Aansoo Shayari - Tears, pain, and silent emotions expressed through heartfelt shayari

Aansoo shayari captures the unspoken pain that words often fail to express. These poetic lines reflect tears of heartbreak, loss, and deep emotions, where every ashq tells a story. Whether it’s love, separation, or silent suffering, this collection helps you connect with the feelings hidden behind moist eyes.

मुनव्वर माँ के आगे यूँँ कभी खुल कर नहीं रोना
जहाँ बुनियाद हो इतनी नमी अच्छी नहीं होती
Munawwar Rana
55 Likes
रोना पड़ेगा बैठ के अब देर तक मुझे
मैं कहा रहा था आपसे, हँस कर न देखिए
Munawwar Rana
36 Likes
रोना हो आसान हमारा
इतना कर नुक़्सान हमारा

बात नहीं करनी तो मत कर
चेहरा तो पहचान हमारा
Read Full
Shariq Kaifi
56 Likes
मुझे अँधेरे से बात करनी है सो करा दो, दिया बुझा दो
कुछ एक लम्हों को रौशनी का गला दबा दो, दिया बुझा दो

रिवाज़-ए-महफ़िल निभा रहा हूँ बता रहा हूँ मैं जा रहा हूँ
मुझे विदा दो, जो रोना चाहे उन्हें बुला दो, दिया बुझा दो
Read Full
Vikram Gaur Vairagi
52 Likes
तो क्या ऐसे ही रोना आ गया था
नहीं वो याद लहजा आ गया था
Shadab Javed
50 Likes
मेरे आँसू मिरे अंदर ही गिरे
रोने से जी और बोझल हो गया
Abbas Tabish
28 Likes
मैं देर तक तुझे ख़ुद ही न रोकता लेकिन
तू जिस अदास उठा है उसी का रोना है
Firaq Gorakhpuri
36 Likes
क्या दुख है समुंदर को बता भी नहीं सकता
आँसू की तरह आँख तक आ भी नहीं सकता

तू छोड़ रहा है तो ख़ता इस
में तेरी क्या
हर शख़्स मेरा साथ निभा भी नहीं सकता
Read Full
Waseem Barelvi
42 Likes
कौन रोता है किसी और की ख़ातिर ऐ दोस्त
सब को अपनी ही किसी बात पे रोना आया
Sahir Ludhianvi
54 Likes
हम तो समझे थे कि हम भूल गए हैं उन को
क्या हुआ आज ये किस बात पे रोना आया
Sahir Ludhianvi
38 Likes
यूँँही दिल ने चाहा था रोना-रुलाना
तिरी याद तो बन गई इक बहाना
Sahir Ludhianvi
33 Likes
यूँ तो हर शाम उमीदों में गुज़र जाती है
आज कुछ बात है जो शाम पे रोना आया
Shakeel Badayuni
56 Likes
मुझे रोना नहीं आवाज़ भी भारी नहीं करनी
मोहब्बत की कहानी में अदाकारी नहीं करनी
Afzal Khan
27 Likes
आँसू पोंछ के हँस देता है
आग में आग लगाने वाला
Arzoo Lakhnavi
33 Likes
किसी ने अपने मुक़द्दर का रोना रोते हुए
किसी के कार्ड के बोसे सँभल-सँभल के लिए
Shadab Javed
29 Likes
मेहरबाँ हम पे हर इक रात हुआ करती थी
आँख लगते ही मुलाक़ात हुआ करती थी

