Khushi Shayari - Dil ki khushi aur muskurahat bhari shayari collection

Khushi shayari beautifully captures the feeling of joy, inner peace, and those little moments that make life worth smiling for. Whether it’s a मुस्कान on your face or a heartfelt खुशी in your dil, these shayari express happiness in its purest form. Perfect for sharing positivity, love, and bright emotions with others.

khushi shayari
क्या तकल्लुफ़ करें ये कहने में
जो भी ख़ुश है हम उस से जलते हैं
Jaun Elia
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khush shayari
मुझ सेे बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ सेे बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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khushiyan shayari
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी
Parveen Shakir
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muskaan shayari
इत्तिफ़ाक़ अपनी जगह ख़ुश-क़िस्मती अपनी जगह
ख़ुद बनाता है जहाँ में आदमी अपनी जगह
Anwar Shaoor
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muskurahat shayari
इक और किताब ख़त्म की फिर उस को फाड़ कर
काग़ज़ का इक जहाज़ बनाया ख़ुशी हुई
Ameer Imam
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khushi ke pal shayari
साहिल के सुकूँ से किसे इनकार है लेकिन
तूफ़ान से लड़ने में मज़ा और ही कुछ है
Aale Ahmad Suroor
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khush dil shayari
तिरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूट जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते अगर ए'तिबार होता
Mirza Ghalib
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anand shayari
ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे
ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का
Javed Akhtar
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sukoon shayari
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Ahsan Marahravi
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khushhaal shayari
तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुश नज़र थे मगर
जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे
Parveen Shakir
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khushi shayari
वो बे-वफ़ा है तो क्या मत कहो बुरा उस को
कि जो हुआ सो हुआ ख़ुश रखे ख़ुदा उस को
Naseer Turabi
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khush shayari
गले मिल कर मुझे बस चाँद से ये देखना है
ख़ुशी से मर गया हूँ या कि साँसें चल रहीं हैं
Saarthi Baidyanath
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तुम बहुत ख़ुश रहोगी मेरे साथ
वैसे हर इक की अपनी मर्ज़ी है
Tehzeeb Hafi
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नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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ये तुम ने कैसा बना कर हमें किया है गुम
ख़ुशी से झूम उठेगा जिसे मिलेंगे हम
Swapnil Tiwari
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं
लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं

नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है
मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
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Umair Najmi
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अगर तू ख़ुश है मेरी हार से तो
मेरी हर जीत से नफ़रत है मुझ को
Shadab Javed
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इस अहद में हज़ार के नोटों की क़द्र है
गाँधी भी ख़ुश नहीं थे चवन्नी पे बैठ कर
Munawwar Rana
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इतना तो ज़िन्दगी में किसी के ख़लल पड़े
हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े

जिस तरह हँस रहा हूँ मैं पी पी के गर्म अश्क
यूँँ दूसरा हँसे तो कलेजा निकल पड़े
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Kaifi Azmi
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अब तक दिल-ए-ख़ुश-फ़हम को तुझ से हैं उम्मीदें
ये आख़िरी शमएँ भी बुझाने के लिए आ
Ahmad Faraz
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मुस्कुरा बैठे हैं तुझ को मुस्कुराता देख कर
वरना तेरी मुस्कराहट की क़सम ग़ुस्से में हैं
Ameer Imam
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ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता
किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से
Farhat Ehsaas
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दिल को सुकून रूह को आराम आ गया
मौत आ गई कि दोस्त का पैग़ाम आ गया
Jigar Moradabadi
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कभी कभार उसे देख लें कहीं मिल लें
ये कब कहा था कि वो ख़ुश-बदन हमारा हो
Parveen Shakir
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वो तो ख़ुश-बू है हवाओं में बिखर जाएगा
मसअला फूल का है फूल किधर जाएगा
Parveen Shakir
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हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन
दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
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राम होने में या रावण में है अंतर इतना
एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है

हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है
कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है
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Kumar Vishwas
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सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है
हर घर में बस एक ही कमरा कम है
Javed Akhtar
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जो चराग़ सारे बुझा चुके उन्हें इंतिज़ार कहाँ रहा
ये सुकूँ का दौर-ए-शदीद है कोई बे-क़रार कहाँ रहा
Ada Jafarey
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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
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चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
Sahir Ludhianvi
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क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Shakeel Badayuni
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दिल नज़र बन जाएगा ग़म हर ख़ुशी हो जाएगी
आप के जाते ही दुनिया दूसरी हो जाएगी
Shakeel Badayuni
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हम ख़ुश हैं हमें धूप विरासत में मिली है
अज्दाद कहीं पेड़ भी कुछ बो गए होते
Shahryar
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'मीर' हम मिल के बहुत ख़ुश हुए तुम से प्यारे
इस ख़राबे में मिरी जान तुम आबाद रहो
Meer Taqi Meer
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मुद्दत के बा'द उस ने जो की लुत्फ़ की निगाह
जी ख़ुश तो हो गया मगर आँसू निकल पड़े
Kaifi Azmi
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इतना तो ज़िंदगी में किसी के ख़लल पड़े
हँसने से हो सुकून न रोने से कल पड़े
Kaifi Azmi
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हाल पूछा न करे हाथ मिलाया न करे
मैं इसी धूप में ख़ुश हूँ कोई साया न करे
Kashif Husain Ghair
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'इंशा'-जी उठो अब कूच करो इस शहर में जी को लगाना क्या
वहशी को सुकूँ से क्या मतलब जोगी का नगर में ठिकाना क्या
Ibn E Insha
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बे तेरे क्या वहशत हम को तुझ बिन कैसा सब्र-ओ-सुकूँ
तू ही अपना शहर है जानी तू ही अपना सहरा है
Ibn E Insha
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ख़ुशी की बात और है ग़मों की बात और
तुम्हारी बात और है हमारी बात और
Anwar Taban
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सुकून क़ल्ब को जिस से मिल जाए 'ताबाँ'
ग़ज़ल कोई ऐसी सुना दीजिएगा
Anwar Taban
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ये चुपके चुपके न थमने वाली हँसी तो देखो
वो साथ है तो ज़रा हमारी ख़ुशी तो देखो
Shariq Kaifi
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फ़रिश्तों से भी अच्छा मैं बुरा होने से पहले था
वो मुझ से इंतिहाई ख़ुश ख़फ़ा होने से पहले था
Anwar Shaoor
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लटकन झटकन ओढ़ मटकते एक परी का दिख जाना,
प्लेन गुजरने पर बचपन के ख़ुश होने सा लगता है!

बिन्दी, लिपस्टिक, चूड़ी, कंगन और किनारा साड़ी का,
लाल कलर पर कब्ज़ा अय हय कितना अच्छा लगता है!
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Atul K Rai
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तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही
तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
Sahir Ludhianvi
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तू अगर ख़ुश है मेरे रोने में
मैं वहाँ बैठ जाऊँ कोने में

देखते हो ये ईंट का तकिया
एक अर्सा लगा भिगोने में
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Zahid Bashir
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इरादा तो नहीं है ख़ुद-कुशी का
मगर मैं ज़िंदगी से ख़ुश नहीं हूँ
Vikas Sharma Raaz
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इन्हीं ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चाँद निकलेगा
अँधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है
Akhtar Shirani
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उस से मिले ज़माना हुआ लेकिन आज भी
दिल से दुआ निकलती है ख़ुश हो जहाँ भी हो
Mohammad Alvi
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है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा
क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा
Anwar Masood
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ख़ुश भी हो लेते हैं तेरे बे-क़रार
ग़म ही ग़म हो इश्क़ में ऐसा नहीं
Firaq Gorakhpuri
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अंदर-अंदर ख़ुश हैं दोनों
पहला-पहला झगड़ा कर के
Shariq Kaifi
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कुछ इस अदास मोहब्बत-शनास होना है
ख़ुशी के बाब में मुझ को उदास होना है
Rahul Jha
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छोटी सी बात पे ख़ुश होना मुझे आता था
पर बड़ी बात पे चुप रहना तुम्हीं से सीखा
Zehra Nigaah
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गाहे गाहे बस अब यही हो क्या
तुम सेे मिल कर बहुत ख़ुशी हो क्या
Jaun Elia
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किसी की तपिश में ख़ुशी है किसी की
किसी की ख़लिश में मज़ा है किसी का
Unknown
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सीधा-साधा डाकिया जादू करे महान
एक ही थैले में भरे आँसू और मुस्कान
Nida Fazli
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तू अपने घर में मुहब्बत की जीत पर ख़ुश है
अभी ठहर के मेरा ख़ानदान बाक़ी है
Siraj Faisal Khan
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उम्र के आख़िरी मक़ाम में हम
मिल भी जाए तो क्या ख़ुशी होगी

क्या सितम तुम को देखने के लिए
हम को दुनिया भी देखनी होगी
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Vikram Sharma
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इसीलिए मैं बिछड़ने पर सोगवार नहीं,
सुकून पहली ज़रूरत है, तेरा प्यार नहीं!

