Wedding Shayari Collection - Love, celebration, and rishton ki khoobsurat shayari

Wedding shayari beautifully captures the joy, love, and sacred bond of marriage. From heartfelt wishes to poetic expressions of lifelong commitment, these lines add charm to every shaadi celebration, making moments even more memorable.

shaadi shayari
हमारा ख़ून का रिश्ता है सरहदों का नहीं
हमारे ख़ून में गँगा भी चनाब भी है
Kanval Ziai
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nikah shayari
प्यार का रिश्ता ऐसा रिश्ता शबनम भी चिंगारी भी
या'नी उन सेे रोज़ ही झगड़ा और उन्हीं से यारी भी
Ateeq Allahabadi
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rishta shayari
ज़िंदगी तुझ से भी क्या ख़ूब तअल्लुक़ है मिरा
जैसे सूखे हुए पत्ते से हवा का रिश्ता
Khalish Akbarabadi
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भुला के दूल्हा जिसे बैठता है मंडप में
वो चेहरा आख़िरी फेरे में याद आता है
Shanawar Kiratpuri
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नया इक रिश्ता पैदा क्यूँँ करें हम ?
बिछड़ना है तो झगड़ा क्यूँँ करें हम?
Jaun Elia
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शतक बनाने को बस एक रन बनाना है
वो दोस्त बन गई है अब दुल्हन बनाना है
Charagh Sharma
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ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझ सेे धोखा करती है

उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है
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Tehzeeb Hafi
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अपना रिश्ता ज़मीं से ही रक्खो
कुछ नहीं आसमान में रक्खा
Jaun Elia
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जो बच गए हैं चराग़ उन को बचाए रक्खो
मैं चाहता हूँ हवा से रिश्ता बनाए रक्खो
Azm Shakri
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कमाल-ए-ज़ब्त को ख़ुद भी तो आज़माऊँगी
मैं अपने हाथ से उस की दुल्हन सजाऊँगी
Parveen Shakir
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दुश्मनी लाख सही ख़त्म न कीजे रिश्ता
दिल मिले या न मिले हाथ मिलाते रहिए
Nida Fazli
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दुल्हन बनी हुई हैं राहें
जश्न मनाओ साल-ए-नौ के
Sahir Ludhianvi
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तअल्लुक़ जो भी रक्खो सोच लेना
कि हम रिश्ता निभाना जानते हैं
Ambreen Haseeb Ambar
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लो आज हम ने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उम्मीद
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम
Sahir Ludhianvi
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सगी बहनों का जो रिश्ता रिश्ता है उर्दू और हिन्दी में
कहीं दुनिया की दो ज़िंदा ज़बानों में नहीं मिलता
Munawwar Rana
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तड़पना हिज्र तक सीमित नहीं है
उसे दुल्हन भी बनते देखना है
Anand Verma
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दूल्हा-दूल्हन को नहीं तकता कोई
क्यूँँ कि उस बारात में इक चाँद है
Shadab Javed
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वो दुल्हन बन के रुख़्सत हो गई है
कहाँ तक कार का पीछा करोगे?
Zubair Ali Tabish
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अगर लगता है वो क़ाबिल नहीं है
तो रिश्ता तोड़ना मुश्किल नहीं है

रक़ीब आया है मेरे शे'र सुनने
तो अब ये जंग है महफ़िल नहीं है
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Tanoj Dadhich
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ख़ाक हो जाएँगे हम ख़ाक में मिल कर तेरी
तुझ सेे रिश्ता न कभी अरज़े वतन टूटेगा
Hashim Raza Jalalpuri
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उस ने हँसते हुए तोड़ा था हमारा रिश्ता
हम सभी को ये बताते हुए रो देते हैं
Zubair Alam
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अजीब दर्द का रिश्ता था सब के सब रोए
शजर गिरा तो परिंदे तमाम शब रोए
Tariq Naeem
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अब मज़ीद उस सेे ये रिश्ता नहीं रक्खा जाता
जिस सेे इक शख़्स का पर्दा नहीं रक्खा जाता

