Wafa Shayari - Loyalty, true love, and heartfelt promises expressed in words

Wafa shayari reflects the beauty of loyalty, commitment, and true love in relationships. It captures the depth of promises kept and the emotions behind standing by someone through every phase of life. These lines express the essence of 'wafadari' and heartfelt connection.

wafa shayari
मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ
जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
90 Likes
vafa shayari
वो बे-वफ़ा है तो क्या मत कहो बुरा उस को
कि जो हुआ सो हुआ ख़ुश रखे ख़ुदा उस को
Naseer Turabi
100 Likes
wafadari shayari
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँँ कोई बे-वफ़ा नहीं होता
Bashir Badr
84 Likes
vafadari shayari
काम आ सकीं न अपनी वफ़ाएँ तो क्या करें
उस बे-वफ़ा को भूल न जाएँ तो क्या करें
Akhtar Shirani
51 Likes
imaan shayari
फिर उसी बे-वफ़ा पे मरते हैं
फिर वही ज़िंदगी हमारी है
Mirza Ghalib
70 Likes
sachai shayari
सर झुकाओगे तो पत्थर देवता हो जाएगा
इतना मत चाहो उसे वो बे-वफ़ा हो जाएगा
Bashir Badr
81 Likes
sacha pyaar shayari
इंसान अपने आप में मजबूर है बहुत
कोई नहीं है बे-वफ़ा अफ़्सोस मत करो
Bashir Badr
73 Likes
nibhana shayari
आँखों की नींद दोनों तरह से हराम है
उस बे-वफ़ा को याद करें या भुलाएँ हम
Nazeer Banarasi
41 Likes
डरा-धमका के तुम हम सेे वफ़ा करने को कहते हो
कहीं तलवार से भी पाँव का काँटा निकलता है
Munawwar Rana
33 Likes
इस से पहले कि बे-वफ़ा हो जाएँ
क्यूँँ न ऐ दोस्त हम जुदा हो जाएँ
Ahmad Faraz
36 Likes
लो फिर तिरे लबों पे उसी बे-वफ़ा का ज़िक्र
अहमद-'फ़राज़' तुझ से कहा ना बहुत हुआ
Ahmad Faraz
30 Likes
इस ज़माने को ज़माने की अदा आती है
और इक हम है हमें सिर्फ़ वफ़ा आती है
Zubair Ali Tabish
48 Likes
तेरे ख़त आज लतीफ़ों की तरह लगते हैं
ख़ूब हँसता हूँ जहाँ लफ़्ज़-ए-वफ़ा आता है
Zubair Ali Tabish
61 Likes
चुप रहते हैं चुप रहने दो राज़ बताओ खोले क्या
बात वफ़ा की तुम करती हो बोलो हम कुछ बोले क्या

