Shadi Shayari - Poetic expressions of love, union, and the beauty of marriage.

Celebrate the sacred bond of marriage with our heartfelt Shadi Shayari collection. Whether you are looking for wedding wishes or verses about the journey of a humsafar, find the perfect words here.

nikah shayari
जौन तुम्हें ये दौर मुबारक, दूर ग़म-ए-अय्याम से हो
एक पागल लड़की को भुला कर अब तो बड़े आराम से हो
Jaun Elia
159 Likes
इक तर्ज़-ए-तग़ाफ़ुल है सो वो उन को मुबारक
इक अर्ज़-ए-तमन्ना है सो हम करते रहेंगे
Faiz Ahmad Faiz
38 Likes
वैसे एक शिकवा था तुम सेे
अच्छा छोडो ईद मुबारक
Zubair Ali Tabish
66 Likes
जिन रस्तों से तुम गुज़रे हो
उन रस्तों को ईद मुबारक़
Ritesh Rajwada
35 Likes
शतक बनाने को बस एक रन बनाना है
वो दोस्त बन गई है अब दुल्हन बनाना है
Charagh Sharma
92 Likes
कमाल-ए-ज़ब्त को ख़ुद भी तो आज़माऊँगी
मैं अपने हाथ से उस की दुल्हन सजाऊँगी
Parveen Shakir
31 Likes
दुल्हन बनी हुई हैं राहें
जश्न मनाओ साल-ए-नौ के
Sahir Ludhianvi
23 Likes
एक पत्ता शजर-ए-उम्र से लो और गिरा
लोग कहते हैं मुबारक हो नया साल तुम्हें
Unknown
34 Likes
तुम्हारी याद का रंग डाल कर के
कहा तन्हाई ने होली मुबारक !
Bhaskar Shukla
40 Likes
तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है
उसे दुल्हन भी बनते देखना है
Anand Verma
49 Likes
दूल्हा-दूल्हन को नहीं तकता कोई
क्यूँँ कि उस बारात में इक चाँद है
Shadab Javed
44 Likes
वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
Zubair Ali Tabish
117 Likes
उस से मिलना तो उसे ईद-मुबारक कहना
ये भी कहना कि मिरी ईद मुबारक कर दे
Dilawar Ali Aazar
26 Likes
वो मिरे सामने दुल्हन की तरह बैठे हैं
ख़्वाब अच्छा है मगर ख़्वाब में क्या रक्खा है
Muzaffar Razmi
34 Likes
मुबारक मुबारक नया साल आया
ख़ुशी का समाँ सारी दुनिया पे छाया
Akhtar Shirani
22 Likes
ऐ जाते बरस तुझ को सौंपा ख़ुदा को
मुबारक मुबारक नया साल सब को
Mohammad Asadullah
22 Likes
फिर वही रोना मुहब्बत में गिला शिकवा जहाँ से
रस्म है बस इस लिए भी तुम को साल-ए-नौ मुबारक
Neeraj Neer
17 Likes
और क्या ही था हमारे पास देने को तुम्हें
ख़्वाब मेरे आँख के तुम को मुबारक हो सनम
Subrat Tripathi
साल भर करता रहा हूँ मैं रियाज़त कह ही दूँगा
आज होली है तो कह पाया नहीं होली मुबारक
Sabir Hussain
हमारे दोस्तों और अक़रिबा की जानिब से
मता-ए-जान को ईद-उल-अज़हा मुबारक हो
Shajar Abbas
आओ मिल कर के सभी बैर मिटाएं यारो
आओ हम आज की ये ईद मुबारक कर लें
Afzal Ali Afzal
24 Likes
सुहागन भी बता देगी मगर तुम पूछो विधवा से
ये मंगलसूत्र ज़ेवर के अलावा भी बहुत कुछ है

ये क्या इक मक़बरे को आख़री हद मान बैठे हो
मोहब्बत संग-ए-मरमर के अलावा भी बहुत कुछ है
Read Full
Zubair Ali Tabish
125 Likes
हम ने तुझे देखा नहीं क्या ईद मनाएँ
जिस ने तुझे देखा हो उसे ईद मुबारक
Liyaqat Ali Aasim
47 Likes
मैं क्या करूँँ मेरी बेगम सुहाग ढूँढ़े है
मेरे बुझे हुए चूल्हे में आग ढूँढ़े है