पढ़ने जाता हूँ तो तस्में नहीं बाँधे जाते
घर पलटता हूँ तो बस्ता नहीं रक्खा जाता
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Tehzeeb Hafi
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मौत के साथ हुई है मिरी शादी सो 'ज़फ़र'
उम्र के आख़िरी लम्हात में दूल्हा हुआ मैं
Zafar Iqbal
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वो मिरे सामने दुल्हन की तरह बैठे हैं
ख़्वाब अच्छा है मगर ख़्वाब में क्या रक्खा है
Muzaffar Razmi
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मैं शाइ'र उस को चूड़ी ही दे सकता था बस
रिश्ता सोने के कंगन देने पर होता है
Neeraj Neer
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क्या जाने किस ख़ता की सज़ा दी गई हमें
रिश्ता हमारा दार पे लटका दिया गया

शादी में सब पसंद का लाया गया मगर
अपनी पसंद का उसे दूल्हा नहीं मिला
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Afzal Ali Afzal
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इतना धीरे-धीरे रिश्ता ख़त्म हुआ
बहुत दिनों तक लगा नहीं हम बिछड़े हैं
Ajmal Siddiqui
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मिरी तरफ़ से तो टूटा नहीं कोई रिश्ता
किसी ने तोड़ दिया ए'तिबार टूट गया
Akhtar Nazmi
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जीत भी लूँ गर लड़ाई तुम से मैं तो क्या मिलेगा
हाथ में दोनों के बस इक टूटा सा रिश्ता मिलेगा

कर के लाखों कोशिशें गर जो बचा भी लूँ मैं रिश्ता
तो नहीं फिर मन हमारा पहले के जैसा मिलेगा
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Ankit Maurya
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निभाया जिस सेे भी रिश्ता तो फिर हद में रहे हैं हम
किसी के मखमली तकिए के ऊपर सर नहीं रक्खा
Nirbhay Nishchhal
मेरे दर्द की वो दवा है मगर
मेरा उस सेे कोई भी रिश्ता नहीं

मुसलसल मिलाता है मुझ सेे नज़र
मैं कैसे कहूँ वो फ़रिश्ता नहीं
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S M Afzal Imam
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वगैरा करती है

बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है
रोने में आसानी पैदा करती है
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Tehzeeb Hafi
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मसाइल तो बहुत से हैं मगर बस एक ही हल है
सहरस शाम तक सर मेरा है बेगम की चप्पल है

मेरे मालिक भला इस सेे बुरी भी क्या सज़ा होगी
मेरा शादीशुदा होना ही दोज़ख़ की रिहर्सल है
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Paplu Lucknawi
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एक रिश्ता जिसे मैं दे न सका कोई नाम
एक रिश्ता जिसे ता-उम्र निभाए रक्खा
Aks samastipuri
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कितनी मुश्किल के बा'द टूटा है
एक रिश्ता कभी जो था ही नहीं
Shahbaz Rizvi
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लो आज हम ने तोड़ दिया रिश्ता-ए-उमीद
लो अब कभी गिला न करेंगे किसी से हम
Sahir Ludhianvi
अजीब दर्द का रिश्ता है सारी दुनिया में
कहीं हो जलता मकाँ अपना घर लगे है मुझे
Malikzada Manzoor Ahmad
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बहुत था ख़ौफ़ जिस का फिर वही क़िस्सा निकल आया
मिरे दुख से किसी आवाज़ का रिश्ता निकल आया
Bashar Nawaz
ऐ वतन इक रोज़ तेरी ख़ाक में खो जाएँगे सो जाएँगे
मर के भी रिश्ता नहीं छूटेगा हिंदुस्तान से ईमान से
Rahat Indori
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इक आख़िरी रस्म निभा लो कि अब ये रिश्ता तोड़ देते हैं
तुम तो जा ही चुकी हो हम भी अब तुम सेे मुँह मोड़ लेते हैं

थी झूठी सब क़स
में, थे झूठे सब वादे, और वो तुम्हारे फ़रेबी इरादे
उम्मीद-ए-वफ़ा तुम सेे नहीं, वफ़ा का ज़िम्मा भी ख़ुद ही पे छोड़ देते हैं
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Shashank Tripathi
रिश्ता उस सेे अब कुछ, ऐसा भी निभाया जाए
कि कुछ दिन उस के साथ उस की तरह रहा जाए
karan singh rajput
नई बातें पुराना ग़म सभी को छोड़ सकता हूँ
तुम्हीं से प्यार करता हूँ तुम्हीं को छोड़ सकता हूँ

