Diwali Shayari Collection - Roshni, khushi, aur festive vibes ko bayaan karti shayari

Diwali Shayari captures the essence of light, happiness, and togetherness during the festival of lights. These heartfelt lines reflect the joy of roshni, the warmth of relationships, and the spirit of celebration. Whether you want to share festive wishes or express emotions, Diwali shayari adds a poetic charm to your greetings.

diwali shayari
आज तो दिल के दर्द पर हँस कर
दर्द का दिल दुखा दिया मैं ने
Zubair Ali Tabish
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deepawali shayari
पूछा जो उन सेे चाँद निकलता है किस तरह
ज़ुल्फ़ों को रुख़ पे डाल के झटका दिया कि यूँँ
Arzoo Lakhnavi
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roshni shayari
बहुत मुश्किल है कोई यूँँ वतन की जान हो जाए
तुम्हें फैला दिया जाए तो हिन्दुस्तान हो जाए
Kumar Vishwas
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diya shayari
अब हवाएँ ही करेंगी रौशनी का फ़ैसला
जिस दिए में जान होगी वो दिया रह जाएगा
Mahshar Badayuni
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ujala shayari
यार उस के क़ीमती तोहफ़े तो लाए थे बहुत
मैं बरेली का था मैं ने ला के झुमका दे दिया
Rudransh Trigunayat
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prakash shayari
ज़िन्दगी छीन ले बख़्शी हुई दौलत अपनी
तू ने ख़्वाबों के सिवा मुझ को दिया भी क्या है
Akhtar Saeed Khan
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festival shayari
ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे
ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का
Javed Akhtar
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jashn shayari
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Ahsan Marahravi
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khushi shayari
बैठे बैठे फेंक दिया है आतिश-दान में क्या क्या कुछ
मौसम इतना सर्द नहीं था जितनी आग जला ली है
Zulfiqar aadil
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patakhe shayari
दिल का गुलाब मैं ने जिसे चूम कर दिया
उस ने मुझे बहार से महरूम कर दिया
Anjum Barabankvi
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diwali shayari
इज़हार-ए-इश्क़ उस से न करना था 'शेफ़्ता'
ये क्या किया कि दोस्त को दुश्मन बना दिया
Mustafa Khan Shefta
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deepawali shayari
चेहरे को आज तक भी तेरा इंतिज़ार है
हम ने गुलाल और को मलने नहीं दिया
Kunwar Bechain
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roshni shayari
इक अरसे बा'द वो मिला इस बार होली में
उस ने गले लगा के दिया प्यार होली में
Harsh saxena
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बना कर हम ने दुनिया को जहन्नुम
ख़ुदा का काम आसाँ कर दिया है
Rajesh Reddy
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ये तुम ने कैसा बना कर हमें किया है गुम
ख़ुशी से झूम उठेगा जिसे मिलेंगे हम
Swapnil Tiwari
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जहाँ सारे हवा बनने की कोशिश कर रहे थे
वहाँ भी हम दिया बनने की कोशिश कर रहे थे
Abbas Qamar
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तुझे किसी ने ग़लत कह दिया मेरे बारे
नहीं मियाँ मैं दिलों को दुखाने वाला नहीं
Ali Zaryoun
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जो ज़हर पी चुका हूँ तुम्हीं ने मुझे दिया
अब तुम तो ज़िन्दगी की दुआएँ मुझे न दो
Ahmad Faraz
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आप कहते थे कि रोने से न बदलेंगे नसीब
उम्र भर आप की इस बात ने रोने न दिया
Sudarshan Fakir
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मुझे अँधेरे से बात करनी है सो करा दो, दिया बुझा दो
कुछ एक लम्हों को रौशनी का गला दबा दो, दिया बुझा दो

रिवाज़-ए-महफ़िल निभा रहा हूँ बता रहा हूँ मैं जा रहा हूँ
मुझे विदा दो, जो रोना चाहे उन्हें बुला दो, दिया बुझा दो
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Vikram Gaur Vairagi
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के 'हैलो' सुनते ही कट कर दिया है उस ने मेरा फ़ोन
ख़ुदा का शुक्र है आवाज़ तो पहचानता है वो
Zubair Ali Tabish
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शायद क़ज़ा ने मुझ को ख़ज़ाना बना दिया
ऐसा नहीं तो क्यूँँ मुझे दफ़ना रहे हैं लोग
Zubair Ali Tabish
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मैं ने आँखों के किनारे भी न तर होने दिए
जिस तरफ़ से आया था सैलाब वापस कर दिया
Abbas Tabish
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आज की रात दिवाली है दिए रौशन हैं
आज की रात ये लगता है मैं सो सकता हूँ
Azm Shakri
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मैं ने इक शहर हमेशा के लिए छोड़ दिया
लेकिन उस शहर को आँखों में बसा लाया हूँ
Azm Shakri
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ज़ख़्म जो तुम ने दिया वो इस लिए रक्खा हरा
ज़िंदगी में क्या बचेगा ज़ख़्म भर जाने के बा'द
Azm Shakri
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उस ने अपना बना के छोड़ दिया
क्या असीरी है क्या रिहाई है
Jigar Moradabadi
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ले के ख़त उन का किया ज़ब्त बहुत कुछ लेकिन
थरथराते हुए हाथों ने भरम खोल दिया
Jigar Moradabadi
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राम होने में या रावण में है अंतर इतना
एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है

हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है
कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है
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Kumar Vishwas
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शब-ए-इंतिज़ार की कश्मकश में न पूछ कैसे सहर हुई
कभी इक चराग़ जला दिया कभी इक चराग़ बुझा दिया
Majrooh Sultanpuri
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खो दिया तुम को तो हम पूछते फिरते हैं यही
जिस की तक़दीर बिगड़ जाए वो करता क्या है
Firaq Gorakhpuri
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धूप के एक ही मौसम ने जिन्हें तोड़ दिया
इतने नाज़ुक भी ये रिश्ते न बनाए होते
Waseem Barelvi
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बद-गुमानी को बढ़ा कर तुम ने ये क्या कर दिया
ख़ुद भी तन्हा हो गए मुझ को भी तन्हा कर दिया
Nazeer Banarasi
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भुला दिया है जो तू ने तो कुछ मलाल नहीं
कई दिनों से मुझे भी तिरा ख़याल नहीं
Navin C. Chaturvedi
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सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है
हर घर में बस एक ही कमरा कम है
Javed Akhtar
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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
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चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
Sahir Ludhianvi
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हमारी मुस्कुराहट पर न जाना
दिया तो क़ब्र पर भी जल रहा है
Aanis Moin
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क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Shakeel Badayuni
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दिल नज़र बन जाएगा ग़म हर ख़ुशी हो जाएगी
आप के जाते ही दुनिया दूसरी हो जाएगी
Shakeel Badayuni
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हर इक मकाँ में जला फिर दिया दिवाली का
हर इक तरफ़ को उजाला हुआ दिवाली का
Nazeer Akbarabadi
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उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का
Meer Taqi Meer
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गुज़रने ही न दी वो रात मैं ने
घड़ी पर रख दिया था हाथ मैं ने
Shahzad Ahmad
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बाग़-ए-बहिश्त से मुझे हुक्म-ए-सफ़र दिया था क्यूँँ
कार-ए-जहाँ दराज़ है अब मिरा इंतिज़ार कर
Allama Iqbal
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तू ने ये क्या ग़ज़ब किया मुझ को भी फ़ाश कर दिया
मैं ही तो एक राज़ था सीना-ए-काएनात में
Allama Iqbal
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मक़तल-ए-शौक़ के आदाब निराले हैं बहुत
दिल भी क़ातिल को दिया करते हैं सर से पहले
Ali Sardar Jafri
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मेरे टूटे हौसले के पर निकलते देख कर
उस ने दीवारों को अपनी और ऊँचा कर दिया
Adil Mansuri
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हम को गाली के लिए भी लब हिला सकते नहीं
ग़ैर को बोसा दिया तो मुँह से दिखला कर दिया
Adil Mansuri
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ज़िंदा हूँ इस तरह कि ग़म-ए-ज़िंदगी नहीं
जलता हुआ दिया हूँ मगर रौशनी नहीं
Behzad Lakhnavi
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किसी ने ख़्वाब में आ कर मुझे ये हुक्म दिया
तुम अपने अश्क भी भेजा करो दु'आओं के साथ
Afzal Khan
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ये कह दिया है मिरे आँसुओं ने तंग आ कर
हमें ब-वक़्त-ए-ज़रूरत निकालिए साहब
Afzal Khan
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कैसा मुझ को बना दिया 'अम्मार'
कौन सा रंग भर गए मुझ में
Ammar Iqbal
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दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया
Arzoo Lakhnavi
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इस तरह ज़िंदगी ने दिया है हमारा साथ
जैसे कोई निबाह रहा हो रक़ीब से
Sahir Ludhianvi
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तेरी हर बात मोहब्बत में गवारा कर के
दिल के बाज़ार में बैठे हैं ख़सारा कर के

