Muskurahat Shayari - Dil se nikli muskurahat aur khushi ke jazbaat

Muskurahat shayari beautifully captures the warmth of a smile and the light it brings to life. These verses express joy, positivity, and those little moments when a simple muskaan says everything. Perfect for sharing happiness, love, and uplifting emotions through words.

muskurahat shayari
कुछ तो हवा भी सर्द थी कुछ था तिरा ख़याल भी
दिल को ख़ुशी के साथ साथ होता रहा मलाल भी
Parveen Shakir
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muskaan shayari
इक और किताब ख़त्म की फिर उस को फाड़ कर
काग़ज़ का इक जहाज़ बनाया ख़ुशी हुई
Ameer Imam
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hansi shayari
तिरे वादे पर जिए हम तो ये जान झूट जाना
कि ख़ुशी से मर न जाते अगर ए'तिबार होता
Mirza Ghalib
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khushi shayari
ये ज़िंदगी भी अजब कारोबार है कि मुझे
ख़ुशी है पाने की कोई न रंज खोने का
Javed Akhtar
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smile shayari
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Ahsan Marahravi
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ये तुम ने कैसा बना कर हमें किया है गुम
ख़ुशी से झूम उठेगा जिसे मिलेंगे हम
Swapnil Tiwari
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मुस्कुरा बैठे हैं तुझ को मुस्कुराता देख कर
वरना तेरी मुस्कराहट की क़सम ग़ुस्से में हैं
Ameer Imam
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ये शहर वो है कि कोई ख़ुशी तो क्या देता
किसी ने दिल भी दुखाया नहीं बहुत दिन से
Farhat Ehsaas
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इतना सच बोल कि होंटों का तबस्सुम न बुझे
रौशनी ख़त्म न कर आगे अँधेरा होगा
Nida Fazli
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राम होने में या रावण में है अंतर इतना
एक दुनिया को ख़ुशी दूसरा ग़म देता है

हम ने रावण को बरस दर बरस जलाया है
कौन है वो जो इसे फिर से जनम देता है
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Kumar Vishwas
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सब का ख़ुशी से फ़ासला एक क़दम है
हर घर में बस एक ही कमरा कम है
Javed Akhtar
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ग़म और ख़ुशी में फ़र्क़ न महसूस हो जहाँ
मैं दिल को उस मक़ाम पे लाता चला गया
Sahir Ludhianvi
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चंद कलियाँ नशात की चुन कर मुद्दतों महव-ए-यास रहता हूँ
तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
Sahir Ludhianvi
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मैं जिसे प्यार का अंदाज़ समझ बैठा हूँ
वो तबस्सुम वो तकल्लुम तिरी आदत ही न हो
Sahir Ludhianvi
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क्या ख़ुशी में ज़िंदगी का होश कम रह जाएगा
ग़म अगर मिट भी गया एहसास-ए-ग़म रह जाएगा
Shakeel Badayuni
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दिल नज़र बन जाएगा ग़म हर ख़ुशी हो जाएगी
आप के जाते ही दुनिया दूसरी हो जाएगी
Shakeel Badayuni
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ख़ुशी की बात और है ग़मों की बात और
तुम्हारी बात और है हमारी बात और
Anwar Taban
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तुम्हारे पास आते हैं तो साँसें भीग जाती हैं
मोहब्बत इतनी मिलती है कि आँखें भीग जाती हैं

तबस्सुम इत्र जैसा है हँसी बरसात जैसी है
वो जब भी बात करती है तो बातें भीग जाती हैं
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Aalok Shrivastav
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कब बार-ए-तबस्सुम मिरे होंटों से उठेगा
ये बोझ भी लगता है उठाएगा कोई और
Aanis Moin
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ऐसे इक़रार में इनकार के सौ पहलू हैं
वो तो कहिए कि लबों पे न तबस्सुम आए
Asad Bhopali
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ये चुपके चुपके न थमने वाली हँसी तो देखो
वो साथ है तो ज़रा हमारी ख़ुशी तो देखो
Shariq Kaifi
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तेरा मिलना ख़ुशी की बात सही
तुझ से मिल कर उदास रहता हूँ
Sahir Ludhianvi
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जो बिस्मिल बना दे वो क़ातिल तबस्सुम
जो क़ातिल बना दे वो दिलकश नज़ारा

