Bechaini Shayari - Dil ki bechaini, tadap aur beqarar ehsaason ki shayari

Bechaini shayari expresses the restless emotions of a heart that cannot find peace. It captures feelings of longing, unease, and inner turmoil that often arise in love and life. These verses beautifully reflect the tadap and बेचैनी that words alone struggle to explain.

कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
Kumar Vishwas
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कोई दीवाना कहता है कोई पागल समझता है
मगर धरती की बेचैनी को बस बादल समझता है
Kumar Vishwas
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वो तड़प जाए इशारा कोई ऐसा देना
उस को ख़त लिखना तो मेरा भी हवाला देना
Azhar Inayati
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भोले बन कर हाल न पूछ बहते हैं अश्क तो बहने दो
जिस से बढ़े बेचैनी दिल की ऐसी तसल्ली रहने दो
Arzoo Lakhnavi
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ये ज़मीं किस क़दर सजाई गई
ज़िंदगी की तड़प बढ़ाई गई

आईने से बिगड़ के बैठ गए
जिन की सूरत जिन्हें दिखाई गई
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Sahir Ludhianvi
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न आया ग़म भी मोहब्बत में साज़गार मुझे
वो ख़ुद तड़प गए देखा जो बे-क़रार मुझे
Asad Bhopali
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उस की बेचैनी बढ़ाना चाहती हूँ
सुनिए कह कर चुप लगाना चाहती हूँ
Pooja Bhatia
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मेरी बेचैनी का आलम मेरी बेचैनी से पूछो
मेरे चहरे से पूछोगे कहेगा ठीक है सब कुछ
Aqib khan
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ख़मोशी से मुसीबत और भी संगीन होती है
तड़प ऐ दिल तड़पने से ज़रा तस्कीन होती है
Shad Azimabadi
ख़ामोशी, बेचैनी, यादें तेरी, मेरा ख़ालीपन
कितना कुछ है कमरे में तेरे और मेरे सिवा
Prashant Shakun
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जाने कितनी कहानियाँ समेटे रहा होगा
वो जो शख़्स हाल-ए-दिल बायाँ करता भी नहीं

दर्द कितनी होगी, बेचैनी कितनी होगी
वो ज़बान जो किसी से कुछ कहता ही नहीं
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Ashish Anand
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है किस की‌ तड़प दिल को‌ मेरे
बिगाड़े है ख़ुद रिश्ते सारे
Vishal Jha
इक बेचैनी सी है मन में क्या होगा ये रब जाने
यार मिरे कोई पूछो रब से वो तो है सब जाने
Kabir Altamash
ख़ौफ़, ख़ामोशी, बेचैनी ने था जकड़ा
हाथ मेरा तेरे हाथों ने था पकड़ा

प्यार है तो फिर झगड़ा भी करना सीखो
इत्तना सा बस हम दोनों में था झगड़ा
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Udit Narayan Mishra
है किस की‌ तड़प दिल को‌ मेरे
बिगाड़े है ख़ुद रिश्ते सारे
Vishal Jha
रातों की बेचैनी हम से पूछो
पूरी फ़िक्र बिछाकर सो जाते हैं
Meem Alif Shaz
तड़प के कहीं टूट जाता
सो हम ने मोहब्बत नहीं की
Meem Alif Shaz
आज वो भी तड़प रहा होगा
आग उस
में भड़क रहा होगा

तुम दुबारा तलाशती राहें
यार कोई सड़क रहा होगा
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Afzal Sultanpuri
तड़प बस हमें तो तुम्हारी रही है
तुम्हारे सिवा हम किसे और चाहें
Kavi Naman bharat
मैं दिल भेजूँ नज़र भेजूँ तड़प भेजूँ असर भेजूँ
कहीं माँगे गए हैं शे'र अच्छे मेरी ग़ज़लों के
Moni Gopal Tapish
खोने का तुझ को डर निकले,
बेचैनी से हम मर निकले,

साँसों में तब साँसें आईं,
जब दिल के तुम अंदर निकले
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Divya 'Kumar Sahab'
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उस सेे कहना वो मुझ सेे बात करे
उस सेे कहना तड़प रहा हूँ मैं
Shajar Abbas
मैं तड़प कर रह गया था वस्ल का दिन देखने को
दूर सहरा में किसी ने हिज्र दे कर ज़िन्दगी ली
Famyas Siwani
बर्फ़ीली यादों से सीने में बेचैनी है
उन के आते ही मौसम में गर्मी आएगी
Meem Alif Shaz
तन्हाई, ख़ामोशी, बेचैनी, सब कुछ तो है
तेरी मोहब्बत ने भी ख़ूब नवाज़ा है हम को
Meem Alif Shaz
ये नागिन सी तेरी ज़ुल्फ़ें घटा बनकर जो छाएंगी
तड़प कर मर भी जाऊँ तो नहीं इल्ज़ाम लिक्खूँगा
Mamta 'Anchahi'
तड़प वो क़ैस-ओ-लैला सी ना वो फ़रहाद सी हिम्मत
कहाँ अब पहले जैसी बात बाक़ी है वफ़ाओं में
Meem Maroof Ashraf
दिल की तड़प ज़बान पे लाई न जाएगी
तकलीफ़ ये किसी से बताई न जाएगी

