Emotional Shayari - Dil ke jazbaat, dard aur gehri feelings ki shayari

Emotional shayari captures the deepest feelings of the heart—pain, love, loss, and hidden emotions. Whether it’s unspoken ehsaas or silent dard, these lines help express what words often cannot. Perfect for sharing your inner emotions through meaningful poetry.

jazbaat shayari
जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो
एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
159 Likes
ehsaas shayari
दिल ना-उमीद तो नहीं नाकाम ही तो है
लंबी है ग़म की शाम मगर शाम ही तो है
Faiz Ahmad Faiz
267 Likes
dil shayari
ज़िंदगी किस तरह बसर होगी
दिल नहीं लग रहा मोहब्बत में
Jaun Elia
161 Likes
dard shayari
ज़िंदगी ज़िंदा-दिली का है नाम
मुर्दा-दिल ख़ाक जिया करते हैं
Imam Bakhsh Nasikh
45 Likes
udaasi shayari
मैं हूँ दिल है तन्हाई है
तुम भी होते अच्छा होता
Firaq Gorakhpuri
72 Likes
gham shayari
ज़िंदगी कितनी मसर्रत से गुज़रती या रब
ऐश की तरह अगर ग़म भी गवारा होता
Akhtar Shirani
30 Likes
toota dil shayari
ऐ ग़म-ए-ज़िंदगी न हो नाराज़
मुझ को आदत है मुस्कुराने की
Abdul Hamid Adam
69 Likes
rukhsat shayari
दिल का गुलाब मैं ने जिसे चूम कर दिया
उस ने मुझे बहार से महरूम कर दिया
Anjum Barabankvi
35 Likes
tadap shayari
तिरी तस्वीर तो वा'दे के दिन खिंचने के क़ाबिल है
कि शरमाई हुई आँखें हैं घबराया हुआ दिल है
Nazeer Allahabadi
23 Likes
तुम माँग रहे हो मेरे दिल से मेरी ख़्वाहिश
बच्चा तो कभी अपने खिलौने नहीं देता
Abbas Tabish
48 Likes
बचपन कितना प्यारा था जब दिल को यक़ीं आ जाता था
मरते हैं तो बन जाते हैं आसमान के तारे लोग
Azra Naqvi
37 Likes
हाल-ए-दिल सब सेे छुपाने में मज़ा आता है
आप पूछें तो बताने में मज़ा आता है
Nawaz Deobandi
42 Likes
"जो तू नहीं थी तो और भी थे, जो तू ना होगी तो और होंगे"
किसी के दिल को जला के कहते हो, "मेरी जाँ! ये मुहावरा है"
Fareeha Naqvi
39 Likes
किसी के साए को क़ैद करने का एक तरीक़ा बता रहा हूँ
एक उस के आगे चराग़ रख दे, एक उस के पीछे चराग़ रख दे

मैं दिल की बातों में आ गया और उठा के ले आया उस की पायल
दिमाग़ देता रहा सदाएँ, चराग़ रख दे, चराग़ रख दे
Read Full
Charagh Sharma
44 Likes
इस क़दर जज़्ब हो गए दोनों
दर्द खेंचूँ तो दिल निकल आए
Abbas Qamar
43 Likes
कब ठहरेगा दर्द ऐ दिल कब रात बसर होगी
सुनते थे वो आएँगे सुनते थे सहर होगी
Faiz Ahmad Faiz
41 Likes
मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
Tehzeeb Hafi
54 Likes
अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उम्मीदें
ये आख़िरी शमएँ भी बुझाने के लिए आ
Ahmad Faraz
28 Likes
अब लगता है ठीक कहा था 'ग़ालिब' ने
बढ़ते बढ़ते दर्द दवा हो जाता है
Madan Mohan Danish
131 Likes
ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता
किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से
Farhat Ehsaas
27 Likes
सुन कर तमाम रात मेरी दास्तान-ए-ग़म
बोले तो सिर्फ़ ये कि बहुत बोलते हो तुम
Firaq Gorakhpuri
38 Likes
जाने क्या सोच के वो दिल से लगा ली मैं ने
सर के ऊपर से जो इक बात गुज़र जानी थी
Pallav Mishra
38 Likes
घर में भी दिल नहीं लग रहा काम पर भी नहीं जा रहा
जाने क्या ख़ौफ़ है जो तुझे चूम कर भी नहीं जा रहा