मोहब्बत का भी खेल नाज़ुक है कितना
नज़र मिल गई आप जीते मैं हारा
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Nushur Wahidi
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इन्हीं ग़म की घटाओं से ख़ुशी का चाँद निकलेगा
अँधेरी रात के पर्दे में दिन की रौशनी भी है
Akhtar Shirani
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है आप के होंटों पे जो मुस्कान वग़ैरा
क़ुर्बान गए उस पे दिल ओ जान वग़ैरा
Anwar Masood
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कुछ इस अदास मोहब्बत-शनास होना है
ख़ुशी के बाब में मुझ को उदास होना है
Rahul Jha
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गाहे गाहे बस अब यही हो क्या
तुम सेे मिल कर बहुत ख़ुशी हो क्या
Jaun Elia
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किसी की तपिश में ख़ुशी है किसी की
किसी की ख़लिश में मज़ा है किसी का
Unknown
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सीधा-साधा डाकिया जादू करे महान
एक ही थैले में भरे आँसू और मुस्कान
Nida Fazli
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उम्र के आख़िरी मक़ाम में हम
मिल भी जाए तो क्या ख़ुशी होगी

क्या सितम तुम को देखने के लिए
हम को दुनिया भी देखनी होगी
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Vikram Sharma
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हर ख़ुशी मुस्कुरा के कहती है
दर्द बनकर छुपे हुए हो तुम

आज आब-ओ-हवा में ख़ुश्बू है
लग रहा है घुले हुए हो तुम
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Ritesh Rajwada
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जब भी माँगूँ तेरी ख़ुशी माँगूँ
और दुआएँ ख़ुदा तलक जाएँ

ख़्वाब आएँ तो नींद यूँँ महके
आँख से ख़ुशबुएँ छलक जाएँ
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Ritesh Rajwada
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क़ुबूल है जिन्हें ग़म भी तेरी ख़ुशी के लिए
वो जी रहे हैं हक़ीक़त में ज़िन्दगी के लिए
Nasir Kazmi
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नए दीवानों को देखें तो ख़ुशी होती है
हम भी ऐसे ही थे जब आए थे वीराने में
Ahmad Mushtaq
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तुम इन लबों की हँसी और ख़ुशी पे मत जाना
ये रोज़ रोज़ हमें भी फ़रेब देते हैं
Shadab Asghar
मुबारक मुबारक नया साल आया
ख़ुशी का समाँ सारी दुनिया पे छाया
Akhtar Shirani
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ये कह के दिल ने मिरे हौसले बढ़ाए हैं
ग़मों की धूप के आगे ख़ुशी के साए हैं
Mahirul Qadri
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है ख़ुशी इंतिज़ार की हर दम
मैं ये क्यूँँ पूछूँ कब मिलेंगे आप
Nizam Rampuri
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ख़ुशी से काँप रही थीं ये उँगलियाँ इतनी
डिलीट हो गया इक शख़्स सेव करने में
Fahmi Badayuni
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रखी थी ले के कॉपी हम ने उस की
ख़ुशी से झूम उठा बस्ता हमारा
Ankit Maurya
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दफ्न ताबूत में कर तिरी हर ख़ुशी
जश्न कैसे मनाते है मय्यत पे भी