उल्फ़त तो अफ़साना है तुम करती खूब सियासत हो
हम भी हैं मक़बूल बहुत अब बोल किसी के होलें क्या
Read Full
Anand Raj Singh
77 Likes
चारों तरफ़ बिखर गईं साँसों की ख़ुशबुएँ
राह-ए-वफ़ा में आप जहाँ भी जिधर गए
Kumar Vishwas
41 Likes
ये सोच कर कोई अहद-ए-वफ़ा करो हम सेे
हम एक वादे पे 'उम्रें गुज़ार देते हैं
Waseem Barelvi
44 Likes
हम तो तमाम उम्र तिरी ही अदा रहे
ये क्या हुआ कि फिर भी हमीं बे-वफ़ा रहे
Jameel Malik
27 Likes
दोस्त ने दिल को तोड़ के नक़्श-ए-वफ़ा मिटा दिया
समझे थे हम जिसे ख़लील का'बा उसी ने ढा दिया
Arzoo Lakhnavi
17 Likes
उस दुश्मन-ए-वफ़ा को दुआ दे रहा हूँ मैं
मेरा न हो सका वो किसी का तो हो गया
Hafeez Banarasi
20 Likes
आसान नहीं मरहला-ए-तर्क-ए-वफ़ा भी
मुद्दत हुई हम इस को भुलाने में लगे हैं
Hafeez Banarasi
22 Likes
हम से कोई तअल्लुक़-ए-ख़ातिर तो है उसे
वो यार बा-वफ़ा न सही बे-वफ़ा तो है
Jameel Malik
27 Likes
दिल से निकलेगी न मर कर भी वतन की उल्फ़त
मेरी मिट्टी से भी ख़ुशबू-ए-वफ़ा आएगी
Lal Chand Falak
48 Likes
'शाद' ग़ैर-मुमकिन है शिकवा-ए-बुताँ मुझ से
मैं ने जिस से उल्फ़त की उस को बा-वफ़ा पाया
Shaad Arfi
21 Likes
पूछे हैं वजह-ए-गिरिया-ए-ख़ूनी जो मुझ सेे लोग
क्या देखते नहीं हैं सब उस बे-वफ़ा का रंग
Meer Taqi Meer
41 Likes
किसी बे-वफ़ा से बिछड़ के तू मुझे मिल गया भी तो क्या हुआ
मेरे हक़ में वो भी बुरा हुआ मेरे हक़ में ये भी बुरा हुआ
Mumtaz Naseem
55 Likes
जो रहे थे खफ़ा-खफ़ा हम सेे
कह गए हम को बे-वफ़ा हम सेे

राह तकते रहे थे फिर भी वो
नईं मिले आख़िरी दफ़ा हम सेे
Read Full
Shivam Mishra
जिस की फ़ितरत ही बे वफ़ाई हो
उस सेे उम्मीद-ए-वफ़ा क्या करना
Ajeetendra Aazi Tamaam
बेशक तू बे-वफ़ा का सनम नाम दे मुझे
बा'द आज़माने के मगर इल्ज़ाम दे मुझे
Ajeetendra Aazi Tamaam
बे-वफ़ा शख़्स तेरे होंठों पे ये लफ़्ज़-ए-वफ़ा
सच बताऊँ मुझे बिल्कुल नहीं अच्छा लगता
Shajar Abbas
कटी उम्र सारी वफ़ा करते करते
किसी की मुहब्बत अदा करते करते

वो थकता नहीं है ज़फा करते करते
मैं थकती नहीं हूँ दुआ करते करते
Read Full
Shadab Asghar
32 Likes
ये वो क़बीला है जो हुस्न को ख़ुदा माने
यहाँ पे कौन तेरी बात का बुरा माने

इशारा कर दिया है आप की तरफ़ मैं ने
ये बच्चे पूछ रहे थे कि बे-वफ़ा माने
Read Full
Kushal Dauneria
74 Likes
चल गया होगा पता ये आप को
बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को

इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़
तू समझती क्या है अपने आप को
Read Full
Kushal Dauneria
98 Likes
सारे का सारा तो मेरा भी नहीं
और वो शख़्स बे-वफ़ा भी नहीं

ग़ौर से देखने पे बोली है
शादी से पहले सोचना भी नहीं
Read Full
Kushal Dauneria
85 Likes
बिगड़ गई थी जो दुनिया सॅंवार दी हम ने
चढ़ा के सर पे मुहब्बत उतार दी हम ने