वो दिन गए कि उड़ाते थे फ़ाख़्ताएँ हम
सपेरा चूहे के इक बिल में नाग ढूँढ़े है
Read Full
Paplu Lucknawi
14 Likes
दबी सी उस हँसी में हाँ नज़र आई
कि जब पूछा मेरी दुल्हन बनोगी तुम
Prashant Sitapuri
अर्जी है तेरे पूरे हों नेक इरादे सब
मेरी जाँ मुबारक हो ये साल-गिरह तुम को
Prashant Sitapuri
ये सोचते हुए ही तो मुरझा गए हैं हम
गर हम सेफ़र नहीं तो तेरे क्या लगे हैं हम
Aarush Sarkaar
चलो 'सादिक' बिछड़ने की सभी रस्में मुकम्मल है
उसे शादी मुबारक हो तहे दिल से बधाई है
Shayar Sadiq hassan
हो मुबारक आप को जाना मेरा
आप के सर से टली है इक बला
Chandan Sharma
तब वो कंगन मेरा पहनती थी
अब किसी की घड़ी मुबारक हो
Intzar Akhtar
सेठ बस साँसें हैं उस बेवा की गिरवी रखने को
यूँँ भी क्या बचता है मंगलसूत्र को दे देने से
Neeraj Neer
हम घिस रहे थे इश्क़ की उम्मीद में दिल का चराग़
क़िस्मत मुबारक हो वहाँ से दर्द का जिन्न निकला है
Intzar Akhtar
वो फ़क़त मुझ सेे इश्क़ करती है
तुम को भी वह्म है, मुबारक हो
Jaymin Joshi Mauj
बन गई है, कल की शब ही, वो रक़ीब की अब दुल्हन
ख़त्म होना, अब तो तय है, उस रक़ीब के दिन अच्छे
A R Sahil "Aleeg"
उठा कर लुटा दी है हम ने ये दौलत
मुबारक हो तुम को हमारी मोहब्बत
"Nadeem khan' Kaavish"
ज़माने की नज़र से माँ ज़माना देख लेती है
जहाँ महफ़ूज़ हो रहना ठिकाना देख लेती है

जो बेटी बन के जाती है किसी के नाम की दुल्हन
विदा करने से पहले माँ घराना देख लेती है
Read Full
Naimish trivedi
साल-ए-नौ का जश्न मुबारक तुम को
हम तो रोएँगे अपना दुख ले कर
Dileep Kumar
हम चाह कर भी टूटते हैं हर दफ़ा
होता यही है इश्क़ का क्या क़ायदा

हर वक़्त तुम यूँँ याद आते हो मुझे
जैसे नई दुल्हन करे मिस मायका
Read Full
Harsh saxena
ग़म की शब हिज्र-ए-माह मुबारक हो
हम को अब ये तनख़्वाह मुबारक हो

उस ने उस को रक्खा हम सेे पहले
सो शहज़ादी को शाह मुबारक हो
Read Full
Kartik tripathi
शहीदों ने लिखी ये दास्तान-ए-खूँ मुबारक हो
मैं हिंदुस्तान हूँ हर दिल में ज़िंदा हूँ मुबारक हो
Ajeetendra Aazi Tamaam
ग़ैर की दुल्हन बनी सब छोड़ मुझ को
जिस ने चाहा वो भी, चाहा जिस को वो भी
A R Sahil "Aleeg"
जान तुझ को तेरी आज़ादी मुबारक
ख़ुश रहो दिल से तुझें शादी मुबारक
Govind kumar
तुम्हारी फरवरी तुम को मुबारक
हमारी फरवरी हम काट लेगें
Kaviraj " Madhukar"
बन गई ग़ैर की दुल्हन वो, हुआ ख़त्म अब सब कुछ
उठ रहे हैं दुआ में अब भी मेरे हाथ जाने क्यूँ ?
A R Sahil "Aleeg"
वास्ते दस्त-बरदारी मुझ से, दिन भी चुना तो क्या
वो बनी फ़रवरी चौदह को किसी ग़ैर की दुल्हन
A R Sahil "Aleeg"
तू बनी है गैर की दुल्हन, ख़बर मुझ को मिली थी
था नवम्बर बीस सौ इक्कीस का बाईसवाँ दिन
A R Sahil "Aleeg"
मैं अब मर चुका हूँ, मुबारक हो सब को
ज़नाजा मेरा अब उठाओ तो कोई
"Nadeem khan' Kaavish"
उस को मैं दुल्हन बना लाऊँ मिरे बस में नहीं
रब्बा मेरे उस की हाँ भी चाहिए इस के लिए
Jay kishan
अदा उस की बताती है कहानी ये
हमारी यार लगती है दिवानी ये

