Bewafai Shayari Collection - Toote dil aur dhokha ke jazbaat ki gehri shayari

Bewafai shayari captures the pain of betrayal, broken trust, and shattered emotions. It reflects the silence after love fades and the truth behind dhokha. Explore heartfelt lines that express the ache of a broken bond and unfaithful love.

bewafai shayari
हर एक काम है धोका हर एक काम है खेल
कि ज़िंदगी में तमाशा बहुत ज़रूरी है
Khaleel Mamoon
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उसे भी धोका मिलेगा यक़ीन है मुझ को
भरोसा वो भी किसी पर तो कर रहा होगा
Aqib Jawed
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सँभलता हूँ तो ये लगता है जैसे
तुम्हारे साथ धोखा कर रहा हूँ
Shariq Kaifi
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धोखा है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
Rajesh Reddy
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उस की टीस नहीं जाती है सारी उम्र
पहला धोखा पहला धोखा होता है
Shariq Kaifi
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ख़्वाबों को आँखों से मिन्हा करती है
नींद हमेशा मुझ सेे धोखा करती है

उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वग़ैरा करती है
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Tehzeeb Hafi
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वो नशा है के ज़बाँ अक़्ल से करती है फ़रेब
तू मिरी बात के मफ़्हूम पे जाता है कहाँ
Pallav Mishra
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फ़रेब-ए-साक़ी-ए-महफ़िल न पूछिए 'मजरूह'
शराब एक है बदले हुए हैं पैमाने
Majrooh Sultanpuri
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दिल-ओ-नज़र को अभी तक वो दे रहे हैं फ़रेब
तसव्वुरात-ए-कुहन के क़दीम बुत-ख़ाने
Ali Sardar Jafri
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ये सारा जिस्म झुक कर बोझ से दोहरा हुआ होगा
मैं सजदे में नहीं था आप को धोखा हुआ होगा
Dushyant Kumar
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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
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हम ने जिस मासूम परी को अपने दिल की जाँ बोला था
उस ने हम को धोखा देकर और किसी को हाँ बोला था

सारे वादे भूल गई तुम कोई बात नहीं जानेमन
लेकिन ये कैसे भूली तुम मेरी माँ को माँ बोला था
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Tanoj Dadhich
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यक़ीन उस ने दोबारा बना लिया लेकिन
वो मेरे ज़ेहन से धोखा नहीं निकाल सका
Vikram Gaur Vairagi
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चमचमाती कार में उस की बिदाई हो गई
पर यक़ीन आता नहीं है बेवफ़ाई हो गई

आख़री चोटी से गिरकर हम मरे हैं इश्क़ की
हम समझते थे हिमालय की चढ़ाई हो गई
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Tanoj Dadhich
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मेरे ब'अद वफ़ा का धोका और किसी से मत करना
गाली देगी दुनिया तुझ को सर मेरा झुक जाएगा
Qateel Shifai
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मेहनत तो करता हूँ फिर भी घर ख़ाली है बाबूजी
मिट्टी के कुछ दीपक ले लो दीवाली है बाबूजी

मिट्टी बेच रहा हूँ जिस
में कोई जाल फ़रेब नहीं
सोना चाँदी दूध मिठाई सब जा'ली है बाबूजी
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Gyan Prakash Akul
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दुनिया ने तेरी याद से बेगाना कर दिया
तुझ से भी दिल-फ़रेब हैं ग़म रोज़गार के
Faiz Ahmad Faiz
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तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना
ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
ऐ मुझ को फ़रेब देने वाले
मैं तुझ पे यक़ीन कर चुका हूँ
Athar Nafees
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इश्क़ में धोखा खाने वाले बिल्कुल भी मायूस न हो
इस रस्ते में थोड़ा आगे मयख़ाना भी आता है
Darpan
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जैसे तुम ने वक़्त को हाथ में रोका हो
सच तो ये है तुम आँखों का धोख़ा हो
Tehzeeb Hafi
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तुम्हारी ख़ानदानी रस्म रस्म-ए-बेवफ़ाई है
हमीं पागल थे जो तुम पर भरोसा कर लिया हम ने
Shajar Abbas
हम भी तुम को धोखा दें ये ठीक नहीं
आँख के बदले आँख कहाँ तक जायज़ है
Gaurav Singh
दोस्त अपना हक़ अदा करने लगे
बेवफ़ाई हमनवा करने लगे