आसमानों की तरफ़ फेंक दिया है मैं ने
चंद मिट्टी के चराग़ों को सितारा कर के
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Rahat Indori
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ये इंतिज़ार सहर का था या तुम्हारा था
दिया जलाया भी मैं ने दिया बुझाया भी
Aanis Moin
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हालात ने किसी से जुदा कर दिया मुझे
अब ज़िंदगी से ज़िंदगी महरूम हो गई
Asad Bhopali
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ये चुपके चुपके न थमने वाली हँसी तो देखो
वो साथ है तो ज़रा हमारी ख़ुशी तो देखो
Shariq Kaifi
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तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही
तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
Sahir Ludhianvi
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वो एक राज़ जो मुद्दत से राज़ था ही नहीं
उस एक राज़ से पर्दा उठा दिया गया है
Aziz Nabeel
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चाँद तारे इक दिया और रात का कोमल बदन
सुब्ह-दम बिखरे पड़े थे चार सू मेरी तरह
Aziz Nabeel
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इन्हीं ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चाँद निकलेगा
अँधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है
Akhtar Shirani
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बिछड़ जाएँगे हम दोनों ज़मीं पर
ये उस ने आसमाँ पर लिख दिया है
Siraj Faisal Khan
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कुछ इस अदास मोहब्बत-शनास होना है
ख़ुशी के बाब में मुझ को उदास होना है
Rahul Jha
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गाहे गाहे बस अब यही हो क्या
तुम सेे मिल कर बहुत ख़ुशी हो क्या
Jaun Elia
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उस के फ़रोग़-ए-हुस्न से झमके है सब में नूर
शम-ए-हरम हो या हो दिया सोमनात का
Meer Taqi Meer
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क्या बोला मुझे ख़ुद को तुम्हारा नहीं कहना
ये बात कभी मुझ सेे दुबारा नहीं कहना

ये हुक़्म भी उस जान से प्यारे ने दिया है
कुछ भी हो मुझे जान से प्यारा नहीं कहना
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Ali Zaryoun
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दिया बुझ जाए तो अचरज नहीं है
हवा का रुख बदलता जा रहा है
Atul K Rai
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मैं चाहता हूँ इक मुसलमां दोस्त हो मेरा
मेरे मकाँ में ईद हो उस के दिवाली हो
Siddharth Saaz
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उस मेहरबाँ नज़र की इनायत का शुक्रिया
तोहफ़ा दिया है ईद पे हम को जुदाई का
Unknown
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मेरे क़ुबूल पे उस ने क़ुबूल कह तो दिया
पर एक बार कहा उस ने तीन बार नहीं
Varun Anand
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तुम सेे बिछड़ के हम को यही लग रहा है अब
जैसे मिटा दिया है ख़ुदा ने लिखा हुआ
Siddharth Saaz
हर गीत में हर बार गाऊँगा तुझे
अपनी ग़ज़ल में गुनगुनाऊँगा तुझे

तू ईद है और तू ही दीवाली मेरी
मैं हर बरस यूँँही मनाऊँगा तुझे
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Krishnakant Kabk
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ख़ुदा ने फ़न दिया हम को कि लड़के इश्क़ लिखेंगे
ख़ुदा कब जानता था हम, ग़ज़ल में दर्द भर देंगे
Prashant Sharma Daraz
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दवा से हल न हुआ तो दुआ पे छोड़ दिया
तिरा मोआ'मला हम ने ख़ुदा पे छोड़ दिया
Khurram Afaq
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जब भी माँगूँ तेरी ख़ुशी माँगूँ
और दुआएँ ख़ुदा तलक जाएँ

ख़्वाब आएँ तो नींद यूँँ महके
आँख से ख़ुशबुएँ छलक जाएँ
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Ritesh Rajwada
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उस ने हम सेे बातें करना छोड़ दिया
माँ की जिस सेे बात कराने वाले थे
Tanoj Dadhich
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वहाँ शायद कोई बैठा हुआ है
अभी खिड़की में इक जलता दिया है
Aadil Raza Mansoori
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मैं दौड़ दौड़ के ख़ुद को पकड़ के लाता हूँ
तुम्हारे इश्क़ ने बच्चा बना दिया है मुझे
Liaqat Jafri
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कोई दवा न दे सके मशवरा-ए-दुआ दिया
चारागरों ने और भी दर्द दिल का बढ़ा दिया
Hafeez Jalandhari
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क़ुबूल है जिन्हें ग़म भी तेरी ख़ुशी के लिए
वो जी रहे हैं हक़ीक़त में ज़िन्दगी के लिए
Nasir Kazmi
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ज़िन्दगी पर लिख दिया था नाम मैं ने राम का
और फिर दुख के समुंदर पार सारे हो गए
Tanoj Dadhich
उँगलियों चैन पड़ गया तुम को
उस ने इग्नोर कर दिया मैसेज
Nadim Nadeem
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए
इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं

तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया
इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
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Fahmi Badayuni
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प्यार मुहब्बत बा'द की बातें जान कभी ये सोचा है
किस ने तेरा साथ दिया था कौन नशे में ख़त्म हुआ
Vikram Gaur Vairagi
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गुमान है या किसी विश्वास में है
सभी अच्छे दिनों की आस में है

ये कैसा जश्न है घर वापसी का
अभी तो राम ही वनवास में है
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Azhar Iqbal
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दुआएँ दे रहे हैं उस को ज़िंदगी की मगर
हमीं हैं जिस ने कि जीना मुहाल कर दिया है
Afzal Ali Afzal
जो सुनते हैं कि तिरे शहर में दसहरा है
हम अपने घर में दिवाली सजाने लगते हैं
Jamuna Parsad Rahi
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होने दो चराग़ाँ महलों में क्या हम को अगर दीवाली है
मज़दूर हैं हम मज़दूर हैं हम मज़दूर की दुनिया काली है
Jameel Mazhari
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वो दिन भी हाए क्या दिन थे जब अपना भी तअल्लुक़ था
दशहरे से दिवाली से बसंतों से बहारों से
Kaif Bhopali
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बीस बरस से इक तारे पर मन की जोत जगाता हूँ
दीवाली की रात को तू भी कोई दिया जलाया कर
Majid Ul Baqri
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दोस्तो क्या क्या दिवाली में नशात-ओ-ऐश है
सब मुहय्या है जो इस हंगाम के शायाँ है शय
Nazeer Akbarabadi
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जल बुझूँगा भड़क के दम भर में
मैं हूँ गोया दिया दिवाली का
Nadir Shahjahanpuri
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यही बहुत है मिरे ग़म में तुम शरीक हुए
मैं हॅंस पड़ूँगा अगर तुम ने अब दिलासा दिया
Imran Aami
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रो रहा था गोद में अम्माँ की इक तिफ़्ल-ए-हसीं
इस तरह पलकों पे आँसू हो रहे थे बे-क़रार

जैसे दीवाली की शब हल्की हवा के सामने
गाँव की नीची मुंडेरों पर चराग़ों की क़तार
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Ehsan Danish
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वो आँखें आप के ग़म में नहीं हुई हैं नम
दिया जलाते हुए हाथ जल गया होगा
Shadab Javed
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मेहनत तो करता हूँ फिर भी घर ख़ाली है बाबूजी
मिट्टी के कुछ दीपक ले लो दीवाली है बाबूजी

मिट्टी बेच रहा हूँ जिस
में कोई जाल फ़रेब नहीं
सोना चाँदी दूध मिठाई सब जा'ली है बाबूजी
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Gyan Prakash Akul
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रात की भीगी-भीगी मिट्टी से कुछ उजाले उगा रही होगी
मेरी दुनिया में कर के अँधियारा वो दिवाली मना रही होगी
Tanveer Ghazi
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दिवाली भी दिवाली अब नहीं है
तुम्हारे साथ हर दिन थी दिवाली
Tanoj Dadhich
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अब तो ख़ुद अपने ख़ून ने भी साफ़ कह दिया
मैं आप का रहूॅंगा मगर उम्र भर नहीं
Aalok Shrivastav
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घर के बुज़ुर्ग लोगों की आँखें क्या बुझ गईं
अब रौशनी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा

आए थे मीर ख़्वाब में कल डाँट कर गए
क्या शा'इरी के नाम पर कुछ भी नहीं रहा
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Aalok Shrivastav
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दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल-फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
Faiz Ahmad Faiz
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इश्क़ को छोड़ सब चुन लिया उस ने फिर
रख दिया फल को फिर टोकरी से अलग
Neeraj Neer
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तुझे भुला भी दिया फिर भी तेरे पास रहा
परिंदे उड़ गए लेकिन कफ़स उदास रहा
Shadab Asghar
तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना
ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
उस एक ख़त ने सुख़न-वर बना दिया मुझ को
वो एक ख़त कि जो लिक्खा नहीं गया मुझ से
Shahid Zaki
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जहन्नुम कर दिया है ज़िन्दगी को
तुम्हारी ऐसी की तैसी मोहब्बत
Ashraf Jahangeer
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माफ़ कर तो दिया है मगर कहो उन सेे
वो थोड़ी देर मेरे सामने से हट जाएँ
Azhar Nawaz
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