अँधेरी रात किसी बे-वफ़ा की यादों में
बहुत तवील थी लेकिन गुज़ार दी हम ने
Read Full
Hameed Sarwar Bahraichi
11 Likes
सुना है हमें बे-वफ़ा तुम कहो हो
ज़रा हम से आँखें मिला लो तो जानें
Kaleem Aajiz
30 Likes
तू इस तरह से मिरे साथ बे-वफ़ाई कर
कि तेरे बा'द मुझे कोई बे-वफ़ा न लगे
Qaisar-ul-Jafri
46 Likes
वो बे-वफ़ा है उसे बे-वफ़ा कहूँ कैसे
बुरा ज़रूर है लेकिन बुरा कहूँ कैसे
Nawaz Deobandi
43 Likes
वो बे-वफ़ा है हमेशा ही दिल दुखाता है
मगर हमें तो वही एक शख़्स भाता है
Shahryar
45 Likes
मुझ को न दिल पसंद न वो बे-वफ़ा पसंद
दोनों हैं ख़ुद-ग़रज़ मुझे दोनों हैं ना-पसंद
Bekhud Dehelvi
29 Likes
तू बे-वफ़ा ही सही तुझ से प्यार आज भी है
तिरे लिए ये दिल-ओ-जाँ निसार आज भी है
Aarif hasan khan
29 Likes
नज़र न आए मुझे हुस्न के सिवा कुछ भी
वो बे-वफ़ा भी अगर है तो बे-वफ़ा न लगे
Hasan naim
19 Likes
खुला फ़रेब-ए-मोहब्बत दिखाई देता है
अजब कमाल है उस बे-वफ़ा के लहजे में
Iftikhar Arif
20 Likes
उसे समझने का कोई तो रास्ता निकले
मैं चाहता भी यही था वो बे-वफ़ा निकले
Waseem Barelvi
69 Likes
कहूँ किस तरह मैं कि वो बे-वफ़ा है
मुझे उस की मजबूरियों का पता है
Khumar Barabankvi
47 Likes
ख़ुदा का शुक्र अदा कर वो बे-वफ़ा निकला
ख़ुशी मना कि तिरी जान की बहाली हुई
Shakeel Jamali
33 Likes
ये कब कहा था मुझे हमनवा नहीं देना
मगर हाँ फिर से वही बे-वफ़ा नहीं देना

मैं टूट जाऊँ तो आ कर गले लगा लेना
कोई दलील कोई मशवरा नहीं देना
Read Full
Saurabh Sharma 'sadaf'
43 Likes
भले ही जान-लेवा हो सियासत को ग़लत कहना
मगर फिर भी ये सच ईमान वाले लोग कहते हैं
Amaan Pathan
अंजाम-ए-वफ़ा ये है जिस ने भी मोहब्बत की
मरने की दुआ माँगी जीने की सज़ा पाई
Nushur Wahidi
11 Likes
शिकायत उस से नहीं अपने आपसे है मुझे
वो बे-वफ़ा था तो मैं आस क्यूँँ लगा बैठा
Sabir Zafar
13 Likes
बे-मुरव्वत हो बे-वफ़ा हो तुम
अपने मतलब के आश्ना हो तुम
Wajid Ali Shah Akhtar
11 Likes
बेचता यूँँ ही नहीं है आदमी ईमान को
भूख ले जाती है ऐसे मोड़ पर इंसान को

शबनमी होंठों की गर्मी दे न पाएगी सुकून
पेट के भूगोल में उलझे हुए इंसान को
Read Full
Adam Gondvi
14 Likes
ऐ वतन इक रोज़ तेरी ख़ाक में खो जाएँगे सो जाएँगे
मर के भी रिश्ता नहीं छूटेगा हिंदुस्तान से ईमान से
Rahat Indori
17 Likes
मैं ख़ानदान की पाबंदियों से वाक़िफ़ थी
ख़ुदा का शुक्र है उस शख़्स ने वफ़ा नहीं की
Komal Joya
एक वा'दा है किसी का जो वफ़ा होता नहीं
वर्ना इन तारों भरी रातों में क्या होता नहीं
Saghar Siddiqui
इक आख़िरी रस्म निभा लो कि अब ये रिश्ता तोड़ देते हैं
तुम तो जा ही चुकी हो हम भी अब तुम सेे मुँह मोड़ लेते हैं