दिया फिर फूल हाथों मैं कहा उस ने
मुबारक हो मुहब्बत की निशानी ये
Read Full
MOHSIN JAHANGIR
मुबारक हो सभी को ईद अपनी
मिरा तो चाँद ही आया नहीं है
Bhoomi Srivastava
मुबारक भी नहीं बोला किसी ने
गले मिलते हुए हम रो रहे थे
Sunny Seher
देखा जिस मेहताब ने तुम को
उस को उस की ईद मुबारक
Shobhit Dixit
नए कपड़े ख़रीदे जा चुके हैं
मुबारक हो मुबारक ईद तुम को
Afzal Sultanpuri
आज तो सब गिले भूल जाओ
ईद तुम को मुबारक हो जानाँ
Harsh Raj
ये मख़मली गद्दे तो तुझ को ही मुबारक हों
ऐ दोस्त मुझे बस माँ की गोद ही काफ़ी है
Harsh saxena
शजर से धूप से पैरों से रहगुज़र से पूछ
सफ़र का लुत्फ़ रफ़ीक़ाने हम सेफ़र से पूछ

जिसे भी छोड़ दिया उम्र-भर को छोड़ दिया
मेरे मिज़ाज के बारे में शहर भर से पूछ
Read Full
KARAN
हमेशा याद आता है हमारा खेल बचपन का
तेरा दूल्हा बना था मैं मेरी दुल्हन बनी थी तुम
Harshwardhan Aurangabadi
तुम्हें दुल्हन बना कर के मैं अपने घर पे लाऊँगा
मैं अपने सब रक़ीबों को ये खुल कर के बताऊँगा
Danish Balliavi
इश्क़ की आदत से मजबूर थी वो भोली लड़की
वरना दुल्हन बन के रुख़सत हो जाती अब तक
Meem Alif Shaz
तुम्हें हम क़ैद रक्खेंगे क़यामत तक तो सीने में
फ़क़त कहने को कह देते हैं आज़ादी मुबारक हो
Sagheer Lucky
मुबारक हो तुझे ये ऐश-ओ-ईशरत
मैं ख़ुश हूँ अपनी टूटी झोपड़ी में
Reshma Shaikh
बस इतना ही कहूँ इक नइँ सौ दफ़ा मुबारक
है तुम को ये तुम्हारी अज्वफ़ अना मुबारक
Sandeep dabral 'sendy'
चलते हैं जिन के घर याँ बोतल के ही सहारे
उन सब ग़रीब बच्चों को मय-कदा मुबारक
Sandeep dabral 'sendy'
ज़िन्दगी हो मुबारक तुम्हारी तुम्हें
मौत ने आसरा दे दिया है हमें
Rohit Gustakh
45 Likes
जल उठे हैं चराग़ की मानिंद
अब हमें ये हवा मुबारक हो
Sumit Panchal
तुम्हें अब जान आज़ादी मुबारक हो
हमें भी जान बर्बादी मुबारक हो

तुम्हारे साथ करनी थी हमें शादी
कहूँ कैसे तुम्हें शादी मुबारक हो
Read Full
ABhishek Parashar
ये सिंदूर, मेंहदी, नथ, महावर मुबारक हो
सितमगर तुझे अपना नया घर मुबारक हो
Harsh saxena
जिन आँखों में तुम रहते हो
उन आँखों को चाँद मुबारक
Kuwar Prateek Singh
बेतहाशा इश्क़ करने की सज़ा मिलनी ही थी
सो तुम्हें भी हो मुबारक यार मेरे बेबसी
Aqib khan
तिरी दौलत तुझी को अब मुबारक हो
हमें सच बेचना बिल्कुल नहीं आता
Meem Alif Shaz
कि बज़्म-ए-यार में भी आजकल शामिल नहीं होता
बिना तेरे मिरा ये दिल भी मेरा दिल नहीं होता

समझ जाता अगर वो इश्क़ में कुछ बेबसी मेरी
वो मेरा हम सेफ़र होता मिरा क़ातिल नहीं होता
Read Full
AYUSH SONI
नया घर औ नया जीवन मुबारक
सनम तुम को नया साजन मुबारक