मेरे घर से एक चिंगारी उठी
पेड़ पत्ते सब हवा करने लगे
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Santosh S Singh
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फ़रेब दे के उसे जीतना गवारा नहीं
अगर वो दिल से हमारा नहीं हमारा नहीं
Azhar Nawaz
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वो आफ़ताब लाने का देकर हमें फ़रेब
हम सेे हमारी रात के जुगनू भी ले गया
Rajesh Reddy
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आज भी वो वो ही है और अदा भी वो ही है
बे-वफ़ा भी वो ही है और ख़फ़ा भी वो ही है
Aatish Indori
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खुला फ़रेब-ए-मोहब्बत दिखाई देता है
अजब कमाल है उस बे-वफ़ा के लहजे में
Iftikhar Arif
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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में
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Anis shah anis
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वरना तो बेवफ़ाई किसे कब मुआ'फ़ है
तू मेरी जान है सो तुझे सब मुआ'फ़ है

क्यूँ पूछती हो मैं ने तुम्हें माफ़ कर दिया
ख़ामोश हो गया हूँ मैं मतलब मुआ'फ़ है
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Vikram Gaur Vairagi
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मिन्नतें करता था रुक जाओ मेरा कोई नहीं
मेरे रोके से मगर कौन रुका कोई नहीं

बेवफ़ाई को बड़ा जुर्म बताने वाले
याद है तू ने भी चल छोड़ हटा कोई नहीं
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Khan Janbaz
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भले ही सैकड़ों मजबूरियाँ हों बेवफ़ाई की
मगर तुम वज्ह मत बनना किसी सूनी कलाई की
Harsh saxena
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फ़रेब दे गया इस सादगी से वो मुझ को
कि जुर्म सारा ही मजबूरियों के सर आया
Harsh saxena
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तिरे वा'दों पे कहाँ तक मिरा दिल फ़रेब खाए
कोई ऐसा कर बहाना मिरी आस टूट जाए
Fana Nizami Kanpuri
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ओहदे से निकलें किस तरह आशिक़
एक अदा उस की है हज़ार-फ़रेब
Meer Taqi Meer
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हर फ़रेब-ए-ग़म-ए-दुनिया से ख़बरदार तो है
तेरा दीवाना किसी काम में हुशियार तो है
Firaq Gorakhpuri
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नफ़रत धोका बुग़्ज़ तअ'स्सुब झूट दिखावा ख़ुद-ग़रज़ी
कैसे कैसे ज़हर भरे हैं इंसाँ की शिरयानों में
Hina Rizvi
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आदमी जान के खाता है मोहब्बत में फ़रेब
ख़ुद-फ़रेबी ही मोहब्बत का सिला हो जैसे
Iqbal Azeem
की मेरे क़त्ल के बा'द उस ने जफ़ा से तौबा
हाए उस ज़ूद-पशीमाँ का पशीमाँ होना
Mirza Ghalib
धोका है इक फ़रेब है मंज़िल का हर ख़याल
सच पूछिए तो सारा सफ़र वापसी का है
Rajesh Reddy
तुम बेवफ़ाई की दलीलें दो हमें
ज़िम्मा सबूतों का हमारे सिर रहे
Zain Aalamgir
अभी तो सिर्फ़ मुहब्बत हुई है यार मुझे
अभी से ज़िक्र न कर कौन बे-वफ़ा होगा

मेरे बग़ैर तू ख़ुश रह लेगी ये इल्म न था
सो देखना है के बिन मेरे तेरा क्या होगा
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Md Akhter Ansari
उस की लुगत में सब्र का मतलब क्या होगा
मेरी लुगत में सब्र का मतलब धोखा है
Shivam chaubey
यूँँ कब तक साथ निभाओगी
अब तो धोखा दे दो मुझ को
Pawan
झूठ है सब, ज़हीन धोका है
इस नज़र का यक़ीन धोका है