थी झूठी सब क़स
में, थे झूठे सब वादे, और वो तुम्हारे फ़रेबी इरादे
उम्मीद-ए-वफ़ा तुम सेे नहीं, वफ़ा का ज़िम्मा भी ख़ुद ही पे छोड़ देते हैं
Read Full
Shashank Tripathi
यूँ मेरे ख़्वाबों को हसीं बना कर तुम क्या पाओगे
मुझ सेे नजदीकियां बढ़ाने की तुम सज़ा पाओगे

मैं बदनाम हूँ किसी से मोहब्बत की ख़ातिर "निहार"
मुझ सेे इश्क़ कर के तुम फ़क़त दर्द-ए-वफ़ा पाओगे
Read Full
Shashank Tripathi
आसान है किसी के लिए आँखें भारी करना
लेकिन मुश्किल है उम्र भर वफ़ादारी करना

दुनिया हर रोज़ निकलती है सुब्ह काम के लिए
अपने नसीब में है शायद बेरोज़गारी करना
Read Full
karan singh rajput
दिल के सारे गिले शिकवे, दफ़ा कीजिए
आप वफ़ा करने आए हैं, वफ़ा कीजिए
Kuldeep Nagar
हमारी वफ़ा का वो इंसाफ़ होगा
तिरी आँख से जब ये काजल छटेंगे
Aarush Sarkaar
हमेशा बे-वफ़ा कहते हो उस को तुम
मगर उस ने तुम्हें दुख-ग़म दिया क्या है

मोहब्बत ही नहीं कर पाया वो तुम सेे
तुम्हें मजबूरियाँ उस की पता क्या है
Read Full
ATUL SINGH
27 Likes
जो वफ़ा करते हैं उन को तो सज़ा मिलती है
बेवफाओं को ही ईनाम-ए-वफ़ा मिलती है
Aditya
नहीं, नहीं जाँ, तुम नहीं हो बे-वफ़ा या बेमुरव्वत
वो मैं ने शा'इरी में वज़्न देने के लिए यूँ ही लिखा था
Guru Gunour
ये मुसलसल बिछड़ते जाते है
बद-दुआ है वफ़ा निगारों को
Sandeep kuthe
जफ़ा जो कर सके बदले वफ़ा के
मोहब्बत उस के दर सज्दा करेगी
Ashutosh Kumar "Baagi"
वक़्फ़ हो "अशरफ़" वफ़ा की राह पर तुम इस लिए
ख़्वाहिशों को मार दो, ख़ुदगरज़ियाँ अंदर रखो
Ashraf Ali
मोहब्बत को अपनी निभाऊँ मैं कैसे बहुत मसअले हैं छिपाऊँ मैं कैसे
न मालूम उस को कि हालात क्या हैं नहीं बे-वफ़ा हूँ बताऊँ मैं कैसे
Ananya Rai Parashar
अंजाम-ए-वफ़ा है 'जाज़िब' रक़्स करूँँगा मैं
ये ग़म तो ख़रा है 'जाज़िब' रक़्स करूँँगा मैं

फिर छोड़ के मुझ को आगे जाते हुए मुझ से
उस ने भी कहा है 'जाज़िब' रक़्स करूँँगा मैं
Read Full
Chandan Sharma
बा-वफ़ा या बे-वफ़ाई की कहानी,
इश्क़ में तुम दो मुझे कोई निशानी
Vedic Dwivedi
देख लो ख़ुद को रख के मेरी जगह
बे-वफ़ा थोड़ा कम लगूँगा मैं
Dharmesh Solanki
झूठा है सच्चा भी तो हो सकता है
चश्मा है गन्दा भी तो हो सकता है

बारिश केवल बादल की मज़बूरी है?
बादल का ग़ुस्सा भी तो हो सकता है
Read Full
Atul K Rai
बे-वफ़ा वो नहीं है ज़रा भी, मैं हूँ
जो किसी और को चाहने लग गया
karan singh rajput
सितारों ने कभी सोचा, हुए जो दिन कहाँ जाएँ
गुज़ारे दिन जो हैं हम ने उन्हें गिन-गिन कहाँ जाएँ