इसी एक कस्म कस में हूँ की क्या बोलूँ
ना रिस्ता तोड़ सकता हूँ ना रिस्ता जोड़ सकता हूँ
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Aryan Goswami
दबी सी उस हँसी में हाँ नज़र आई
कि जब पूछा मेरी दुल्हन बनोगी तुम
Prashant Sitapuri
तपता सूरज आजकल किसी को नहीं चाहिए
सभी को हमेशा चाँद की चांदनी चाहिए

मुफ़लिसों से रिश्ता अब रखता नहीं कोई
सब को साथ में आदमी ख़ानदानी चाहिए
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Yashvardhan Jain
क्यूँ ऐसा रिश्ता क़ाएम रखना जिस
में केवल दर्द मिलें
ना धूप मिले न छाव मिले बस मौसम सारे सर्द मिलें
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Amit Joshi anhad
बचा भी क्या है अब और इस अफसाने में
ज़िन्दगी तो बीत गई एक रिश्ता बचाने में
karan singh rajput
दूल्हा बनने में ही जितना वक़्त लगे
वक़्त नहीं लगता ससुराल पहुँचने में
Atul K Rai
कितनी जल्दी टूट गया देखो
कितना गहरा रिश्ता लगता था
Pawan
चला कर के दिमाग़ अपना निभाएँगे सभी रिश्ता
हमारे बा'द आशिक़ आप के जाहिल नहीं होंगे
Aarush Sarkaar
बिछड़ कर रो नहीं सकता था मैं सो
नया रिश्ता बनाए जा रहा हूँ
Kush Pandey ' Saarang '
वो अगर इतना बुरा ही है अतुल
छोड़ तो फिर क्यूँ नहीं देते उसे

बस तुम्हारे प्यार का है रिश्ता वो
तोड़ तो फिर क्यूँ नहीं देते उसे
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ATUL SINGH
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इक लड़की से रिश्ता टूटा है
साॅंसे अब भी चलती है मेरी
Abhishek Jadhav
बहुत सज धज के रहती हो कि जैसे उस ख़ुदा ने बस
तुम्हीं पे रख दिया ज़िम्मा जहाँ के ख़ुश नज़ारों का

तुम्हारी याद आते ही मेरे आँसू निकलते हैं
वही रिश्ता है इनका भी जो है शब से सितारों का
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Aditya
काश अपने दरमियाँ इक यार होता
अपना ये रिश्ता न हद से पार होता
Govind kumar
मिलता नहीं था जिस
में कुछ ग़म के सिवा
ऐसा भी इक रिश्ता निभाया है मैं ने
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karan singh rajput
होनी वहशत ही थी इश्क़ में जो थे हम
रक्खा वहशत से फिर हम ने रिश्ता नहीं
Santy sharma
बचाता कब तलक मैं एक रिश्ता
तुम्हें पाता तो घर कैसे बचाता
anupam shah
ज़बाँ की आँधी मोहब्बतों से बसाए छप्पर उजाड़ देगी
तुम्हारे लहज़े की तेज छैनी हमारा रिश्ता बिगाड़ देगी
Gaurav Singh
गैरों की बातों में आ कर,उस ने रिश्ता तोड़ दिया
तस्वीरों में उस की मैं ने, कान बनाना छोड़ दिया
Radheshyam Tiwari
बन गई है, कल की शब ही, वो रक़ीब की अब दुल्हन
ख़त्म होना, अब तो तय है, उस रक़ीब के दिन अच्छे
A R Sahil "Aleeg"
प्रेम के एक आँगन चले आएँगे
छोड़ कर सारी अनबन चले आएँगे

एक वा'दा किया उस ने हम सेे यही
तोड़ कर सारे बंधन चले आएँगे
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Naimish trivedi
माना उस के हाल पर उस को मैं यूँँही छोड़ आया
ये नहीं लेकिन कि रिश्ता ही मैं उस सेे तोड़ आया

वो कहीं पर तो मिलेगा मुझ सेे, इतना तो यक़ीं है
इस लिए कल ख़ुद को रस्ते पर कहीं मैं छोड़ आया
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karan singh rajput
ज़माने की नज़र से माँ ज़माना देख लेती है
जहाँ महफ़ूज़ हो रहना ठिकाना देख लेती है