टूट जाएगा दिल तो समझोगे
ये मुहब्बत हसीन धोका है
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Sandeep Thakur
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इश्क़ में कितना ग़म मिलता है
तुम समझे थे कम मिलता है

इश्क़ का रस्ता है ही ऐसा
धोखा कदम कदम मिलता है
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Vikash sharma
आज पहली दफ़ा लगा मुझ को
वो ज़रा बे-वफ़ा लगा मुझ को

बस बिना बात ही बिगड़ता था
बेवजह ही ख़फ़ा लगा मुझ को
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Sandeep Thakur
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कहानी के बड़े किरदार हैं हम
ज़बाँ से जान लो मुख़्तार हैं हम

फ़क़त यारी में धोखा खा रहें हैं
सभी कहते रहे होश्यार हैं हम
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Kush Pandey ' Saarang '
दिल लगा के दगा हम नहीं करते हैं
बेवफाई हमारी रिवायत नहीं
Prit
कंगन दिए काजल दिए फिर और दे झुमका दिया
आँसू दिए सद
में दिए फिर दे हमें धोखा दिया
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Rudransh Trigunayat
जफ़ा जो कर सके बदले वफ़ा के
मोहब्बत उस के दर सज्दा करेगी
Ashutosh Kumar "Baagi"
धोका होना, क़त्ल होना बा'द उस के भी बहुत कुछ
अब तुम्हें हम क्या बताएँ इश्क़ में क्या क्या हुआ है
Sandeep Singh Chouhan "Shafaq"
बताते हैं तुम्हें हम क्या मिलेगा
अगर सच्चे हो तो धोखा मिलेगा

जन्मदिन है हमारा आज लेकिन
बताओ क्या कोई तोहफ़ा मिलेगा?
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Shahzan Khan Shahzan'
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दुश्मनों को भी हम धोखा नहीं देने वाले
अगर करेंगे क़त्ल तो भी बता कर करेंगे
Praveen Bhardwaj
जिन लोगों पर मैं विश्वास जताता हूँ
उन लोगों से ही धोखा खा जाता हूँ

मैं ने लोगों के चेहरे पढ़ रक्खे हैं
फिर भी उन की बातों में आ जाता हूँ
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Aman G Mishra
ता-दम-ए-मर्ग़ याद आएगी
उस ने इस तरह बेवफाई की
Prasoon
इश्क़ इकलौती वो मज़हब है जिस के उम्मती यहाँ
बे-वफ़ा की भी इबादत करते है ता-दम-ए-पसीं
A R Sahil "Aleeg"
हाँ ये सच है, साहिल को साहिल बनाया है तुम ने ही
बेवफा़ई भी तो की हो, मान लो तुम इस सच को भी
A R Sahil "Aleeg"
ये तेरा हर दफ़ा हर बात पर यूँँ यार कह देना
मुझे उस बे-वफ़ा की याद शिद्दत से दिलाती है
A R Sahil "Aleeg"
ये ग़म-ए-इश्क़ फिर ज़ख़्म-ए-बेवफ़ाई के बाइस ही
तीस की उम्र में नब्बे का कुहन-साल दिखता है
A R Sahil "Aleeg"
ज़माना भी कितनी जफ़ा कर रहा है
लगी आग दिल में हवा कर रहा है

थे वादे भी टूटे ज़माने की ख़ातिर
ज़माना ही हम को जुदा कर रहा है
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Vinamrachayan
न कोई शिकवा शिकायत, न रोना-धोना, न कोशिश करूँँगा मैं रोकने की
फ़क़त इतना कह दो, इस बेवफ़ाई की क्या वजह है? ख़ता आख़िर क्या है मेरी
A R Sahil "Aleeg"
मैं अपने एक दोस्त को ये कहते थक गया
ऐ दोस्त हिज्र ठीक है धोखा सही नहीं
Prashant Sitapuri
मसलहत है फरेब-ए-हसीं
एक झूठी किरन की तरह

हो गई महफ़िल-ए-नाज़ भी
एक उजड़े चमन की तरह
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Rekhta Pataulvi
किसी के इश्क़ का सौदा हुआ है
किसी के साथ फिर धोखा हुआ है

