Mehnat Shayari Collection - Hard work, struggle, and success expressed through powerful poetry

Mehnat Shayari beautifully captures the spirit of hard work, dedication, and relentless struggle. These verses reflect the journey from effort to achievement, where every koshish leads closer to success. Whether you're chasing dreams or overcoming obstacles, this collection inspires with powerful words of perseverance and growth.

mehnat shayari
कोशिश भी कर उमीद भी रख रास्ता भी चुन
फिर इस के ब'अद थोड़ा मुक़द्दर तलाश कर
Nida Fazli
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mehnati shayari
मेरे जुनूँ का नतीजा ज़रूर निकलेगा
इसी सियाह समुंदर से नूर निकलेगा
Ameer Qazalbash
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इस दुनिया का हर मंसूबा हर कोशिश बेकार हुई
इक बच्चे ने हाथ बढ़ाया चाँद को छू कर देख लिया
Tariq Qamar
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जहाँ सारे हवा बनने की कोशिश कर रहे थे
वहाँ भी हम दिया बनने की कोशिश कर रहे थे
Abbas Qamar
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उन्हीं के फ़ैज़ से बाज़ार-ए-अक़्ल रौशन है,
जो गाह गाह जुनूँ इख़्तियार करते रहे
Faiz Ahmad Faiz
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हम मेहनतकश इस दुनिया से जब अपना हिस्सा माँगेंगे
इक बाग़ नहीं, इक खेत नहीं, हम सारी दुनिया माँगेंगे
Faiz Ahmad Faiz
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उस की तस्वीरें हैं दिलकश तो होंगी
जैसी दीवारें हैं वैसा साया है

एक मैं हूँ जो तेरे क़त्ल की कोशिश में था
एक तू है जो जेल में खाना लाया है
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Tehzeeb Hafi
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मैं ने मेहनत से हथेली पे लकीरें खींचीं
वो जिन्हें कातिब-ए-तक़दीर नहीं खींच सका
Umair Najmi
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देख मोहब्बत का दस्तूर
तू मुझ से मैं तुझ से दूर

कोशिश लाज़िम है प्यारे
आगे जो उस को मंज़ूर
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Nasir Kazmi
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मुझ से कहा जिब्रील-ए-जुनूँ ने ये भी वही-ए-इलाही है
मज़हब तो बस मज़हब-ए-दिल है बाक़ी सब गुमराही है
Majrooh Sultanpuri
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हम को जुनूँ क्या सिखलाते हो हम थे परेशाँ तुम से ज़ियादा
चाक किए हैं हम ने अज़ीज़ो चार गरेबाँ तुम से ज़ियादा
Majrooh Sultanpuri
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कमी न की तिरे वहशी ने ख़ाक उड़ाने में
जुनूँ का नाम उछलता रहा ज़माने में
Firaq Gorakhpuri
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कितनी लंबी ख़ामोशी से गुज़रा हूँ
उन से कितना कुछ कहने की कोशिश की
Gulzar
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बी.ए भी पास हों मिले बी-बी भी दिल-पसंद
मेहनत की है वो बात ये क़िस्मत की बात है
Akbar Allahabadi
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वही मंज़िलें वही दश्त ओ दर तिरे दिल-ज़दों के हैं राहबर
वही आरज़ू वही जुस्तुजू वही राह-ए-पुर-ख़तर-ए-जुनूँ
Noon Meem Rashid
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एक से एक जुनूँ का मारा इस बस्ती में रहता है
एक हमीं हुशियार थे यारो एक हमीं बद-नाम हुए
Ibn E Insha
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कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया
उदासी की मेहनत ठिकाने लगी
Adil Mansuri
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मुहब्बत दुसरी कोशिश में पहली मर्तबा होगी
वही स्कूल की लड़की मेरे कॉलेज में आई है
Nasir khan 'Nasir'
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ख़ुद जिसे मेहनत मशक़्क़त से बनाता हूँ 'जमाल'
छोड़ देता हूँ वो रस्ता आम हो जाने के बा'द
Jamal Ehsani
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मेहनत से है अज़्मत कि ज़माने में नगीं को
बे-काविश-ए-सीना न कभी नामवरी दी
Bahadur Shah Zafar
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तदबीर के दस्त-ए-रंगीं से तक़दीर दरख़्शाँ होती है
क़ुदरत भी मदद फ़रमाती है जब कोशिश-ए-इंसाँ होती है
Hafeez Banarasi
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उस से बढ़ कर किया मिलेगा और इनआम-ए-जुनूँ
अब तो वो भी कह रहे हैं अपना दीवाना मुझे
Hafeez Banarasi
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ये फ़ोकस, पढ़ाई, फ्यूचर, लगन और कैरियर की बातें
मियाँ, मसअला ये है तुम ने अभी उस को देखा नहीं है
Ahmad Farhad
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फ़रिश्ते से बढ़ कर है इंसान बनना
मगर इस में लगती है मेहनत ज़ियादा
Altaf Hussain Hali
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बाद-ए-बहार में सब आतिश जुनून की है
हर साल आवती है गर्मी में फ़स्ल-ए-होली
Wali Uzlat
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दुनिया वालों ने तो पूरी कोशिश की ठुकराने की
लेकिन अपनी जिद्द में हम ने ख़ुद को मनवा रक्खा है
Manish Shukla
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शायद अगली इक कोशिश तक़दीर बदल दे
ज़हर तो जब जी चाहे खाया जा सकता है
Siraj Faisal Khan
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मेरी अक्ल-ओ-होश की सब हालतें
तुम ने साँचे में जुनूँ के ढाल दी