ख़ास तारीख़ थी इम्तिहाँ की मगर
आज बारात उस की बुला ली गई
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Shilpi
ख़ुशी में भी ख़ुशी होती नहीं अब
तेरा ग़म ही सतह पर तैरता है
Umesh Maurya
तेरे आने की ख़ुशी है न है फ़ुर्क़त का ग़म
ग़म ये है बीत गए प्यार के सावन कितने
Shashank Shekhar Pathak
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ज़माना ज़ुल्म करता है ख़ुशी से
कभी तुझ को कभी मुझ को सताए
Meem Alif Shaz
फ़र्त-ए-ख़ुशी से अपनी जो भी रश्क करते हैं
उन को तिरी बनाई वो जन्नत तलब नहीं
Sabir Hussain
मैं थक गया हूँ ख़ुदारा उदासी होते हुए
किसी के सुर्ख़ लबों का मुझे तबस्सुम कर
Amaan Haider
दुखी रहने की आदत यूँंँ बना ली है कि अब कोई
ख़ुशी का ज़िक्र भी कर दे तो फिर तकलीफ़ होती है
Dipendra Singh 'Raaz'
मज़ा चहिए जो आख़िर तक उदासी से मोहब्बत कर
ख़ुशी का क्या है कब तब्दील है से थी में हो जाए
Atul K Rai
अश्क माँ के जो ख़ुशी से गिरे तो हैं मोती
और छलके जो ग़मों से तो लहू हो जाए
S M Afzal Imam
हुनर से काम लिया पेंट ब्रश नहीं तोड़ा
बना लिया तेरे जैसा ही कोई रंगों से

मुझे ये डर है कि मिल जाएगी तो रो दूँगा
मैं जिस ख़ुशी को तरसता रहा हूँ बरसों से
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Rahul Gurjar
नहीं है लब पे दिखावे का भी तबस्सुम अब
हमें किसी ने मुक़म्मल उदास कर दिया है
Amaan Haider
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ख़ुशी समेट के रखना फ़िज़ूल है असलम
अजीब चीज़ है ये बाँटने से मिलती है
Javed Aslam
ज़िक्र तबस्सुम का आते ही लगते हैं इतराने लोग
और ज़रा सी ठेस लगी तो जा पहुँचे मयख़ाने लोग
Ateeq Allahabadi
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मिरी आरज़ू का हासिल तिरे लब की मुस्कुराहट
हैं क़ुबूल मुझ को सब ग़म तिरी इक ख़ुशी के बदले
Kashif Adeeb Makanpuri
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शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मुयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर ख़ुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुद-कुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गई आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की
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Aman G Mishra
मुझे ख़बर नहीं ग़म क्या है और ख़ुशी क्या है
ये ज़िंदगी की है सूरत तो ज़िंदगी क्या है
Shadan Ahsan Marehrvi
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ख़ुदा का शुक्र अदा कर वो बे-वफ़ा निकला
ख़ुशी मना कि तिरी जान की बहाली हुई
Shakeel Jamali
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दिलों को तेरे तबस्सुम की याद यूँँ आई
कि जगमगा उठें जिस तरह मंदिरों में चराग़
Firaq Gorakhpuri
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तुम्हारे बा'द इस आँगन में फूल खिलने पर
ख़ुशी हुई भी तो ये दुख हुआ कि दें किस को
Mohit Dixit
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कभी हँसता हूँ तो आँखें कभी मैं नम भी रखता हूँ
हर इक मुस्कान के पीछे हज़ारों ग़म भी रखता हूँ

शिफ़ा भी दे नहीं सकता मुझे कोई मेरा अपना
नतीजन मैं मिरे ज़ख़्मों का ख़ुद मरहम भी रखता हूँ
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Shubham Dwivedi
हम ऐसे लोग भी जाने कहाँ से आते हैं
ख़ुशी में रोते हैं जो ग़म में मुस्कुराते हैं

हमारा साथ भला कब तलक निभाते आप
कभी कभी तो हमीं ख़ुद से ऊब जाते हैं
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Mohit Dixit
मुझ को गया था छोड़ के वो कितने तैश में
लेकिन ख़ुशी से रह न सका एक साल भी
Ankit Maurya
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कभी तो नस्ल-ओ-वतन-परस्ती की तीरगी को शिकस्त होगी
कभी तो शाम-ए-अलम मिटेगी कभी तो सुब्ह-ए-ख़ुशी मिलेगी
Abul mujahid zaid
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न उन लबों पे तबस्सुम न फूल शाख़ों पर
गुज़र गए हैं जो मौसम गुज़रने वाले थे
Kaif Uddin Khan
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सितम तो ये है कि वो भी न बन सका अपना
क़ुबूल हम ने किए जिस के ग़म ख़ुशी की तरह

