Baarish Shayari - Rainy vibes, ishq aur yaadon bhari shayari collection

Baarish shayari beautifully captures the emotions that rain brings—romance, nostalgia, and quiet reflection. Whether it's the soothing sound of rimjhim or memories attached to a rainy day, these lines express feelings that words often fail to say. Perfect for sharing your mood, love, or solitude during the monsoon.

baarish shayari
कतराते हैं बल खाते हैं घबराते हैं क्यूँँ लोग
सर्दी है तो पानी में उतर क्यूँँ नहीं जाते
Mahboob Khizan
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barsaat shayari
सर्द झोंकों से भड़कते हैं बदन में शो'ले
जान ले लेगी ये बरसात क़रीब आ जाओ
Sahir Ludhianvi
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उलटे सीधे सपने पाले बैठे हैं
सब पानी में काँटा डाले बैठे हैं
Shakeel Jamali
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पानी आँख में भरकर लाया जा सकता है
अब भी जलता शहर बचाया जा सकता है
Abbas Tabish
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तुम्हें मैं क्या बताऊँ इस शहर का हाल कैसा है
यहाँ बारिश तो होती है मगर सावन नहीं आता
Bhaskar Shukla
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कबूतर इश्क़ का उतरे तो कैसे?
तुम्हारी छत पे निगरानी बहुत है

इरादा कर लिया गर ख़ुद-कुशी का
तो ख़ुद की आँख का पानी बहुत है
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Kumar Vishwas
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गिले शिकवे ज़रूरी हैं अगर सच्ची मुहब्बत है
जहाँ पानी बहुत गहरा हो थोड़ी काई रहती है
Munawwar Rana
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मैं कि काग़ज़ की एक कश्ती हूँ
पहली बारिश ही आख़िरी है मुझे
Tehzeeb Hafi
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पेड़ मुझे हसरत से देखा करते थे
मैं जंगल में पानी लाया करता था
Tehzeeb Hafi
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पुरानी कश्ती को पार ले कर फ़क़त हमारा हुनर गया है
नए खेवइये कहीं न समझें नदी का पानी उतर गया है
Uday Pratap Singh
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आँख में पानी रखो, होंटों पे चिंगारी रखो
ज़िंदा रहना है तो तरकीबें बहुत सारी रखो
Rahat Indori
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मिट्टी और पानी भी हमें नाप कर मिलते हैं
तुम गमले में पालने को आसान समझते हो
Vishal Bagh
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मुझे भी बख़्श दे लहजे की ख़ुश-बयानी सब
तेरे असर में हैं अल्फ़ाज़ सब, मआ'नी सब

मेरे बदन को खिलाती है फूल की मानिंद
कि उस निगाह में है धूप, छाँव, पानी सब
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Subhan Asad
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भूके बच्चों की तसल्ली के लिए
माँ ने फिर पानी पकाया देर तक
Nawaz Deobandi
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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ज़ब्त कीजे तो दिल है अँगारा
और अगर रोइए तो पानी है
Firaq Gorakhpuri
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शदीद प्यास थी फिर भी छुआ न पानी को
मैं देखता रहा दरिया तिरी रवानी को
Shahryar
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बाजी बदी थी उस ने मेरे चश्म-ए-तर के साथ
आख़िर को हार हार के बरसात रह गई
Khwaja Meer Dard
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ग़म बयाँ करने का कोई और ढंग ईजाद कर
तेरी आँखों का ये पानी तो पुराना हो गया
Waseem Barelvi
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कब लौटा है बहता पानी बिछड़ा साजन रूठा दोस्त
हम ने उस को अपना जाना जब तक हाथ में दामाँ था
Ibn E Insha
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पत्थर के जिगर वालो ग़म में वो रवानी है
ख़ुद राह बना लेगा बहता हुआ पानी है
Bashir Badr
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दरिया के किनारे पे मिरी लाश पड़ी थी
और पानी की तह में वो मुझे ढूँड रहा था
Adil Mansuri
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तेरे वादों को फिर से पढ़ रहा हूँ
तेरे ख़त पानी पानी हो रहे हैं
Harman Dinesh
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किस ने भीगे हुए बालों से ये झटका पानी
झूम के आई घटा टूट के बरसा पानी
Arzoo Lakhnavi
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जाने किस किस का ख़याल आया है
इस समुंदर में उबाल आया है

एक बच्चा था हवा का झोंका
साफ़ पानी को खँगाल आया है
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Dushyant Kumar
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तुम्हारे पास आते हैं तो साँसें भीग जाती हैं
मोहब्बत इतनी मिलती है कि आँखें भीग जाती हैं