कभी हम भी वफ़ा के नाम से मशहूर थे लेकिन
नहीं मालूम अब हम को तुम्हारे बिन कहाँ जाएँ
Read Full
Naimish trivedi
ख़ुदा करे न मिले तुझ सा बा-वफ़ा मुझ को
ख़ुदा करे तुझे अब मुझ सा बे-वफ़ा न मिले
Shajar Abbas
भला कैसे वफ़ा के तौर हैं ये
भला कैसी हमारी दोस्ती है
Prasoon
मुझ सेे वो इस क़दर ख़फ़ा हो गया है
लगता है अब वो बे-वफ़ा हो गया है
Gulam Sabir
ख़ुदा के ही हुक्म से तू बे-वफ़ा बनी है, मतलब साफ़ है
ख़ुदा हिजरत चाहता है मेरे इश्क़ की क़ुर्बानी साथ में
A R Sahil "Aleeg"
लानत है मेरे दिल पे मुझे वो भी बे-हिसाब
तू बे-वफ़ा है फिर भी तुझे चाहता है ये
Prit
मोहब्बत नशा है, नशा है मोहब्बत
जिसे पहले होश आया वो बे-वफ़ा है
Abuzar kamaal
बे-वफ़ा होना तुम्हारा लाज़मी है
तुम को हम हद से ज़ियादा चाहते थे
Vijay Anand Mahir
जो मिले और किसी से जा कर
बे-वफ़ा तुझ को वबा लग जाए
Shadan Ahsan Marehrvi
घड़ी है आज़ अंतिम साल की इक रात जाने की
क़मर को रात बिल्कुल बे-वफ़ा ही लग रही होगी
Yogamber Agri
इश्क़ वो दरया है जिस के दो नहीं चार साहिल हैं
दस्त-बरदारी, अरूसी, बेवफ़ाई ,वफ़ादारी
A R Sahil "Aleeg"
नर्म था जो लब-ओ-लहजा सख़्त क्यूँ है
बे-वफ़ा इश्क़ से लड़ कर आए हो क्या?
A R Sahil "Aleeg"
हर गुनह को इक सज़ा है उस का हक़ दोस्त
बे-वफ़ा मरता नहीं, कितना ग़लत है
BR SUDHAKAR
वफा के हुस्न के काँटों के फूल के क़िस्से
मुझे तो लग रहे हैं सब फ़ुज़ूल के क़िस्से

फिर उस का नाम है आया ज़बान पर मेरी
सुना रहा था किसी को स्कूल के क़िस्से
Read Full
Akash Rajpoot
कई अरबों की आबादी, इश्क़ हो इक से जुनूनी, और
वो भी जब बे-वफ़ा बन जाए, ख़ुदा, शिकवा तो बनता है
A R Sahil "Aleeg"
करेंगे हर पल वफ़ा तुम से इंशा-अल्लाह जाँनाँ
जफ़ा कर बैठूँ तो इल्ज़ाम रब की मर्ज़ी पे होगा
A R Sahil "Aleeg"
वफ़ा याद कर जान मेरी
बता फिर सितम यार मेरा
MOHSIN JAHANGIR
दोस्ती में हो रहे हैं आज जो वादे वफ़ा
ये हबीब इबने मज़ाहिर आप का एहसान है
''Akbar Rizvi"
हसीनाएँ और भी है महफ़िल में मौजूद
नहीं है ज़रूरत किसी बे-वफ़ा की
Rachit Sonkar
वफ़ा चाहा मगर धोखा हुआ
चलो जो भी हुआ अच्छा हुआ
Irshad Siddique "Shibu"
वो बे-वफ़ा रहे पर मुझ को वफ़ा रहेगी
आख़िर वो कब तलक ही मुझ सेे जुदा रहेगी