सजा है चाँद सा मुखड़ा तुम्हारा
लगी है हाथ जो उबटन मुबारक
Read Full
Murari Mandal
क़ीमत-ए-हक़ चुका न पाओगे
बातिली ही तुम्हें मुबारक हो
Javed Aslam
तिरी ख़ुशियाँ तुझे हर दम मुबारक
हमें तो बस हमारा ग़म मुबारक
jaani Aggarwal taak
पल भर सजा के ज़िन्दगी जिस ने उजाड़ दी
दुल्हन की तरह आज सजाया गया उसे
Ravi 'VEER'
हो मुबारक आप को ख़ुश-फ़हमी साल-ए-नौ की पर
हम को गुज़रे वक़्त का मातम मनाने दीजिए
Harsh saxena
दूसरा हम सफ़र मुबारक हो
यूँँ मेरा साथ कुछ बुरा तो न था
Sarul
मुबारक हो ये साल-ए-नौ की ख़ुशियाँ और रहो ख़ुश तुम
हमारे वास्ते तो सिर्फ़ कैलेंडर ही बदला है
A R Sahil "Aleeg"
मैं तुम को दुल्हन न बना लूँ तो कहना
तुम मेरी राधा बनकर जाँ तो देखो
Rohit ydv
अब तुझे सचमुच भुला कर देखना है
और तुझ से दूर जा कर देखना है

एक पापा की परी से है मोहब्बत
बस उसे दुल्हन बना कर देखना है
Read Full
ABhishek Parashar
कब और कहाँ खिलाए हैं गुल उस ने क्या कहें
सब जानते है हम, सो फ़साना ये क्या कहें

कर के जफ़ा वो ग़ैर की दुल्हन गई है बन
ज़ुल्मो-सितम तमाम सहे हम ने क्या कहें
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
घर मुबारक उन्हें जो घर में हैं
हम अभी तक तो बस सफ़र में हैं
Sarul
हमेशा ख़ुश रहे तू है जहाँ भी
तिरा यूँँ बे-वफ़ा होना मुबारक
Meem Alif Shaz
कब और कहाँ खिलाए हैं गुल तुम ने क्या कहें
सब जानते है हम सो फ़साना ये क्या कहें

की बे-वफ़ाई और बनी दुल्हन रक़ीब की
बदनाम इश्क़ में हुए हम कितने क्या कहें
Read Full
A R Sahil "Aleeg"
दर्द तेरा मैं ऐसे पहनूँ
जैसे दुल्हन पहने गहने
Prit
दुल्हन बनकर कब तुम आओगी मेरे घर
मेरी माँ ने सिलवा के सहरा रक्खा है
Jitendra "jeet"
जो था इश्क़ मेरा तेरी दुल्हन हो गई लेकिन तेरा
रूह पे उस की क़ब्ज़ा भी हो यार ज़रूरी थोड़ी है
A R Sahil "Aleeg"
मुबारक हो मोहब्बत ने किया बर्बाद
न होती गर मोहब्बत तो सँवरता मैं
Raushan Ranjan
क़तारो में खड़ा होना नहीं आता
अना के साथ समझौता नहीं आता

तुझे शौहर मुबारक हो मेरी जाँना
मुहब्बत बा'द फिर रिश्ता नहीं आता
Read Full
Tiwari Jitendra
ख़्वाब में दुल्हन बनी थी वो हमारी
और हक़ीक़त में किसी ने माँग भर दी
Murari Mandal
रंग सारे आ गए आरिज़ पे मेरे
जब कहा उस ने मुझे होली मुबारक
Yashvardhan Mishra 'Hind'
हम सेफ़र के गुनाह भी अच्छे
पाँव रस्तों में ही छिले होंगे
Rajnishwar Chauhan 'Rajnish'
तुम्हें मैं दिल में रखता हूँ तुम्हें धड़कन बना लूँगा
सुनहरी मैं फ़सल तुम को सुनो तिलहन बना लूँगा

कि मेरे नाम की मेंहदी तुम्हारे हाथ में चमके
मेरी माँ मान जाए तो तुम्हें दुल्हन बना लूँगा
Read Full
Krishnavat Ritesh
इसी ख़्वाब में ज़ाया' किया 'ईद को हर दम
कभी बोले वो सीने से लग कर मुबारक हो
Harsh saxena
ये अक़्ल ये दानाई मुबारक हो तुम्हें
हम लोग हैं बेकार तो बेकार सही
Ajeetendra Aazi Tamaam
सुनो, कल ईद है, तुम याद से आना
गले मिल कर मुझे कहना, मुबारक हो
RAAHI