कर लिया था मैं ने अहद-ए-तर्क-ए-इश्क़
तुम ने फिर बाँहें गले में डाल दी
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Jaun Elia
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कुछ न मैं समझा जुनून ओ इश्क़ में
देर नासेह मुझ को समझाता रहा
Meer Taqi Meer
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ऐ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा हाँ इश्क़-ए-जुनूँ-पेशा
आज एक सितमगर को हँस हँस के रुलाना है
Jigar Moradabadi
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करे जो क़ैद जुनूँ को वो जाल मत देना
हो जिस
में होश उसे ऐसा हाल मत देना

जो मुझ सेे मिलने का तुम को कभी ख़याल आए
तो इस ख़याल को तुम कल पे टाल मत देना
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Kashif Adeeb Makanpuri
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हर एक सम्त यहाँ वहशतों का मस्कन है
जुनूँ के वास्ते सहरा ओ आशियाना क्या
Azhar Iqbal
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मुझ को ख़्वाहिश है उसी शान की दिवाली की
लक्ष्मी देश में उल्फ़त की शब-ओ-रोज़ रहे

देश को प्यार से मेहनत से सँवारें मिल कर
अहल-ए-भारत के दिलों में ये 'कँवल' सोज़ रहे
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Kanval Dibaivi
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मेहनत तो करता हूँ फिर भी घर ख़ाली है बाबूजी
मिट्टी के कुछ दीपक ले लो दीवाली है बाबूजी

मिट्टी बेच रहा हूँ जिस
में कोई जाल फ़रेब नहीं
सोना चाँदी दूध मिठाई सब जा'ली है बाबूजी
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Gyan Prakash Akul
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मेरी कोशिश तो यही है कि ये मासूम रहे
और दिल है कि समझदार हुआ जाता है
Vikas Sharma Raaz
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ऐ मिरी ज़ात के सुकूँ आ जा
थम न जाए कहीं जुनूँ आ जा

इस से पहले कि मैं अज़िय्यत में
अपनी आँखों को नोच लूँ आ जा
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Fareeha Naqvi
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पहले कहता है जुनूँ उस का गिरेबान पकड़
फिर मेरा दिल मुझे कहता है इधर कान पकड़

ऐसी वहशत भी न हो घर के दरो बाम कहें
कोई आवाज़ ही ले आ कोई मेहमान पकड़
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Azbar Safeer
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जिन हौसलों से मेरा जुनूँ मुतमइन न था
वो हौसले ज़माने के मेआ'र हो गए
Ali Jawwad Zaidi
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एक मुसलसल कोशिश ये बतलाती है
छैनी से पर्वत काटा जा सकता है
Divy Kamaldhwaj
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पहले कोई कोशिश कर के तो देखे
हम इतने भी सख़्त नहीं दुनिया वालों
Divy Kamaldhwaj
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मुमकिन ही नहीं जीतना कोशिश से कोई दिल
कुछ बस में नहीं बाल बनाने के अलावा
Shariq Kaifi
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मिरे नादान दिल को साज़िशों से
फ़ना करने की कोशिश की गई है
Akash Rajpoot
शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मुयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर ख़ुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुद-कुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गई आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की
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Aman G Mishra
जब सर-ए-शाम पजीराई-ए-फ़न होती है
शाहज़ादी को कनीज़ों से जलन होती है