जो बेटी बन के जाती है किसी के नाम की दुल्हन
विदा करने से पहले माँ घराना देख लेती है
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Naimish trivedi
मोहब्बत, दोस्ती कुछ भी नहीं होता
जो रिश्ता है फ़क़त वो इक ज़रूरत है
A R Sahil "Aleeg"
जो भी रिश्ता हो हर रिश्ते का तक़ाज़ा भी होता है
सिर्फ़ यूँँ दोस्त कह देने से अदा हक़ नहीं होता
A R Sahil "Aleeg"
यहाँ तो वक़्त पे रिश्ता निभाता तो नहीं है अब
ज़िया की बात हो फिर भी बताता तो नहीं है अब
Raunak Karn
प्यार मोहब्बत दर्द उदासी सब सेे गहरा रिश्ता है
इस दुनिया में यार उदासी का भी गहरा क़िस्सा है
Ashutosh gour 'syaah'
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होते होते ऐसा भी होगा इक दिन
मेरा सपना पूरा भी होगा इक दिन

कि ख़राब हुआ है तो होने दो जानी
रिश्ता अपना अच्छा भी होगा इक दिन
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Kabir Altamash
रिश्ता अदबी रखते थे यार उसी के दिल से हम
अब हर ग़लती अपने ही हाथ मिटाने आए हैं
Raunak Karn
कोई रस्ता नहीं बना पाए
दिल का रिश्ता नहीं बचा पाए
Afzal Sultanpuri
कुछ ऐसे था तुम से ये रिश्ता मेरा
जैसे होता है सागर का लहरों से
Surya Tiwari
ग़ैर की दुल्हन बनी सब छोड़ मुझ को
जिस ने चाहा वो भी, चाहा जिस को वो भी
A R Sahil "Aleeg"
किए थे पाप जितने भी बुरे सदक़ा उतारा था
हज़ारों मुश्किलों की जद में रिश्ता हमारा था

गिरे थे भाव सोंनें और चाँदी के मिनट भर में
उसनें जब भरी बाज़ार में झुमका उतारा था
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Subrat Tripathi
ख़राबों में रईसी की गली को छोड़ना अच्छा
गले की फांँस बन जाए तो रिश्ता तोड़ना अच्छा

नहीं अच्छा अगर तुम झोंक दो तूफ़ान में कश्ती
कभी हो छेद कश्ती में अगर तो मोड़ना अच्छा
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Piyush Mishra 'Aab'
बन गई ग़ैर की दुल्हन वो, हुआ ख़त्म अब सब कुछ
उठ रहे हैं दुआ में अब भी मेरे हाथ जाने क्यूँ ?
A R Sahil "Aleeg"
तू बनी है गैर की दुल्हन, ख़बर मुझ को मिली थी
था नवम्बर बीस सौ इक्कीस का बाईसवाँ दिन
A R Sahil "Aleeg"
क्या बतलाऊँ जाने कैसा रिश्ता है हम दोनों का
टाँग खिंचाई लड़ना भिड़ना यारी वारी सब कुछ है
Sanskar Shrivastav
दो चार दिन में ही अगर कपड़े उतर गए
रिश्ता कोई भी हो मग़र ये प्यार तो नहीं
Umesh Maurya
उस को मैं दुल्हन बना लाऊँ मिरे बस में नहीं
रब्बा मेरे उस की हाँ भी चाहिए इस के लिए
Jay kishan
अपना रिश्ता बिल्कुल ऐसा रिश्ता है
जैसा रिश्ता कपड़ों का अलमारी से
Vijay Anand Mahir
कुछ हादसे बड़े से बड़े देखने के बा'द
रिश्ता बना लिया मैं ने अब ख़ामुशी के साथ
shaan manral
इक लड़के और इक लड़की का रिश्ता ऐसा होता है
इक दूजे के ग़म में दोनों सब सेे पहले रोते हैं
Sanskar Shrivastav
तेरे क़दमों से जो गलियाँ वाक़िफ थीं
उन सेे रिश्ता एक पुराना तोड़ दिया

तुम क्या जानो उन गलियों पर क्या गुज़री
तुम ने तो बस आना-जाना छोड़ दिया
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Muhammad Fuzail Khan
हमारे बीच केवल अब दिखावे ही बचे हैं
हमारे बीच था जो एक रिश्ता मर चुका है
Sarvjeet Singh
वो एक रिश्ता जिया मैं जिस को
वो एक रिश्ता गुज़र गया है