बेहतर यही है इश्क़ से बचकर रहो सदा
वरना ये लत लगी तो छुड़ाई न जाएगी
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Wajid Husain Sahil
वो प्यार करते हैं पर गुफ़्तुगू नहीं करते
हमें वो पाने की भी आरज़ू नहीं करते

उन्हें ख़बर नहीं उन के बिना है कितनी तड़प
हमारे दर्द की वो आबरू नहीं करते
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Danish Balliavi
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तड़प रही है मुहब्बत की तिश्नगी मेरी
यहाँ कोई नहीं सुनता है शा'इरी मेरी

ख़ुशी नहीं है मुक़द्दर में दोस्तों शायद
किसी के ग़म में गुजरती है ज़िंदगी मेरी
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Danish Balliavi
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हुस्न-ए-यूसुफ़ के लिए ख़्वाब-ए-ज़ुलेख़ा की तड़प
जो भी देखे तो कहे ख़्वाब-ए-ज़ुलेख़ा ही बना
"Nadeem khan' Kaavish"
बड़ी बेचैनी से वो छत पे आती है
गली में या'नी कोई अब भी रहता है
Mohd Arham
अंधों की बेचैनी को तुम क्या जानो दुनियावालों
तुम ने तो दोनों आँखों से ख़ूब उजाले देखे हैं
DEVANSH TIWARI
कोई बेचैनी से चेहरा तेरा मुरझाया हुआ है
देख के हालत तेरी दिल मेरा घबराया हुआ है
Manohar Shimpi
मुझ से की हो बे-वफ़ाई जिस की ख़ातिर उस सेे तुम करना वफ़ा
मैं तड़प जाऊँगा जब वो बे-वफ़ा कह कर पुकारेगा तुम्हें
A R Sahil "Aleeg"
टूट के दिल रुक नहीं जाता कभी भी
प्यार करता है तड़प के दिल सभी को
Vinod Ganeshpure
मरे भी तो तड़प तड़प के मरे
ज़िंदगी भी हलाल में गुज़री
Prit
दिल तो सुख़न-गोई से बहला सकते हैं
उस का क्या हो रूह को जो बेचैनी है
shampa andaliib
दिल की बेचैनी का कुछ तो हो सबब
याद आए कोई ग़म हो कोई तो
Hamza ali
तुम ने ऐसी कह दी बात
बेचैनी में काटी रात
Khalid Nadeem Budauni
रास्ते में यक-ब-यक यादों का मंज़र आ गया
दिल की बेचैनी से लगता है दिसंबर आ गया
Mayank Shukla
साँस मेरे सीने से इक-इक उखड़ जाएगी तब भी
देखना दिल में मचलती एक बेचैनी मिलेगी
Mohit Subran
ये मेरी आख़िरी शाम भी तो हो सकती है
जिस को मैं जी रहा हूँ बड़ी बेचैनी के साथ
Bilal Official
आज कल नींद नहीं नयनों में आती मेरे
दिल की बेचैनी है इक लड़की बढ़ाती मेरे

चाहता हूँ कि उसे दिल से भुला दूँ लेकिन
याद उस की कभी दिल से नहीं जाती मेरे
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KAVI SURESH AKELA
तुझ को पहचानना ही मुश्किल है
ये तेरा आईना नहीं मैं हूँ


ये जो रहती है दिल में बेचैनी

कोई और सानेहा नहीं मैं हूँ
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MIR SHAHRYAAR
तड़प के रोए हैं चेहरा अगर छुपाया है
कि लोग देख न ले आँख में समुंदर को
arjun chamoli
तड़प मेरे कलेजे की समझ भी जाओ जान-ए-जाँ
ज़ियादा और खुल कर क्या कहूँ बस घर चले आते
Nityanand Vajpayee
उदासी का सबब दो चार ग़म होते तो कह देता
फ़ुलाँ को भूल बैठा हूँ फ़ुलाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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ईद ख़ुशियों का दिन सही लेकिन
इक उदासी भी साथ लाती है