ले तो आया हूँ तुझे घेर के अपनी जानिब
आगे इंसान की अपनी भी लगन होती है
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Azhar Faragh
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तेरे बग़ैर ख़ुदा की क़सम सुकून नहीं
सफ़ेद बाल हुए हैं हमारा ख़ून नहीं

न हम ही लौंडे लपाड़ी न कच्ची उम्र का वो
ये सोचा समझा हुआ इश्क़ है जुनून नहीं
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Shamim Abbas
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तोड़ कर तुझ को भला मेरा भी क्या बन जाता
उल्टा मैं ख़ुद की मुहब्बत प सज़ा बन जाता

जितनी कोशिश है तिरी एक तवज्जोह के लिए
उस सेे कम में तो मैं दुनिया का ख़ुदा बन जाता
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Ashutosh Vdyarthi
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ख़ुद को मसरूफ़ किए रखने की कोशिश करना
क्या तेरी याद के ज़ुमरे में नहीं आता है
Jawwad Sheikh
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उन्हें आँखों ने बे-दर्दी से बे-घर कर दिया है
ये आँसू क़हक़हा बनने की कोशिश कर रहे थे
Abbas Qamar
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तुझे पाने की कोशिश में कुछ इतना खो चुका हूँ मैं
कि तू मिल भी अगर जाए तो अब मिलने का ग़म होगा
Waseem Barelvi
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कभी दर्द की तमन्ना कभी कोशिश-ए-मुदावा
कभी बिजलियों की ख़्वाहिश कभी फ़िक्र-ए-आशियाना
Moin Ahsan Jazbi
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बचा लिया मुझे ग़र्क़ाब होने से उस ने
जुनून ए इश्क़ है लाया नदी के पार मुझे
Amaan Pathan
इक बार तुझे अक़्ल ने चाहा था भुलाना
सौ बार जुनूँ ने तिरी तस्वीर दिखा दी
Mahir ul Qadri
इन्ही हैरत-ज़दा आँखों से देखे हैं वो आँसू भी
जो अक्सर धूप में मेहनत की पेशानी से ढलते हैं
Jameel Mazhari
ये काएनात मेरे सामने है मिस्ल-ए-बिसात
कहीं जुनूँ में उलट दूँ न इस जहान को मैं
Akhtar Usman
मैं पीछे भागने वालों में सब से आगे हूँ
ये मेरी आख़िरी कोशिश है ख़ुद को पाने की
Abbas Qamar
ये सच है शौक़ भी पहले जुनून होता था
मगर जुनून भी अब शौक़ बन गया देखो
Saarthi Baidyanath
कितने रूप बदल कर तेरे चेहरे को
छूने की मैं कोशिश करता रहता हूँ
Saarthi Baidyanath
मैं तुझे भूल जाने की कोशिश में हूँ
तू मुझे याद आने की कोशिश न कर
Shekhar kumar
मुझ को अपने रंग में रँगने की कोशिश तो करो
मैं तेरी ही हूँ ये समझने की कोशिश तो करो

