Tanhai Shayari - Lonely thoughts, silence, and broken feelings in poetic words

Tanhai shayari beautifully captures the feeling of loneliness, silence, and emotional emptiness. It reflects those quiet moments when a person feels alone even in a crowd. These verses give words to hidden दर्द, unspoken thoughts, and the deep connection between solitude and the human heart.

tanhai shayari
ख़ुदा को मान कि तुझ लब के चूमने के सिवा
कोई इलाज नहीं आज की उदासी का
Zafar Iqbal
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tanha shayari
चाँद सा मिस्रा अकेला है मिरे काग़ज़ पर
छत पे आ जाओ मिरा शे'र मुकम्मल कर दो
Bashir Badr
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उदासी का सबब दो चार ग़म होते तो कह देता
फ़ुलाँ को भूल बैठा हूँ फ़ुलाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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ईद ख़ुशियों का दिन सही लेकिन
इक उदासी भी साथ लाती है

ज़ख़्म उभरते हैं जाने कब कब के
जाने किस किस की याद आती है
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Farhat Ehsaas
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मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
Tehzeeb Hafi
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मेरे कमरे में उदासी है क़यामत की मगर
एक तस्वीर पुरानी सी हँसा करती है
Abbas Qamar
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एक महफ़िल में कई महफ़िलें होती हैं शरीक
जिस को भी पास से देखोगे अकेला होगा
Nida Fazli
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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मैं अकेला ही चला था जानिब-ए-मंज़िल मगर
लोग साथ आते गए और कारवाँ बनता गया
Majrooh Sultanpuri
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कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया
उदासी की मेहनत ठिकाने लगी
Adil Mansuri
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क़ैस जंगल में अकेला है मुझे जाने दो
ख़ूब गुज़रेगी जो मिल बैठेंगे दीवाने दो
Miyan Dad Khan Sayyah
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है आज ये गिला कि अकेला है 'शहरयार'
तरसोगे कल हुजूम में तन्हाई के लिए
Shahryar
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मैं तो ग़ज़ल सुना के अकेला खड़ा रहा
सब अपने अपने चाहने वालों में खो गए
Krishna Bihari Noor
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गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है
माफ़ करना, काम मुझ को और भी हैं दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
पहले तो वो हाथ पकड़ कर कमरे से बाहर लाया
और फिर मुझ को इस दुनिया में यार अकेला छोड़ गया
Tanoj Dadhich
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यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है
तो एक अकेला जुगनू भी सब अन्धकार हर लेता है
Balkavi Bairagi
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हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर'
उदासी बाल खोले सो रही है
Nasir Kazmi
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सभी के साथ दिखना भी मगर सब सेे जुदा रहना भी है उस को
उदासी साथ भी रखनी है और तस्वीर में हँसना भी है उस को
Kafeel Rana
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जो सावन होते सूखा, उस फूल पे लानत हो
मुझ पे लानत, तेरे होते, यार उदासी है
Siddharth Saaz
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मैं कुछ दिन से अचानक फिर अकेला पड़ गया हूँ
नए मौसम में इक वहशत पुरानी काटती है
Liaqat Jafri
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है
फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है

तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती
तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
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Jawwad Sheikh
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कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है
हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं
Jaani Lakhnavi
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दबी कुचली हुई सब ख़्वाहिशों के सर निकल आए
ज़रा पैसा हुआ तो च्यूँँटियों के पर निकल आए

अभी उड़ते नहीं तो फ़ाख़्ता के साथ हैं बच्चे
अकेला छोड़ देंगे माँ को जिस दिन पर निकल आए
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Mehshar Afridi
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अज़ल से ले कर के आज तक मैं कभी भी तन्हा नहीं रहा हूँ
कभी थे तुम तो, कभी थी दुनिया, कभी ये ग़ज़लें, कभी उदासी
Ankit Maurya
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तो देख लेना हमारे बच्चों के बाल जल्दी सफ़ेद होंगे
हमारी छोड़ी हुई उदासी से सात नस्लें उदास होंगी
Danish Naqvi
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ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है
एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
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उदासी चल कहीं चलते हैं दोनों
पिएँगे चाय और बातें करेंगे
Gaurav Singh
ख़ून से जोड़ा हुआ हर ईंट ढेला हो गया
दो तरफ़ चूल्हे जले औ' घर अकेला हो गया
Dhiraj Singh 'Tahammul'
उम्र भर मेरी उदासी के लिए काफ़ी है
जो सबब मेरी ख़मोशी के लिए काफ़ी है

जान दे देंगे अगर आप कहेंगे हम सेे
जान देना ही मुआ'फ़ी के लिए काफ़ी है
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Aakash Giri
तुम्हारी एक हरकत से उदासी आए चेहरे पर
किसी को इस तरह भी मत करो लाचार होली में
Vijay Anand Mahir
कम अज़ कम इक ज़माना चाहता हूँ
कि तुम को भूल जाना चाहता हूँ

