Andhera Shayari - Dark thoughts, tanhai, and inner silence expressed through poetry

Andhera shayari reflects the quiet darkness within—those unspoken emotions, lonely nights, and deep silences that words struggle to express. It captures feelings of tanhai, loss, and inner confusion in a poetic form. Whether it's emotional pain or philosophical depth, this collection helps you connect with the darker side of the heart.

andhera shayari
ख़ुदा को मान कि तुझ लब के चूमने के सिवा
कोई इलाज नहीं आज की उदासी का
Zafar Iqbal
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उदासी का सबब दो चार ग़म होते तो कह देता
फ़ुलाँ को भूल बैठा हूँ फ़ुलाँ की याद आती है
Ashu Mishra
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ईद ख़ुशियों का दिन सही लेकिन
इक उदासी भी साथ लाती है

ज़ख़्म उभरते हैं जाने कब कब के
जाने किस किस की याद आती है
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Farhat Ehsaas
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मैं जंगलों की तरफ़ चल पड़ा हूँ छोड़ के घर
ये क्या कि घर की उदासी भी साथ हो गई है
Tehzeeb Hafi
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मेरे कमरे में उदासी है क़यामत की मगर
एक तस्वीर पुरानी सी हँसा करती है
Abbas Qamar
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इतना सच बोल कि होंटों का तबस्सुम न बुझे
रौशनी ख़त्म न कर आगे अँधेरा होगा
Nida Fazli
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ख़मोश झील के पानी में वो उदासी थी
कि दिल भी डूब गया रात माहताब के साथ
Rehman Faris
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मुमकिन है कि सदियों भी नज़र आए न सूरज
इस बार अँधेरा मिरे अंदर से उठा है
Aanis Moin
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कोई ख़ुद-कुशी की तरफ़ चल दिया
उदासी की मेहनत ठिकाने लगी
Adil Mansuri
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इतनी सारी यादों के होते भी जब दिल में
वीरानी होती है तो हैरानी होती है
Afzal Khan
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बना रक्खी हैं दीवारों पे तस्वीरें परिंदों की
वगर्ना हम तो अपने घर की वीरानी से मर जाएँ
Afzal Khan
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आज सड़कों पर लिखे हैं सैकड़ों नारे न देख
पर अँधेरा देख तू आकाश के तारे न देख
Dushyant Kumar
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गर उदासी, चिड़चिड़ापन, जान देना प्यार है
माफ़ करना, काम मुझ को और भी हैं दोस्तो
Divy Kamaldhwaj
अँधेरा खो गया है गाँव वालों
सवेरा हो गया है गाँव वालों

तुम्हें अब जागना ख़ुद ही पड़ेगा
ये मुर्गा सो गया है गाँव वालों
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Divy Kamaldhwaj
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यदि अंधकार से लड़ने का संकल्प कोई कर लेता है
तो एक अकेला जुगनू भी सब अन्धकार हर लेता है
Balkavi Bairagi
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हमारे घर की दीवारों पे 'नासिर'
उदासी बाल खोले सो रही है
Nasir Kazmi
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सभी के साथ दिखना भी मगर सब सेे जुदा रहना भी है उस को
उदासी साथ भी रखनी है और तस्वीर में हँसना भी है उस को
Kafeel Rana
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जो सावन होते सूखा, उस फूल पे लानत हो
मुझ पे लानत, तेरे होते, यार उदासी है
Siddharth Saaz
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है
फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है

तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती
तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
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Jawwad Sheikh
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कुछ तबीयत में उदासी भी हुआ करती है
हर कोई इश्क़ का मारा हो, ज़रूरी तो नहीं
Jaani Lakhnavi
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अज़ल से ले कर के आज तक मैं कभी भी तन्हा नहीं रहा हूँ
कभी थे तुम तो, कभी थी दुनिया, कभी ये ग़ज़लें, कभी उदासी
Ankit Maurya
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तो देख लेना हमारे बच्चों के बाल जल्दी सफ़ेद होंगे
हमारी छोड़ी हुई उदासी से सात नस्लें उदास होंगी
Danish Naqvi
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ज़िंदगी भर वो उदासी के लिए काफ़ी है
एक तस्वीर जो हँसते हुए खिंचवाई थी
Yasir Khan
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उदासी चल कहीं चलते हैं दोनों
पिएँगे चाय और बातें करेंगे
Gaurav Singh
उम्र भर मेरी उदासी के लिए काफ़ी है
जो सबब मेरी ख़मोशी के लिए काफ़ी है