मीरा तो पहले से ही कन्हा थी तुम्हारी ही
तुम भी अब मीरा का बनने की कोशिश तो करो
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BR SUDHAKAR
अव्वल, अव्वल सबने आने की ज़िद है
क्या सबने मेहनत फ़र-फ़र कर लेना है?
Abhinav Baishander
दुनिया बचाने की कोशिश में लगा था मैं तो
पर जल गया मेरा ही घर-बार धीरे धीरे
Alankrat Srivastava
बहुत रोने की कोशिश की मगर आँसू नहीं आए
इन्हीं आँखों से फिर कैसे कहाँ से खूँ टपकता है
Saarthi Baidyanath
देखना है अगर जुनून-ए-इश्क़
लहरों पे नाचते सफ़ीने देख
Chandan Sharma
मिन्नत, कोशिश, अश्क-ओ-आह, फ़ुज़ूल है
उफ़! ये उल्फ़त कितनी ऊल-जुलूल है
Saurabh Mehta 'Alfaaz'
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क़ैस-ओ-लैला की ही मेहनत का नतीजा है 'शजर'
कू-ब-कू ये जो मोहब्बत के अलम उठते हैं
Shajar Abbas
उतर न पाएगा ता उम्र इन के सर से जुनूँ
ये नौजवान अगर देख लेंगे आँखें तेरी
Shajar Abbas
दिवाने पन की अपने भी कोई सीमा नहीं यारो
जुनूँ में ख़ुद ही ख़ुद से ख़ुद का ही सर फोड़ लेते हैं
Ajeetendra Aazi Tamaam
इश्क़ की अब, इंतिहा क्या? इब्तिदा क्या?
शय ये ला-हासिल व ला-फ़ानी जुनूँ है
A R Sahil "Aleeg"
आप गर ये न समझ पाए के दुनिया क्या है
उम्र भर रह के यहाँ आप ने समझा क्या है

मेरी कोशिश का नतीजा ही बताता है मुझे
मेरी तकदीर में अल्लाह ने लिखा क्या है
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Altaf Iqbal
हमारा शा'इरी से काम तो चलता रहेगा जी
अगर इक नौकरी मिल जाए तो अच्छा रहेगा जी

मिरी पहली ये कोशिश है तुम्हारा ज़ख़्म भर जाए
हमारे ज़ख़्म का क्या है ये तो भरता रहेगा जी
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Akash Rajpoot
ख़ुदा से तो कभी दुनिया, कभी ख़ुदस लड़ा हूँ मैं
जुनूँ-ए-इश्क़ में मत पूछ, दिल कितनों के तोड़े हैं
A R Sahil "Aleeg"
ख़ुदा मुझ को मेहनती भी बना, फिर दे बेबसी भी
सुना है मेहनतकशी, बेबसी ही भाती है तुझ को
A R Sahil "Aleeg"
न कोई शिकवा शिकायत, न रोना-धोना, न कोशिश करूँँगा मैं रोकने की
फ़क़त इतना कह दो, इस बेवफ़ाई की क्या वजह है? ख़ता आख़िर क्या है मेरी
A R Sahil "Aleeg"
हर इक कोशिश करने वालों की क़िस्मत में जीत होती नहीं साहब
शिकस्ता लोगों को तो दोस्त, दुनिया में याद कोई नहीं रखता
A R Sahil "Aleeg"
कामयाबी तीन लोगों को ही मिलती है जहाँ में
जो दियानत-दार मेहनतकश व अख़लाक़ी हों साहब
A R Sahil "Aleeg"
कमा के खाने से, मेहनत से तुम को क्या मतलब
तुम्हें तो लग चुकी है अब हराम की आदत
Amaan mirza
हर एक बात पे करते हो क़त्ल-ए-आम की बातें
तुम्हीं बताओ अब अंज़ाम-ए-गर्मी-ए-जुनूँ क्या है
Ajeetendra Aazi Tamaam
उस के बिन मर जाएँगे हम ने कहा था
अब हो कोशिश क्यूँ? कि जब जीना ग़लत है
BR SUDHAKAR
हर बात पर जो क़सम खाते रहते हो तुम
ये झूठ को सच बनाने की कोशिश है क्या
A R Sahil "Aleeg"
रही यार कोशिश यही हर समय बस
न ख़ुद को दिलों में बिठा ही सके हम
Raunak Karn
और हर दिन एक ही कोशिश
ज़िंदगी बस जीने की साज़िश
Faizan Faizi
और इक रोज़ हम ने ये देखा
यार मुश्किल नहीं मेहनत करना
Akash Panwar
आरज़ू-ए-ज़िन्दगी ले आई इतनी दूर अब
देखना है ये जुनूँ मेरा कहाँ तक जाता है
Mahesh Natakwala
मैं तुम्हें भूलने की कोशिश में
जान-ए-मन ख़ुद को भूल बैठा हूँ
Shajar Abbas
सिर्फ़ कोशिश का नतीजा ही नहीं है अल्ताफ़
फज़ले रब्बी से ये पाए है किनारे हम ने
Altaf Iqbal
आप को इल्म भी है इस का ज़रा
आप क्या क्या जुनूँ में बकते हैं