कभी न सोचा था हम ने 'क़तील' उस के लिए
करेगा हम पे सितम वो भी हर किसी की तरह
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Qateel Shifai
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मैं ने रक्खा है हमेशा ही तबस्सुम लब पर
रो दिया क्यूँँ मिरे हालात समझने वाला
Qamar Jalalabadi
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हर मुसीबत का दिया एक तबस्सुम से जवाब
इस तरह गर्दिश-ए-दौराँ को रुलाया मैं ने
Fani Badayuni
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तमाम उम्र इसी रंज में तमाम हुई
कभी ये तुम ने न पूछा तेरी ख़ुशी क्या है
Ahsan Marahravi
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नहीं नहीं हमें अब तेरी जुस्तुजू भी नहीं
तुझे भी भूल गए हम तिरी ख़ुशी के लिए
Zehra Nigaah
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ये बे-सबब नहीं आए हैं आँख में आँसू
ख़ुशी का लम्हा कोई याद आ गया होगा
Akhtar Saeed Khan
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मिरी रूह की हक़ीक़त मिरे आँसुओं से पूछो
मिरा मज्लिसी तबस्सुम मिरा तर्जुमाँ नहीं है
Mustafa Zaidi
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अब तो ख़ुशी का ग़म है न ग़म की ख़ुशी मुझे
बे-हिस बना चुकी है बहुत ज़िंदगी मुझे
Shakeel Badayuni
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ग़म ही चाँदी है ग़म ही सोना है
ग़म न होगा तो क्या ख़ुशी होगी
Iftikhar Imam Siddiqi
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कभी अश्कों को भी कुछ दर्द उठाने दीजे
दिल का हर बोझ तबस्सुम पे न डाला जाए
Hina Rizvi
एक तेरा ही तबस्सुम तो न था वजह-ए-सुकूँ
मेरे आँसू भी मोहब्बत में बहुत काम आए
Mushfiq Khwaja
किसी मासूम बच्चे के तबस्सुम में उतर जाओ
तो शायद ये समझ पाओ ख़ुदा ऐसा भी होता है
Zafar Gorakhpuri
ये मोहब्बत में बड़ी हार समझ लो मेरी
आज मैं उस की ख़ुशी में दुखी मालूम पड़ा
Haresh Vanza
मैं कैसे हार मानूँ बिन लड़े ग़ुरबत के सहरा से
अभी तो ग़म भुलाने हैं ख़ुशी का बीज बोना है
Amaan Pathan
मुस्कुराए हम उस से मिलते वक़्त
रो न पड़ते अगर ख़ुशी होती
Jaun Elia
मुझ से आगे नज़र आने में ख़ुशी थी उस की
मेरी ज़ंजीर से ज़ंजीर बड़ी थी उस की
Shaheen Abbas
तेरे बग़ैर मुकम्मल नहीं कोई महफ़िल
तेरा ख़याल मेरी हर ख़ुशी में शामिल है
Shakir Dehlvi
ज़िन्दगी के सफ़र में ख़ुशी और ग़म का अपना अपना क़िस्सा है
अच्छा नहीं तो बुरा ही सही, पर वो शख़्स मेरी कहानी का हिस्सा है
Shashank Tripathi
ज़िन्दगी में हर किसी को हर ख़ुशी नहीं मिलती
मौत माँगने पर भी इस जहाँ में मौत नहीं मिलती
Kumar Rishi
है हाथ पकड़ा शांत सड़को पर सभी अपना यहाँ
खुदका निभाने साथ पर मैं ने किया है जो अमल
Zain Aalamgir
इस को तुम फ़ितरत मत समझो
मुस्कान फ़क़त आराइश है
Pawan
सताती बहुत है बदन की उदासी
यहाँ कौन रोता है अपनी ख़ुशी से
Lokesh Singh
हमारी गली से गुज़रती नहीं
ख़ुशी को हमारा पता दे कोई
Abdullah wali
उस की ख़ुशी में, है ख़ुशी मेरी
बस इसी झूठ का सहारा है
Aryan Goswami
मसरूफ़ियत में ही मिली आख़िर ख़ुशी हमें
फ़ुर्सत मिली तो याद फिर आने लगे हैं ग़म
Shriyansh Qaabiz
एक समुंदर की आँख नीली है एक बादल का रंग काला है
क्या उदासी है उस मुसव्विर की कितनी शिद्दत से रंग डाला है