तबस्सुम इत्र जैसा है हँसी बरसात जैसी है
वो जब भी बात करती है तो बातें भीग जाती हैं
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Aalok Shrivastav
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वो जो प्यासा लगता था सैलाब-ज़दा था
पानी पानी कहते कहते डूब गया है
Aanis Moin
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उस ने बारिश में भी खिड़की खोल के देखा नहीं
भीगने वालों को कल क्या क्या परेशानी हुई
Jamal Ehsani
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दूर तक छाए थे बादल और कहीं साया न था
इस तरह बरसात का मौसम कभी आया न था
Qateel Shifai
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उस से कहना की धुआँ देखने लाएक़ होगा
आग पहने हुए मैं जाऊँगा पानी की तरफ़
Abhishek shukla
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वतन की ख़ाक ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे
मुझे यक़ीन है पानी यहीं से निकलेगा
Unknown
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चाँद भी हैरान दरिया भी परेशानी में है
अक्स किस का है कि इतनी रौशनी पानी में है
Farhat Ehsaas
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इक प्यासे की मौत हुई है
अब पानी को दुख होगा
Shadab Javed
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मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
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Ismail Raaz
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तुझे करनी है तो मुसावात कर
कि बेहतर हमारे भी हालात कर

मिटा दिल में बनते ये सहराओं को
ख़ुदा अपने बंदों पे बरसात कर
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Siddharth Saaz
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लब-ए-दरिया पे देख आ कर तमाशा आज होली का
भँवर काले के दफ़ बाजे है मौज ऐ यार पानी में
Shah Naseer
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सब को बस पानी पीने से मतलब है
बस माँ को चिंता है मटका भरने की
Tanoj Dadhich
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तू अपने सारे दुख जा कर बताता है जिन्हें, इक दिन
बढ़ाएँगे वही ग़म-ख़्वार तेरी आँख का पानी
Siddharth Saaz
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रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से
कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है
ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है

ये राह-ए-इश्क़ है इस
में क़दम ऐसे ही उठते हैं
मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
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Abrar Kashif
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दिन में मिल लेते कहीं रात ज़रूरी थी क्या?
बेनतीजा ये मुलाक़ात ज़रूरी थी क्या

मुझ सेे कहते तो मैं आँखों में बुला लेता तुम्हें
भीगने के लिए बरसात ज़रूरी थी क्या
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Abrar Kashif
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तुम ने कैसे उस के जिस्म की ख़ुशबू से इनकार किया
उस पर पानी फेंक के देखो कच्ची मिट्टी जैसा है
Tehzeeb Hafi
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रोते बच्चे पूछ रहे हैं मम्मी से
कितना पानी और मिलाया जाएगा
Divy Kamaldhwaj
रंग की अपनी बात है वर्ना
आख़िरश ख़ून भी तो पानी है
Jaun Elia
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पहले पानी को और हवा को बचाओ
ये बचा लो तो फिर ख़ुदा को बचाओ
Swapnil Tiwari
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जाने कैसे ख़ुश रहने की आदत डाली जाती है
उन के यहाँ तो बारिश में भी धूप निकाली जाती है
Ritesh Rajwada
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उस ने फेंका मुझ पे पत्थर और मैं पानी की तरह
और ऊँचा और ऊँचा और ऊँचा हो गया
Kunwar Bechain
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तुम सेे बिछड़े फिर भी साँसे चलती हैं
मछली पानी के बाहर भी ज़िंदा है
Tanoj Dadhich
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ख़ुश्बू की बरसात नहीं कर पाते हैं
हम ख़ुद ही शुरुआत नहीं कर पाते हैं

जिस लड़की की बातें करते हैं सब सेे
उस लड़की से बात नहीं कर पाते हैं
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Gyan Prakash Akul
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बारिश हो जाने के बा'द भी मिट्टी गीली रहती है
मैं तेरे जाने के बा'द भी तुझ सेे बातें करता हूँ
Siddharth Saaz
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तन्हा होना, गुम-सुम दिखना, कुछ ना कहना... ठीक नहीं
अपने ग़म को इतना सहना, इतना सहना... ठीक नहीं

आओ दिल की मिट्टी में कुछ दिल की बातें बो दें हम
बारिश के मौसम में गमले ख़ाली रहना... ठीक नहीं
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Dev Niranjan
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बहुत मुद्दत के बा'द आई है बारिश
और उस ज़ालिम के पेपर चल रहे हैं
Ahmad Farhad
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धूप में कौन किसे याद किया करता है
पर तिरे शहर में बरसात तो होती होगी
Ameer Imam
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तुम भी लिखना तुम ने उस शब कितनी बार पिया पानी
तुम ने भी तो छज्जे ऊपर देखा होगा पूरा चाँद
Nida Fazli
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आँख भर आई किसी से जो मुलाक़ात हुई
ख़ुश्क मौसम था मगर टूट के बरसात हुई
Manzar Bhopali
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नहीं तो बर्फ़ सा पानी तुम्हें जला देगा
गिलास लेते हुए उँगलियाँ न छू लेना
Irfan Siddiqi
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वो ग़ुस्से में सीधी बात नहीं करता
तूफ़ानों में बारिश तिरछी होती है
Ankit Maurya
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देख कैसे धुल गए है गिर्या-ओ-ज़ारी के बा'द
आसमाँ बारिश के बा'द और मैं अज़ादारी के बा'द