जान दे देंगे अगर आप कहेंगे हम सेे
जान देना ही मुआ'फ़ी के लिए काफ़ी है
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Aakash Giri
तुम्हारी एक हरकत से उदासी आए चेहरे पर
किसी को इस तरह भी मत करो लाचार होली में
Vijay Anand Mahir
उदासी का सबब उस सेे जो हम तब पूछ लेते
वजह फिर पूछनी पड़ती न शायद ख़ुद-कुशी की
Dipendra Singh 'Raaz'
सुब्ह-ओ-शाम अब हम को बस उदास रहना है
ग़मज़दों की मंज़िल का रास्ता उदासी है
Rohit tewatia 'Ishq'
फ़लक इतना सूना है क्यूँ
ज़मीं पर तो सब मेरे थे
Parul Singh "Noor"
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उदासी इक समुंदर है कि जिस की तह नहीं है
मैं नीचे और नीचे और नीचे जा रहा हूँ
Charagh Sharma
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मैं थक गया हूँ ख़ुदारा उदासी होते हुए
किसी के सुर्ख़ लबों का मुझे तबस्सुम कर
Amaan Haider
कोई हादसा ले कर आदमी किधर जाए
आदमी अगर कह दे हादसा उदासी है
Rohit tewatia 'Ishq'
मज़ा चहिए जो आख़िर तक उदासी से मोहब्बत कर
ख़ुशी का क्या है कब तब्दील है से थी में हो जाए
Atul K Rai
उदासी पर कहे हैं शे'र सबने
उदासी को जिया कितनों ने लेकिन ?
Tanoj Dadhich
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ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भाँप कर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हों
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Gaurav Singh
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मैं वो नाकाम मुसव्विर हूँ जो ख़ुद के हाथों
एक उदासी के सिवा कुछ न बना पाया है
Ashutosh Vdyarthi
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उदासी जैसे कि उस के बदन का हिस्सा है
अधूरा लगता है वो शख़्स अगर उदास न हो
Vikram Sharma
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हम पे एहसान हैं उदासी के
मुस्कुराएँ तो शर्म आती है
Varun Anand
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मेरी बरसों की उदासी का सिला कुछ तो मिले
उस से कह दो वो मेरा क़र्ज़ चुकाने आए
Khalil Ur Rehman Qamar
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शबो रोज़ की चाकरी ज़िन्दगी की
मुयस्सर हुईं रोटियाँ दो घड़ी की

नहीं काम आएँ जो इक दिन मशीनें
ज़रूरत बने आदमी आदमी की

कि कल शाम फ़ुरसत में आई उदासी
बता दी मुझे क़ीमतें हर ख़ुशी की

किया क्या अमन जी ने बाइस बरस में
कभी जी लिया तो कभी ख़ुद-कुशी की

ग़मों को ठिकाने लगाते लगाते
घड़ी आ गई आदमी के ग़मी की

ये सारी तपस्या का कारण यही है
मिसालें बनें तो बनें सादगी की
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Aman G Mishra
ख़ाली पड़ा है और उदासी भरा है दिल
सो लोग इस मकान से आगे निकल गए
Ankit Maurya
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अब ये सोचा है बस ख़ुश रहेंगे
दिल उदासी से उकता गया है
Sapna Moolchandani
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ख़मोशी तो यही बतला रही है
उदासी रास मुझ को आ रही है

मुझे जिन ग़लतियों से सीखना था
वही फिर ज़िंदगी दोहरा रही है
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Vishal Singh Tabish
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गर कोई मुझ सेे आ कर कहता, यार उदासी है
मैं उस को गले लगाकर कहता, यार उदासी है