आप को हक़ है रूठ जाने का
आप चाहें तो रूठ सकते हैं
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Shajar Abbas
मेरा दिल ही मुझ को राह दिखाता है
आख़िर पागल को पागल समझाता है

चाहे कितनी भी कोशिश कर लो यारो
पहला प्यार अधूरा ही रह जाता है
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Shekhar kumar
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तुम्हें तो यूँँ ही किस्मत से मोहब्बत मिल गई थी ना
अगर मेहनत से मिलती तो जुदा होने का ग़म होता
anupam shah
भले कर लो बहुत कोशिश कि सब कुछ साफ सुथरा हो
मगर जो दिल के गंदे हैं भला क्या साफ हो सकते
Nirbhay Nishchhal
हुई थी लाख कोशिश बच निकलने की
कभी निकले नहीं दिल से नहीं निकले
Akshay Sopori
सही में अब हमें शायद किसी शमशान जाना था
सही में अब हमारा दर्द से रिश्ता पुराना था

हमें तो आपसे बस बात करने की रही कोशिश
अरे ये स्कूल की कॉपी किताबें सब बहाना था
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Raunak Karn
हल्के हल्के ही से तेरा जुनून निकलेगा
फिर भी आई याद अब आँखों से ख़ून निकलेगा
Shadab khan
लिखें कैसे कि इच्छा मर चुकी है
हमारी डाइरी भी भर चुकी है

दुआ अब जितनी मर्ज़ी कर ले कोशिश
बला ये काम अपना कर चुकी है
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Aman Mishra 'Anant'
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तेरी महनत की इज़्ज़त को गिरा दिया है
पैसों के लालच ने तुझ को हरा दिया है
Meem Alif Shaz
करो कोशिश लकीरों को मिटाने की
मुकद्दर में लिखा बदला नहीं जाता
Aniket sagar
आवाज़-ए-क़ैस सुन के सभी आशिक़-ए-जहाँ
दश्त-ए-जुनूँ की सिम्त को आमादा हो गए
Shajar Abbas
अगर मेहनत समझनी हो तो सीखो तुम किसानों से
ज़रा इक बार आ कर खेत में हल ख़ेंच कर देखो
Kushal "PARINDA"
रात में यूँँ सुकून का होना
बात में यूँँ जुनून का होना
Seema Mahapatra
है वक़्त का कोई तक़ाज़ा या जुनूँ बाक़ी मेरा
मैं लिख रहा हूँ जिस्म पर जब तक है ख़ूँ बाक़ी मेरा
Ashkrit Tiwari
कल तलक जो था अब वो हाल कहाँ
अब वो रानाई-ए-ख़्याल कहाँ

लाख दुश्मन करें यहाँ कोशिश
सत्य है हम तो हम को काल कहाँ
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Navneet krishna
है बाप का संघर्ष ही
औलाद की तो प्रेरणा
"Dharam" Barot
क़ुर्बान क्या करेंगे भला इस हयात पर
अपना पराया करते हैं जो बात बात पर

हर हादसे से लड़ने का पैदा करें जुनून
क़ाबू नहीं है अपना किसी हादसात पर
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Prashant Sitapuri
हमें भूलाने की कोशिश में मारे जाओगे
हमें भूलाने में ख़ुद को भूलाना पड़ता है
Harun Umar
चाहे कितनी भी कोशिश करलूँ लेकिन
तुझ सेे नफ़रत करना तो नामुमकिन है
Sanskar Shrivastav
उठ जाओ अब बन्धू मेरे आख़िर किस दिन जागोगे
भाग रहे हो मेहनत से मेहनत से कब तक भागोगे
Pushpendra Mishra
लाख दुश्मन करें यहाँ कोशिश
सत्य हैं हम तो हम को काल कहाँ
Navneet krishna
नफ़रतों में जलाने की कोशिश न कर
तू हमें यूँँ मिटाने की साज़िश न कर
Danish Balliavi
कोशिश सब करते हैं उस को पाने की
सौ में लेकिन एक निशाना लगता है
Arvind Asar