वो एक रिश्ता यक़ीं था जिस पे
वो एक रिश्ता मुकर गया है
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Gopesh "Tanha"
उसे मैं दूर से ही चाहता था
मेरा नज़दीक का रिश्ता नहीं था
Umesh Maurya
हम दोनों का रिश्ता तुझ सेा है कान्हा
वो कान्हा तुझ सी मैं मीरा जैसा हूँ
Sanskar Shrivastav
ग़ुस्सा आया आँसू टपके रिश्ता टूटा
इश्क़ हमारा कच्चा था ये तो होना था
Meem Alif Shaz
हम देख कर के डर रहे थे धुँद दूर से
चलने लगे तो आप ही रस्ता निकल गया

हम ढूंँढने लगे थे मसाइल के हल मगर
तब तक हमारे बीच से रिश्ता निकल गया
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Dipendra Singh 'Raaz'
तुझ सेे रिश्ता कुछ पल में ही टूट गया
साथ रहेंगे जीवन भर का वा'दा था
Ambar
तेरे हाथों से ये रिस्ता हुआ लहू
ज़हर कि जैसे दिल पे कहीं टपकता है
ALI ZUHRI
ग़ैर से नाता जोड़ सकोगे सच में क्या
मुझ सेे रिश्ता तोड़ सकोगे सच में क्या

तुम सेे पहले जो भी मेरी दुनिया थी
तुम वो दुनिया मोड़ सकोगे सच में क्या
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Ambar
आप को मुझ सेे कोई ख़तरा नहीं है
क्योंकि मेरा आपसे रिश्ता नहीं है
Radheshyam Tiwari
रिश्ता हमारे बीच में वैसा नहीं रहा
अब जान शान देने का जज़्बा नहीं रहा

अब एक दूसरे से अलग होना ठीक है
अब एक दूसरे पे भरोसा नहीं रहा
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shaan manral
कतरे से दरिया बनता है
मिल कर ही रिश्ता बनता है

ख़ून पसीना इक करने से
मंज़िल तक रस्ता बनता है
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Adarsh Akshar
दुश्मन हो पक्का लेकिन वो सच्चा हो तो
सच्चाई का हर रिश्ता अच्छा होता है
Umesh Maurya
बनाया दरमियाँ रिश्ता ख़ुदा ने
हमारी तल्ख़ियों ने मार डाला
Shan Sharma
सारी बातें छोड़ तू मुझ को रोने दे
ये रिश्ता भी तोड़ तू मुझ को रोने दे
Vinay Khandelwal
मेरे दिल में क्या है अगर तुम समझते
तो रिश्ता हमारा भी कुछ और होता
Ambar
हमेशा याद आता है हमारा खेल बचपन का
तेरा दूल्हा बना था मैं मेरी दुल्हन बनी थी तुम
Harshwardhan Aurangabadi
लफ्ज़ से है चोट लगती
है हुनर रिश्ता निभाना
"Dharam" Barot
कैसे आगे बढ़ पाता हम दोनों का ये रिश्ता जानाँ
हम से करनी थी जो बातें तुम ने कर ली और किसी से
Sarvjeet Singh
अब नहीं है ज़ाइक़ा वो दोस्ती में
अब फ़क़त रिश्ता निभाया जा रहा है
Akash Rajpoot
साथ उस के इक नया रिश्ता निभाने के लिए
याद रक्खेंगे उसे लेकिन भुलाने के लिए
Hasan Raqim
बनाया था सही में यार रिश्ता दिल लगा कर के
लगा अब वक़्त भी उस को नहीं हम को भुलाने में
Raunak Karn
दो लफ़्ज़ शा'इरी की बदल कर चुरा लिया
बारात ला, रक़ीब ने अपना बना लिया

चक्कर लगा लगा के भी मेरी नहीं हुई
मंडप के सात फेरे से रिश्ता बना लिया
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RAAHI
सोचो कितना अच्छा हो सकता है
ये सब पहले जैसा हो सकता है

बुरखे वाली वो चंदन वाला मैं
साहब क्या ये रिश्ता हो सकता है
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
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