होता दरवेश अगर मैं तो फिर सारी दो-पहरी
गलियों में सदा लगाकर कहता, यार उदासी है
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Siddharth Saaz
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उस ख़ूब-रू से रब्त ज़रा कम हुआ मेरा
ये देख कर उदासी मेरे संग लग गई
Siddharth Saaz
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मैं भटकता ही रहा दश्त-ए-शनासाई में
कोई उतरा ही नहीं रूह की गहराई में

क्या मिलाया है बता जाम-ए-पज़ीराई में
ख़ूब नश्शा है तेरी हौसला-अफ़जाई में

तेरी यादों की सुई, प्रेम का धागा मेरा
काम आए हैं बहुत ज़ख़्मों की तुरपाई में

डस रही है ये सियह-रात की नागिन मुझ को
भर रही ज़हर-ए-ख़मोशी, रग-ए-तन्हाई में

सुर्मा-ए-मक्र-ओ-फ़रेब आँखों में जब से है लगा
तब से है ख़ूब इज़ाफ़ा हद-ए-बीनाई में

फ़िक्र-ओ-फ़न, रंग-ए-तग़ज़्ज़ुल, न ग़ज़ल की ख़ुशबू
बस लगा रहता हूँ मैं क़ाफ़िया-पैमाई में

सीख पानी से हुनर काम 'अनीस' आएगा
दौड़ कर ख़ुद ही चला आता है गहराई में
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Anis shah anis
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मेरे नादाँ दिल उदासी कोई अच्छी शय नहीं
देख सूखे फूल पर आती नहीं हैं तितलियाँ
Deepak Vikal
नाप रहा था एक उदासी की गहराई
हाथ पकड़कर वापस लाई है तन्हाई

वस्ल दिनों को काफ़ी छोटा कर देता है
हिज्र बढ़ा देता है रातों की लम्बाई
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Tanoj Dadhich
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हाँ यही मेरी ख़ुद-शनासी है
जिस्म ताज़ा है रूह बासी है

सब हँसी को हँसी समझते हैं
तुम तो समझो हँसी उदासी है
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Armaan khan
मुझ ऐसा शख़्स अगर क़हक़हों से भर जाए
ये साँस लेती उदासी तो घुट के मर जाए

वो मेरे बा'द तरस जाएगा मोहब्बत को
उसे ये कहना अगर हो सके तो मर जाए
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Rakib Mukhtar
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क्या मुश्किल है यार मैं घर में बैठूँ या बाहर जाऊँ
अंदर बहुत अँधेरा है और बाहर बहुत उजाला है
Amaan Pathan
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गलियों की उदासी पूछती है घर का सन्नाटा कहता है
इस शहर का हर रहने वाला क्यूँँ दूसरे शहर में रहता है
Ghulam Mohammad Qasir
हज़ार शम्अ' फ़रोज़ाँ हो रौशनी के लिए
नज़र नहीं तो अँधेरा है आदमी के लिए
Nushur Wahidi
हम तो जैसे कि किनारे पे खड़े होते हैं
वो उदासी है कि बस बात मिले रोने को
Usama Zoraiz
ये उदासी का सबब पूछने वाले 'अजमल'
क्या करेंगे जो उदासी का सबब बतलाया
Ajmal Siraj
कोई वीरानी सी वीरानी है
दश्त को देख के घर याद आया
Mirza Ghalib
मेरे नशेमन में किसी तरह का अँधेरा नहीं है
उस ख़्वाब में न जी पाऊँगा जो मेरा नहीं है
Murli Dhakad
ये कैसा तजुर्बा है कि दिल जलाने पे अक्सर
अँधेरा छा जाता है रौशनी नहीं होती
Murli Dhakad
इश्क़ में हो तो दवा भी बे-असर है
इश्क़ में तो लोग होते बे-बसर है