हिज्र की रात है और आँख में आँसू भी नहीं
ऐसे मौसम में तो बरसात हुआ करती थी
Read Full
Ismail Raaz
140 Likes
दीवारों से मिल कर रोना अच्छा लगता है
हम भी पागल हो जाएँगे ऐसा लगता है
Qaisar-ul-Jafri
43 Likes
सुखा ली सबने ही आँखें हवा ए ज़िन्दगी से
यहाँ अब भी वही रोना रुलाना चल रहा है
Farhat Ehsaas
33 Likes
चलो माना कि रोना मसअले का हल नहीं लेकिन
करे भी क्या कोई जब ख़त्म हर उम्मीद हो जाए
Bhaskar Shukla
29 Likes
रोना नहीं मुझे मुझे रहने दे बस उदास
तू बैठ मेरे पास मगर यूँँ लिपट नहीं
Swapnil Tiwari
38 Likes
अश्क़-ओ-ख़ून घुलते हैं तब दीदा-ए-तर बनती है
दास्तान इश्क़ में मरने से अमर बनती है
Jaani Lakhnavi
25 Likes
अकेले में भी खुलकर हँस रहा हूँ
उसे ये सुनके रोना आ रहा है
Dev Niranjan
31 Likes
फिर वही रोना मुहब्बत में गिला शिकवा जहाँ से
रस्म है बस इस लिए भी तुम को साल-ए-नौ मुबारक
Neeraj Neer
17 Likes
ज़िन्दगी भर मैं भले हर बात पर रोता रहूँ
मौत पे मेरी मगर हर शख़्स रोना चाहिए
Ashish Awasthi
है ये कैसा सितम मौला ये हैं दुश्वारियाँ कैसी
जहाँ पर रोना था हम को वहीं पर मुस्कुराना है
Aqib khan
गर रो रहा हूँ मैं तो कमज़ोर मत समझना
ये रोना है बनाता मज़बूत यार मुझ को
NISHKARSH AGGARWAL
चूँकि रोना बहाल रहता है
ख़ुश्क आँखों का हाल रहता है

नींद आँखों से क्यूँँ गुरेज़ा है
रात भर ये सवाल रहता है
Read Full
Sumit Panchal
आख़िर को हँस पड़ेंगे किसी एक बात पर
रोना तमाम उम्र का बे-कार जाएगा
Khursheed Rizvi
61 Likes
तेरे दर पर तेरी ख़ातिर बता ना
हमें रोना पड़े, अच्छा लगेगा?
Atul K Rai
53 Likes
ज़ख़्म है दर्द है दवा भी है
जैसे जंगल है रास्ता भी है

यूँँ तो वादे हज़ार करता है
और वो शख़्स भूलता भी है

हम को हर सू नज़र भी रखनी है
और तेरे पास बैठना भी है

यूँँ भी आता नहीं मुझे रोना
और मातम की इब्तिदा भी है

चूमने हैं पसंद के बादल
शाम होते ही लौटना भी है
Read Full
Karan Sahar
आए है बेकसी-ए-इश्क़ पे रोना 'ग़ालिब'
किस के घर जाएगा सैलाब-ए-बला मेरे बा'द
Mirza Ghalib
15 Likes
पैदा वो बात कर कि तुझे रोएँ दूसरे
रोना ख़ुद अपने हाल पे ये ज़ार ज़ार क्या
Mirza Mohammad Hadi Aziz Lakhnavi
कब मिलती है ये दौलत-ए-बेदार किसी को
और मैं हूँ कि रोना है इसी दीदा-वरी का
Hafeez Hoshiarpuri
जब से देखा है उसे किसी और कि बाहों में
तब से मैं चैन से सो नहीं पा रहा

उस ने क़सम दी थी मुझे कभी न रोने की
रोना तो चाहता हूँ, मगर रो नहीं पा रहा
Read Full
MANOBAL GIRI
पहले तो बर्बादियों का जश्न होना चाहिए
बा'द में आराम से अच्छे से रोना चाहिए
Dharmesh Solanki
देख हीरों की चमक होते मुता'सिर लोग उन को
सौंप आया अश्क की बूँदें सभी को तोहफ़े में
Zain Aalamgir
हम को क्या ही फ़र्क पड़ा उस के जाने से
पर आदत है सो झूठा रोना रोते हैं
Pawan
ये कैसी कश्मकश है कैसे किसे बताएँ
रोना भी आ रहा है रो भी न पा रहा हूँ
Atul K Rai
यार बूँद-ए-अश्क गिरने से ज़रा पहले तू आना
मुंतज़िर रख फिर किनारा ये समुंदर का बनेगा
Zain Aalamgir
यारों अब इक लड़की से मैं
हँस कर रोना सीख रहा हूँ
Pawan
मरा जो इक दफ़ा, इस पर रहा है क्यूँँ तिरा रोना
मरा हर बार जीकर जो, दिखा दो तुम यहाँ रो कर
Zain Aalamgir
तुम्हारे साथ बारिश की कोई यादें नहीं फिर भी
कभी जब होती है बारिश क्यूँ रोना फूट पड़ता है
Shayra kirti
अश्क बहने लगे जान जाने लगी
याद जब जब मुझे तेरी आने लगी
Govind kumar
दिल जला कर फिर करेंगे इश्क़ रौशन
दिल-जलों लग कर गले रोना है पहले
Vedic Dwivedi
कह दिया तू ने तो, मेरी याद में रोना नहीं
पर जो तुझ को भूल ही ना पाए फिर वो क्या करे
karan singh rajput
हर इक दुख पर रोना हरगिज़ काम नहीं इन आँखों का
दर्द रखा जाता है दिल में, दिल में रहने वालों का
Aarush Sarkaar
हमें मिले है अश्क अपने तजरबात बेच कर
किया ग़मो से वास्ता हसीन रात बेचकर
Govind kumar
नहीं तुम को मुयस्सर खुल के रोना भी
कहो ना यार फिर क्या ख़ाक ख़ुश हो तुम
Shayra kirti
14 Likes
नहीं है वो मेरी क़िस्मत में हाँ ये जानता हूँ मैं
नशे में भी रहूँ तब भी उसे पहचानता हूँ मैं