इस सेे बढ़ कर तो तुझे कोई हुनर आता नहीं
सोचता हूँ क्या करेगा दिल आज़ारी के बा'द
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Abbas Tabish
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ऐसा बदला हूँ तिरे शहर का पानी पी कर
झूट बोलूँ तो नदामत नहीं होती मुझ को
Shahid Zaki
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ऐ आसमान तेरी इनायत बजा मगर
फ़स्लें पकी हुई हों तो बारिश फ़ुज़ूल है
Shahid Zaki
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मुझ सेे मिलने ही आती है नुक्कड़ पर
पानी पूरी केवल एक बहाना है
Divy Kamaldhwaj
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अगर फ़ुर्सत मिले पानी की तहरीरों को पढ़ लेना
हर इक दरिया हज़ारों साल का अफ़्साना लिखता है
Bashir Badr
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ये पानी ख़ामुशी से बह रहा है
इसे देखें कि इस में डूब जाएँ
Ahmad Mushtaq
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तेरे चुप रहने से हर पौधा सूख गया है
तुझ को मालूम नहीं पौधों का पानी है तू
Kabir Altamash
कच्चा सा घर और उस पर जोरों की बरसात है
ये तो कोई ख़ानदानी दुश्मनी की बात है
Saahir
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सेहरा है या पानी है
आँखों में हैरानी है

हम पर शक़ है लोगों को
दिल की कारिस्तानी है
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Madhyam Saxena
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ज़ब्त करो गर ग़म के बादल छाए हैं,
रक़्स करो के बारिश आने वाली है
Darpan
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हम ने अच्छी धाँक जमा रक्खी थी अपनी
फिर उस ने छोड़ा और सब पानी कर डाला
Prashant Sharma Daraz
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अब के सावन में शरारत ये मिरे साथ हुई
मेरा घर छोड़ के कुल शहर में बरसात हुई
Gopaldas Neeraj
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है
मिल जाए तो बात वगैरा करती है

बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है
रोने में आसानी पैदा करती है
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Tehzeeb Hafi
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हमारे लोग अगर रास्ता न पाएँगे
शिलाएँ जोड़ के पानी पे पुल बनाएँगे

फिर एक बार मनेगी अवध में दीवाली
फिर एक बार सभी रौशनी में आएँगे
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Amit Jha Rahi
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तुम्हें लहू से तो ख़त लिख नहीं सके लेकिन
लिखी है आँख के पानी से शा'इरी तुम पर
Manmauji
ज़हीफ़ी इस लिए मुझ को सुहानी लग रही है
इसे कमाने में पूरी जवानी लग रही है

नतीजा ये है कि बरसों तलाश-ए-ज़ात के बा'द
वहाँ खड़ा हूँ जहाँ रेत पानी लग रही है
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Khalid Sajjad
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ख़िलाफ़-ए-शर्त-ए-अना था वो ख़्वाब में भी मिले
मैं नींद नींद को तरसा मगर नहीं सोया

ख़िलाफ़-ए-मौसम-ए-दिल था कि थम गई बारिश
ख़िलाफ़-ए-ग़ुर्बत-ए-ग़म है कि मैं नहीं रोया
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Khalil Ur Rehman Qamar
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ख़्वाब पलकों की हथेली पे चुने रहते हैं
कौन जाने वो कभी नींद चुराने आए

मुझ पे उतरे मेरे अल्हाम की बारिश बन कर
मुझ को इक बूॅंद समुंदर में छुपाने आए
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Khalil Ur Rehman Qamar
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आसमाँ से गरज छेड़ती है हमें
एक बारिश में भी भीगे थे साथ हम
Parul Singh "Noor"
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किस तरह ये आप की आँखों में पानी आ गया
याद जस्सर आप को भी कोई या'नी आ गया
Avtar Singh Jasser
रात हो, चाँद हो, बारिश भी हो और तुम भी हो
ऐसा मुमकिन ही नहीं है कि कभी हो मिरे साथ
Faiz Ahmad
पिघलती बर्फ़ की ये दास्ताँ हम को बताती है
जुदा होना ही पड़ता है यहाँ पानी को पानी से
Raj Tiwari
आस-पास देखा था मैं ने फूट के रोने से पहले
जैसे कोई जेबें देखे कपड़े धोने से पहले