ज़ख़्म उभरते हैं जाने कब कब के
जाने किस किस की याद आती है
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Farhat Ehsaas
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मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
Tehzeeb Hafi
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मेरे कमरे में उदासी है क़यामत की मगर
एक तस्वीर पुरानी सी हँसा करती है
Abbas Qamar
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया
उदासी की मेहनत ठिकाने लगी
Adil Mansuri
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बस मोहब्बत बस मोहब्बत बस मोहब्बत जान-ए- मन
बाक़ी सब जज़्बात का इज़हार कम कर दीजिए
Farhat Ehsaas
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ऐसा नहीं कि उन से मोहब्बत नहीं रही
जज़्बात में वो पहली सी शिद्दत नहीं रही
Khumar Barabankvi
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ख़ुदा को मान कि तुझ लब के चूमने के सिवा
कोई इलाज नहीं आज की उदासी का
Zafar Iqbal
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गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है
माफ़ करना, काम मुझ को और भी हैं दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर'
उदासी बाल खोले सो रही है
Nasir Kazmi
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सभी के साथ दिखना भी मगर सब सेे जुदा रहना भी है उस को
उदासी साथ भी रखनी है और तस्वीर में हँसना भी है उस को
Kafeel Rana
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जो सावन होते सूखा, उस फूल पे लानत हो
मुझ पे लानत, तेरे होते, यार उदासी है
Siddharth Saaz
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है
फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है

तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती
तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
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Jawwad Sheikh
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कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है
हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं
Jaani Lakhnavi
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अज़ल से ले कर के आज तक मैं कभी भी तन्हा नहीं रहा हूँ
कभी थे तुम तो, कभी थी दुनिया, कभी ये ग़ज़लें, कभी उदासी
Ankit Maurya
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तो देख लेना हमारे बच्चों के बाल जल्दी सफ़ेद होंगे
हमारी छोड़ी हुई उदासी से सात नस्लें उदास होंगी
Danish Naqvi
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ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है
एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
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उदासी चल कहीं चलते हैं दोनों
पिएँगे चाय और बातें करेंगे
Gaurav Singh
उम्र भर मेरी उदासी के लिए काफ़ी है
जो सबब मेरी ख़मोशी के लिए काफ़ी है

जान दे देंगे अगर आप कहेंगे हम सेे
जान देना ही मुआ'फ़ी के लिए काफ़ी है
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Aakash Giri
तुम्हारी एक हरकत से उदासी आए चेहरे पर
किसी को इस तरह भी मत करो लाचार होली में
Vijay Anand Mahir
कम अज़ कम इक ज़माना चाहता हूँ
कि तुम को भूल जाना चाहता हूँ

ख़ुदारा मुझ को तन्हा छोड़ दीजे
मैं खुल कर मुस्कुराना चाहता हूँ

सरासर आप हूँ मद्दे मुक़ाबिल
ख़ुदी ख़ुद को हराना चाहता हूँ

मेरे हक़ में उरूस-ए-शब है मक़्तल
सो उस से लब मिलाना चाहता हूँ

ये आलम है, कि अपने ही लहू में
सरासर डूब जाना चाहता हूँ

सुना है तोड़ते हो दिल सभों का
सो तुम से दिल लगाना चाहता हूँ

उसी बज़्म-ए-तरब की आरज़ू है
वही मंज़र पुराना चाहता हूँ

नज़र से तीर फैंको हो, सो मैं भी
जिगर पर तीर खाना चाहता हूँ

चराग़ों को पयाम-ए-ख़ामुशी दे
तेरे नज़दीक आना चाहता हूँ
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Kazim Rizvi
उदासी का सबब उस सेे जो हम तब पूछ लेते
वजह फिर पूछनी पड़ती न शायद ख़ुद-कुशी की
Dipendra Singh 'Raaz'
सुब्ह-ओ-शाम अब हम को बस उदास रहना है
ग़मज़दों की मंज़िल का रास्ता उदासी है
Rohit tewatia 'Ishq'
उदासी इक समुंदर है कि जिस की तह नहीं है
मैं नीचे और नीचे और नीचे जा रहा हूँ
Charagh Sharma
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मैं थक गया हूँ ख़ुदारा उदासी होते हुए
किसी के सुर्ख़ लबों का मुझे तबस्सुम कर
Amaan Haider
कोई हादसा ले कर आदमी किधर जाए
आदमी अगर कह दे हादसा उदासी है
Rohit tewatia 'Ishq'
मज़ा चहिए जो आख़िर तक उदासी से मोहब्बत कर
ख़ुशी का क्या है कब तब्दील है से थी में हो जाए
Atul K Rai
उदासी पर कहे हैं शे'र सबने
उदासी को जिया कितनों ने लेकिन ?
Tanoj Dadhich
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ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भाँप कर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हों
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Gaurav Singh
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मैं वो नाकाम मुसव्विर हूँ जो ख़ुद के हाथों
एक उदासी के सिवा कुछ न बना पाया है
Ashutosh Vdyarthi
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उदासी जैसे कि उस के बदन का हिस्सा है
अधूरा लगता है वो शख़्स अगर उदास न हो
Vikram Sharma
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हम पे एहसान हैं उदासी के
मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
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मेरी बरसों की उदासी का सिला कुछ तो मिले
उस से कह दो वो मेरा क़र्ज़ चुकाने आए
Khalil Ur Rehman Qamar
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शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मुयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर ख़ुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुद-कुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गई आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की
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Aman G Mishra
ख़ाली पड़ा है और उदासी भरा है दिल
सो लोग इस मकान से आगे निकल गए
Ankit Maurya
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अब ये सोचा है बस ख़ुश रहेंगे
दिल उदासी से उकता गया है
Sapna Moolchandani
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ख़मोशी तो यही बतला रही है
उदासी रास मुझ को आ रही है