ख़ुदारा मुझ को तन्हा छोड़ दीजे
मैं खुल कर मुस्कुराना चाहता हूँ

सरासर आप हूँ मद्दे मुक़ाबिल
ख़ुदी ख़ुद को हराना चाहता हूँ

मेरे हक़ में उरूस-ए-शब है मक़्तल
सो उस से लब मिलाना चाहता हूँ

ये आलम है, कि अपने ही लहू में
सरासर डूब जाना चाहता हूँ

सुना है तोड़ते हो दिल सभों का
सो तुम से दिल लगाना चाहता हूँ

उसी बज़्म-ए-तरब की आरज़ू है
वही मंज़र पुराना चाहता हूँ

नज़र से तीर फैंको हो, सो मैं भी
जिगर पर तीर खाना चाहता हूँ

चराग़ों को पयाम-ए-ख़ामुशी दे
तेरे नज़दीक आना चाहता हूँ
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Kazim Rizvi
उदासी का सबब उस सेे जो हम तब पूछ लेते
वजह फिर पूछनी पड़ती न शायद ख़ुद-कुशी की
Dipendra Singh 'Raaz'
सुब्ह-ओ-शाम अब हम को बस उदास रहना है
ग़मज़दों की मंज़िल का रास्ता उदासी है
Rohit tewatia 'Ishq'
बस एक मैं था जिस सेे सच मुच में दिलबरी की
वरना हर आदमी से उस ने दो नंबरी की

जिस बात में भी हम ने ख़ुद को अकेला रक्खा
बाग़ात में भी हम ने जोड़ों की मुख़बरी की
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Muzdum Khan
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उदासी इक समुंदर है कि जिस की तह नहीं है
मैं नीचे और नीचे और नीचे जा रहा हूँ
Charagh Sharma
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मैं थक गया हूँ ख़ुदारा उदासी होते हुए
किसी के सुर्ख़ लबों का मुझे तबस्सुम कर
Amaan Haider
कोई हादसा ले कर आदमी किधर जाए
आदमी अगर कह दे हादसा उदासी है
Rohit tewatia 'Ishq'
मज़ा चहिए जो आख़िर तक उदासी से मोहब्बत कर
ख़ुशी का क्या है कब तब्दील है से थी में हो जाए
Atul K Rai
उदासी पर कहे हैं शे'र सबने
उदासी को जिया कितनों ने लेकिन ?
Tanoj Dadhich
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तुम मिरे साथ हो ये सच तो नहीं है लेकिन
मैं अगर झूट न बोलूँ तो अकेला हो जाऊँ
Ahmad Kamal Parvazi
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ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भाँप कर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हों
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Gaurav Singh
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मैं वो नाकाम मुसव्विर हूँ जो ख़ुद के हाथों
एक उदासी के सिवा कुछ न बना पाया है
Ashutosh Vdyarthi
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उदासी जैसे कि उस के बदन का हिस्सा है
अधूरा लगता है वो शख़्स अगर उदास न हो
Vikram Sharma
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हम पे एहसान हैं उदासी के
मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
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मेरी बरसों की उदासी का सिला कुछ तो मिले
उस से कह दो वो मेरा क़र्ज़ चुकाने आए
Khalil Ur Rehman Qamar
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शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मुयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर ख़ुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुद-कुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गई आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की
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Aman G Mishra
ख़ाली पड़ा है और उदासी भरा है दिल
सो लोग इस मकान से आगे निकल गए
Ankit Maurya
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अब ये सोचा है बस ख़ुश रहेंगे
दिल उदासी से उकता गया है
Sapna Moolchandani
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पता करो कि मेरे साथ कौन उतरा था
ज़मीं पे कोई अकेला नहीं उतरता है
Ahmad Abdullah
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ख़मोशी तो यही बतला रही है
उदासी रास मुझ को आ रही है

मुझे जिन ग़लतियों से सीखना था
वही फिर ज़िंदगी दोहरा रही है
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Vishal Singh Tabish
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गर कोई मुझ सेे आ कर कहता, यार उदासी है
मैं उस को गले लगाकर कहता, यार उदासी है

होता दरवेश अगर मैं तो फिर सारी दो-पहरी
गलियों में सदा लगाकर कहता, यार उदासी है
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Siddharth Saaz
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उस ख़ूब-रू से रब्त ज़रा कम हुआ मेरा
ये देख कर उदासी मेरे संग लग गई
Siddharth Saaz
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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में
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Anis shah anis
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मेरे नादाँ दिल उदासी कोई अच्छी शय नहीं
देख सूखे फूल पर आती नहीं हैं तितलियाँ
Deepak Vikal
नाप रहा था एक उदासी की गहराई
हाथ पकड़कर वापस लाई है तन्हाई