वो अपने सब दुखों पे हँसता है मैं अपनी हर ख़ुशी में रोता हूँ
उस के सीने पे फूल खिलते हैं मेरी आँखों में कैसा छाला है
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Shivam chaubey
ग़मज़दा इस ज़िन्दगी को देखते हैं
और फिर अपनी घड़ी को देखते हैं

ये ख़ुशी भी जाँ कि मर के चैन से हम
जी रहे हर आदमी को देखते हैं
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Prashant Sitapuri
मोहब्बत है मुस्कान से बस
ज़िंदा रहना है जान से बस

पंछी को पेड़ से मतलब क्या
उस को मतलब है उड़ान से बस
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Kush Pandey ' Saarang '
हमें मुश्किल में भी मुस्कान देना है
फ़क़त परचम को अपने तान देना है

वही पहले तुम्हें भी छोड़ भागेगी
जो कहती है की लव में जान देना है
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Kush Pandey ' Saarang '
सितम ये था मुझे समझा नहीं वो
ख़ुशी ये है मुझे पढ़ते हो तुम सब
Kush Pandey ' Saarang '
ग़म, ख़ुशी, चाह, उदासी को समझने वाला
मुझ सेे बेहतर हो कोई मुझ को समझने वाला
Abhinav Baishander
बस उसे सोच कर दिल लगाया नहीं
दिल को मैं ने कभी फिर रुलाया नहीं

एक मुस्कान जीवन से ऐसे गई
आज तक मैं कभी मुस्कराया नहीं
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Priyanshu Tiwari
मेरे ख़्वाब मेरी ख़ुशी का हुआ क्या
लबों की मेरी इन हँसी का हुआ क्या

बड़ी ख़ूब-सूरत थी ये ज़िंदगी तो
पता ना चला ज़िंदगी का हुआ क्या
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Sandeep Gandhi Nehal
ख़ुशी ढूँढ़ने जब चलूँगा
मैं तुझ से गले आ लगूँगा
Kohar
कोई मंज़र ख़ुशी का होने वाला है
मेरा सब कुछ उसी का होने वाला है

ये दिल अब भी उसी को चाहता है बस
कि वो जो कल किसी का होने वाला है
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karan singh rajput
सुब्ह से शाम तक है बेक़रारी सी
तिरी यादें नहीं देती ख़ुशी के पल
Meem Alif Shaz
इस लिए ख़ुद-कुशी नहीं करते
बा'द तेरी ख़ुशी का क्या होगा
Neeraj Nainkwal
रुख़्सार पर तबस्सुम लाली भी खिल उठीं हैं
जब पास तुम हमारे हर शाम आ रहें हो
Sagar
दिसम्बर बा'द फिर इक जनवरी होगी
नए इस साल में भी शा'इरी होगी

कहोगे तुम मुबारकबाद फिर हम को
हमारी फिर ख़ुशी बस ऊपरी होगी
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Kush Pandey ' Saarang '
ख़ुशी है साथ है वो साल भर से पर, मुझे दुख है
कि पैटर्न लॉक में अब तक वो लड़की "यूँ" लगाती है
Dipendra Singh 'Raaz'
अलविदा दुनिया मेरे महबूब का बस ध्यान रखना
और नज़्मों गीत ग़ज़लों से मेरी पहचान रखना

रोज़ ख़्वाबों में तेरे आया करूँगा दिलरुबा पर
शर्त इतनी है कि चेहरे पर ज़रा मुस्कान रखना
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Aniket sagar
उतर आए अगर वो शख़्स मैदान-ए-मोहब्बत में
तो हम जैसे जवाँ लड़के ख़ुशी से हार जाएँगे
Shajar Abbas
क्या-क्या छीना है मुझ सेे उस ने बतलाऊँ
नींद, चैन, मुस्कान, ख़ुशी, वो, मैं या'नी सब
Saahir
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तोड़ कर हर क़सम इक क़सम के लिए
साथ हम हर ख़ुशी और ग़म के लिए

एक वा'दा किया उस ने' हम सेे यही
एक होंगे सदा हर जनम के लिए
Read Full
Naimish trivedi