नहीं मैं मानता कि इश्क़ में शामिल रहें दो जिस्म
किसी का रात भर रोना मोहब्बत मानता हूँ मैं
Read Full
Abhishek Shukla
तुम्हारे प्रेम का अपमान होगा इस लिए जानाँ
हमें रोना तो आता है मगर रोते नहीं हैं हम
Atul K Rai
आज-कल ठीक से रोना भी नहीं आता जिन्हें
मुँह उठा कर चले आते हैं मुहब्बत करने
Ramnath Shodharthi
जो लोग किया करते हैं यादों की हिफ़ाज़त
वो वक़्त की रफ़्तार का रोना नहीं रोते
Ramnath Shodharthi
आप ही जाईये चिल्लाइए दरिया-दरिया
अश्क काफ़ी हैं मेरी प्यास बुझाने के लिए
Ramnath Shodharthi
इश्क़ का वज़्न उस ने पूछा जब
कह दिया अश्क के बराबर है
Ramnath Shodharthi
10 Likes
हालात पे उस के मुझे आ जाता है रोना
इक शख़्स जो रहता है अकेला मेरे अंदर
Sultan shaafi
आज, कल और अगले कल तक
मुझ को रोना है अज़ल तक
Neeraj Nainkwal
कहाँ रोना, कहाँ चुप हो जाना है
कहाँ सीखा पढ़ा बच्चों ने ये सब
Pawan
कुछ याद नहीं आता फिर भी रोना आता है
दो चार दिनों की एक मुलाक़ात रुलाती है

तेरा चेहरा हँस हँस के मुझ को पागल कर दे
तेरी मीठी-मीठी-सी हर बात रुलाती है
Read Full
Govind kumar
बात कोई भी हो तुम को रोना है
यार ! थोड़ा हौसला रक्खा करो
karan singh rajput
मुझ को रोना है जी भर के
कोई हाल पूछ ले मेरा

जिस को मैं अच्छा लगता हूँ
वो पहले घर देखे मेरा
Read Full
Saahir
इस बात पे फिर से हमें रोना पड़ा
तेरे सिवा और का हमें होना पड़ा
Govind kumar
ग़म को अश्कों से कब तक धोना होगा
यार मुझे लगता है सब खोना होगा

कितने धोखे और मुझे खाने होंगे
कितनी बार मुझे फिर से रोना होगा
Read Full
Ravi 'VEER'
न कोई शिकवा शिकायत, न रोना-धोना, न कोशिश करूँँगा मैं रोकने की
फ़क़त इतना कह दो, इस बेवफ़ाई की क्या वजह है? ख़ता आख़िर क्या है मेरी
A R Sahil "Aleeg"
हम तुम्हारी जालसाज़ी पर नहीं रोए
हम को रोना था सहेली पर नहीं रोए