कोई अब तक अकेले जी रहा है
किसी को दूसरा लड़का हुआ है
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Ashraf Ali
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ये दुनिया बे-वफ़ा है
अकेले सीख जीना
A R Sahil "Aleeg"
इश्क़ वो दरया है जिस के दो नहीं चार साहिल हैं
दस्त-बरदारी, अरूसी, बेवफ़ाई ,वफ़ादारी
A R Sahil "Aleeg"
वो लड़की मेरे दिल में अब भी आती है
जिस के आ जाने से जान चली जाती है

इक बात बताओ ऐ धोखा देने वाली
तेरी याद मुझे अब तक क्यूँँ तड़पाती है
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Kabir Altamash
बेवफ़ाई जो करती, तो मैं माफ़ करता तुझे
शिर्क है शिर्क, रब भी इसे माफ़ करता नहीं
A R Sahil "Aleeg"
अभी तुम ख़ूब उस को गालियाँ दोगी
अभी तो ये तुम्हारा पहला धोखा है
Sayeed Khan
क्या बताऊँ साथ मेरे इश्क़ में कैसा हुआ है
सुनने पर लगता नहीं है, हाँ मगर धोखा हुआ है
Saahir
मेरे ज़ख़्मों को अब मरहम मिले हैं
मिले हैं यार लेकिन कम मिले हैं

शजर क्या क्या मिला है आशिक़ी में
फ़रेब-ओ-ज़ख़्म रंज-ओ-ग़म मिले हैं
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Shajar Abbas
बेवफ़ाई की तुम ने जाँ, और सज़ा ख़ुद को देता हूँ
चाय, सिगरेट और गाँजा से जलाता हूँ इस दिल को
A R Sahil "Aleeg"
कितनी ख़ुशी की बात हैं
उस को भी धोखा मिल गया
"Nadeem khan' Kaavish"
ता'उम्र जिन के वास्ते उलफ़त बनायी है
वो लोग मेरे हिस्से में धोखा बना रहे
Prashant Sitapuri
इस बेवफ़ाई पर मुझे हैरत नहीं
तुझ को पा लूँ ऐसी मिरी क़िस्मत नहीं
Harsh saxena
आख़री सीन बेवफ़ाई थी
तुझ को जाना ही था कहानी से
A R Sahil "Aleeg"
चार सालों बा'द आता है मेरा यौम-ए-वफ़ात-ए-इश्क़ साहब
फ़रवरी उनतीस की तारीख़ थी जब बेवफ़ाई की थी उस ने
A R Sahil "Aleeg"
कोई हम दोनो में होगा बे-वफ़ा
हर मुहब्बत का यही अंजाम है
Sayeed Khan
कभी तू यक़ीं कर किसी ग़ैर पर दोस्त
ये धोखा तुझे भी बराबर मिलेगा
shaan manral
ये एक दिन फ़रेब हुआ मुझ को जाने क्यूँँ
शायद हो इक फ़रेब ही संसार सारा ये
Abhay Aadiv
हमारी भी मोहब्बत बे-वफ़ा निकली
हमें भी नाज़ था अपनी मोहब्बत पर
MOHSIN JAHANGIR
वो बे-वफ़ा रहे पर मुझ को वफ़ा रहेगी
आख़िर वो कब तलक ही मुझ सेे जुदा रहेगी

मुझ को यक़ीन इक दिन वो आ मिलेगी मुझ सेे
तितली भी फूल से यूँँ कब तक ख़फ़ा रहेगी
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Ravi 'VEER'
सब सेे अच्छा रह कर मैं ने ये जाना
अपना ही अपनों से धोखा करता है

फूल तो ख़ंजर कुछ पल में हो जाते हैं
ख़ंजर लेकिन फूल नहीं बन सकता है
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Ravi 'VEER'
उम्मीदों के सहारे जीना
ख़ुद को ही धोका देना है
A R Sahil "Aleeg"
खिला है दिल मेरा इक फूल सा जो तेरे आने से
हवा-ए-बेवफ़ा भी अब जिसे मुरझा न पाए गी
Kushal "PARINDA"
किसी निर्दोष लड़के से करे लड़की कोई धोखा
वो जीवन में पति पाए तो जूता-लात भी पाए
Nirbhay Nishchhal
बे-वफ़ा ज़ब भी यार होता है
तीर सीने के पार होता है