मुझे जिन ग़लतियों से सीखना था
वही फिर ज़िंदगी दोहरा रही है
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Vishal Singh Tabish
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गर कोई मुझ सेे आ कर कहता, यार उदासी है
मैं उस को गले लगाकर कहता, यार उदासी है

होता दरवेश अगर मैं तो फिर सारी दो-पहरी
गलियों में सदा लगाकर कहता, यार उदासी है
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Siddharth Saaz
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उस ख़ूब-रू से रब्त ज़रा कम हुआ मेरा
ये देख कर उदासी मेरे संग लग गई
Siddharth Saaz
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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में
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Anis shah anis
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मेरे नादाँ दिल उदासी कोई अच्छी शय नहीं
देख सूखे फूल पर आती नहीं हैं तितलियाँ
Deepak Vikal
नाप रहा था एक उदासी की गहराई
हाथ पकड़कर वापस लाई है तन्हाई

वस्ल दिनों को काफ़ी छोटा कर देता है
हिज्र बढ़ा देता है रातों की लम्बाई
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Tanoj Dadhich
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हाँ यही मेरी ख़ुद-शनासी है
जिस्म ताज़ा है रूह बासी है

सब हँसी को हँसी समझते हैं
तुम तो समझो हँसी उदासी है
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Armaan khan
मुझ ऐसा शख़्स अगर क़हक़हों से भर जाए
ये साँस लेती उदासी तो घुट के मर जाए

वो मेरे बा'द तरस जाएगा मोहब्बत को
उसे ये कहना अगर हो सके तो मर जाए
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Rakib Mukhtar
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गलियों की उदासी पूछती है घर का सन्नाटा कहता है
इस शहर का हर रहने वाला क्यूँँ दूसरे शहर में रहता है
Ghulam Mohammad Qasir
हम तो जैसे कि किनारे पे खड़े होते हैं
वो उदासी है कि बस बात मिले रोने को
Usama Zoraiz
ये उदासी का सबब पूछने वाले 'अजमल'
क्या करेंगे जो उदासी का सबब बतलाया
Ajmal Siraj
जंग पर जाते हुए बेटे की माँ से पूछो
कैसे जज़्बात के तूफ़ान सँभाले होंगे
Shifa Kajganvi
सताती बहुत है बदन की उदासी
यहाँ कौन रोता है अपनी ख़ुशी से
Lokesh Singh
जज़्बात हो रहे गुम पर कौन दे तवज्जोह
इंसान का जहाँ मरना आम सी ख़बर हो
Zain Aalamgir
एक समुंदर की आँख नीली है एक बादल का रंग काला है
क्या उदासी है उस मुसव्विर की कितनी शिद्दत से रंग डाला है

वो अपने सब दुखों पे हँसता है मैं अपनी हर ख़ुशी में रोता हूँ
उस के सीने पे फूल खिलते हैं मेरी आँखों में कैसा छाला है
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Shivam chaubey
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भांपकर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हो
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Gaurav Singh
उदासी है न यादें हैं न तेरे काल का चक्कर
हमारी शाम है जाना तुम्हारे शाम से बेहतर
Gaurav Singh
सभी की कोशिशोँ से मेरे ख़ातिर
उदासी ढूंढ कर लाई गई है
Prashant Sitapuri
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भांपकर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हो
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Gaurav Singh
मर गए जज़्बात सबके ये बहर की जंग करते
शा'इरी की क़द्र छूटी, क्या बहर फिर, बे-बहर क्या
Zain Aalamgir
शहर वाली ये उदासी, है नहीं अच्छी कभी भी
गाँव आए तुम कभी, मुस्कान ले जाना यहाँ की
Zain Aalamgir
उदासी है चले जाने से तेरे जो
कि लगता है ख़ुशी तो अब नहीं आनी
Kohar
ग़म, ख़ुशी, चाह, उदासी को समझने वाला
मुझ सेे बेहतर हो कोई मुझ को समझने वाला
Abhinav Baishander
चले जाएँगे इक दिन हम जहाँ से
उदासी रात दिन ढूँढा करेगी
Ashutosh Kumar "Baagi"