रात के तीन बजने को है यार ये कैसा महबूब है
जो गले भी नहीं लग रहा और घर भी नहीं जा रहा
Read Full
Tehzeeb Hafi
293 Likes
वो पास क्या ज़रा सा मुस्कुरा के बैठ गया
मैं इस मज़ाक़ को दिल से लगा के बैठ गया

दरख़्त काट के जब थक गया लकड़हारा
तो इक दरख़्त के साए में जा के बैठ गया
Read Full
Zubair Ali Tabish
98 Likes
जमा हम ने किया है ग़म दिल में
इस का अब सूद खाए जाएँगे
Jaun Elia
29 Likes
दिल की तकलीफ़ कम नहीं करते
अब कोई शिकवा हम नहीं करते
Jaun Elia
65 Likes
उस हिज्र पे तोहमत कि जिसे वस्ल की ज़िद हो
उस दर्द पे ला'नत की जो अश'आर में आ जाए
Vipul Kumar
26 Likes
इस दिल की ईंट ईंट तेरे बा'द हिल गई
तू चल दिया तो इश्क़ की बुनियाद हिल गई
Charagh Sharma
34 Likes
तुम्हें देखे ज़माना हो गया है
नज़र महके ज़माना हो गया है

बिछड़के तुम सेे आँखें बुझ गई हैं
ये दिल धड़के ज़माना हो गया है
Read Full
Subhan Asad
32 Likes
दिल को सुकून रूह को आराम आ गया
मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया
Jigar Moradabadi
39 Likes
दिल गया रौनक़-ए-हयात गई
ग़म गया सारी काएनात गई
Jigar Moradabadi
34 Likes
हम ने सीने से लगाया दिल न अपना बन सका
मुस्कुरा कर तुम ने देखा दिल तुम्हारा हो गया
Jigar Moradabadi
52 Likes
कहाँ है तू कि तिरे इंतिज़ार में ऐ दोस्त
तमाम रात सुलगते हैं दिल के वीराने
Nasir Kazmi
21 Likes
ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
44 Likes
दिल धड़कने का सबब याद आया
वो तिरी याद थी अब याद आया
Nasir Kazmi
39 Likes
अब कारगह-ए-दहर में लगता है बहुत दिल
ऐ दोस्त कहीं ये भी तिरा ग़म तो नहीं है
Majrooh Sultanpuri
10 Likes
ये शुक्र है कि मिरे पास तेरा ग़म तो रहा
वगर्ना ज़िंदगी भर को रुला दिया होता
Gulzar
44 Likes
आप की सादा-दिली से तंग आ जाता हूँ मैं
मेरे दिल में रह चुके हैं इस क़दर हुश्यार लोग
Nomaan Shauque
28 Likes
बा'द उस के दिल-नगर फिर बस गया
एहतिरामन इक गली वीरान है
Vishal Bagh
33 Likes
ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
76 Likes