वस्ल दिनों को काफ़ी छोटा कर देता है
हिज्र बढ़ा देता है रातों की लम्बाई
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Tanoj Dadhich
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हाँ यही मेरी ख़ुद-शनासी है
जिस्म ताज़ा है रूह बासी है

सब हँसी को हँसी समझते हैं
तुम तो समझो हँसी उदासी है
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Armaan khan
मुझ ऐसा शख़्स अगर क़हक़हों से भर जाए
ये साँस लेती उदासी तो घुट के मर जाए

वो मेरे बा'द तरस जाएगा मोहब्बत को
उसे ये कहना अगर हो सके तो मर जाए
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Rakib Mukhtar
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गलियों की उदासी पूछती है घर का सन्नाटा कहता है
इस शहर का हर रहने वाला क्यूँँ दूसरे शहर में रहता है
Ghulam Mohammad Qasir
हम अंजुमन में सब की तरफ़ देखते रहे
अपनी तरह से कोई अकेला नहीं मिला
Mustafa Zaidi
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तू अकेला है बंद है कमरा
अब तो चेहरा उतार कर रख दे
Sheen Kaaf Nizam
हम तो जैसे कि किनारे पे खड़े होते हैं
वो उदासी है कि बस बात मिले रोने को
Usama Zoraiz
ये उदासी का सबब पूछने वाले 'अजमल'
क्या करेंगे जो उदासी का सबब बतलाया
Ajmal Siraj
भीड़ तन्हाइयों का मेला है
आदमी आदमी अकेला है
Saba Akbarabadi
अकेलापन हमें खा जाएगा मालूम तो था
तुझे देखे बिना फिर भी मरेंगे कम अकेले
Shubham Seth
घड़ी भर साथ चलता फिर अकेला छोड़ जाता है
ये मेरा हौसला मंज़िल पे रस्ता छोड़ जाता है
Prashant Sitapuri
उदासी तिरा अब पता दे
मुझे घर बदलना हे मेरा
Abhishek Jadhav
एक समुंदर की आँख नीली है एक बादल का रंग काला है
क्या उदासी है उस मुसव्विर की कितनी शिद्दत से रंग डाला है

वो अपने सब दुखों पे हँसता है मैं अपनी हर ख़ुशी में रोता हूँ
उस के सीने पे फूल खिलते हैं मेरी आँखों में कैसा छाला है
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Shivam chaubey
कभी समझे कोई उदासी हमारी
कि तंग आ गई है ख़मोशी हमारी
karan singh rajput
ऐसे मेरे ग़मों में अकेला हूँ मैं
वैसे मेरी कहानी में सौ आदमी
Gaurav Singh
सभी की कोशिशोँ से मेरे ख़ातिर
उदासी ढूंढ कर लाई गई है
Prashant Sitapuri
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भांपकर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हो
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Gaurav Singh
उदासी घेरती है मुझ को यारों शाम होते ही
उदासी या'नी अब भी घर को अपने लौट आती है
Prashant Sitapuri
मैं अकेला न आगे न पीछे कोई
क्या जि
यूँँ क्या मरूँ यार सब ठीक है
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Saarthi Baidyanath
शहर वाली ये उदासी, है नहीं अच्छी कभी भी
गाँव आए तुम कभी, मुस्कान ले जाना यहाँ की
Zain Aalamgir
मुझ को तो यूँँ भी अकेला रहना है
तुम भी जाना चाहते हो ठीक है
karan singh rajput
चले जाएँगे इक दिन हम जहाँ से
उदासी रात दिन ढूँढा करेगी
Ashutosh Kumar "Baagi"
कल अकेला बैठ कर वो रो रहा था
आज "वो" ख़ामोश है "सब" रो रहे हैं
Lakhan Vaishnav "Aasmaan"
अकेला पहले से ही था मैं लेकिन
अभी काफ़ी अकेला हो गया हूँ
Ramnath Shodharthi
ईद पर भी मुझ सेे मिलने कोई नईं आया 'करन'
ईद को भी मैं अकेला ही मनाके सो गया
karan singh rajput
राधे-राधे मन ये बोले मोहन तुम समझाओ ना
तन्हा-तन्हा बैठे है हम बंसी ज़रा बजाओ ना

गोपी सारी रूठ गई है दरिया सूना-सूना है
दरिया से तुम मेल रचाकर गगरी को चटकाओ ना
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maqbul alam
कौन देता है सदा हम को घने जंगल में
तू है या तेरा तसव्वुर है भरे जंगल में

