unknown
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इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा
लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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