हम तकिए के नीचे रखते हैं यूँँ तेरी तस्वीरें
जैसे सिरहाने रखते हैं पानी सोने से पहले
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Tanoj Dadhich
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एक रेगिस्तान दुनिया ऊॅंट के मानिंद हम
दूर तक पानी न कोई पेड़ सायादार है
Hameed Sarwar Bahraichi
कमरे से वो बारिश कैसे देखेगी
कमरे में इक खिड़की भी बनवानी थी
Sarul
किसी के होठ समुंदर में भी तरसते रहे
किसी की प्यास को सहरा में मिल गया पानी
Ajeetendra Aazi Tamaam
मुहब्बत में बहाएा ख़ून औ पानी कहा हम ने
तेरी हर ख़ामियों को हँस के नादानी कहा हम ने
Alankrat Srivastava
मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में
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Anis shah anis
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धूप तो धूप ही है इस की शिकायत कैसी
अब की बरसात में कुछ पेड़ लगाना साहब
Nida Fazli
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हमीं को क़ातिल कहेगी दुनिया हमारा ही क़त्ल-ए-आम होगा
हमीं कुएँ खोदते फिरेंगे हमीं पे पानी हराम होगा

अगर यही ज़ेहनियत रही तो मुझे ये डर है कि इस सदी में
न कोई अब्दुल हमीद होगा न कोई अब्दुल कलाम होगा
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Meraj Faizabadi
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वो अजब शख़्स था हर हाल में ख़ुश रहता था
उस ने ता-उम्र किया हँस के सफ़र बारिश में
Sahiba sheharyaar
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मेरी आँखों से बारिश पूछती है
तुम्हारा क्या कोई मौसम नहीं है
100rav
लगा आग पानी को दौड़े है तू
ये गर्मी तेरी इस शरारत के बा'द
Meer Taqi Meer
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मुझ को ऐसे देख रहा हैरानी में
जैसे सूरज देख लिया पेशानी में

मैं भी उस को देख रहा हूँ कुछ ऐसे
जैसे सूरज डूब रहा हो पानी में
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DEVANSH TIWARI
आज आख़िरी दफ़ा था पानी से पेट भरना
बच्चों ने आज जाके घर में अनाज देखा
Amaan Pathan
मैं वो सहरा जिसे पानी की हवस ले डूबी
तू वो बादल जो कभी टूट के बरसा ही नहीं
Sultan Akhtar
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इक ख़्वाब ने आँखें खोली हैं क्या मोड़ आया है कहानी में
वो भीग रही है बारिश में और आग लगी है पानी में
Gulzar
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शायद कि वो वाक़िफ़ नहीं आदाब-ए-सफ़र से
पानी में जो क़दमों के निशाँ ढूँड रहा था
Sahar Ansari
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सूरमा जिस के किनारों से पलट आते हैं
मैं ने कश्ती को उतारा है उसी पानी में
Sarvat Husain
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मिट्टी पे नुमूदार हैं पानी के ज़ख़ीरे
इन में कोई औरत से ज़ियादा नहीं गहरा
Sarvat Husain
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कोई शिकवा न करे बहते हुए पानी से
कश्तियाँ डूबी हैं कुछ अपनी ही मनमानी से
Waseem Barelvi
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तेरा बदन तो सलामत रहे मगर दिल को
मेरे इन अश्कों की बारिश के बा'द ज़ंग लगे

है इंतिक़ाम से मतलब मुझे तो रंग-ए-बहार
ये बद-दुआ है मेरी तू ख़िज़ाँ का रंग लगे
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Mukesh Jha
वतन की रेत ज़रा एड़ियाँ रगड़ने दे
मुझे यक़ीं है कि पानी यहीं से निकलेगा
Muzaffar Warsi
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ग़म की बारिश ने भी तेरे नक़्श को धोया नहीं
तू ने मुझ को खो दिया मैं ने तुझे खोया नहीं
Muneer Niyazi
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मैं ने ये सोच के बोए नहीं ख़्वाबों के दरख़्त
कौन जंगल में उगे पेड़ को पानी देगा
Aziz Bano Darab Wafa
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अब और दुआएँ हमें जीने की न दीजे
मुरझाए हुए पेड़ को पानी नहीं देते
Haresh Vanza
मेरे पैरों में छाले हैं मेरी आँखों में पानी है
मुझे फिर भी मोहब्बत है मोहब्बत है न जाने क्यूँँ
Amaan Pathan
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हम से पूछो मिज़ाज बारिश का
हम जो कच्चे मकान वाले हैं
Ashfaque Anjum
वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा
किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा
Iqbal Sajid
इक शख़्स की हर एक निशानी समेटकर
हम सो गए थे आँख में पानी समेटकर
Raghav Ramkaran
गुनाह कर के गुनहगार की मैं शफ में तो खड़ा हूँ
अब इस सेे ज़्यादा आँख का पानी क्या दिखाऊँ
Aryan Goswami