हम ने कंधा चाहा था उस ने हथेली दी
एक ज़िद थी हम हथेली पर नहीं रोए
Read Full
Saahir
दोस्त आँसू पोछकर भी सच्चा लगता क्यूँँंँ नहीं
कुछ ग़लत देखा तू ने तो मुझ सेे पूछा क्यूँँंँ नहीं
Deepika Jain
इस पे क्या रोना कि तुम मुझ को नहीं मिल पाए
लाख बादल बरसे, धरती कब मिलेगी उस को
Intzar Akhtar
10 Likes
क्या भला दिन रात रोना, यार बदलो
कुछ नहीं रक्ख़ा ग़मों में सार, बदलो

साल बदला है, सुनो अब तुम भी अपना
रंग बदलो, चाल बदलो, प्यार बदलो
Read Full
Ravi 'VEER'
उस ने ख़त इक रात लिखे थे आँसू से
दिल के सब जज़्बात लिखे थे आँसू से
Vedic Dwivedi
आप अपना लहू बहा कर के
अपने आँसू बचा रहें हैं हम

ज़िन्दगी इक मज़ाक है,जिस की
जमके खिल्ली उड़ा रहें हैं हम
Read Full
Upendra Bajpai
वो रोना चाहती है, खुल के बस, अपने ही कमरे में
मेरी यादें हमेशा उस के आँसू पोंछ लेती हैं
Anurudh kumar shastri
अब तो ग़म को ढ़ोना होगा
जो पाया है खोना होगा

रोना लिक्खा है किस्मत में
सो हम ने बस रोना होगा
Read Full
Kaviraj " Madhukar"
लफ़्ज़ों में क्या बयान हो कर्बल की तिश्नगी
प्यासी रही फ़ुरात पे रोना पड़ा मुझे
shahnawaaz khan
जो रो रहे रोना सनम की बस जुदाई का
वो देख लें मंज़र कभी बेटी विदाई का
Renuka Vyas
लिबास-ए-अश्क़ जो ओढ़े हुए हैं आँखें मेरी
है डर ये लूट न लें यार ख़ुशियाँ आ के इसे

चराग़-ए-हिज्र से रौशन हैं दिल की बस्ती शजर
कहीं विसाल की आँधी नहीं बुझा दे इसे
Read Full
Shajar Abbas
भटकते फिर रहा है इक बदन से दूसरे तक ग़म
अब इस ग़म को थकन के मारे बस जी भर के रोना है
Nishad
तेरे इनकार का रत्ती ज़रा भी ग़म नहीं मुझ को
मगर मुझ को तेरे बर्ताव पर रोना बहुत आया
Ravi 'VEER'
काम सब अपने मुताबिक तो नहीं होना है
फिर भी हर बात का रोना तो नहीं रोना है

फिर भी हर बार उसी चाल में आ जाते हैं
जब कि मालूम है हर बार यही होना है
Read Full
MOHAMMAD AFZAL NEZAMI
अपनी माँ को अपनी माँ की ख़ातिर रोता देखा है
मैं भी अपनी माँ की ख़ातिर थोड़ा रोना चाहता हूँ
Sanskar Shrivastav
हम सेे पूछो हँसने की कीमत साहब,
चुप्पी ओढ़े घण्टों रोना पड़ता है!
Atul K Rai
ये सानेहा भी एक दिन होना ही था
इक रोज़ पाकर भी उसे खोना ही था

हम हो गए हैं गर जुदा तो सोग क्यूँ
जब साथ होकर भी हमें रोना ही था
Read Full
Dileep Kumar
सो जाने दो आज मुझे अब देर हुई
रात तुम्हारा रोना अब कल सुनते हैं
Gaurav Singh
ख़ुद को इतना न परेशाँ रखिए
मुस्कुराने पे भी रोना आए
Ananya Rai Parashar
सब दिए बुझ गए और इन आँखों में
अश्क़-ओ-ख़ूँ तो भरा है प घी ही नहीं
Akhil Saxena
तेरी ही यादों में पाकीज़ा होना पड़ता है
उस के ख़ातिर भी इन आँखों को रोना पड़ता है