पहले पहले मज़ाक़ लगता है
होते होते ये प्यार होता है
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Ankit Raj
जिस्म मिलता फ़रेब करता तो
इश्क़ था सो क़ज़ा मिली मुझ को
Prit
यार धोका खा रहे जब ग़ैर की बातों में आ कर
कब तलक हम भी सफ़ाई यार को देते रहेंगे
Aadi Ratnam
अधूरी मुद्दतों से इक कहानी लिख रहा हूँ मैं
फ़रेब, इश्क़,आग और पानी लिख रहा हूँ मैं

कि मिलने आ रहे हैं फिर न मिलने की जो शर्त पर
हाँ नाम उन के ही ये ज़िंदगानी लिख रहा हूँ मैं
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Shashank Shekhar Pathak
अचानक जो हुआ वो हादसा था
मगर तेरी जफ़ा को क्या कहेंगे
Meem Alif Shaz
इश्क़ में धोखा खाने वाले
हम है दर्द छुपाने वाले

छोड़ के मुझ को जाने वाले
लौट के कब हैं आने वाले
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Navneet krishna
जो धोखा मिल गया हो तो मोहब्बत तीर लगती है
मिली जो नइंँ वफ़ा हम को तो ये तक़दीर लगती है

कि रानी है किसी की वो कहानी थी किसी की वो
मैं रांझा बन नहीं पाया मगर वो हीर लगती है
Read Full
Shivam Mishra
बे-वफ़ा ज़ीस्त बुलबुला निकली
कट गई उम्र आँख मलते ही
Dharamraj deshraj
सब कहते कि मुहब्बत में धोखा देती है लड़की
उन से पूछो मेरा वाला अब किस का किस का है
Bhoomi Srivastava
किसे पता था ज़िंदा भी बचूंँगा धोका खा के मैं
नए से चेहरे क्या दिखे ये दिल तो फिर मचल पड़ा
Ashkrit Tiwari
जब महफ़िल में बात जफ़ा की आई
सब के होंटों पे तेरा नाम आया
Meem Alif Shaz
आज उस ने हमें ऐसा तोहफ़ा दिया
आँख भर आई जब उस ने धोखा दिया
Rachit Sonkar
इश्क़ में है आने वाला और क्या
रोज़ धोखा खाने वाला और क्या

किस का चेहरा था हमारे ख़्वाब में
होगा कोई आने वाला और क्या
Read Full
Navneet krishna
इश्क़ में धोखा खाने वाले
हम है दर्द छुपाने वाले

तुम को इक दिन आना होगा
रूठ के मुझ सेे जाने वाले
Read Full
Navneet krishna
उम्मीद भी नाराज़गी बन जाती है
अपना किसी को मानना धोखा है क्या?
"Dharam" Barot
किस को अपना कहते हो
कौन तुम्हारा अपना है

ये सब माया है प्यारे
सब धोखा है सपना है
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Kumar Aryan
करम कुछ तो तेरी जफ़ा का है कुछ इश्क़ का भी
बुरा था नहीं मैं मगर बन गया हूँ बुरा मैं
A R Sahil "Aleeg"
प्यार में पहले मुझ को हँसाया गया
फिर मुझे धोखा देकर रुलाया गया
Danish Balliavi
बेवफ़ाई आप की ज़ाहिर नहीं है
आप सा पर हर कोई माहिर नहीं है

तुम ने ही बाँधा है सम्मोहन में सब को
दूसरा कोई यहाँ साहिर नहीं है
Read Full
Aatish Indori
अब वो चेहरा भी नहीं है वो झरोखा भी नहीं
कितने सालों से हुआ आँखों का धोखा भी नहीं
Mohit Dixit
क्यूँ मिरे वास्ते परेशाँ हो
तुम तो कहते थे बे-वफ़ा था मैं
Meem Maroof Ashraf