मुझ को यक़ीन इक दिन वो आ मिलेगी मुझ सेे
तितली भी फूल से यूँँ कब तक ख़फ़ा रहेगी
Read Full
Ravi 'VEER'
हसीन लोग अगर बे-वफ़ा नहीं होते
तो सारी दुनिया क़सम से बहिश्त बन जाती
Shajar Abbas
हम ने उम्र भर सब रिश्तों को खूब गाली दी
पर न सोचा हम ने किस सेे वफ़ा निभाई थी
Kartik tripathi
उसे हम बे-वफ़ा कैसे कहें
कि उस ने तो हमें चाहा नहीं
Kaviraj " Madhukar"
ग़म कभी बे-वफ़ा नहीं होता
इस लिए ख़ूब साथ रहता है
Meem Alif Shaz
वादे सभी कहाँ पूरे हो सके वफ़ा में
सदमा उठा रही हैं यादें यही नशा में

होने लगे सभी से हम दूर जानते हो
ख़्वाहिश सिमट गई है अब तो मेरी ख़ुदा में
Read Full
Kajiimran
बे-वफ़ा से अगर जो मुलाक़ात हो
मुस्कुरा देना बस तुम उसे देख कर
Radheshyam Tiwari
बे-वफ़ा को आपने दिल दे दिया है
इतना अच्छा होना भी अच्छा नहीं है
Radheshyam Tiwari
वो था पत्थर उस को पत्थर से ख़ुदा हम ने किया
धूल चेहरे से हटाकर आइना हम ने किया

वो अगर अब बे-वफ़ा है तो नहीं उस का क़ुसूर
हद से ज़्यादा चाहा उस को बे-वफ़ा हम ने किया
Read Full
Kavi Nitin Mishra Nishchal
वफ़ा की बात पर इतनी शिकायत कौन करता है
न जाने इन गुलाबों से मोहब्बत कौन करता है


हमारे साथ रह कर तुम भी इतना सीख जाओगे

पुरानी याद की आख़िर हिफाज़त कौन करता है।
Read Full
Kumar gyaneshwar
ऐ बे-वफ़ा ऐ बेहिस-ओ-मक्कार बे-नफ़स
कमज़र्फ बे -ज़मीर मेरे सामने मत आ
Shajar Abbas
वो जो इल्ज़ाम हम पर ही लगा के फिर ख़फ़ा हैं अब
हमें कह बद-चलन ख़ुद ही हुए वो बे-वफ़ा हैं अब
Shivam Mishra
सब के सब झूठ कह रहे हैं ये
कोई लड़की वफ़ा नहीं करती
A R Sahil "Aleeg"
अभी तक भुलाने कि उस को दुआ कर रहा हूँ,
बहाने इबादत कि, मैं तो वफ़ा कर रहा हूँ
RAAHI
दिल से कैसा है ये मालूम नहीं, पर वो शख़्स
शक्ल से साहिब-ए-ईमान नज़र आता है
Mohammad Aquib Khan
किसी इक बे-वफ़ा पे दिल जो हारा था
वही हाँ मर गया जो ग़म का मारा था

हमारा जिस्म ज़ख़्मी होना लाज़िम था
ज़मीं से आसमाँ को ढेला मारा था

किसी गड्ढे में लाज़िम था मेरा गिरना
ज़मीं से चाँद जो मैं ने निहारा था

बहुत ही देर कर दी लौटने में यार
ख़ुदा का हो गया वो जो तुम्हारा था

ख़ुदा को प्यारा होगा किस को था मालूम
जो तुम को हम को उस को सब को प्यारा था
Read Full
Irshad Siddique "Shibu"
वो आज नहीं तो कल ये जान ही जाएगा
वो और वफा़ दोनों इक साथ नहीं होते
Bhoomi Srivastava