कोई मंज़िल है न रास्ता है न साया कोई
मैं अकेला ही भटकता हूँ मेरे जंगल में
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Karan Sahar
उदासी और ख़ामोशी भरी इक शाम आएगी
मेरी तस्वीर रख लेना तुम्हारे काम आएगी
Amber dilkash
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सबके चेहरों पर जो डाले नूर-ए-हँसी
उस की उदासी की तो कोई ख़बर नहीं
Shreya Shivmurti
शहर में लाई हैं हम को घर की जिम्मेदारियाँ
वरना हम आते नहीं माँ को अकेला छोड़ कर
Shahzan Khan Shahzan'
इसी इक बात की हम को तसल्ली है
कोई हमदर्द हो न हो, उदासी है
Aarush Sarkaar
कोई पूछे कि बतलाओ किसे तुम इश्क़ कहते हो
तो कह देना उदासी के फ़लक पे दर्द का इक चाँद
Intzar Akhtar
उदासी इस क़दर लिपटी है मुझ सेे
ख़ुशी ये देख कर हँसती है मुझ पे

कोई ऐसे नहीं छोड़ेगा मुझ को
कमी कोई तो होगी ख़ास मुझ
में
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Kush Pandey ' Saarang '
शहर में लाई हैं हम को घर की जिम्मेदारियाँ
वरना हम आते नहीं माँ को अकेला छोड़ कर
Yaduvanshi Shubham
खेलना जज़्बातों से आता नहीं है
इस लिए तो हूँ, जहाँ भर में अकेला
A R Sahil "Aleeg"
इक लड़का जो यार अकेला है जग में
इक लड़की के जग की भीड़ में खोया है
Sanskar Shrivastav
उदासी मेहरबानी है ये वक़्त की
वगरना हम भी मुस्कुराते थे बहुत
Irshad Siddique "Shibu"
तेरा होना नहीं भरता जरा भी रौनकें मुझ
में
तेरा जाना भी मुझ को यार अब तन्हा नहीं करता

ये मेरी है मुहब्बत मैं अकेला कर भी सकता हूँ
तेरा मौजूद होना इस को अब दूना नहीं करता
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SIDDHARTH SHARMA
रेल की पटरियों पे सो जाए
और किस काम की उदासी है
Azhar Hashmi Sabqat
अब के उदासी क्या ही कर लेगी भला मेरा
तू साथ है मुझ को बताया है ख़ुदा ने दोस्त
Kabir Altamash
प्यार मोहब्बत दर्द उदासी सब सेे गहरा रिश्ता है
इस दुनिया में यार उदासी का भी गहरा क़िस्सा है
Ashutosh gour 'syaah'
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जहाँ में तू ही नहीं अकेला है ग़म का मारा हुआ मेरी जाँ
ये बाग़ वो है जहाँ पे हर इक शजर का हर फल सड़ा हुआ है
Vish
दौड़ में जो था अकेला
मात ख़ुदस खा गया वो
Sourabh Ratnawat
चारों ओर रौशनी फिर भी, भीतर बहुत अँधेरा है
ऊँचे टीले पर बैठा मन पंछी बहुत अकेला है
Akshat
वो डर जाता है इक मासूम बच्चे की तरह बिल्कुल
मैं जब भी ख़्वाब में उस को अकेला छोड़ जाती हूँ
Firdous khan
उदासी की अगर होती कोई सूरत
मेरी हमशक्ल सब उस को कहा करते
Reet
उदास चेहरे पे इक नई उदासी छा गई
पहरस पहले बाद-ए-सबा हमें जगा गई

अजब नहीं जो लांछनों से मैं बरी न हो सकूँ
सफ़ाई देने के समय ही मुझ को नींद आ गई
Read Full
Nishant Singh
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मिटी जा रही है ये दुनिया मुसलसल ये ऐसी वबा है
दवा-साज़ तू क्यूँ बनाता नहीं है दवा-ए-उदासी
Kiran K
चाँद को हम ने कब तन्हा छोड़ा है
वो पहले से ही अकेला रहता है
Meem Alif Shaz
आँख वालों को नहीं दिखता है मेरा हौसला
पंखों से ही तो नहीं बनता अकेला घोंसला
Mahesh Natakwala
कितनो का दुख उठाया है पँखो ने
उदासी का इलाज बताया है पँखो ने
Neeraj Saroha
सितम का सितमगर सितम की उदासी
कहाँ जा रही है सनम की उदासी

ख़ुशी है ख़ुशी है ख़ुशी है सुनो तुम
सभी है यहाँ पर भरम की उदासी
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Anurag Pandey
पूछ बैठा आज तो घर मेरा मुझ सेे
तू कहाँ है क्यूँ अकेला रहता हूँ मैं
Rovej sheikh
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हमारी बात भी सच हो रही है
घरों में अब उदासी सो रही है

भरोसे ने भरोसे से कहा है
हमारी धड़कनें कम हो रही है
Read Full
Meem Alif Shaz