जानते ही तो नहीं कैसी बला है
इस लिए अंजाम से वे बे-ख़बर है

छूट जाए साथ तो सूना सा घर है
साथ होते थे, रहे तब बे-क़दर है
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Kohar
सताती बहुत है बदन की उदासी
यहाँ कौन रोता है अपनी ख़ुशी से
Lokesh Singh
उदासी तिरा अब पता दे
मुझे घर बदलना हे मेरा
Abhishek Jadhav
मुझ को उजालों से रहा है ख़ौफ़ के
संगीन अँधेरा छुपाए है रख़े
Zain Aalamgir
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भांपकर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हो
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Gaurav Singh
ऐसा न हो कि प्यार का मज़मून भांपकर
ख़त खोलिए तो उस
में उदासी के अक्स हो
Read Full
Gaurav Singh
उदासी घेरती है मुझ को यारों शाम होते ही
उदासी या'नी अब भी घर को अपने लौट आती है
Prashant Sitapuri
रक़ीबों ने कहा मुझ सेे दिखाओ रूम तुम अपना
किताबें ग़म उदासी और इक फ़ोटो मिली उन को
Rohit Gustakh
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कोई बच्चा पहाड़ा रट रहा है
अँधेरा धीरे- धीरे छँट रहा है
Saarthi Baidyanath
ये उदासी मेरे पास तो है
या'नी दुख में कोई साथ तो है
karan singh rajput
शहर वाली ये उदासी, है नहीं अच्छी कभी भी
गाँव आए तुम कभी, मुस्कान ले जाना यहाँ की
Zain Aalamgir
चले जाएँगे इक दिन हम जहाँ से
उदासी रात दिन ढूँढा करेगी
Ashutosh Kumar "Baagi"
उदासी चीख़ कर ये बोलती है
तू आख़िर कब तलक मातम करेगा?
Shahzan Khan Shahzan'
उदासी रुख़ पे फिर छाने लगी है
तुम्हारी याद फिर आने लगी है
Ashraf Ali
छुपा है शहर में आ कर अँधेरा
उजाले बस्तियों में ढूँढ़ते हैं
Saarthi Baidyanath
राधे-राधे मन ये बोले मोहन तुम समझाओ ना
तन्हा-तन्हा बैठे है हम बंसी ज़रा बजाओ ना

गोपी सारी रूठ गई है दरिया सूना-सूना है
दरिया से तुम मेल रचाकर गगरी को चटकाओ ना
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maqbul alam
उदासी और ख़ामोशी भरी इक शाम आएगी
मेरी तस्वीर रख लेना तुम्हारे काम आएगी
Amber dilkash
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सबके चेहरों पर जो डाले नूर-ए-हँसी
उस की उदासी की तो कोई ख़बर नहीं
Shreya Shivmurti
अँधेरे को अँधेरा बोलना आता नहीं तुम को
तो फिर ऐ दोस्त उजाले को उजाला कैसे बोलोगे
Saarthi Baidyanath
हसीन ख़्वाब भी कुछ को नसीब होते हैं
किसी किसी को उदासी उदास करती है
Vikas Rajput
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ज़ियादा कुछ नहीं बदला उदासी में
हो जाता रोज़ इक मतला उदासी में
Kailash Singh Rathore " baaz
ज़िन्दगी नाम हक़ीक़त में हैं शादानी का
इस को तुम जुज़ न बनाना कभी वीरानी का

नौजवानो मेरा पैग़ाम सदा याद रखो
ख़ुद-कुशी हल नहीं होती है परेशानी का
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Shajar Abbas
उदासी, रंज, पागलपन, वग़ैरा
मोहब्बत में हमें क्या क्या मिलेगा?
Shahzan Khan Shahzan'
तुझे हम ख़ुश रखेंगे ज़िंदगी भर
ये वा'दा है, मगर दावा नहीं है

ग़ज़ल में बस उदासी भर रखी है
ज़रा भी हुस्न का चर्चा नहीं है
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Shaad Imran
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इसी इक बात की हम को तसल्ली है
कोई हमदर्द हो न हो, उदासी है
Aarush Sarkaar
मेरा दिल तुम शौक़ से तोड़ो एक तजुर्बा और सही
जलता दीपक आके बुझा दो दिल में अँधेरा और सही

भीड़ में तन्हा रहता हूँ मैं मंज़र आ कर देख लो ये
लाख तमाशे देखे होंगे एक तमाशा और सही
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Tarun Bharadwaj
रात की बात तो और कुछ थी मगर
ये सवेरे सवेरे अँधेरा घना
Sumit Panchal
सुकूँ प्यारे उलफ़त का छाया हुआ है
अँधेरा भी घर का पराया हुआ है