अपनी तबाहियों का मुझे कोई ग़म नहीं
तुम ने किसी के साथ मोहब्बत निभा तो दी
Sahir Ludhianvi
39 Likes
और क्या इस से ज़ियादा कोई नर्मी बरतूँ
दिल के ज़ख़्मों को छुआ है तिरे गालों की तरह
Jaan Nisar Akhtar
30 Likes
काम अब कोई न आएगा बस इक दिल के सिवा
रास्ते बंद हैं सब कूचा-ए-क़ातिल के सिवा
Ali Sardar Jafri
24 Likes
वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
25 Likes
दिल नज़र बन जाएगा ग़म हर ख़ुशी हो जाएगी
आप के जाते ही दुनिया दूसरी हो जाएगी
Shakeel Badayuni
29 Likes
पुराने यार भी आपस में अब नहीं मिलते
न जाने कौन कहाँ दिल लगा के बैठ गया
Fazil Jamili
53 Likes
दिल के ज़ख़्मों का कुछ क्या न करो
चाक हो जाए तो सिया न करो
Maaham Shah
27 Likes
आन के इस बीमार को देखे तुझ को भी तौफ़ीक़ हुई
लब पर उस के नाम था तेरा जब भी दर्द शदीद हुआ
Ibn E Insha
18 Likes
दीदा ओ दिल ने दर्द की अपने बात भी की तो किस से की
वो तो दर्द का बानी ठहरा वो क्या दर्द बटाएगा
Ibn E Insha
20 Likes
दामन झटक के वादी-ए-ग़म से गुज़र गया
उठ उठ के देखती रही गर्द-ए-सफ़र मुझे
Ali Sardar Jafri
23 Likes
मक़तल-ए-शौक़ के आदाब निराले हैं बहुत
दिल भी क़ातिल को दिया करते हैं सर से पहले
Ali Sardar Jafri
13 Likes
इसी लिए हमें एहसास-ए-जुर्म है शायद
अभी हमारी मोहब्बत नई नई है ना
Afzal Khan
14 Likes
तेरे जाने से ज़्यादा हैं न कम पहले थे
हम को लाहक़ हैं वही अब भी जो ग़म पहले थे
Afzal Khan
19 Likes
दिल पर दस्तक देने कौन आ निकला है
किस की आहट सुनता हूँ वीराने में
Gulzar
35 Likes
दिल पे आए हुए इल्ज़ाम से पहचानते हैं
लोग अब मुझ को तिरे नाम से पहचानते हैं
Qateel Shifai
32 Likes
वफ़ा तुम से करेंगे दुख सहेंगे नाज़ उठाएँगे
जिसे आता है दिल देना उसे हर काम आता है
Arzoo Lakhnavi
25 Likes
दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया
Arzoo Lakhnavi
17 Likes
शाम-ए-ग़म करवट बदलता ही नहीं
वक़्त भी ख़ुद्दार है तेरे बग़ैर
Shakeel Badayuni
28 Likes
ये ज़मीं किस क़दर सजाई गई
ज़िंदगी की तड़प बढ़ाई गई