तुम को तो बस मेरे ख़्वाबों में आना होता है
ये सोचो मुझ को तो रातों में सोना पड़ता है
Read Full
Shobhit Dixit
तुम्हारी बात से मुझ को कभी जो चोट पहुंँची तो
मुझे ग़ुस्सा नहीं आया मुझे रोना ही आया है
Nirbhay Nishchhal
रोना धोना बचपन है प्यारे समझा कुछ
जीवन में ही इक वन है प्यारे समझा कुछ
Aarush Sarkaar
इस आँख से दो अश्क छलक भी गए तो क्या
रोना तो ब-ज़ाहिर मिरा किरदार नहीं है
shaan manral
सुनो रोना तो मैं भी चाहता हूँ
इस
में तौहीन मेरी जात की है
Read Full
Gulshan
13 Likes
कि अब तेरे बिना भी देख सोना आ गया मुझ को
हँसी रख कर लबों पर देख रोना आ गया मुझ को
Prince
सर पे दुनिया के रख कर अपना दुखड़ा क्या रोना
दुनिया, दुनिया ही तो है किस किस का ग़म पालेगी
Ali Mohammed Shaikh
ग़म-ए-हिज्र तुम को भी ढोना नहीं था
तो मतलब मोहब्बत में रोना नहीं था
Rohit tewatia 'Ishq'
बाँध आँखों का टूट जाता है
अश्क बाहिर निकल ही आते हैं
Ankit Raj
यहाँ बे-फ़िक्र भी होना मना है
उठो अब चैन से सोना मना है

मिरे अश्कों को ये समझाए कोई
मैं लड़का हूँ मुझे रोना मना है
Read Full
Aman Mishra 'Anant'
14 Likes
हमें दिल खोल रोना चाहिए था ना
नयन भी अब भिगोना चाहिए था ना
Raunak Karn
जाने का जो ग़म होता है
तेज कभी मद्धम होता है

तुम सेे बिछड़ कर जाना हम ने
आँख का आँसू नम होता है
Read Full
anupam shah
अपने ही हाल पे रो देता हूँ अक्सर यारों
रोना भी ऐसा कि सिसकी की भी आहट न लगे
Aqib khan
हज़ार रंज हैं लेकिन मैं यूँँ भी रोता नहीं
नहीं है कोई मिरे अश्क पोंछने वाला
Amaan Haider
आँखों में सूखापन है होंठों पे फुलवारी
ऐसा रोना भी क्या मेरा रोना कहलाता
Bhoomi Srivastava
मेरी आँखों को अश्क दे बेशक
मेरे होंठों को पर हँसी भी दे

अब कोई हो अगरचे ऐसा हो
जो मुझे वक़्त भी घड़ी भी दे
Read Full
Upendra Bajpai
सब को अपना इश्क़ बताना रोना-धोना चिल्लाना
जो जी चाहे कर सकता है वो अपनी नादानी में

अश्कों की अपनी बोली है ख़ामोशी की कहन जुदा
कुछ तस्वीरें आख़िर आग लगा देती हैं पानी में
Read Full
Moni Gopal Tapish
रोना बनता है मुरझाए लोगों पर
मुरझाना भी तो मर जाना होता है
Adnan Raza
तेरे दर पर तेरी ख़ातिर बता ना
हमें रोना पड़े अच्छा लगेगा
Akash Gagan Anjaan
बज़ाहिर हमीं अश्क से सींचते हैं
हुआ कब हरा इक शजर ज़िन्दगी भर

मिरा इश्क़ मुझ
में सलामत पड़ा है
मुझे भी न होगी ख़बर ज़िन्दगी भर
Read Full
Lokesh Vashishtha
भरे बरसात के मौसम में रोना ठीक होता है
ग़मों को दिल के अंदर ही समोना ठीक होता है

जहाँ मतलब परस्ती का बुरा इक दौर आ जाए
वहाँ अक्सर अकेला ख़ुद का होना ठीक होता है
Read Full
Kush Pandey ' Saarang '
वो हमारा हुआ न होना है
बस इसी बात का तो रोना है
Sumit Panchal
इश्क़ में टूटा है दिल तो यूँँ न रोना चाहिए
चेहरे पे ख़ामोशी लब से वार होना चाहिए
Danish Balliavi
इक मैं हूँ जिस को पिक्चर में भी रोना आता है
इक तू है जिस को मैं पत्थर दिल वाली लगती हूँ
Bhoomi Srivastava
इश्क़ में यारों हरदम रोना पड़ता है
अश्कों से दामन को भिगोना पड़ता है
Danish Balliavi