तसव्वुर का तेरे ये अदना है जादू
दिया जैसे शब में जलाया हुआ है
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Maviya abdul kalam khan
परिंदे कहते हैं सय्याद से रिहा कर दे
हमारे बिन ये शजर सूना सूना लगता है
Shajar Abbas
उदासी से मेरी बनती बहुत है
मगर ये राब्ता अच्छा नहीं है
Om Shukla
उदासी इस क़दर लिपटी है मुझ सेे
ख़ुशी ये देख कर हँसती है मुझ पे

कोई ऐसे नहीं छोड़ेगा मुझ को
कमी कोई तो होगी ख़ास मुझ
में
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Kush Pandey ' Saarang '
वो मुझे छोड़ कर जा रही हैं
ये उदासी मुझे खा रही हैं

लग रहा तेरे जाने से मुझ को
अब क़यामत कोई आ रही हैं
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Rachit Sonkar
कि मैं ने भी सुना है लोग कहते हैं
नया ये साल जीने का बहाना है

नहीं रिश्ता मेरा कोई हसीं पल से
उदासी में मुझे तो लौट जाना है
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Jyoti Gupta
उदासी मेहरबानी है ये वक़्त की
वगरना हम भी मुस्कुराते थे बहुत
Irshad Siddique "Shibu"
उदासी से मेरा रिश्ता तो कुछ ऐसा है अब ख़ालिद
जो मैं ग़मगीन होता हूँ उदासी उस पे छाती है
Khalid Azad
साथ तेरे थी ज़िंदगी रौशन
तेरे बिन हर तरफ़ अँधेरा है
Kushal "PARINDA"
रेल की पटरियों पे सो जाए
और किस काम की उदासी है
Azhar Hashmi Sabqat
अब के उदासी क्या ही कर लेगी भला मेरा
तू साथ है मुझ को बताया है ख़ुदा ने दोस्त
Kabir Altamash
प्यार मोहब्बत दर्द उदासी सब सेे गहरा रिश्ता है
इस दुनिया में यार उदासी का भी गहरा क़िस्सा है
Ashutosh gour 'syaah'
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ज़रा सा अँधेरा डरेंगे नहीं हम
ज़बाँ से जुदा कुछ करेंगे नहीं हम

जुदाई भले हो, सगाई भले हो
गिरेंगे लड़ेंगे मरेंगे नहीं हम
Read Full
Pranjal Srivastava
ख़ुशी तो बस ज़रा सी रह गई है
उदासी ही उदासी रह गई है

बदन की प्यास सारी मिट गई पर
हमारी रूह प्यासी रह गई है
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Vijay Anand Mahir
उदास आँखों में मत झाँका कर ए ख़ुश आरज़ू लड़के
उदासी फैलती है आँख के रस्ते से समझा कर
Shayra kirti
कोई तो हो ज़हाँ में जो उदासी में हमारी
हमें बाहों में भर ले और हम को बोसे भी दे
Chandan Sharma
उदासी की अगर होती कोई सूरत
मेरी हमशक्ल सब उस को कहा करते
Reet
बिखेरे हैं हर एक जानिब शज़र अपनी उदासी को
कि ये सूखे हुए पत्ते कहानी कह रहे हैं कुछ
Kiran K
अकेला भी नहीं हूँ ठीक से मैं
उदासी साथ में रहती है मेरे
Gaurav Singh
उदास चेहरे पे इक नई उदासी छा गई
पहरस पहले बाद-ए-सबा हमें जगा गई

अजब नहीं जो लांछनों से मैं बरी न हो सकूँ
सफ़ाई देने के समय ही मुझ को नींद आ गई
Read Full
Nishant Singh
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भागता हूँ रोज़ मैं बचने को इस सेे
ढूँढती है रोज़ मुझ को ये उदासी
Piyush Mishra 'Aab'
मिटी जा रही है ये दुनिया मुसलसल ये ऐसी वबा है
दवा-साज़ तू क्यूँ बनाता नहीं है दवा-ए-उदासी
Kiran K
उदासी भी ख़ुशी का एक फ़न है
सभी को ये ख़ुशी मिलती नहीं है
Umesh Maurya