आईने से बिगड़ के बैठ गए
जिन की सूरत जिन्हें दिखाई गई
Read Full
Sahir Ludhianvi
30 Likes
ख़ंजर चले किसी पे तड़पते हैं हम 'अमीर'
सारे जहाँ का दर्द हमारे जिगर में है
Ameer Minai
25 Likes
तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा कर के
दिल के बाज़ार में बैठे हैं ख़सारा कर के

आसमानों की तरफ़ फेंक दिया है मैं ने
चंद मिट्टी के चराग़ों को सितारा कर के
Read Full
Rahat Indori
42 Likes
ये किस मक़ाम पे लाई है ज़िंदगी हम को
हँसी लबों पे है सीने में ग़म का दफ़्तर है
Hafeez Banarasi
28 Likes
दिल की बस्ती पुरानी दिल्ली है
जो भी गुज़रा है उस ने लूटा है
Bashir Badr
32 Likes
मैं कैसे मान लूँ कि इश्क़ बस इक बार होता है
तुझे जितनी दफ़ा देखूँ मुझे हर बार होता है

तुझे पाने की हसरत और डर ना-कामियाबी का
इन्हीं दो तीन बातों से ये दिल दो चार होता है
Read Full
Bhaskar Shukla
46 Likes
जब ज़रा रात हुई और मह ओ अंजुम आए
बार-हा दिल ने ये महसूस किया तुम आए
Asad Bhopali
22 Likes
न आया ग़म भी मोहब्बत में साज़गार मुझे
वो ख़ुद तड़प गए देखा जो बे-क़रार मुझे
Asad Bhopali
17 Likes
ये मज़ा था दिल-लगी का कि बराबर आग लगती
न तुझे क़रार होता न मुझे क़रार होता
Dagh Dehlvi
34 Likes
मैं ने पूछा था कि इज़हार नहीं हो सकता
दिल पुकारा कि ख़बर-दार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
66 Likes
दिल में किसी के राह किए जा रहा हूँ मैं
कितना हसीं गुनाह किए जा रहा हूँ मैं
Jigar Moradabadi
25 Likes
काँटों से दिल लगाओ जो ता-उम्र साथ दें
फूलों का क्या जो साँस की गर्मी न सह सकें
Akhtar Shirani
26 Likes
आरज़ू वस्ल की रखती है परेशाँ क्या क्या
क्या बताऊँ कि मेरे दिल में है अरमाँ क्या क्या
Akhtar Shirani
21 Likes
दर्द ऐसा नज़र-अंदाज़ नहीं कर सकते
जब्त ऐसा की हम आवाज नहीं कर सकते

बात तो तब थी कि तू छोड़ के जाता ही नहीं
अब तेरे मिलने पे हम नाज नहीं कर सकते
Read Full
Ismail Raaz
63 Likes
तिरे एहसास में डूबा हुआ मैं
कभी सहरा कभी दरिया हुआ मैं
Siraj Faisal Khan
28 Likes
उस के दिल की आग ठंडी पड़ गई
मुझ को शोहरत मिल गई इल्ज़ाम से
Siraj Faisal Khan
21 Likes
तू अपने सारे दुख जा कर बताता है जिन्हें, इक दिन
बढ़ाएँगे वही ग़म-ख़्वार तेरी आँख का पानी
Siddharth Saaz
34 Likes
सदा दी तू ने क्या जाने कहाँ से
मगर मैं जानिब-ए-दिल देखता हूँ
Asrar Ul Haq Majaz
22 Likes
इक महक सिम्त ए दिल से आई थी
मैं ये समझा तेरी सवारी है
Jaun Elia
43 Likes
नहीं मजनूँ से दिल क़वी लेकिन
यार उस ना-तवाँ के हम भी हैं
Meer Taqi Meer
20 Likes
गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है
माफ़ करना, काम मुझ को और भी हैं दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
मैं तुम्हें बद्दुआएं देता हूँ
ताकि तुम मेरा दर्द जान सको

तुम जिसे चाहते हो मर जाए
और तुम उस के बा'द ज़िंदा रहो
Read Full
Afkar Alvi
72 Likes
अब क्या बताऊँ मैं तिरे मिलने से क्या मिला
इरफ़ान-ए-ग़म हुआ मुझे अपना पता मिला
Seemab Akbarabadi
35 Likes
दिल सोज़ से ख़ाली है निगह पाक नहीं है
फिर इस में अजब क्या कि तू बेबाक नहीं है
Allama Iqbal
45 Likes
तेरा पीछा करते करते जाने क्यूँ
मैं दुनियादारी से पीछे छूट गया

तू ने तो ऐ जान महज़ दिल तोड़ा था
तू क्या जाने मैं अंदर तक टूट गया
Read Full
Ritesh Rajwada
29 Likes
यार माँगा था मोहब्बत की दुआ माँगी थी
और इस दिल के हिफ़ाज़त की दुआ माँगी थी

अब तो कुछ उस का बिगाड़ा भी नहीं जा सकता
मैं ने ख़ुद उस के सलामत की दुआ माँगी थी
Read Full
Ritesh Rajwada
35 Likes
किस से जा कर माँगिये दर्द-ए-मोहब्बत की दवा
चारा-गर अब ख़ुद ही बेचारे नज़र आने लगे
Shakeel Badayuni
37 Likes
कोई दवा न दे सके मशवरा-ए-दुआ दिया
चारागरों ने और भी दर्द दिल का बढ़ा दिया
Hafeez Jalandhari
41 Likes
चारासाज़ो मिरा इलाज करो
आज कुछ दर्द में कमी सी है
Azhar Nawaz
36 Likes
इसी से होता है ज़ाहिर जो हाल दर्द का है
सभी को कोई न कोई वबाल दर्द का है