जवाब ढ़ूंढ़ने में उम्र मत गँवा देना,
सवाल करती है दुनिया पर एतबार नहीं
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Balmohan Pandey
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तुझे बहुत शौक़ था मोहब्बत की गर्म लपटों से खेलने का
ले जल गई न हथेली अब ख़ुश कहा था मैं ने चराग़ रख दे
Charagh Sharma
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मुद्दत के बा'द ख़्वाब में आया था मेरा बाप
और उस ने मुझ सेे इतना कहा ख़ुश रहा करो
Abbas Tabish
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यूँँ तो सर्कस में हम बहुत ख़ुश हैं
फिर भी जंगल तो यार जंगल था
Harman Dinesh
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हर ख़ुशी मुस्कुरा के कहती है
दर्द बनकर छुपे हुए हो तुम

आज आब-ओ-हवा में ख़ुश्बू है
लग रहा है घुले हुए हो तुम
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Ritesh Rajwada
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जाने कैसे ख़ुश रहने की आदत डाली जाती है
उन के यहाँ तो बारिश में भी धूप निकाली जाती है
Ritesh Rajwada
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जब भी माँगूँ तेरी ख़ुशी माँगूँ
और दुआएँ ख़ुदा तलक जाएँ

ख़्वाब आएँ तो नींद यूँँ महके
आँख से ख़ुशबुएँ छलक जाएँ
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Ritesh Rajwada
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क़ुबूल है जिन्हें ग़म भी तेरी ख़ुशी के लिए
वो जी रहे हैं हक़ीक़त में ज़िन्दगी के लिए
Nasir Kazmi
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इस क़दर हम ख़ुश रखेंगे आप को ससुराल में
आप को महसूस होगा जी रहे ननिहाल में

दो गुलाबों की तरह है दो चमेली की तरह
फ़र्क़ बस इतना तुम्हारे होंठ में और गाल में
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Tanoj Dadhich
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दुनिया की नज़रों में हम तो जोकर हैं
सब को ख़ुश रक्खें मतलब वो जोकर हैं

ख़त्म कहानी कर के जब तुम ही ख़ुश हो
अपना क्या है यार अपन तो जोकर हैं
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Nadim Nadeem
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नए दीवानों को देखें तो ख़ुशी होती है
हम भी ऐसे ही थे जब आए थे वीराने में
Ahmad Mushtaq
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उसे अभी भी मेरे दिल के हाल का नहीं पता
तो या'नी उस को अपने घर का रास्ता नहीं पता

ये तेरी भूल है ऐ मेरे ख़ुश-ख़याल के मुझे
पराई औरतों से तेरा राब्ता नहीं पता
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Ruqayyah Maalik
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इक तो वो दिल दुखाता है दिन में हज़ार बार
ऊपर से ख़ुश भी रहता है, कितना अजीब है
Ruqayyah Maalik
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तिरे बग़ैर भी हम जी रहे हैं और ख़ुश हैं
ये बात कम तो नहीं है तुझे जलाने को
Imran Aami
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भीगी पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं
वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं

वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
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Zubair Ali Tabish
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ये मैं ने कब कहा कि मेरे हक़ में फ़ैसला करे
अगर वो मुझ से ख़ुश नहीं है तो मुझे जुदा करे

मैं उस के साथ जिस तरह गुज़ारता हूँ ज़िंदगी
उसे तो चाहिए कि मेरा शुक्रिया अदा करे
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Tehzeeb Hafi
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ
उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी

मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है
उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
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Jaun Elia
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वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना
ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
बस्ती बस्ती ख़ाक उड़ाये, बस वहशत का मारा हो
उस सेे इश्क़ की आस न करना जिस का मन बंजारा हो

ख़ुद को शाइ'र कहते रहना दिल को लाख सुकूँ दे दे
लेकिन दुनिया की नज़रों में तुम अब भी आवारा हो
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Daagh Aligarhi
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क्या वाक़ई वो तेरी पाज़ेब की खनक थी
ऐसा सुकून तो बस नुसरत के गाने में है
Neeraj Neer
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जब भी आता है दिसम्बर ग़म के टाँके खुलते हैं
याद है यूँँ तेरा जाना और कहना ख़ुश रहो
Neeraj Neer
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मुबारक मुबारक नया साल आया
ख़ुशी का समाँ सारी दुनिया पे छाया
Akhtar Shirani
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ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा
थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा

इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में
अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा
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Fareeha Naqvi
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कहाँ कहाँ पे उसे ढूँढ़ते हैं हम यारों
किसी के लम्स से होता था जो सुकूँ दिल को
Afzal Ali Afzal
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सुकून ए क़ल्ब होता है मुयस्सर
तेरा जब नाम आता है लबों पर
Kiran K
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आज हम दोनों बहुत ख़ुश साथ में रहते कहीं
घर बसाने की अगर जल्दी नहीं होती तुम्हें
Tanoj Dadhich
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ये कह के दिल ने मिरे हौसले बढ़ाए हैं
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साए हैं
Mahirul Qadri
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है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम
मैं ये क्यूँँ पूछूँ कब मिलेंगे आप
Nizam Rampuri
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देख लेता है तो खिलते चले जाते हैं गुलाब
मेरी मिट्टी को ख़ुश-आसार किया है उस ने
Irfan Siddiqi
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी
डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं
वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं

वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी
अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
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Zubair Ali Tabish
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रखी थी ले के कॉपी हम ने उस की
ख़ुशी से झूम उठा बस्ता हमारा
Ankit Maurya
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कितना अजीब है ये मोहब्बत का खेल भी
हम हार कर भी इस
में कई रोज़ ख़ुश रहे
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Khalid Azad
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दफ्न ताबूत में कर तिरी हर ख़ुशी
जश्न कैसे मनाते है मय्यत पे भी

ख़ास तारीख़ थी इम्तिहाँ की मगर
आज बारात उस की बुला ली गई
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Shilpi
बाक़ी नहीं रहा है कोई रब्त शहर से
या'नी कि ख़ुश रहेंगे यहाँ ख़ुश रहे बग़ैर
pankaj pundir
मेरे बाबा ने मेरी ज़िंदगी ख़ुशहाल करने को
सब अपनी ख़ुशियाँ वारी हैं सब अपने ख़्वाब बेचे हैं
Shajar Abbas
अब आ भी जाओ के सुकूंँ मिले मुझे
अगर जो जाना था तो क्यूँँंँ मिले मुझे

ज़माना हो न हो रकी़ब बीच में
तू अब कभी मिले तो यूँंँ मिले मुझे
Read Full
Faiz Ahmad
ख़ुशी में भी ख़ुशी होती नहीं अब
तेरा ग़म ही सतह पर तैरता है
Umesh Maurya
तेरे आने की ख़ुशी है न है फ़ुर्क़त का ग़म
ग़म ये है बीत गए प्यार के सावन कितने
Shashank Shekhar Pathak
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ज़माना ज़ुल्म करता है ख़ुशी से
कभी तुझ को कभी मुझ को सताए
Meem Alif Shaz
ग़मनाक मैं, बे-साज़ मैं, बर्बाद मैं
ऐ दोस्त तू ख़ुश है अगर तब ठीक है
Moin Ahmed "Aazad"
फ़र्त-ए-ख़ुशी से अपनी जो भी रश्क करते हैं
उन को तिरी बनाई वो जन्नत तलब नहीं
Sabir Hussain
इतने अफ़सुर्दा नहीं हैं हम कि कर लें ख़ुद-कुशी
और न इतने ख़ुश कि सच में मरने की ख़्वाहिश न हो
Charagh Sharma
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लग गई मुझ को नज़र बेशक तुम्हारी आईनों
मैं बहुत ख़ुश था किसी इक सिलसिले से उन दिनों
Aarush Sarkaar
पहले ख़याल रख मिरा मेहमान कर मुझे
फिर अपनी कोई चाल से हैरान कर मुझे

हैं कौन आप, याद नहीं,कब मिले थे हम
इतना भी ख़ुश न होइए पहचान कर मुझे
Read Full
Divyansh "Dard" Akbarabadi
दुखी रहने की आदत यूँंँ बना ली है कि अब कोई
ख़ुशी का ज़िक्र भी कर दे तो फिर तकलीफ़ होती है
Dipendra Singh 'Raaz'
मज़ा चहिए जो आख़िर तक उदासी से मोहब्बत कर
ख़ुशी का क्या है कब तब्दील है से थी में हो जाए
Atul K Rai