किसी ने पूछा के 'फ़रहत' बहुत हसीन हो तुम
तो मुस्कुरा के कहा सब जमाल दर्द का है
Read Full
Farhat Abbas Shah
33 Likes
अपनी दीवानगी से डरता हूँ
दिल तो होता है दिल लगाने को
Vikram Gaur Vairagi
53 Likes
दोस्त दिल रखने को करते हैं बहाने क्या क्या
रोज़ झूटी ख़बर-ए-वस्ल सुना जाते हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
25 Likes
वही शागिर्द फिर हो जाते हैं उस्ताद ऐ 'जौहर'
जो अपने जान-ओ-दिल से ख़िदमत-ए-उस्ताद करते हैं
Lala Madhav Ram Jauhar
33 Likes
दिल लगाना आ गया और दिल हटाना आ गया
कर ही डाला आपने माहिर हमें इस खेल में
Dev Niranjan
28 Likes
मुश्किल है समझाना इस को
दिल के पास दिमाग़ नहीं है
Bhaskar Shukla
43 Likes
इक तो वो दिल दुखाता है दिन में हज़ार बार
ऊपर से ख़ुश भी रहता है, कितना अजीब है
Ruqayyah Maalik
39 Likes
मेरे तो ग़म भी ज़माने के काम आते हैं
मैं रो पड़ूँ तो कई लोग मुस्कुराते हैं
Tariq Qamar
38 Likes
अजीब दर्द का रिश्ता था सब के सब रोए
शजर गिरा तो परिंदे तमाम शब रोए
Tariq Naeem
22 Likes
रख के हर चीज़ भूलने वाली
ला तेरा दिल सँभाल कर रख दूँ
Kumar Vishwas
98 Likes
पहले दिल से नक़्श मिटाये जाते हैं
मेज़ से फिर तस्वीर हटा दी जाती है
Rao Nasir
29 Likes
देख! इस बार भी तुझ सेे न मनाया गया मैं
अबकी बारी भी मेरे दिल ने मनाया है मुझे
Harman Dinesh
49 Likes
ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है
एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
75 Likes
आँख वो इक शहर जिस
में दम घुटेगा
दिल में रहना घर में रहने की तरह है
Read Full
Neeraj Neer
23 Likes
बस्ती बस्ती ख़ाक उड़ाये, बस वहशत का मारा हो
उस सेे इश्क़ की आस न करना जिस का मन बंजारा हो

ख़ुद को शाइ'र कहते रहना दिल को लाख सुकूँ दे दे
लेकिन दुनिया की नज़रों में तुम अब भी आवारा हो
Read Full
Daagh Aligarhi
32 Likes
कहाँ कहाँ पे उसे ढूँढ़ते हैं हम यारों
किसी के लम्स से होता था जो सुकूँ दिल को
Afzal Ali Afzal
30 Likes
हम मिल के आ गए मगर अच्छा नहीं लगा
फिर यूँँ हुआ असर कि घर अच्छा नहीं लगा

इक बार दिल में तुझ सेे जुदाई का डर बना
फिर दूसरा कोई भी डर अच्छा नहीं लगा
Read Full
Shriyansh Qaabiz
51 Likes
जानता है कि वो न आएँगे
फिर भी मसरूफ़-ए-इंतिज़ार है दिल
Faiz Ahmad Faiz
43 Likes
दिल-लगी में हसरत-ए-दिल कुछ निकल जाती तो है
बोसे ले लेते हैं हम दो-चार हँसते बोलते
Munshi Amirullah Tasleem
22 Likes
आदमी देश छोड़े तो छोड़े 'अली'
दिल में बसता हुआ घर नहीं छोड़ता

एक मैं हूँ कि नींदें नहीं आ रही
एक तू है कि बिस्तर नहीं छोड़ता
Read Full
Ali Zaryoun
124 Likes
पिलाओ जाम फिर से तुम उसी के नाम का मुझ को
जिसे दिल में उतारे एक 'अर्सा हो गया है अब
Abhay Mishra